Tag: Narmada

  • नर्मदा उफान पर, घाट-मंदिर जलमग्न; छोटे पुल-रपटे डूबे, जोहिला बांध के पांच गेट खुले

    नर्मदा उफान पर, घाट-मंदिर जलमग्न; छोटे पुल-रपटे डूबे, जोहिला बांध के पांच गेट खुले


    उमरिया।
    मंडला जिले में पिछले 24 घंटे से हो रही तेज बारिश के चलते नर्मदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। जलस्तर बढ़ने से नर्मदा किनारे स्थित मंदिर और घाट जलमग्न हो गए हैं। मंडला शहर का छोटा रपटा पुल भी पूरी तरह डूब गया है और पानी पुल के ऊपर से बह रहा है।

    नर्मदा में बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। माहिष्मती घाट, सहस्रधारा सहित प्रमुख घाटों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। लोगों को नदी के पास जाने, नहाने और जलमग्न पुल-पुलियों को पार करने से रोका जा रहा है।

    पांच-छह छोटे पुल और रपटे जलमग्न

    लगातार बारिश के कारण जिले के करीब पांच-छह छोटे पुल और रपटे भी जलमग्न होने की सूचना है। प्रशासन ने ऐसे स्थानों पर बैरिकेडिंग कर आवागमन बंद कराया है। चौकीदारों की तैनाती के साथ पुलिस और होमगार्ड की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।

    जोहिला बांध के पांच गेट खुले

    उमरिया जिले में पिछले कई दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण जोहिला बांध का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। पानी की बढ़ती आवक को देखते हुए बांध प्रबंधन ने रविवार को इस मानसून में पहली बार एक साथ पांच गेट खोलकर पानी की निकासी शुरू की। गेट खुलने के बाद तेज बहाव के साथ पानी बाहर निकल रहा है।

    बांध प्रबंधन के अनुसार गेट क्रमांक दो को दो मीटर, तीन को तीन मीटर, चार को तीन मीटर, पांच को दो मीटर और छह को दो मीटर तक खोला गया है। पांचों गेट से कुल 12 मीटर पानी की निकासी की जा रही है। इससे करीब 50 हजार क्यूसेक पानी प्रति सेकंड की दर से बाहर निकल रहा है।

    बांध देखने पहुंच रहे लोग

    जोहिला बांध के पांच गेट एक साथ खोले जाने की सूचना के बाद आसपास के लोग बांध का नजारा देखने पहुंचने लगे हैं। पाली निवासी शिवम गुप्ता ने बताया कि इससे पहले एक और दो गेट खुले थे, लेकिन पांच गेटों से एक साथ पानी निकलते देखना अलग अनुभव है।

    माला गुप्ता ने बताया कि तेज बहाव के साथ बांध से निकलते पानी का दृश्य आकर्षक है। एक साथ पांच गेट खुलना आम तौर पर देखने को नहीं मिलता। हालांकि, बांध पर सुरक्षा कर्मी तैनात हैं और लोगों को पानी के तेज बहाव वाले क्षेत्र से दूर रहने की हिदायत दी जा रही है।

    सुरक्षा को लेकर प्रशासन सतर्क

    बांध के गेट खुलने के बाद लोगों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। लोगों को पानी के नजदीक जाने से रोका जा रहा है। प्रशासन और बांध प्रबंधन ने लोगों से तेज बहाव वाले क्षेत्रों में नहीं जाने और सावधानी बरतने की अपील की है।

    प्रशासन ने नर्मदा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए भी लोगों से नदी और जलमग्न पुल-पुलियों से दूरी बनाए रखने को कहा है। संबंधित विभागों को स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

  • अमरकंटक में शीतलहर का प्रकोप बर्फ से ढकी वादियां शिमला-मनाली जैसा नजारा

    अमरकंटक में शीतलहर का प्रकोप बर्फ से ढकी वादियां शिमला-मनाली जैसा नजारा


    अनूपपुर । मध्य प्रदेश के अमरकंटक में सोमवार सुबह तापमान में आई गिरावट ने क्षेत्र को बर्फीला बना दिया। सतपुड़ा और विंध्य की पहाड़ियों पर समुद्र तल से 1048 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अमरकंटक में नर्मदा नदी तट मैदानों और खुले स्थानों पर पाला जम गया और घास पर ओस बर्फ की तरह दिखने लगी। तापमान शून्य डिग्री के करीब पहुंचते ही पूरा क्षेत्र शीतलहर और घना कोल्ड स्नैप से ढक गया जिससे यह स्थान शिमला और मनाली जैसे पहाड़ी क्षेत्रों का रूप धारण कर चुका था।

    शून्य डिग्री के पास पहुंचा तापमान

    मौसम विभाग के मुताबिक अमरकंटक का न्यूनतम तापमान एक बार फिर शून्य डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया। नववर्ष के बाद तीन दिनों तक काले बादल छाए रहे जिससे ठंड में थोड़ी राहत मिली थी। लेकिन जैसे ही बादल छंटे ठंड का असर जबरदस्त रूप से बढ़ गया। इसका असर यह रहा कि घास-फूस पत्तियों और वाहनों की छतों पर बर्फ की मोटी परत जम गई।

    सफेद चादर में ढकी अमरकंटक

    रामघाट माई की बगिया जमुना दादर कपिलधारा और अन्य क्षेत्रों में सुबह बर्फ का नजारा कुछ इस प्रकार था कि अमरकंटक की वादियां शिमला कुल्लू और मनाली जैसी लग रही थीं। पूरी नगरी बर्फ की सफेद चादर में ढकी हुई नजर आ रही थी जिससे प्रकृति का अनोखा सौंदर्य सामने आ रहा था।

    श्रद्धालुओं की अटूट आस्था

    कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बावजूद अमरकंटक में श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई। बड़ी संख्या में तीर्थयात्री और पर्यटक मां नर्मदा के पावन जल में डुबकी लगाने के लिए आए। ठंडी हवाओं के बावजूद उनके उत्साह में कोई कमी नहीं आई और वे स्नान व दर्शन करने में व्यस्त रहे।

    पर्यटकों का विशेष आकर्षण

    अमरकंटक का बर्फ से ढका नजारा ठंडी हवाएं और अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां आने वाले पर्यटक इस बर्फीले मौसम और प्राकृतिक नजारों से अभिभूत नजर आ रहे हैं। अमरकंटक की ठंड और बर्फीली हवाएं इन दिनों एक विशेष अनुभव बन चुकी हैं और यह स्थान पर्यटकों के लिए एक अद्वितीय गंतव्य बन गया है।