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  • बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव आज: नामांकन में मुख्यमंत्री मोहन यादव समेत मप्र के 20 दिग्गज नेता बनेंगे प्रस्तावक-समर्थक

    बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव आज: नामांकन में मुख्यमंत्री मोहन यादव समेत मप्र के 20 दिग्गज नेता बनेंगे प्रस्तावक-समर्थक


    भोपाल । भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। चुनावी प्रक्रिया के तहत आज नई दिल्ली में नामांकन दाखिल किए जाएंगे, जिसमें मध्य प्रदेश की भूमिका अहम रहने वाली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समेत राज्य के 20 वरिष्ठ नेता राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए प्रस्तावक और समर्थक के रूप में भाग लेंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार मौजूदा कार्यवाहक राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को ही सर्वसम्मति से पार्टी की कमान सौंपी जा सकती है।

    बीजेपी के संगठनात्मक चुनावों की यह प्रक्रिया पार्टी के संविधान के तहत संपन्न की जा रही है। आज होने वाले नामांकन कार्यक्रम में देशभर से वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। मध्य प्रदेश से दिल्ली पहुंचे नेताओं का दल इस चुनावी प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएगा और राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए प्रस्ताव पेश करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया का हिस्सा बनेंगे, जो प्रदेश के लिए संगठनात्मक दृष्टि से बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

    मध्य प्रदेश से दिल्ली जाने वाले नेताओं में 5 मंत्री, 5 केंद्रीय मंत्रिमंडल के सदस्य, 4 सांसद—जिनमें दो राज्यसभा सांसद शामिल हैं—और 5 अन्य वरिष्ठ पार्टी नेता शामिल हैं। यह दल न केवल नामांकन प्रक्रिया में शामिल होगा, बल्कि आगामी दो दिनों तक दिल्ली में रहकर पार्टी के केंद्रीय कार्यक्रमों में भी भाग लेगा। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ इन नेताओं की मौजूदगी को आगामी राजनीतिक रणनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल भी नामांकन प्रक्रिया में शामिल होंगे। इसके अलावा वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मंत्री प्रहलाद पटेल और मंत्री राकेश सिंह भी दिल्ली पहुंचे हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल के सदस्यों में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, वीरेंद्र कुमार खटीक, दुर्गादास उईके और सावित्री ठाकुर शामिल हैं। इन सभी नेताओं की मौजूदगी से यह संकेत मिल रहा है कि पार्टी नेतृत्व इस चुनाव को पूरी तरह सर्वसम्मति और संगठनात्मक एकजुटता के साथ संपन्न करना चाहता है।

    सांसदों की बात करें तो फग्गन सिंह कुलस्ते, विष्णुदत्त शर्मा, सुमित्रा बाल्मीकि, कविता पाटीदार के साथ-साथ वरिष्ठ नेता जयभान सिंह पवैया, लाल सिंह आर्य, डॉ. नरोत्तम मिश्रा, गोपाल भार्गव और ओमप्रकाश धुर्वे भी दिल्ली में मौजूद हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी पहले से ही दिल्ली में रहकर पार्टी गतिविधियों में भाग ले रहे हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि यदि नामांकन प्रक्रिया में एक ही उम्मीदवार का नाम सामने आता है, तो औपचारिक चुनाव की जरूरत नहीं पड़ेगी और नितिन नवीन को सर्वसम्मति से राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया जा सकता है। यह चुनाव न सिर्फ संगठनात्मक मजबूती का संदेश देगा, बल्कि आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों की रणनीति तय करने में भी अहम भूमिका निभाएगा।

  • BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव: आडवाणी और जोशी पहली बार नहीं कर पाएंगे वोटिंग,,, जानें वजह?

    BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव: आडवाणी और जोशी पहली बार नहीं कर पाएंगे वोटिंग,,, जानें वजह?


    नई दिल्ली।
    भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) (Bharatiya Janata Party – BJP) के इतिहास में 20 जनवरी 2026 का दिन एक बड़े बदलाव का गवाह बनने जा रहा है। 45 साल के नितिन नवीन (Nitin Naveen) का पार्टी के अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष (National President) के रूप में निर्विरोध चुना जाना लगभग तय है। हालांकि, इस चुनाव में एक चौंकाने वाली बात यह है कि पार्टी के संस्थापक सदस्य लाल कृष्ण आडवाणी (Lal Krishna Advani) और मुरली मनोहर जोशी (Murali Manohar Joshi) पहली बार मतदान नहीं कर पाएंगे।

    दिसंबर 2025 से पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे नितिन नवीन अब पूर्णकालिक अध्यक्ष बनने जा रहे हैं। बिहार के बांकीपुर से विधायक और पूर्व मंत्री नितिन नवीन भाजपा के दिग्गज नेता दिवंगत नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के पुत्र हैं। आरएसएस (RSS) की पृष्ठभूमि वाले नवीन को संगठन में गहरी पैठ और छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में पार्टी की चुनावी जीत में बड़ी भूमिका के लिए जाना जाता है।

    19 जनवरी को उनका नामांकन होगा और 20 जनवरी को उनकी जीत की औपचारिक घोषणा की जाएगी। उनके नामांकन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और राजनाथ सिंह प्रस्तावक बनेंगे।


    आडवाणी और जोशी मतदाता सूची से बाहर क्यों?

    1980 में भाजपा की स्थापना के बाद यह पहला मौका है जब इन दोनों दिग्गजों का नाम अध्यक्ष चुनाव की मतदाता सूची में नहीं है। इसके पीछे कोई राजनीतिक नाराजगी नहीं, बल्कि तकनीकी कारण हैं। पार्टी के संविधान के अनुसार, राष्ट्रीय परिषद का सदस्य बनने के लिए संबंधित राज्य में संगठनात्मक चुनाव पूरा होना अनिवार्य है। आडवाणी और जोशी फिलहाल दिल्ली से राष्ट्रीय परिषद के सदस्य हैं, लेकिन दिल्ली प्रदेश भाजपा में चुनाव अभी लंबित हैं। जब तक दिल्ली में मंडल, जिला और प्रदेश स्तर के चुनाव नहीं हो जाते वहां से राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों का चयन नहीं हो सकता। इसी कारण दोनों नेताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके।

    आपको बता दें कि इससे पहले आडवाणी गुजरात (गांधीनगर) और जोशी उत्तर प्रदेश (कानपुर) से परिषद सदस्य हुआ करते थे। सक्रिय राजनीति से हटने के बाद वे दिल्ली से सदस्य बने थे। भाजपा के राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी के. लक्ष्मण ने चुनावी कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। 19 जनवरी को दोपहर 2 से 4 बजे तक नामांकन होगा। 19 जनवरी को ही शाम तक नामांकन पत्रों की जांच और वापसी का समय है। 20 जनवरी को यदि आवश्यक हुआ तो मतदान होगा, अन्यथा निर्विरोध चुनाव की घोषणा।

    जेपी नड्डा का स्थान लेने वाले नितिन नवीन के सामने सबसे बड़ी चुनौती 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए संगठन को तैयार करना और आगामी विधानसभा चुनावों (पश्चिम बंगाल, असम, केरल आदि) में पार्टी के प्रदर्शन को सुधारना होगी। युवा नेतृत्व के माध्यम से भाजपा अब अपनी अगली पीढ़ी की टीम तैयार करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।