Tag: natural cooling drinks

  • नेचुरल पेय से पाएं ठंडक और पोषण, गर्मी में अपनाएं हेल्दी विकल्प

    नेचुरल पेय से पाएं ठंडक और पोषण, गर्मी में अपनाएं हेल्दी विकल्प


    नई दिल्ली । देश के कई हिस्सों में इस समय गर्मी अपने चरम पर है और बढ़ते तापमान ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। ऐसे में सेहत को बनाए रखने के लिए खानपान में बदलाव बेहद जरूरी हो जाता है। इसी कड़ी में पारंपरिक और प्राकृतिक पेयों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है, जो न केवल शरीर को ठंडक पहुंचाते हैं बल्कि जरूरी पोषक तत्व भी प्रदान करते हैं।

    गर्मी के इस मौसम में बाजार में मिलने वाले कोल्ड ड्रिंक्स की बजाय अगर देसी और घरेलू पेयों को दिनचर्या में शामिल किया जाए तो यह शरीर के लिए अधिक लाभकारी साबित होते हैं। ये पेय बिना किसी केमिकल या प्रिजर्वेटिव के तैयार होते हैं और सीधे घर की रसोई से जुड़े होते हैं। यही वजह है कि इनका सेवन स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी लगातार करने की सलाह देते हैं।

    आम पन्ना गर्मियों का सबसे लोकप्रिय पेय माना जाता है, जो कच्चे आम से तैयार होता है। इसमें विटामिन सी, आयरन और इलेक्ट्रोलाइट्स की भरपूर मात्रा होती है, जो शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ थकान को दूर करता है और पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाता है।

    इसी तरह लस्सी, जो पंजाब और हरियाणा की पहचान मानी जाती है, दही से बनी एक पौष्टिक ड्रिंक है। यह प्रोटीन, कैल्शियम और प्रोबायोटिक्स से भरपूर होती है, जो शरीर को ऊर्जा देने के साथ पेट को भी स्वस्थ रखती है। छाछ भी एक हल्का और पाचन के लिए बेहद लाभकारी पेय है, जो राजस्थान, गुजरात और अन्य राज्यों में भोजन के साथ नियमित रूप से लिया जाता है।

    बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में लोकप्रिय सत्तू शरबत भी गर्मी में शरीर के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यह प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होता है, जो लंबे समय तक पेट को भरा रखता है और थकान को दूर करता है। वहीं पश्चिम भारत का प्रसिद्ध कोकम शरबत विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, जो पाचन सुधारने और शरीर को ठंडक देने में मदद करता है।

    महाराष्ट्र और कोंकण क्षेत्र की पारंपरिक सोल कढ़ी, जो कोकम और नारियल दूध से तैयार होती है, स्वाद और सेहत का बेहतरीन मेल है। यह पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने के साथ शरीर को ठंडक प्रदान करती है।

    दक्षिण भारत के पानकम, नीर मोर और सम्बारम जैसे पेय भी गर्मी में बेहद लोकप्रिय हैं। ये गुड़, दही, मसाले और जड़ी-बूटियों से तैयार होते हैं, जो शरीर को न केवल हाइड्रेट रखते हैं बल्कि ऊर्जा भी प्रदान करते हैं। ओडिशा का बेल पना भी गर्मियों में राहत देने वाला एक पारंपरिक पेय है, जो पेट की समस्याओं में भी लाभकारी माना जाता है।

    इन सभी पेयों की खासियत यह है कि ये प्राकृतिक हैं और शरीर को अंदर से स्वस्थ रखते हैं। बदलते मौसम में अगर इन्हें अपनी दिनचर्या में शामिल किया जाए तो गर्मी के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है और स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखा जा सकता है।

  • गर्मियों में राहत का देसी उपाय: शिकंजी से पाचन बेहतर और शरीर रहेगा एनर्जी से भरपूर

    गर्मियों में राहत का देसी उपाय: शिकंजी से पाचन बेहतर और शरीर रहेगा एनर्जी से भरपूर


    नई दिल्ली। गर्मियों की तपती धूप में शरीर को ठंडक और एनर्जी देने के लिए देसी पेय शिकंजी को सबसे आसान और असरदार उपाय माना जाता है। तापमान बढ़ने के साथ जब पानी की कमी, थकान और पाचन संबंधी दिक्कतें बढ़ने लगती हैं, तब शिकंजी एक प्राकृतिक राहत देने वाला पेय साबित होती है।

    नींबू, पानी, काला नमक, जीरा पाउडर और हल्की चीनी या गुड़ से बनने वाली शिकंजी न सिर्फ स्वाद में ताजगी देती है, बल्कि शरीर को हाइड्रेट भी रखती है। कई लोग इसमें पुदीना और अदरक मिलाकर इसके फायदे और बढ़ा देते हैं। उत्तर भारत में तो गर्मियों के दिनों में सड़क किनारे मिट्टी के बर्तनों में रखी ठंडी शिकंजी आम दृश्य होती है, जो लोगों को तुरंत राहत देती है।

    घर पर इसे बनाना भी बेहद आसान है। एक जग ठंडे पानी में नींबू का रस मिलाएं, फिर स्वादानुसार काला नमक, भुना जीरा पाउडर और थोड़ी चीनी डालें। चाहें तो पुदीना पत्ते और अदरक का रस मिलाकर इसे और पौष्टिक बनाया जा सकता है। बिना चीनी के भी यह उतनी ही फायदेमंद रहती है।

    शिकंजी के नियमित सेवन से कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं। नींबू में मौजूद विटामिन C रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है, जबकि जीरा और अदरक पाचन तंत्र को बेहतर बनाते हैं और गैस-एसिडिटी जैसी समस्याओं से राहत दिलाते हैं। यह शरीर से विषैले तत्व बाहर निकालने में भी मदद करती है, जिससे त्वचा साफ और स्वस्थ रहती है।

    गर्मी में शरीर के तापमान को संतुलित रखने और डिहाइड्रेशन से बचाने में शिकंजी बेहद कारगर है। यह तुरंत एनर्जी देती है और थकान को कम करती है। साथ ही मेटाबॉलिज्म को तेज कर वजन नियंत्रण में भी सहायक मानी जाती है।

    आयुर्वेदाचार्यों के अनुसार, घर की बनी ताजी शिकंजी बाजार के पैक्ड ड्रिंक्स की तुलना में कहीं ज्यादा सुरक्षित और फायदेमंद है। इसलिए गर्मी के मौसम में इसे रोजाना की दिनचर्या में शामिल करना सेहत के लिए लाभकारी हो सकता है।