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  • 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में किसने जीते बड़े सम्मान, यामी गौतम से ममूटी तक इन सितारों का रहा जलवा

    72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में किसने जीते बड़े सम्मान, यामी गौतम से ममूटी तक इन सितारों का रहा जलवा

    नई दिल्ली । गुजरात के एकता नगर में मंगलवार को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन किया गया। वर्ष 2024 के लिए भारतीय सिनेमा में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कलाकारों, निर्देशकों और तकनीकी प्रतिभाओं को इस समारोह में सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए।

    इस अवसर पर भारतीय सिनेमा की उपलब्धियों के साथ फिल्म कलाकारों और पूरी फिल्म इंडस्ट्री की सामाजिक जिम्मेदारियों पर भी चर्चा हुई। राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में लोकप्रिय कलाकारों के व्यापक प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि खासकर बच्चों और युवाओं पर फिल्म सितारों की बातों और व्यवहार का गहरा असर पड़ता है।

    राष्ट्रपति ने फिल्म कलाकारों से ऐसे उत्पादों के प्रचार से बचने की अपील की, जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि सफल कलाकार जब स्वस्थ और अनुशासित जीवनशैली के फायदे बताते हैं, तो बड़ी संख्या में बच्चे और युवा उनसे प्रेरणा लेते हैं।

    उन्होंने यह भी कहा कि लोकप्रियता के साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है। उनके मुताबिक सच्चा सितारा वही है जो समाज में सकारात्मक रोशनी फैलाए। राष्ट्रपति ने किसी विशेष कलाकार या ब्रांड का नाम नहीं लिया, बल्कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री से अपने प्रभाव का जिम्मेदारी के साथ इस्तेमाल करने का आग्रह किया।

    समारोह के दौरान राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की जूरी में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय स्तर की प्रत्येक जूरी में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उनके अनुसार निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं के दृष्टिकोण को शामिल करने से उसका दायरा और व्यापक हो सकता है।

    राष्ट्रपति ने सिनेमा के पर्दे के पीछे काम करने वाले लोगों के योगदान को भी रेखांकित किया। उन्होंने छोटे कलाकारों, सहायकों, तकनीशियनों और अन्य कर्मचारियों के सम्मान तथा सामाजिक सुरक्षा पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि फिल्म निर्माण केवल पर्दे पर दिखाई देने वाले कलाकारों की मेहनत से संभव नहीं होता, बल्कि बड़ी संख्या में लोग इसमें योगदान देते हैं।

    पुरस्कारों की बात करें तो ‘आर्टिकल 370’ को वर्ष 2024 के लिए सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म चुना गया। इसी फिल्म में अभिनय के लिए यामी गौतम को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार प्रदान किया गया। फिल्म की कहानी और प्रस्तुति के साथ यामी के अभिनय को भी इस सम्मान के जरिए राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली।

    सर्वश्रेष्ठ अभिनेता की श्रेणी में ममूटी और कार्तिक आर्यन को सम्मानित किया गया। ममूटी को ‘ब्रह्मयुगम’ के लिए जबकि कार्तिक आर्यन को ‘चंदू चैंपियन’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला। दोनों कलाकारों को मुख्य भूमिका में उनके अभिनय के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया।

    समारोह में दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को भारतीय सिनेमा में उनके लंबे योगदान के लिए दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान वर्ष 2024 के लिए प्रदान किया गया।

    72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का समापन ‘वंदे मातरम्’ और उसके बाद राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के साथ हुआ। समारोह में पुरस्कारों के साथ भारतीय सिनेमा की विविधता, कलाकारों की भूमिका और फिल्म निर्माण से जुड़े हर व्यक्ति के योगदान को भी प्रमुखता दी गई।

  • राष्ट्रपति मुर्मु ने फिल्म सितारों से कहा, लोकप्रियता का इस्तेमाल समाज के हित में करें..

    राष्ट्रपति मुर्मु ने फिल्म सितारों से कहा, लोकप्रियता का इस्तेमाल समाज के हित में करें..

    नई दिल्ली ।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गुजरात के एकता नगर में आयोजित 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह के दौरान फिल्म जगत से जुड़े कलाकारों को महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने लोकप्रिय फिल्म सितारों से अपनी प्रसिद्धि और प्रभाव का इस्तेमाल सकारात्मक उद्देश्यों के लिए करने की अपील की। राष्ट्रपति ने कहा कि लोकप्रिय कलाकारों में खास तौर पर बच्चों और युवाओं को प्रभावित करने की बड़ी क्षमता होती है।

    अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि जब सफल कलाकार अनुशासित जीवनशैली और स्वस्थ आदतों के फायदे बताते हैं तो बड़ी संख्या में बच्चे और युवा उनसे प्रभावित होते हैं। इसी प्रभाव को ध्यान में रखते हुए उन्होंने फिल्म कलाकारों से स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पदार्थों का प्रचार नहीं करने का अनुरोध किया।

    राष्ट्रपति ने कहा कि लोकप्रिय कलाकारों को ऐसे उत्पादों के विज्ञापन से बचना चाहिए, जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक माने जाते हैं। उन्होंने अपने संदेश को एक प्रभावशाली वाक्य में रखते हुए कहा कि स्टार वही है जो रोशनी फैलाए, अंधेरा नहीं।

    राष्ट्रपति की यह अपील ऐसे समय में सामने आई जब फिल्म जगत के कई चर्चित कलाकार अलग-अलग मौकों पर पान मसाला और अन्य उत्पादों के विज्ञापनों से जुड़े रहे हैं। कुछ कलाकारों ने ऐसे विज्ञापनों में काम किया है, जबकि कुछ ने बाद में सार्वजनिक प्रतिक्रिया के बीच संबंधित ब्रांड से दूरी बना ली।

    अभिनेता अक्षय कुमार भी पहले एक पान मसाला विज्ञापन का हिस्सा बने थे। हालांकि, लोगों की प्रतिक्रिया के बाद उन्होंने संबंधित कंपनी से अपना जुड़ाव खत्म कर लिया था। दूसरी ओर, कुछ दक्षिण भारतीय कलाकारों ने ऐसे उत्पादों के विज्ञापन के प्रस्ताव स्वीकार नहीं किए। इनमें अल्लू अर्जुन, यश और आर. माधवन के नाम शामिल हैं।

    राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में केवल फिल्म सितारों की जिम्मेदारी की बात नहीं की, बल्कि सिनेमा निर्माण से जुड़े उन लोगों को भी याद किया, जिनका योगदान अक्सर पर्दे के पीछे रह जाता है। उन्होंने कहा कि किसी फिल्म को बनाने में बड़ी संख्या में लोगों की मेहनत शामिल होती है।

    उन्होंने सभी पुरस्कार विजेताओं से अनुरोध किया कि अपनी फिल्मों को मिली सराहना और सम्मान को टीम के प्रत्येक सदस्य तक पहुंचाएं। इनमें मजदूर, छोटे कलाकार, सहायक और संघर्षरत लोग भी शामिल हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि रचनात्मक अर्थव्यवस्था में योगदान देने वाले इन लोगों को सम्मान और सामाजिक सुरक्षा मिलनी चाहिए।

    72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं को सम्मानित किया गया। यह पहली बार था जब राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का आयोजन दिल्ली से बाहर किया गया। गुजरात के एकता नगर में हुए इस समारोह में राष्ट्रपति ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए।

    समारोह में कन्नड़ सिनेमा के दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को भारतीय सिनेमा में पांच दशकों से अधिक के योगदान के लिए दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

    फिल्म ‘आर्टिकल 370’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म चुना गया और इसकी मुख्य अभिनेत्री यामी गौतम को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला। वहीं ‘भ्रमयुगम’ के लिए मैमूटी और ‘चंदू चैंपियन’ के लिए कार्तिक आर्यन को संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का सम्मान दिया गया।

    राष्ट्रपति ने सिनेमा को समाज का दर्पण बताते हुए कहा कि यह भारतीय संस्कृति, संवेदनाओं और जीवन मूल्यों को दुनिया तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने विभिन्न भाषाओं और क्षेत्रों में बनने वाली फिल्मों की सराहना करते हुए कहा कि क्षेत्रीय सिनेमा देश की जड़ों और विविध कहानियों को जीवंत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है।