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  • Maharashtra: नासिक में सुबह-सुबह महसूस किए गए भूकंप के झटके… तीव्रता 3.4 रही

    Maharashtra: नासिक में सुबह-सुबह महसूस किए गए भूकंप के झटके… तीव्रता 3.4 रही


    नासिक।
    महाराष्ट्र (Maharashtra) के नासिक (Nashik) में शुक्रवार सुबह-सुबह भूकंप के झटके (Earthquake tremors) महसूस किए गए। जानकारी के मुताबिक, सुबह करीब 5 बजकर 32 मिनट पर आए इस भूकंप की तीव्रता 3.4 बताई जा रही है.

    इससे पहले महाराष्ट्र के पालघर में भी सोमवार रात करीब एक घंटे के अंदर भूकंप के दो झटके महसूस किए गए. दोनों झटकों की तीव्रता 3.4 रही थी। महाराष्ट्र के पालघर में पहला झटका रात 10:04 बजे महसूस किया गया. करीब 56 मिनट बाद 11 बजे फिर भूकंप आया. दोनों की तीव्रता 3.4 मापी गई।

    बता दें, भूकंप की तीव्रता को रिक्टर स्केल पर मापा जाता है. 7.0 या उससे अधिक तीव्रता वाले भूकंप को खतरनाक श्रेणी में रखा जाता है. वहीं, 2.0 या उससे कम तीव्रता वाले भूकंप माइक्रो भूकंप कहते हैं, जिन्हें अधिकांश लोग महसूस भी नहीं कर पाते. दूसरी ओर, 4.5 या उससे अधिक तीव्रता का भूकंप इमारतों और घरों को नुकसान पहुंचाने की क्षमता रखता है।

    इस बीच, लद्दाख के लेह में भी गुरुवार को सुबह-सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक, सुबह 6:05 बजे आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.5 दर्ज की गई।


    कैसे आता है भूकंप?

    धरती के अंदर 7 प्लेट्स ऐसी होती हैं जो लगातार घूम रही हैं. ये प्लेट्स जिन जगहों पर ज्यादा टकराती हैं, उसे फॉल्ट लाइन जोन कहते हैं. बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं. जब प्रेशर ज्यादा बनने लगता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं. इन प्लेट्स के टूटने के कारण अंदर की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है. इस डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।

  • नासिक में फिर डोली धरती, 3 दिन में चौथी बार भूकंप के झटके; सिंगरौली में भी कांपी जमीन

    नासिक में फिर डोली धरती, 3 दिन में चौथी बार भूकंप के झटके; सिंगरौली में भी कांपी जमीन


    नासिक।
    महाराष्ट्र के नासिक में शनिवार रात एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। लगातार तीसरे दिन धरती हिलने से इलाके में दहशत का माहौल है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, शनिवार रात करीब 10 बजे आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.3 दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र जमीन के करीब 5 किलोमीटर नीचे बताया गया है।

    अचानक धरती हिलने के बाद कई लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, राहत की बात यह है कि अभी तक भूकंप के कारण किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

    तीन दिन में चौथी बार हिली नासिक की धरती

    नासिक में पिछले कुछ दिनों से लगातार भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे हैं। शनिवार का भूकंप तीन दिनों के भीतर चौथा झटका था।

    इससे पहले 6 अगस्त को नासिक में तीन बार भूकंप आया था। उस दिन दर्ज किए गए झटकों की तीव्रता क्रमशः 2.8, 3.6 और 2.5 थी। लगातार हो रही हलचल के कारण स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है।

    रिसर्चर्स के मुताबिक, किसी इलाके में लगातार छोटे भूकंपीय झटके आने के पीछे जमीन के भीतर टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल एक वजह हो सकती है। हालांकि, इन झटकों से भविष्य में किसी बड़े भूकंप की संभावना का सीधा अनुमान नहीं लगाया जा सकता।

    सिंगरौली में भी आया भूकंप

    शनिवार को मध्य प्रदेश के सिंगरौली में भी धरती कांपी। दोपहर 2 बजकर 6 मिनट पर आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.7 दर्ज की गई।

    नासिक की तरह सिंगरौली में भी अभी तक किसी नुकसान की सूचना नहीं है। एक ही दिन में महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में भूकंप के झटके महसूस होने के बाद दोनों घटनाओं को लेकर लोगों में चर्चा है। हालांकि, दोनों भूकंपों के बीच कोई सीधा संबंध है या नहीं, यह वैज्ञानिक जांच का विषय है।

    जापान में 7.1 तीव्रता के भूकंप ने मचाई तबाही

    भूकंप के झटकों से सिर्फ भारत ही नहीं, जापान भी प्रभावित हुआ है। 28 जुलाई को जापान के कुमामोटो प्रांत में 7.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था। इसके बाद वहां बड़े पैमाने पर नुकसान की खबर सामने आई।

    रिपोर्ट के मुताबिक, इस आपदा में मृतकों की संख्या बढ़कर 39 हो गई है, जबकि 6,500 से ज्यादा लोग अभी भी राहत शिविरों में रह रहे हैं। करीब 205 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 23 की हालत गंभीर बताई गई है।

    भारत में नासिक और सिंगरौली में आए भूकंप अपेक्षाकृत कम तीव्रता के रहे और फिलहाल किसी बड़े नुकसान की जानकारी नहीं है। फिर भी नासिक में कम समय के भीतर बार-बार आ रहे झटकों ने स्थानीय लोगों की चिंता जरूर बढ़ा दी है।

  • धर्मांतरण मामले में विशेष अदालत का मानवीय दृष्टिकोण, गर्भावस्था के आधार पर नीदा खान को जमानत, आदेश की कानूनी टिप्पणी चर्चा में

    धर्मांतरण मामले में विशेष अदालत का मानवीय दृष्टिकोण, गर्भावस्था के आधार पर नीदा खान को जमानत, आदेश की कानूनी टिप्पणी चर्चा में

    नई दिल्ली । महाराष्ट्र के नासिक में धर्मांतरण से जुड़े एक मामले में विशेष अदालत ने आरोपी नीदा खान को जमानत प्रदान की है। अदालत का यह आदेश कानूनी और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है। न्यायालय ने अपने निर्णय में आरोपी की गर्भावस्था और अजन्मे बच्चे के हितों को महत्वपूर्ण आधार माना। साथ ही आदेश में भगवान कृष्ण के जन्म का संदर्भ देते हुए कहा गया कि किसी भी बच्चे को जेल में जन्म लेने से जुड़ी परिस्थितियों और उससे उत्पन्न सामाजिक प्रभावों का सामना नहीं करना चाहिए।

    विशेष अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि आरोपी लगभग पांच माह की गर्भवती है और इस तथ्य को लेकर किसी प्रकार का विवाद नहीं है। न्यायालय ने कहा कि जमानत पर विचार करते समय केवल आरोपी की स्थिति ही नहीं, बल्कि गर्भ में पल रहे बच्चे के अधिकारों और भविष्य को भी ध्यान में रखना आवश्यक है। इसी आधार पर न्यायिक विवेक का उपयोग करते हुए जमानत मंजूर की गई।

    अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि आदेश में भगवान कृष्ण के जन्म का उल्लेख केवल एक मानवीय और सांस्कृतिक संदर्भ के रूप में किया गया है। न्यायालय ने यह भी कहा कि इस टिप्पणी का मामले के आरोपों की सत्यता या असत्यता से कोई संबंध नहीं है। अदालत ने स्पष्ट किया कि जमानत का निर्णय आरोपों के गुण-दोष पर आधारित अंतिम फैसला नहीं माना जाना चाहिए।

    मामले में नीदा खान पर आरोप है कि उन्होंने एक महिला सहकर्मी पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया और धार्मिक भावनाओं से जुड़े कथित आपत्तिजनक बयान दिए। जांच एजेंसियों के अनुसार, उन पर धार्मिक साहित्य वितरित करने, बुर्का उपलब्ध कराने और मोबाइल फोन में धार्मिक एप्लिकेशन इंस्टॉल कराने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं। इन आरोपों की सत्यता का निर्धारण न्यायालय में सुनवाई और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही होगा।

    विशेष अदालत ने अपने आदेश में यह भी उल्लेख किया कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और पुलिस द्वारा आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है। न्यायालय ने माना कि जांच पूरी होने के बाद आरोपी की निरंतर न्यायिक हिरासत की आवश्यकता का मूल्यांकन अलग दृष्टिकोण से किया जा सकता है। साथ ही मामले से जुड़े अन्य आरोपियों के विरुद्ध दर्ज विभिन्न मामलों की जांच अभी भी जारी है।

    कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी आपराधिक मामले में जमानत दिए जाने का अर्थ आरोपी को दोषमुक्त घोषित करना नहीं होता। जमानत केवल एक अंतरिम कानूनी राहत होती है, जिसे न्यायालय उपलब्ध परिस्थितियों, जांच की स्थिति, आरोपी की व्यक्तिगत परिस्थितियों, साक्ष्यों से छेड़छाड़ की संभावना और अन्य कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए प्रदान करता है। अंतिम निर्णय मुकदमे की पूरी सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही दिया जाता है।

    इस मामले में भी अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा है कि उसके आदेश को आरोपों की वैधता पर टिप्पणी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। मुकदमे की सुनवाई नियमानुसार आगे जारी रहेगी और अभियोजन तथा बचाव पक्ष को अपने-अपने साक्ष्य और तर्क प्रस्तुत करने का पूरा अवसर मिलेगा। अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

  • नासिक में बाबा ने ‘ज्योतिष’ की आड़ में कई महिलाओं से किया दुष्‍कर्म, आरोपी गिरफ्तार

    नासिक में बाबा ने ‘ज्योतिष’ की आड़ में कई महिलाओं से किया दुष्‍कर्म, आरोपी गिरफ्तार


    नासिक
    । महाराष्ट्र के नासिक से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां आध्यात्मिकता और ज्योतिष के नाम पर महिलाओं के साथ कथित यौन शोषण किए जाने का खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में 67 वर्षीय ज्योतिषी अशोक खरात को गिरफ्तार किया है, जिस पर 35 वर्षीय महिला के साथ बार-बार दुष्कर्म करने का आरोप है।

    पीड़िता के मुताबिक, आरोपी ने अनुष्ठान के बहाने उसे अपने पास बुलाया, नशीला पदार्थ पिलाया और सम्मोहित कर उसकी आस्था का फायदा उठाते हुए यौन उत्पीड़न किया। जांच में यह भी सामने आया है कि यह मामला केवल एक महिला तक सीमित नहीं है, बल्कि कई अन्य महिलाओं के साथ भी इसी तरह की वारदातें की गईं।

    एफआईआर के अनुसार, अशोक खरात खुद को ‘कैप्टन’ बताता था और मर्चेंट नेवी से सेवानिवृत्त होने का दावा करता था। वह महिलाओं को उनकी व्यक्तिगत और पारिवारिक समस्याओं के समाधान का झांसा देकर अपने कार्यालय में बुलाता था। वहां पहुंचने के बाद उन्हें नशीला पदार्थ देकर काबू में कर लिया जाता था और फिर डर तथा अंधविश्वास का सहारा लेकर उनका शोषण किया जाता था। आरोपी महिलाओं को उनके पतियों की मौत या तंत्र-मंत्र से जुड़े भय दिखाकर चुप रहने के लिए मजबूर करता था।

    जांच एजेंसियों को आरोपी के ठिकाने से एक पेन ड्राइव बरामद हुई है, जिसमें कथित तौर पर 58 महिलाओं से जुड़े आपत्तिजनक वीडियो क्लिप मिले हैं। इससे संकेत मिलता है कि यह एक सुनियोजित और लंबे समय से चल रहा अपराध हो सकता है।

    आरोपी नासिक के पॉश कैनेडा कॉर्नर इलाके में ‘ओकस प्रॉपर्टी डीलर्स एंड डेवलपर्स’ के नाम से कार्यालय चलाता था, लेकिन पुलिस के अनुसार वहां असल में आपराधिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। उसने समाज में खुद को एक प्रभावशाली ज्योतिषी और ‘दैवीय शक्तियों’ के जानकार के रूप में स्थापित कर रखा था।

    मीरगांव में उसके पास ईशान्येश्वर मंदिर और एक आलीशान विश्राम गृह भी है, जहां कथित तौर पर प्रभावशाली लोग आते-जाते थे। सिन्नर स्थित श्री ईशान्येश्वर मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में भी उसकी पहचान थी और कई राजनेताओं, व्यवसायियों तथा अन्य चर्चित लोगों से उसके संबंध होने की चर्चा है।

    गिरफ्तारी का नाटकीय घटनाक्रम
    पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए बेहद गोपनीय अभियान चलाया। जानकारी लीक न हो, इसके लिए टीम ने रात के अंधेरे में ‘चोर-चोर’ का शोर मचाकर उसके फार्महाउस के बाहर अफरा-तफरी पैदा की और इसी दौरान घर में घुसकर उसे शयनकक्ष से गिरफ्तार कर लिया।

    छापेमारी के दौरान फार्महाउस से एक पिस्तौल, जिंदा कारतूस और कई खाली खोखे बरामद हुए। इसके अलावा मंदिर और आश्रम में भी तलाशी ली गई, जहां से कई संदिग्ध दस्तावेज मिले हैं। पुलिस अब आरोपी की अन्य संपत्तियों और नेटवर्क की भी जांच कर रही है।

    एसआईटी गठित, जांच जारी
    मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने आईपीएस अधिकारी तेजस्विनी सतपुते के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। नासिक क्राइम ब्रांच की टीम बरामद वीडियो और दस्तावेजों की विस्तृत जांच में जुटी है।

    राजनीतिक बयानबाजी तेज
    घटना सामने आने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया भी शुरू हो गई है। उद्धव ठाकरे गुट की नेता सुषमा अंधारे ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि महिलाओं का शोषण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और सरकार को इस मामले में तुरंत संज्ञान लेना चाहिए।

    फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस मामले में और कितने लोग शामिल हो सकते हैं तथा कितनी महिलाएं इसका शिकार बनीं।