Tag: Nautapa 2026

  • नौतपा की शुरुआत के साथ MP में भीषण गर्मी का दौर जारी, 44 जिलों में आज हीटवेव और 5 में रेड अलर्ट

    नौतपा की शुरुआत के साथ MP में भीषण गर्मी का दौर जारी, 44 जिलों में आज हीटवेव और 5 में रेड अलर्ट

    भोपाल। मध्य प्रदेश में नौतपा की शुरुआत 25 मई से हो गई है और यह 2 जून तक प्रभावी रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, 25 से 28 मई तक प्रदेशभर में भीषण गर्मी और हीटवेव का असर बना रहेगा। नौतपा के शुरुआती चार दिन लोगों को तेज लू और झुलसाने वाली गर्मी का सामना करना पड़ेगा। सोमवार को प्रदेश के 44 जिलों में हीटवेव की चेतावनी जारी की गई है। इनमें निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना में तीव्र लू को लेकर रेड अलर्ट घोषित किया गया है।

    मौसम विभाग का कहना है कि नौतपा की शुरुआत के साथ भोपाल, ग्वालियर और उज्जैन सहित कई शहरों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

    नौतपा शुरू होने से पहले ही प्रदेश में गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। रविवार को खजुराहो और नौगांव सबसे गर्म शहर रहे, जहां अधिकतम तापमान 45.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा दतिया में तापमान 45 डिग्री तक पहुंचा, जबकि टीकमगढ़ और शाजापुर में 44 डिग्री दर्ज किया गया। दमोह, सागर और सतना में 44.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। वहीं गुना, मुरैना, राजगढ़ और श्योपुर में भी पारा 44 डिग्री तक पहुंच गया।

    प्रदेश के बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 44.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में 42.7 डिग्री, जबलपुर में 43.3 डिग्री, उज्जैन में 41.5 डिग्री और इंदौर में 40.9 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    मौसम विभाग ने निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना में रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं भिंड, दतिया, आगर-मालवा, राजगढ़, सागर, नरसिंहपुर, दमोह, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, कटनी, उमरिया, शहडोल, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली सहित 18 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

    इसके अलावा भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, रायसेन, विदिशा, शिवपुरी, मुरैना समेत 21 जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। वहीं इंदौर, देवास, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा, धार और झाबुआ सहित 11 जिलों में तेज गर्मी का असर बना रहेगा।

    मौसम विभाग के मुताबिक, 31 मई तक प्रदेश में गर्मी अपने चरम पर रह सकती है। अगले चार दिनों तक पूरे प्रदेश में भीषण गर्मी और लू का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को फिलहाल राहत मिलने के आसार नहीं हैं।

  • 2026 का दुर्लभ पंचांग संयोग: दो ज्येष्ठ मास, लेकिन नौतपा देगा सिर्फ एक बार प्रचंड गर्मी

    2026 का दुर्लभ पंचांग संयोग: दो ज्येष्ठ मास, लेकिन नौतपा देगा सिर्फ एक बार प्रचंड गर्मी



    नई दिल्ली(New Delhi)।
     साल 2026 हिंदू पंचांग के लिहाज से बेहद दुर्लभ और चर्चा में रहने वाला वर्ष माना जा रहा है। इस बार अधिक मास (मलमास) के कारण ज्येष्ठ मास दो बार पड़ने वाला है, जिससे लोगों के बीच यह सवाल तेज हो गया है कि क्या नौतपा भी दो बार पड़ेगा और क्या गर्मी पिछले वर्षों से कहीं ज्यादा खतरनाक हो जाएगी। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह स्थिति पंचांगीय दृष्टि से विशेष जरूर है, लेकिन इसका असर नौतपा पर अलग तरीके से ही देखने को मिलेगा।

    ज्येष्ठ मास दो बार, लेकिन नौतपा नहीं होगा डबल
    ज्योतिष विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि 2026 में ज्येष्ठ मास भले ही दो बार आए, लेकिन नौतपा केवल एक बार ही पड़ेगा। इसका कारण यह है कि नौतपा का संबंध महीनों से नहीं बल्कि सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश से होता है। सूर्य वर्ष में एक बार ही रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है और इसी अवधि में शुरुआती 9 दिन “नौतपा” कहलाते हैं। इसलिए पंचांग में बदलाव होने के बावजूद नौतपा की संख्या नहीं बदलती।

    कब पड़ेगा नौतपा और कितना रहेगा असर
    गणनाओं के अनुसार 2026 में नौतपा 25 मई से शुरू होकर 2 जून तक रहने की संभावना है। इस अवधि को उत्तर और मध्य भारत में सबसे अधिक गर्म माना जाता है। इस दौरान सूर्य की किरणें सीधे पृथ्वी पर पड़ती हैं, जिससे तापमान तेजी से बढ़ता है।

    मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस दौरान कई क्षेत्रों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा सकता है, जबकि कुछ स्थानों पर यह 48 से 50 डिग्री तक भी पहुंच सकता है। तेज धूप के साथ लू (Heatwave) का असर भी बढ़ेगा, जिससे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

    2026 का नौतपा क्यों माना जा रहा है खास
    ज्योतिषीय दृष्टि से 2026 का नौतपा एक और कारण से विशेष माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस अवधि में दो मंगलवार भी पड़ेंगे, जिसे ज्योतिषीय दृष्टि से “अग्नि तत्व” से जुड़ा माना जाता है। हालांकि वैज्ञानिक रूप से इसका तापमान पर सीधा प्रभाव साबित नहीं है, लेकिन परंपरागत मान्यताओं में इसे गर्मी की तीव्रता बढ़ाने वाला योग माना जाता है।

    मानसून से भी जुड़ी है मान्यता
    भारतीय परंपराओं में नौतपा को मानसून की तैयारी का संकेत भी माना जाता है। माना जाता है कि इस दौरान तेज गर्मी से लो प्रेशर सिस्टम बनता है, जो आगे चलकर मानसून को सक्रिय करने में मदद करता है। इसलिए नौतपा को सिर्फ गर्मी का समय नहीं बल्कि मौसम परिवर्तन का महत्वपूर्ण चरण भी माना जाता है।

    कुल मिलाकर 2026 का वर्ष पंचांग और मौसम दोनों दृष्टि से खास रहने वाला है। ज्येष्ठ मास के दो बार आने से जहां यह साल अनोखा बन रहा है, वहीं नौतपा अपने तय नियमों के अनुसार केवल एक बार ही भीषण गर्मी का असर दिखाएगा। इस दौरान लोगों को धूप, लू और डिहाइड्रेशन से बचाव के लिए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है।

  • नौतपा 2026: इन दानों से सूर्य देव की कृपा और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त करें

    नौतपा 2026: इन दानों से सूर्य देव की कृपा और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त करें


    नई दिल्ली । हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में नौतपा को अत्यंत महत्वपूर्ण काल माना गया है। इस अवधि में सूर्य देव अपनी चरम ऊर्जा पर होते हैं और धरती पर भीषण गर्मी महसूस की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस समय किए गए दान-पुण्य से सूर्य देव प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति को जीवन में शुभ फल प्राप्त होते हैं। साथ ही, पितरों का आशीर्वाद भी मिलता है जिससे परिवार में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।

    साल 2026 में नौतपा 25 मई से 2 जून तक रहेगा। इस दौरान किए गए छोटे-छोटे दान भी बड़ा पुण्य प्रदान करते हैं और कुंडली में सूर्य की स्थिति को मजबूत करते हैं।

    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, नौतपा में गेहूं और चावल का दान सबसे उत्तम माना गया है। इससे घर में अन्न की कमी नहीं होती और पितृ भी प्रसन्न होते हैं। गरीबों या जरूरतमंदों को अन्न दान करना अत्यंत शुभ फल देता है।

    गर्मी के इस मौसम में खरबूजे का दान भी विशेष महत्व रखता है। इसमें जल की मात्रा अधिक होती है, जिससे प्यासे लोगों को राहत मिलती है और सूर्य देव की कृपा प्राप्त होती है।

    इसी तरह जल दान यानी प्यासे लोगों को पानी पिलाना सबसे बड़ा पुण्य माना गया है। इससे जीवन की परेशानियां कम होती हैं और मानसिक शांति मिलती है।

    नौतपा में शरबत का दान भी अत्यंत शुभ माना जाता है। राहगीरों और जरूरतमंदों को ठंडा शरबत पिलाने से सूर्य और चंद्र दोनों की कृपा प्राप्त होती है, जिससे यश और सम्मान बढ़ता है।

    इसके अलावा पंखा दान भी बहुत फलदायी माना गया है। मंदिर, अस्पताल या जरूरतमंदों को पंखा देने से जीवन में सुख-शांति आती है और दरिद्रता दूर होती है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नौतपा में सूर्य देव की उपासना का भी विशेष महत्व है। इस दौरान सुबह सूर्य को जल अर्पित करना, आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना और जरूरतमंदों की सहायता करना जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाता है।

    कुल मिलाकर, नौतपा का यह समय केवल भीषण गर्मी का नहीं बल्कि दान-पुण्य के जरिए जीवन में शुभता और समृद्धि लाने का भी विशेष अवसर माना जाता है।

  • भीषण गर्मी से थोड़ी राहत, इंदौर में तापमान 40-41 डिग्री तक सीमित रहने की संभावना

    भीषण गर्मी से थोड़ी राहत, इंदौर में तापमान 40-41 डिग्री तक सीमित रहने की संभावना


    मध्यप्रदेश । प्रदेश के कई हिस्सों में जहां भीषण गर्मी और लू का असर लगातार बना हुआ है, वहीं इंदौर में पिछले तीन दिनों से तापमान में थोड़ी राहत दर्ज की जा रही है। शहर में अधिकतम तापमान अब 40 से 41 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच रहा है, जिससे लोगों को पहले की तुलना में कुछ राहत मिली है। हालांकि दोपहर 12 बजे से 3-4 बजे के बीच तेज धूप अभी भी परेशान कर रही है।

    रात के तापमान में भी हल्की बढ़ोतरी देखी गई है, जो करीब 27 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। मौसम सामान्य से लगभग 2 डिग्री अधिक गर्म बना हुआ है, लेकिन पहले जैसी तीव्र लू की स्थिति फिलहाल कम नजर आ रही है।

    मौसम विभाग के अनुसार 25 मई से नौतपा की शुरुआत होने जा रही है, लेकिन इस बार इसके दौरान भी भीषण गर्मी के चरम पर पहुंचने की संभावना कम है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि तापमान 43 से 44 डिग्री तक पहुंचने की बजाय 39 से 41 डिग्री के बीच ही बना रह सकता है। इससे लोगों को कुछ हद तक राहत मिल सकती है।

    हालांकि राहत के बीच एक चिंता यह भी है कि इस बार मई में बारिश की संभावना बेहद कम है। पिछले साल जहां मई में करीब 8 इंच बारिश दर्ज की गई थी, वहीं इस बार अब तक बारिश का कोई खास सिस्टम सक्रिय नहीं हुआ है। इसी कारण पूरे महीने सूखा मौसम रहने की आशंका जताई जा रही है।

    मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि प्री-मानसून गतिविधियां आमतौर पर 20 मई के बाद सक्रिय हो जाती हैं, लेकिन इस बार ऐसा कोई मजबूत सिस्टम नहीं बना है। इसी वजह से 8 मई के बाद से तापमान लगातार 40 डिग्री से ऊपर बना हुआ है।

    मौसम विभाग का अनुमान है कि 1 जून के बाद मानसून की औपचारिक शुरुआत हो सकती है। इसके बाद ही बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। फिलहाल 5 जून के बाद बादलों की आवाजाही बढ़ने और हल्की बारिश शुरू होने के संकेत मिल रहे हैं।

    मौसम विशेषज्ञ एचएस पांडे ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि दोपहर 12 से 3 बजे के बीच धूप का असर सबसे ज्यादा रहता है, इसलिए इस दौरान अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना चाहिए। साथ ही पर्याप्त पानी पीना, हल्के सूती कपड़े पहनना और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखना जरूरी है।

    कुल मिलाकर इंदौर में फिलहाल गर्मी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, लेकिन नौतपा के दौरान भीषण लू से राहत की उम्मीद ने लोगों को थोड़ी राहत जरूर दी है।

  • नौतपा से पहले झुलसता मध्यप्रदेश, तापमान और बढ़ने की चेतावनी

    नौतपा से पहले झुलसता मध्यप्रदेश, तापमान और बढ़ने की चेतावनी


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में गर्मी ने एक बार फिर अपना तीखा असर दिखाना शुरू कर दिया है। प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और हालात बेहद चुनौतीपूर्ण होते जा रहे हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए राज्य के 4 जिलों में रेड अलर्ट घोषित किया है, जहां अगले कुछ दिनों तक भीषण लू और अत्यधिक गर्मी का खतरा बना रहेगा।

     नौतपा में और बढ़ेगी तपिश
    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय चल रहे नौतपा के दौरान प्रदेश में तापमान और ऊपर जा सकता है। नौतपा को गर्मी का सबसे कठिन दौर माना जाता है, जिसमें सूर्य की सीधी किरणें धरती को सबसे ज्यादा गर्म करती हैं। इस दौरान दिन के साथ-साथ रातें भी गर्म रहने की संभावना है, जिससे राहत मिलने के आसार कम हैं।

    किन जिलों में रेड अलर्ट
    रेड अलर्ट वाले जिलों में प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। इन इलाकों में दिन के समय बाहर निकलना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। खासतौर पर बुजुर्ग, बच्चे और बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि इन जिलों में तापमान सामान्य से कई डिग्री अधिक दर्ज किया जा सकता है और लू का असर तेज रहेगा।

     स्वास्थ्य पर बढ़ रहा असर
    भीषण गर्मी के कारण अस्पतालों में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और कमजोरी के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में शरीर में पानी की कमी सबसे बड़ा खतरा बन जाती है।

     विशेषज्ञों की सलाह
    मौसम और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को कुछ जरूरी सावधानियां अपनाने की सलाह दी है-
    दिन में 11 बजे से 4 बजे तक बाहर निकलने से बचें
    पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लें
    हल्के और ढीले कपड़े पहनें
    धूप में निकलते समय सिर ढककर रखें
    बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें

    प्रशासन अलर्ट मोड प
    प्रशासन ने भी गर्मी के बढ़ते असर को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा है। कई जगहों पर पेयजल व्यवस्था और हीटवेव से बचाव के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।

    मध्य प्रदेश में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है और आने वाले दिनों में राहत की उम्मीद कम है। नौतपा के दौरान स्थिति और गंभीर हो सकती है, ऐसे में सतर्कता और सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।