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  • अजित पवार विमान हादसा: रोहित पवार के गंभीर आरोप, केंद्रीय मंत्री से इस्तीफे की मांग

    अजित पवार विमान हादसा: रोहित पवार के गंभीर आरोप, केंद्रीय मंत्री से इस्तीफे की मांग


    नई दिल्ली/मुंबई । महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री रहे Ajit Pawar की विमान दुर्घटना में मौत के बाद सियासत तेज हो गई है। एनसीपी एसपी के नेता Rohit Pawar ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हादसे को लेकर कई सवाल उठाए और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री Kinjarapu Ram Mohan Naidu से इस्तीफे की मांग की। उनका कहना है कि इस मामले में कथित सुरक्षा लापरवाही और निजी कंपनी की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

    VSR वेंचर्स पर उठाए सवाल

    रोहित पवार ने दावा किया कि दुर्घटनाग्रस्त विमान का संचालन दिल्ली स्थित कंपनी VSR Ventures कर रही थी। उनके अनुसार, इस कंपनी को “प्रभावशाली और ताकतवर लोगों का संरक्षण” प्राप्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि सुरक्षा मानकों में चूक हुई है तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। रोहित पवार ने डीजीसीए के कुछ अधिकारियों पर भी कंपनी का पक्ष लेने का आरोप लगाया और कहा कि मामले की पारदर्शी जांच जरूरी है।

    पीएम और गृहमंत्री से हस्तक्षेप की मांग

    रोहित पवार ने कहा कि इस मामले में न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री Narendra Modi और गृहमंत्री Amit Shah को हस्तक्षेप करना चाहिए। उन्होंने बताया कि वे प्रधानमंत्री को ईमेल के जरिए पत्र भेजेंगे। साथ ही कांग्रेस नेता Rahul Gandhi से भी इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की अपील की।

    तकनीकी पहलुओं पर भी संदेह
    हादसे की तकनीकी वजहों पर सवाल उठाते हुए रोहित पवार ने कहा कि विमान में कथित रूप से एक से अधिक धमाके हुए थे। उन्होंने ब्लैक बॉक्स की स्थिति, मेंटेनेंस रिकॉर्ड और अतिरिक्त ईंधन के डिब्बों को लेकर भी जांच की मांग की। उनका कहना है कि यात्रियों के सामान वाले हिस्से में अतिरिक्त पेट्रोल के कैन रखे जाने की बात सामने आई है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

    हादसे का विवरण

    जानकारी के अनुसार, 28 जनवरी 2026 को बारामती में लैंडिंग के दौरान एक Learjet 45 रजिस्ट्रेशन VT-SSK दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। यह चार्टर फ्लाइट मुंबई से बारामती जा रही थी। हादसे में अजित पवार समेत पायलट सुमित कपूर, को-पायलट शांभवी पाठक, केबिन क्रू पिंकी माली और सुरक्षा अधिकारी विदिप जाधव की मौत हो गई। विमान बारामती एयरस्ट्रिप से कुछ मीटर पहले सुबह लगभग 8:30 से 8:45 बजे के बीच क्रैश हुआ।

    फिलहाल इस पूरे प्रकरण को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। आधिकारिक जांच एजेंसियों की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे हादसे के वास्तविक कारणों का पता चल सके।

  • टिकट नहीं मिला तो बगावत की हद पार: NCP विधायक के दफ्तर के बाहर बेटे ने किया पेशाब महाराष्ट्र की सियासत गरमाई

    टिकट नहीं मिला तो बगावत की हद पार: NCP विधायक के दफ्तर के बाहर बेटे ने किया पेशाब महाराष्ट्र की सियासत गरमाई

    नई दिल्ली। महाराष्ट्र में जिला परिषद चुनावों से पहले राजनीतिक सरगर्मियां अपने चरम पर हैं लेकिन लातूर जिले से सामने आई एक घटना ने सियासी विरोध की मर्यादा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के विधायक और पूर्व मंत्री संजय बंसोडे के स्थानीय कार्यालय के बाहर एक युवक द्वारा खुलेआम पेशाब किए जाने की घटना ने न सिर्फ राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी बल्कि आम जनता को भी हैरान कर दिया।
    यह पूरी घटना बुधवार 21 जनवरी की बताई जा रही है जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।मामला लातूर जिले की उदगीर तहसील का है जहां आगामी जिला परिषद चुनावों के लिए टिकट बंटवारे को लेकर पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ गया। जानकारी के अनुसार उदगीर के निदेबन क्षेत्र से जुड़े सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता मधुकर एकुरकेकर को 5 फरवरी को होने वाले जिला परिषद चुनाव के लिए NCP की ओर से उम्मीदवार नहीं बनाया गया। इसी फैसले से नाराज होकर उनके बेटे नितिन एकुरकेकर ने विरोध का ऐसा तरीका अपनाया जिसने सबको चौंका दिया।

    बताया जा रहा है कि नितिन एकुरकेकर ने पार्टी नेतृत्व पर अन्याय का आरोप लगाते हुए NCP विधायक संजय बंसोडे के कार्यालय के बाहर पेशाब कर अपना आक्रोश जाहिर किया। यही नहीं उन्होंने इस पूरी घटना का वीडियो खुद अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर किया। कुछ ही घंटों में यह वीडियो वायरल हो गया और देखते ही देखते राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक हंगामा मच गया। हालांकि विवाद बढ़ता देख नितिन ने बाद में यह वीडियो अपने अकाउंट से हटा लिया।

    वीडियो सामने आने के बाद लोगों की प्रतिक्रियाएं भी दो धड़ों में बंटी नजर आईं। बड़ी संख्या में लोगों ने इसे लोकतांत्रिक विरोध के नाम पर की गई शर्मनाक और अशोभनीय हरकत बताया। उनका कहना है कि राजनीतिक असहमति जताने के कई संवैधानिक और सभ्य तरीके होते हैं लेकिन इस तरह का कृत्य न केवल व्यक्ति विशेष बल्कि पूरे राजनीतिक तंत्र की छवि को नुकसान पहुंचाता है। वहीं कुछ लोगों ने इसे पार्टी नेतृत्व के प्रति कार्यकर्ताओं की हताशा और गुस्से का प्रतीक बताया हालांकि उन्होंने भी इस तरीके का समर्थन नहीं किया।

    इस घटना ने NCP को भी असहज स्थिति में ला खड़ा किया है। पार्टी के भीतर टिकट वितरण को लेकर असंतोष की बातें पहले भी सामने आती रही हैं लेकिन इस तरह का सार्वजनिक और आपत्तिजनक विरोध पहली बार देखने को मिला है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव से पहले इस तरह की घटनाएं दलों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती हैं और मतदाताओं के बीच गलत संदेश भी भेजती हैं।कुल मिलाकर लातूर की यह घटना महाराष्ट्र की राजनीति में बढ़ते तनाव गुटबाजी और असंतोष की तस्वीर पेश करती है। सवाल यह है कि क्या राजनीतिक दल समय रहते अपने कार्यकर्ताओं की नाराजगी को संभाल पाएंगे या फिर आने वाले दिनों में सियासत का तापमान और चढ़ता नजर आएगा।