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  • महेश्वर में दर्दनाक हादसा परिवार के सामने नर्मदा की तेज धारा में बहा इंदौर का युवक कुछ सेकेंड में हुआ लापता

    महेश्वर में दर्दनाक हादसा परिवार के सामने नर्मदा की तेज धारा में बहा इंदौर का युवक कुछ सेकेंड में हुआ लापता

    खरगोन । खरगोन जिले के महेश्वर स्थित सहस्त्रधारा घाट पर रविवार शाम एक दर्दनाक हादसे में इंदौर का 30 वर्षीय युवक नर्मदा नदी की तेज धारा में बह गया। परिवार के सामने हुए इस हादसे में युवक कुछ ही सेकेंड में तेज बहाव में ओझल हो गया। पत्नी और भाई लगातार मदद के लिए चीखते रहे लेकिन तेज बहाव और गहरे पानी के कारण कोई भी उसे बचाने के लिए नदी में उतरने की हिम्मत नहीं जुटा सका। घटना का वीडियो भी सामने आया है जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    जानकारी के अनुसार लापता युवक की पहचान इंदौर के निपानिया निवासी अर्पित हाड़ा के रूप में हुई है। वह अपने परिवार और दोस्तों के साथ महेश्वर तथा आसपास के पर्यटन स्थलों की सैर के लिए आया था। महेश्वर दर्शन के बाद सभी लोग जलकोटी स्थित सहस्त्रधारा घाट पहुंचे। शाम करीब चार से पांच बजे के बीच नर्मदा में स्नान करते समय अर्पित का पैर फिसल गया और वह तेज बहाव के साथ गहरे पानी में चला गया। देखते ही देखते वह कुछ ही पलों में लापता हो गया।

    हादसे के बाद मौके पर मौजूद पत्नी और भाई ने शोर मचाकर लोगों से मदद मांगी। आसपास मौजूद नाविक ग्रामीण और पर्यटक भी तुरंत पहुंचे लेकिन नदी का तेज बहाव पथरीला तल और गहराई इतनी अधिक थी कि कोई भी पानी में उतरकर बचाव नहीं कर सका। कुछ ही सेकेंड में युवक आंखों से ओझल हो गया।

    सूचना मिलते ही महेश्वर पुलिस होमगार्ड की रेस्क्यू टीम स्थानीय गोताखोर और बाद में एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। रविवार शाम से देर रात तक नदी के विभिन्न हिस्सों में सर्च ऑपरेशन चलाया गया लेकिन अंधेरा होने के कारण अभियान रोकना पड़ा। सोमवार सुबह छह बजे से एक बार फिर नावों और गोताखोरों की मदद से तलाशी अभियान शुरू किया गया। समाचार लिखे जाने तक युवक का कोई सुराग नहीं मिल पाया था।

    लापता युवक के पिता अमर सिंह हाड़ा ने बताया कि अर्पित अपने परिवार और दोस्तों के साथ रविवार दोपहर इंदौर से निकला था। घर से निकलते समय उसने जल्द लौटने की बात कही थी। अर्पित जैविक पोषण ऑल इंडिया नाम से अपना कारोबार चलाता था। उसकी शादी को करीब पांच वर्ष हो चुके हैं और उसका तीन साल का एक बेटा भी है। परिवार का रो रोकर बुरा हाल है।

    पुलिस ने बताया कि सहस्त्रधारा घाट का इलाका तेज बहाव गहरे पानी और पथरीले तल के कारण बेहद संवेदनशील माना जाता है। पर्यटकों और श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे अनजान या गहरे पानी वाले स्थानों पर स्नान करने से बचें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।

    बताया जा रहा है कि पिछले तीन महीनों में नर्मदा घाट क्षेत्र में डूबने या तेज बहाव में बहने की यह चौथी घटना है। लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने क्षेत्र में स्थायी गोताखोरों और अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती का प्रस्ताव वरिष्ठ अधिकारियों को भेजने की बात कही है।

  • आस्था पर शराब का साया, नर्मदा तट पर अवैध कारोबार से उठे बड़े सवाल

    आस्था पर शराब का साया, नर्मदा तट पर अवैध कारोबार से उठे बड़े सवाल


    मंडला । मध्य प्रदेश के मंडला में बहने वाली नर्मदा नदी के किनारे आज एक चिंताजनक तस्वीर सामने आ रही है जो आस्था और व्यवस्था दोनों पर सवाल खड़े करती है। यह वही पवित्र धरा है जहां हर दिन श्रद्धालु पूजा अर्चना और शांति की तलाश में पहुंचते हैं लेकिन अब इसी आस्था के केंद्र के आसपास अवैध शराब का कारोबार खुलेआम फलता फूलता नजर आ रहा है।

    कभी इस क्षेत्र की पवित्रता को बनाए रखने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट घोषणा की थी कि नर्मदा तट से पांच किलोमीटर के दायरे में शराब की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। इस फैसले का उद्देश्य था कि आस्था और धार्मिक मर्यादाओं की रक्षा हो सके और नर्मदा किनारे का वातावरण स्वच्छ और पवित्र बना रहे। लेकिन आज यह घोषणा सिर्फ कागजों तक सीमित नजर आती है।

    जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। नगर के पान ठेले छोटे दुकानों होटल और ढाबों पर खुलेआम शराब बेची जा रही है। न केवल बिक्री बल्कि लोगों को बैठाकर वहीं शराब पिलाई जा रही है। यह सब इतनी बेखौफी से हो रहा है जैसे नियम कानून का कोई अस्तित्व ही न हो।

    सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन को यह सब दिखाई नहीं दे रहा या फिर जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह अवैध कारोबार लंबे समय से चल रहा है और कार्रवाई के नाम पर सिर्फ औपचारिकताएं ही की जाती हैं। कभी कभार छापेमारी होती है कुछ बोतलें जब्त होती हैं और फिर सब कुछ पहले जैसा शुरू हो जाता है।

    यह मामला सिर्फ कानून के उल्लंघन तक सीमित नहीं है बल्कि आस्था के साथ भी सीधा खिलवाड़ है। मंडला की पहचान ही नर्मदा तट की पवित्रता से जुड़ी हुई है। लोग यहां दूर दूर से आते हैं मोक्ष और शांति की कामना लेकर लेकिन जब इसी पवित्र स्थान पर शराब का कारोबार खुलेआम हो तो यह श्रद्धा को ठेस पहुंचाने वाला है।

    स्थिति यह दर्शाती है कि कहीं न कहीं सिस्टम कमजोर पड़ रहा है या फिर अवैध कारोबार करने वालों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि उन्हें किसी का डर नहीं रह गया है। यह भी सवाल उठता है कि जिम्मेदारी किसकी है प्रशासन की स्थानीय पुलिस की या फिर समाज की जो सब कुछ देखकर भी चुप है।

    आज जरूरत सिर्फ खबर दिखाने की नहीं बल्कि ठोस कार्रवाई की है। उन वादों को जमीन पर उतारने की है जो कभी जनता से किए गए थे। अगर समय रहते इस पर सख्ती नहीं की गई तो वह दिन दूर नहीं जब आस्था की यह नगरी अपनी पहचान खोने लगेगी।

    यह मामला केवल एक अवैध कारोबार का नहीं बल्कि आस्था कानून और व्यवस्था तीनों की परीक्षा है। अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार तंत्र इस चुनौती का सामना कैसे करता है और क्या नर्मदा तट की पवित्रता को फिर से स्थापित किया जा सकेगा या नहीं।

  • नेमावर मौत के मुंह से लौटी महिला; नर्मदा में छलांग लगाते ही देवदूत बनकर पहुंचा नाविक

    नेमावर मौत के मुंह से लौटी महिला; नर्मदा में छलांग लगाते ही देवदूत बनकर पहुंचा नाविक


    देवास । नर्मदा नदी के पुराने पुल पर उस समय हड़कंप मच गया जब एक महिला ने उफनती लहरों के बीच मौत की छलांग लगा दी। हालांकिइस घटना में ‘जाको राखे साइयांमार सके न कोय’ वाली कहावत चरितार्थ हुई। महिला जिस स्थान पर कूदीवहां पास ही एक नाविक मौजूद थाजिसने बिना समय गंवाए पानी में कूदकर महिला की जान बचा ली।

    बहादुर नाविक ने पेश की मानवता की मिसाल

    शनिवार को देवास और हरदा जिले को जोड़ने वाले पुराने पुल पर अचानक उस समय सनसनी फैल गईजब ग्राम सवासड़ा की रहने वाली आशाबाई कोरकू ने नदी में छलांग लगा दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसारमहिला जैसे ही पानी में गिरीपास ही मौजूद नाविक प्रेमलाल केवट ने तुरंत फुर्ती दिखाई। प्रेमलाल ने अपनी नाव से नदी में छलांग लगाई और डूब रही महिला को सुरक्षित पकड़ लिया। बाद में अन्य लोगों की मदद से महिला को नाव के जरिए किनारे लाया गया।

    मानसिक रूप से अस्वस्थ है महिला
    घटना की सूचना मिलते ही नेमावर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पूछताछ में पता चला कि महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं हैजिसके चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। नेमावर थाने के एसआई विजय सिंह बैस ने बताया कि महिला पूरी तरह सुरक्षित है और उसे किसी प्रकार की गंभीर चोट नहीं आई है। पुलिस ने तत्काल महिला के परिजनों को सूचना दी और उन्हें थाने बुलवाकर समझाइश के साथ महिला को उनके सुपुर्द कर दिया। परिजनों को हिदायत दी गई है कि महिला को अकेला न छोड़ें।

    खतरे का केंद्र बनता पुराना पुल

    गौरतलब है कि नेमावर का यह पुराना पुल बीते दो दिनों से दुखद खबरों का केंद्र बना हुआ है। बीते शुक्रवार को ही हरदा जिले के छोटी हरदा निवासी गणेश नामक युवक ने इसी पुल से छलांग लगा दी थीजिसकी डूबने से मौत हो गई थी। लगातार हो रही इन घटनाओं ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस के लिए चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि पुल पर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की जाए ताकि ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। नायक नाविक प्रेमलाल केवटजिनकी तत्परता से बची जान।पीड़िता आशाबाई कोरकूनिवासी ग्राम सवासड़ा।वजह प्रारंभिक जांच में मानसिक अस्वस्थता सामने आई।चेतावनी एक दिन पूर्व इसी स्थान पर एक युवक की डूबने से हुई थी मौत।