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  • Skin Care With Curd: चेहरे पर दही लगाने से मिल सकते हैं ये फायदे निखरी त्वचा के लिए ऐसे करें इस्तेमाल

    Skin Care With Curd: चेहरे पर दही लगाने से मिल सकते हैं ये फायदे निखरी त्वचा के लिए ऐसे करें इस्तेमाल


    नई दिल्ली। दही सिर्फ खाने के स्वाद को बढ़ाने वाला खाद्य पदार्थ नहीं है बल्कि इसका इस्तेमाल त्वचा की देखभाल के लिए भी किया जाता है। दही में लैक्टिक एसिड पाया जाता है जो त्वचा की ऊपरी सतह पर जमा मृत कोशिकाओं को हटाने में मदद कर सकता है। इसके अलावा दही में मौजूद प्रोटीन और अन्य पोषक तत्व त्वचा को मुलायम बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। यही वजह है कि घरेलू स्किन केयर में दही का इस्तेमाल लंबे समय से किया जाता रहा है। हालांकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए चेहरे पर कोई भी घरेलू नुस्खा लगाने से पहले सावधानी रखना जरूरी है।

    अगर त्वचा रूखी और बेजान नजर आती है तो सादा दही चेहरे पर लगाने का आसान तरीका हो सकता है। इसके लिए ताजा और बिना स्वाद वाला दही लें और उसे साफ चेहरे पर हल्की परत में लगाएं। कुछ देर बाद सामान्य पानी से चेहरा धो लें। दही त्वचा को नमी देने में मदद कर सकता है और त्वचा को मुलायम महसूस करा सकता है। इसे चेहरे पर जोर से रगड़ने से बचना चाहिए क्योंकि ज्यादा रगड़ने से संवेदनशील त्वचा में जलन हो सकती है।

    दही को शहद के साथ मिलाकर भी फेस पैक की तरह इस्तेमाल किया जाता है। शहद त्वचा को मॉइस्चराइज करने में मदद कर सकता है जबकि दही त्वचा को मुलायम रखने में सहायक हो सकता है। दोनों को मिलाकर चेहरे पर लगाने से त्वचा अधिक हाइड्रेटेड महसूस हो सकती है। इस तरह के घरेलू फेस पैक को आंखों के आसपास की त्वचा पर लगाने से बचना चाहिए।

    अगर त्वचा सामान्य है और हल्की डल नजर आ रही है तो दही में बेसन मिलाकर फेस पैक बनाया जा सकता है। बेसन त्वचा से अतिरिक्त तेल और गंदगी हटाने में मदद कर सकता है जबकि दही त्वचा को मुलायम बनाए रखने में सहायक हो सकता है। इस मिश्रण को चेहरे पर लगाकर सूखने के लिए बहुत देर तक न छोड़ें। हल्के हाथों से पानी की मदद से इसे साफ करना बेहतर रहेगा।

    दही का इस्तेमाल करते समय कुछ जरूरी सावधानियां भी रखनी चाहिए। सबसे पहले चेहरे पर लगाने से पहले पैच टेस्ट करना बेहतर है। इसके लिए मिश्रण की थोड़ी मात्रा त्वचा के छोटे हिस्से पर लगाकर देखें। अगर लालिमा खुजली जलन या किसी तरह की परेशानी महसूस हो तो इसे चेहरे पर इस्तेमाल न करें। बहुत संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

    अगर चेहरे पर सक्रिय मुंहासे घाव एलर्जी या त्वचा संबंधी कोई समस्या है तो घरेलू नुस्खों के बजाय त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है। दही को चेहरे पर लगाने से तुरंत कोई चमत्कारी बदलाव होने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। अच्छी त्वचा के लिए पर्याप्त पानी पीना संतुलित आहार लेना पर्याप्त नींद लेना और नियमित रूप से त्वचा की सफाई करना भी जरूरी है।

    कुल मिलाकर दही को घरेलू स्किन केयर रूटीन में शामिल किया जा सकता है। इसके इस्तेमाल से त्वचा को मुलायम और नमीयुक्त महसूस कराने में मदद मिल सकती है। लेकिन हर त्वचा पर इसका असर एक जैसा हो यह जरूरी नहीं है। इसलिए अपनी त्वचा की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए इसका इस्तेमाल करें और किसी भी तरह की जलन या एलर्जी होने पर तुरंत उपयोग बंद कर दें।

  • महंगी सनस्क्रीन छोड़ें, किचन के ये देसी नुस्खे देंगे नेचुरल ग्लो और टैनिंग से छुटकारा

    महंगी सनस्क्रीन छोड़ें, किचन के ये देसी नुस्खे देंगे नेचुरल ग्लो और टैनिंग से छुटकारा

    नई दिल्ली । तेज धूप और बढ़ती गर्मी के बीच त्वचा की देखभाल आज के समय में एक बड़ी जरूरत बन गई है लोग अपनी स्किन को टैनिंग और यूवी किरणों से बचाने के लिए महंगी सनस्क्रीन और ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर हजारों रुपये खर्च करते हैं लेकिन इसके बावजूद कई बार चेहरे पर कालापन पिग्मेंटेशन और रूखापन बना रहता है इसका कारण केवल प्रोडक्ट नहीं बल्कि सही जानकारी का अभाव और गलत चुनाव भी होता है

    अक्सर लोग सनस्क्रीन खरीदते समय सिर्फ SPF नंबर देखकर ही फैसला कर लेते हैं जबकि विशेषज्ञों के अनुसार यह पूरी सुरक्षा की गारंटी नहीं है सही सनस्क्रीन वही होती है जिस पर ब्रॉड स्पेक्ट्रम लिखा हो क्योंकि यह UVA और UVB दोनों तरह की हानिकारक किरणों से त्वचा की रक्षा करती है इसके साथ ही स्किन टाइप के अनुसार सनस्क्रीन चुनना भी बेहद जरूरी है ऑयली स्किन वालों को जेल बेस्ड और ड्राई स्किन वालों को लोशन बेस्ड सनस्क्रीन का उपयोग करना चाहिए

    इसके अलावा कई सनस्क्रीन में ऐसे केमिकल होते हैं जो लंबे समय में त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं इसलिए प्रोडक्ट खरीदते समय उसके इंग्रीडिएंट्स और एक्सपायरी डेट की जांच करना भी जरूरी है कई बार गलत या एक्सपायर्ड सनस्क्रीन त्वचा पर उल्टा असर डालती है

    अगर आप केमिकल युक्त प्रोडक्ट्स से बचना चाहते हैं तो किचन में मौजूद प्राकृतिक चीजें आपकी त्वचा के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं घरेलू नुस्खे न केवल सस्ते होते हैं बल्कि लंबे समय तक त्वचा को हेल्दी बनाए रखते हैं

    दही और मसूर दाल का पैक त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है मसूर दाल को पीसकर उसमें दही मिलाकर लगाने से यह एक नेचुरल एक्सफोलिएटर की तरह काम करता है दही में मौजूद लैक्टिक एसिड त्वचा को ठंडक देता है और टैनिंग को कम करने में मदद करता है इस पैक को चेहरे पर 15 मिनट तक लगाकर धोने से त्वचा साफ और चमकदार बनती है

    इसी तरह एलोवेरा और नारियल तेल का मिश्रण भी त्वचा के लिए बेहद लाभकारी है एलोवेरा में हल्का प्राकृतिक SPF होता है जो त्वचा को धूप से बचाने में मदद करता है वहीं नारियल तेल त्वचा को मॉइश्चराइज कर उसे मुलायम बनाए रखता है यह खासतौर पर ड्राई स्किन वालों के लिए बेहद असरदार उपाय है

    सिर्फ घरेलू नुस्खे अपनाना ही काफी नहीं है बल्कि सनस्क्रीन लगाने का सही तरीका भी जानना जरूरी है घर से बाहर निकलने से कम से कम 20 मिनट पहले सनस्क्रीन लगानी चाहिए ताकि वह त्वचा में अच्छी तरह समा जाए अगर आप लंबे समय तक धूप में रहते हैं तो हर 3 से 4 घंटे में इसे दोबारा लगाना चाहिए

    त्वचा की देखभाल केवल महंगे प्रोडक्ट्स पर निर्भर नहीं होती बल्कि सही जानकारी और प्राकृतिक उपायों के संतुलन से ही असली निखार मिलता है इस गर्मी में अपनी स्किन को सुरक्षित और चमकदार बनाए रखने के लिए किचन के इन आसान और असरदार नुस्खों को अपनाना एक बेहतर और सस्ता विकल्प साबित हो सकता है

  • सर्दियों में फटे होंठ? अपनाएं ये घरेलू और आयुर्वेदिक तरीके, होंठ रहेंगे मुलायम और स्वस्थ

    सर्दियों में फटे होंठ? अपनाएं ये घरेलू और आयुर्वेदिक तरीके, होंठ रहेंगे मुलायम और स्वस्थ


    नई दिल्ली। सर्दियों का मौसम आते ही कई लोग होंठ फटने, सूखने और दरारों जैसी समस्याओं से परेशान हो जाते हैं। खासकर महिलाओं के लिए यह समस्या और अधिक परेशान करने वाली होती है, क्योंकि इससे होंठों का रंग और खूबसूरती प्रभावित होती है। ज्यादातर लोग इस समस्या का समाधान ढूंढने के लिए घरेलू और प्राकृतिक उपायों की ओर रुख करते हैं। आइए जानते हैं कुछ आसान, प्रभावी और आयुर्वेदिक तरीके, जिनसे आप सर्दियों में होंठों को मुलायम और स्वस्थ रख सकते हैं।

    घरेलू उपाय

    1. घी और मक्खन
    घी और मक्खन प्राकृतिक मॉइस्चराइजर की तरह काम करते हैं। सर्दियों में सोने से पहले थोड़ी मात्रा में घी या मक्खन अपने होंठों पर लगाएं। यह होंठों को नमी प्रदान करता है और फटने से बचाता है।

    2. शहद
    शहद न केवल होंठों को हाइड्रेट करता है, बल्कि इसमें एंटीबैक्टीरियल गुण भी मौजूद हैं। इसे सीधे होंठों पर लगाएं और कुछ देर बाद हल्के गुनगुने पानी से धो लें। शहद नियमित रूप से लगाने से होंठ मुलायम और स्वस्थ बने रहते हैं।

    3. नारियल तेल
    नारियल तेल में एंटीऑक्सीडेंट और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। यह सूखे और फटे होंठों को जल्दी ठीक करता है। दिन में कई बार नारियल तेल लगाने से होंठ नरम और हाइड्रेटेड रहते हैं।

    4. एलोवेरा जेल
    एलोवेरा जेल होंठों की जलन और सूजन को कम करता है। इसमें ठंडक देने वाले गुण मौजूद हैं, जो फटे होंठों को राहत देते हैं। इसे दिन में या रात में सोने से पहले इस्तेमाल किया जा सकता है।

    5. पानी
    पर्याप्त मात्रा में पानी पीना पूरे शरीर की नमी बनाए रखता है और होंठों के फटने की समस्या को काफी हद तक कम करता है।

    आयुर्वेदिक उपाय

    1. तिल का तेल
    आयुर्वेद में तिल का तेल होंठों के लिए बेहद उपयोगी माना गया है। यह गहरी नमी प्रदान करता है और फटी त्वचा को ठीक करता है। सर्दियों में नियमित रूप से तिल का तेल लगाने से होंठ सुखी और फटने से बचते हैं।

    2. बादाम तेल
    बादाम तेल में विटामिन E और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। यह होंठों को मुलायम बनाता है और ठंड से बचाता है। रात को सोने से पहले इसे होंठों पर लगाना सबसे अच्छा तरीका है।

    3. गुलाब जल
    गुलाब जल में त्वचा को ठंडक और नमी देने वाले गुण हैं। इसे रुई की मदद से होंठों पर लगाएं। यह होंठों को हाइड्रेटेड रखेगा और सूजन को भी कम करेगा।

    4. नीम का तेल
    नीम का तेल एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुणों से भरपूर होता है। यह फटे होंठों में संक्रमण के जोखिम को कम करता है और उन्हें स्वस्थ बनाने में मदद करता है।

    5. कपूर और सरसों का तेल
    कपूर और सरसों के तेल का मिश्रण होंठों को नमी और आराम देता है। कपूर की ठंडक जलन को कम करती है, जबकि सरसों का तेल होंठों को मुलायम बनाता है। यह एक प्रभावी आयुर्वेदिक उपचार माना जाता है।

    निष्कर्ष

    सर्दियों में होंठों का फटना सामान्य है, लेकिन घरेलू और आयुर्वेदिक उपाय अपनाकर इसे आसानी से रोका जा सकता है। घी, मक्खन, शहद, नारियल तेल, एलोवेरा जेल, तिल और बादाम तेल जैसे उपाय होंठों को नमी, पोषण और सुरक्षा प्रदान करते हैं। गुलाब जल, नीम का तेल और कपूर-सरसों का मिश्रण होंठों को ठंड और संक्रमण से बचाता है। साथ ही पर्याप्त पानी पीना भी बेहद जरूरी है। इन सरल उपायों को अपनाकर आप सर्दियों में भी अपने होंठों को मुलायम, चमकदार और स्वस्थ रख सकते हैं।