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  • बिजली कटौती से नहीं रुकेगी नमो भारत ट्रेन, NCRTC ने बताया, मजबूत मल्टी-लेयर बैकअप सिस्टम से पूरी तरह सुरक्षित संचालन

    बिजली कटौती से नहीं रुकेगी नमो भारत ट्रेन, NCRTC ने बताया, मजबूत मल्टी-लेयर बैकअप सिस्टम से पूरी तरह सुरक्षित संचालन




    नई दिल्ली। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर पर चल रही नमो भारत (RRTS) ट्रेन को लेकर यात्रियों के बीच बिजली कटौती के दौरान सेवा बाधित होने की आशंका जताई जा रही थी, खासकर गुड़गांव में हाल ही में मेट्रो सेवा प्रभावित होने की घटना के बाद। लेकिन नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) ने साफ किया है कि नमो भारत ट्रेन का सिस्टम सामान्य मेट्रो या ट्रेनों की तुलना में कहीं अधिक आधुनिक और सुरक्षित है, जिससे बिजली फेल होने की स्थिति में भी संचालन रुकने की संभावना बेहद कम है।

    NCRTC के अनुसार नमो भारत ट्रेनें 25 केवी (किलोवोल्ट) 50 हर्ट्ज ओवरहेड इलेक्ट्रिक सिस्टम से चलती हैं, जिसे ओवरहेड कैटेनरी सिस्टम (OCS) के जरिए सप्लाई दी जाती है। पूरा कॉरिडोर अलग-अलग बड़े सब-स्टेशनों और मल्टी-ग्रिड नेटवर्क से जुड़ा हुआ है, जिससे किसी एक स्थान पर फॉल्ट आने पर दूसरा ग्रिड तुरंत पावर सपोर्ट संभाल लेता है और ट्रेन संचालन बाधित नहीं होता।

    रीजनरेटिव ब्रेकिंग से खुद बनती है बिजली
    इस ट्रेन की एक खास तकनीक रीजनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम है, जिसमें ट्रेन ब्रेक लगाने के दौरान अपनी गतिज ऊर्जा को बिजली में बदलकर वापस ग्रिड में भेजती है। इससे लगभग 30 प्रतिशत तक ऊर्जा की बचत होती है और सिस्टम को अतिरिक्त पावर सपोर्ट भी मिलता है, जो आपात स्थिति में मददगार साबित होता है।

    SCADA सिस्टम से रियल टाइम निगरानी
    पूरे 82 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर की निगरानी के लिए SCADA (Supervisory Control and Data Acquisition) सिस्टम लगाया गया है। यह सिस्टम हर सब-स्टेशन और पावर फ्लो पर लगातार नजर रखता है और किसी भी तकनीकी खराबी की स्थिति में तुरंत पावर को दूसरे स्रोत की ओर डायवर्ट कर देता है, जिससे सेवा बिना रुके जारी रहती है।

    पूरी तरह बिजली गुल होने पर भी सुरक्षित संचालन
    NCRTC के अनुसार, यदि किसी वजह से मुख्य बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो जाती है, तब भी ट्रेनों और स्टेशनों में लगी बैकअप बैटरियां जरूरी सिस्टम जैसे लाइट, एयर कंडीशनिंग, कंट्रोल सिस्टम और इमरजेंसी गेट को चालू रखती हैं। इससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित रहती है और किसी भी तरह की आपात स्थिति में ट्रेन को सुरक्षित तरीके से रोका जा सकता है।

    गुड़गांव घटना से तुलना नहीं संभव
    हाल ही में गुड़गांव में बिजली बाधित होने से रैपिड मेट्रो सेवा प्रभावित हुई थी, लेकिन NCRTC का दावा है कि नमो भारत का पावर इंफ्रास्ट्रक्चर मल्टी-लेयर बैकअप सिस्टम पर आधारित है, इसलिए ऐसी स्थिति यहां बनने की संभावना बेहद कम है। इस तकनीकी मजबूती के चलते दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर पर यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों को भरोसेमंद और निर्बाध सेवा मिलने का दावा किया गया है।

  • दिल्ली–मेरठ की दूरी हुई छोटी: नमो भारत ने बदली तस्वीर, अब 40 मिनट में पहुंचिए बेगमपुल!

    दिल्ली–मेरठ की दूरी हुई छोटी: नमो भारत ने बदली तस्वीर, अब 40 मिनट में पहुंचिए बेगमपुल!


    नई दिल्ली। दिल्ली और मेरठ के बीच यात्रा अब और तेज और आसान होने वाली है। 22 फरवरी से सराय काले खां से बेगमपुल तक नई दिल्ली-मेरठ नमो भारत ट्रेन सेवा शुरू होने जा रही है। करीब 70 किलोमीटर की दूरी अब महज 40 मिनट में पूरी की जा सकेगी, जिससे रोजाना दिल्ली और मेरठ के बीच आने-जाने वाले हजारों यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

    पहले सड़क मार्ग से यह दूरी तय करने में ढाई से तीन घंटे लगते थे, लेकिन अब यह समय मात्र एक तिहाई रह जाएगा। नौकरी, पढ़ाई या मेडिकल विजिट के लिए दिल्ली आने वाले लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 फरवरी को इस कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन के बाद सराय काले खां से मोदीपुरम तक पूरा दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर जनता के लिए खुल जाएगा। इस प्रोजेक्ट को विकसित करने वाली नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन ने बेगमपुल तक सफल ट्रायल रन भी पूरा कर लिया है। ट्रायल में ट्रेन ने 160 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से दौड़ते हुए लगभग 39 मिनट में दूरी तय की।

    कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग 80 किलोमीटर है, जिसे अब 55 मिनट में कवर किया जा सकेगा। 2019 में इसकी नींव रखी गई थी और अब यह पूरी तरह तैयार है।

    दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर का लगभग 55 किलोमीटर हिस्सा पहले से चालू है। न्यू अशोक नगर से मेरठ साउथ तक ट्रेनें पहले ही दौड़ रही हैं। अब सराय काले खां से न्यू अशोक नगर तक लगभग पांच किलोमीटर और मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक लगभग 21 किलोमीटर का सेक्शन भी संचालन के लिए तैयार हो गया है। इससे पूरी लाइन एक साथ जुड़ जाएगी और सराय काले खां से बेगमपुल तक सीधा सफर संभव होगा।

    नई हाई-स्पीड ट्रेन सेवा के साथ दिल्ली आने वाले यात्रियों को पहले की तुलना में काफी कम समय लगेगा। रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों को हर दिन घंटों की बचत होगी।

    सबसे बड़ा सवाल अब किराए को लेकर है। सराय काले खां से बेगमपुल तक का टिकट कितना होगा, इसके बारे में अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। किराया तय करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। माना जा रहा है कि दूरी और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए किराया तय किया जाएगा। चूंकि यह हाई-स्पीड और आधुनिक रैपिड रेल सेवा है, इसलिए किराया पारंपरिक ट्रेनों से अलग हो सकता है। फिलहाल यात्रियों को टिकट की कीमत जानने के लिए आधिकारिक सूचना का इंतजार करना होगा।

    दिल्ली-मेरठ नमो भारत ट्रेन न केवल समय की बचत करेगी, बल्कि दिल्ली और मेरठ के बीच कनेक्टिविटी में भी नई गति लाएगी। यह उन यात्रियों के लिए वरदान साबित होगी, जो रोजाना काम, पढ़ाई या मेडिकल अपॉइंटमेंट्स के लिए राजधानी और मेरठ के बीच सफर करते हैं।