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  • मथुरा: नेशनल हाईवे पर 4 किमी लंबा जाम, भीषण गर्मी में 4 घंटे तक फंसे रहे लोग; रेलवे पुल निर्माण बना वजह

    मथुरा: नेशनल हाईवे पर 4 किमी लंबा जाम, भीषण गर्मी में 4 घंटे तक फंसे रहे लोग; रेलवे पुल निर्माण बना वजह

    मथुरा। दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे पर रविवार को भीषण जाम लग गया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। रेलवे पुल निर्माण कार्य के चलते हाईवे का एक हिस्सा संकरा हो जाने से यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया और करीब 4 किलोमीटर लंबा जाम लग गया।

    जाम थाना हाईवे क्षेत्र से शुरू होकर रिफाइनरी तक फैल गया, जिसमें कई वाहन घंटों तक रेंगते नजर आए। रविवार होने के कारण हाईवे पर वाहनों का दबाव भी अधिक था, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।

    भीषण गर्मी और उमस के बीच जाम में फंसे लोग परेशान होते रहे। खासकर छोटे बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग यात्रियों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई लोग पानी और छांव की तलाश करते नजर आए, जबकि वाहनों की लंबी कतारें सड़क पर लगातार बढ़ती रहीं।

    स्थानीय लोगों के अनुसार हाईवे थाना के पास रेलवे पुल का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसके कारण सड़क संकरी हो गई है और ट्रैफिक का दबाव बढ़ते ही जाम की स्थिति बन जाती है। रविवार को स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई और कई घंटे तक यातायात बाधित रहा।

    सूचना मिलने पर ट्रैफिक पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात को सुचारू कराने का प्रयास किया। हालांकि जाम पूरी तरह खत्म होने में काफी समय लग गया।

    स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य के दौरान वैकल्पिक मार्ग और अतिरिक्त पुलिस बल की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में यात्रियों को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

  • Toll Tax: इस तारीख से नेशनल हाईवे पर नकद टोल बंद करने की तैयारी, फास्टैग-यूपीआई होंगे अनिवार्य

    Toll Tax: इस तारीख से नेशनल हाईवे पर नकद टोल बंद करने की तैयारी, फास्टैग-यूपीआई होंगे अनिवार्य

    नई दिल्ली । देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वालों के लिए बड़ा बदलाव आने वाला है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) 1 अप्रैल 2026 से सभी टोल प्लाजा पर नकद भुगतान बंद करने पर विचार कर रहा है। अगर यह फैसला लागू होता है, तो टोल शुल्क केवल डिजिटल माध्यमों जैसे FASTag और UPI के जरिए ही लिया जाएगा।

    फास्टैग का बढ़ता प्रयोग
    एनएचएआई के आधिकारिक बयान के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में फास्टैग का उपयोग 98 प्रतिशत से अधिक हो चुका है।

    इससे टोल वसूली के तरीके में व्यापक बदलाव आया है और अधिकांश टोल लेनदेन अब RFID-सक्षम फास्टैग के जरिए इलेक्ट्रॉनिक रूप से हो रहे हैं। इससे संपर्क रहित और तेज आवागमन संभव हो गया है। इसके अलावा, देशभर के टोल प्लाजा पर UPI भुगतान सुविधा भी शुरू हो चुकी है, जो त्वरित और सुलभ विकल्प प्रदान करती है।

    नकद भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क
    राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियमों के मुताबिक, वैध और सक्रिय फास्टैग के बिना टोल प्लाजा में प्रवेश करने वाले वाहनों से नकद भुगतान करने पर दोगुना शुल्क लिया जाता है। वहीं UPI के माध्यम से भुगतान करने पर निर्धारित उपयोगकर्ता शुल्क का 1.25 गुना शुल्क देना होता है।

    एनएचएआई ने बताया कि नकद भुगतान के कारण व्यस्त समय में लंबी कतारें लगती हैं, प्रतीक्षा अवधि बढ़ती है और लेनदेन विवाद भी उत्पन्न होते हैं।

    डिजिटल टोलिंग से बेहतर संचालन
    देशभर के 1150 से अधिक टोल केंद्रों पर पूर्ण डिजिटल भुगतान प्रणाली लागू होने से परिचालन दक्षता, यातायात प्रबंधन और समय की बचत में सुधार की उम्मीद है। यह पहल एनएचएआई के व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है, जिसके तहत प्रौद्योगिकी आधारित, उच्च दक्षता वाला और उपयोगकर्ता-अनुकूल राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क विकसित किया जा रहा है, ताकि देशभर में आवागमन और अधिक सुगम और निर्बाध बनाया जा सके।

  • सुप्रीम कोर्ट ने NHAI को निर्देश दिया: 50 किलोमीटर के बाद गौशाला बनाएं, आवारा पशुओं की देखभाल CSR से हो

    सुप्रीम कोर्ट ने NHAI को निर्देश दिया: 50 किलोमीटर के बाद गौशाला बनाएं, आवारा पशुओं की देखभाल CSR से हो


    नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से कहा है कि सड़क निर्माण में लगे ठेकेदारों को आवारा जानवरों की समस्या से निपटने के लिए CSR (कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी) के तहत गौशाला/पशु आश्रय बनाने के निर्देश दिए जाएं। कोर्ट ने कहा कि हर 50 किलोमीटर के बाद ऐसे आश्रय बनाकर आवारा पशुओं की देखभाल सुनिश्चित की जा सकती है। कोर्ट ने कई राज्यों पर जताया असंतोष न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति एन.वी. अंजारिया की पीठ ने पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु के निर्देशों के पालन पर नाराजगी जताई।
    कोर्ट ने विशेषकर पंजाब सरकार के दैनिक 100 कुत्तों के बधियाकरण प्रयास को अपर्याप्त बताया और इसे “ऊंट के मुंह में जीरे” जैसा बताया। NHAI को ऐप बनाने का निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने NHAI से कहा कि वह एक ऐप विकसित करे, जिसमें आम लोग राष्ट्रीय राजमार्गों पर आवारा जानवरों को देखने पर सूचना (report) कर सकें।
    इससे तुरंत कार्रवाई संभव होगी और दुर्घटनाओं में कमी आएगी। राज्यों की रिपोर्ट पर कोर्ट ने उठाए सवाल राजस्थान सरकार ने कहा कि उन्होंने बधियाकरण केंद्र बनाए हैं और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास बाड़बंदी की गई है, लेकिन कोर्ट ने इस पर भी संदेह जताया कि केवल 45 वैन से कैसे काम चलेगा।
    न्यायमूर्ति मेहता ने कहा कि जयपुर के लिए ही लगभग 20 वैन की जरूरत होगी और विभिन्न शहरों में वैन की संख्या बढ़ानी होगी। कोर्ट का सख्त संदेश: समस्या बढ़ती जा रही है पीठ ने चेतावनी दी कि अगर आवारा कुत्तों की समस्या पर तुरंत नियंत्रण नहीं हुआ तो हर साल उनकी संख्या 10-15% बढ़ती जाएगी। कोर्ट ने कहा कि 100 कुत्तों का बधियाकरण रोज़ाना कोई बड़ी मदद नहीं है।
    AWBI की स्थिति: 250 से अधिक आवेदन लंबित भारतीय पशु कल्याण बोर्ड (AWBI) ने बताया कि पिछले साल सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 250 से अधिक बधियाकरण केंद्र और आश्रय खोलने के लिए आवेदन आए, लेकिन अभी तक कई आवेदन पर कार्रवाई नहीं हुई। कोर्ट ने AWBI से कहा कि वे अभ्यर्थियों के आवेदन को जल्द निर्णय दें। कोर्ट ने राज्यों को दिया चेतावनी का संकेत सुप्रीम कोर्ट ने 13 जनवरी को कहा था कि यदि कुत्ते के काटने की घटनाओं में वृद्धि होती है तो राज्यों को भारी हर्जाना देना होगा और कुत्तों को खाना खिलाने वालों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।
    सुप्रीम कोर्ट ने NHAI को आवारा पशुओं की समस्या से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए हैंगौशाला, ऐप, CSR के तहत पहलऔर राज्यों को चेतावनी दी है कि इस समस्या को हल न किया गया तो कानूनी कार्रवाई और भारी जुर्माना हो सकता है।
  • मध्यप्रदेश में सड़कों का मजबूत नेटवर्क तैयार होगा: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी

    मध्यप्रदेश में सड़कों का मजबूत नेटवर्क तैयार होगा: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी

    विदिशा।केंद्रीय सड़क परिवहन एवं महामार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने विदिशा जिला मुख्यालय में शनिवार को सड़कों के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने यहां 4,400 करोड़ रुपए की सड़कों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस मौके पर गडकरी ने 13,000 करोड़ रुपए की लागत से कोटा से दिल्ली-मुंबई तक राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने की भी घोषणा की।

    मध्यप्रदेश की सड़कों के विकास के लिए विशेष प्रावधान
    केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मांग पर मध्यप्रदेश की सड़क परियोजनाओं के लिए 1,600 करोड़ रुपए देने की घोषणा की। इसमें से 400 करोड़ रुपए विशेष रूप से विदिशा संसदीय क्षेत्र की शहरी और आंतरिक सड़कों के निर्माण के लिए आवंटित किए जाएंगे।गडकरी ने बताया कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में लगभग 50 करोड़ रुपए की लागत से नई सड़कें बनाई जाएंगी जिससे प्रदेश के सभी हिस्सों में यातायात सुगम और तेज़ होगा।

    अत्याधुनिक मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर का शिलान्यास
    इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने विदिशा में अत्याधुनिक मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर का भी शिलान्यास किया। यह केंद्र सड़क सुरक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।नितिन गडकरी ने कहा कि प्रदेश में चारों ओर मजबूत सड़क नेटवर्क तैयार किया जाएगा, जिससे न केवल यातायात सुगमता बढ़ेगी, बल्कि उद्योग और व्यापार को भी नई गति मिलेगी। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों और जनता से कहा कि सड़क सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रति जागरूकता बनाए रखना जरूरी है