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  • 26 लाख की स्मैक के साथ तस्कर गिरफ्तार, बड़े नेटवर्क का खुलासा

    26 लाख की स्मैक के साथ तस्कर गिरफ्तार, बड़े नेटवर्क का खुलासा


    मध्य प्रदेश । शिवपुरी जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत फिजिकल थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने ग्वालियर जिले के एक कथित स्मैक तस्कर को गिरफ्तार किया है, जिसके कब्जे से भारी मात्रा में नशीला पदार्थ, नकदी और वाहन बरामद किए गए हैं।

    गिरफ्तार आरोपी की पहचान रामनिवास उर्फ करुआ रावत (35) निवासी ग्राम पाटई, थाना आरोन, जिला ग्वालियर के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके पास से 106 ग्राम स्मैक, 52 हजार रुपये नकद, एक मोबाइल फोन और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही मोटरसाइकिल जब्त की है। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 28 लाख रुपये से अधिक बताई गई है।

    मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई
    फिजिकल थाना प्रभारी कृपाल सिंह राठौड़ ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि करवला पुलिया के पास एक व्यक्ति स्मैक बेचने की फिराक में मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां संदिग्ध व्यक्ति पुलिस को देखकर भागने लगा। घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया गया।

    पूछताछ में बड़ा खुलासा: फैला था नेटवर्क
    पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अपने साथी राजेंद्र रावत के साथ मिलकर स्मैक तस्करी का नेटवर्क संचालित करता था। पुलिस के अनुसार, राजेंद्र बड़े सप्लायरों से नशीला पदार्थ लाकर दोनों मिलकर उसे ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों में सप्लाई करते थे। जांच में यह भी सामने आया है कि यह नेटवर्क केवल ग्वालियर तक सीमित नहीं था, बल्कि शिवपुरी, करेरा, सुभाषपुरा और बैराड़ जैसे क्षेत्रों तक फैला हुआ था।

    युवाओं को बनाया जा रहा था निशाना
    पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि आरोपियों ने कई गांवों में युवाओं को निशाना बनाकर स्मैक की सप्लाई शुरू कर दी थी, जिससे क्षेत्र में नशे का नेटवर्क तेजी से फैल रहा था।

    पहले से दर्ज हैं मामले, एनडीपीएस एक्ट में केस
    फिजिकल थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब उसके नेटवर्क और मुख्य सप्लायरों की तलाश में जुटी है। जानकारी के अनुसार, आरोपी रामनिवास के खिलाफ पहले भी बैराड़ थाना में एनडीपीएस एक्ट का मामला दर्ज है, जो न्यायालय में विचाराधीन है।

    पुलिस का सख्त संदेश
    थाना प्रभारी कृपाल सिंह राठौड़ ने कहा कि नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की अवैध गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

  • पोस्त भूसी तस्करी मामले में ग्वालियर HC ने उठाया कड़ा कदम, जांच अधिकारियों पर कार्रवाई

    पोस्त भूसी तस्करी मामले में ग्वालियर HC ने उठाया कड़ा कदम, जांच अधिकारियों पर कार्रवाई


    ग्वालियर। ग्वालियर हाईकोर्ट ने शिवपुरी के एक एनडीपीएस मामले में पुलिस जांच की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद शिवपुरी एसपी अमन सिंह राठौड़ ने तत्काल प्रभाव से देहात थाना प्रभारी समेत पांच अधिकारियों को लाइन अटैच कर दिया। यह मामला 1209 किलो पोस्त भूसी की तस्करी से जुड़ा है जिसमें थाने से 62 सैंपल बैग गायब होने की गंभीर जानकारी सामने आई।

    सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि जांच सच्चाई सामने लाने के बजाय उसे छिपाने जैसी प्रतीत हो रही है। अदालत ने यह भी रेखांकित किया कि कई मामलों में पुलिस केवल ड्राइवर या कैरियर तक कार्रवाई सीमित कर देती है, जबकि तस्करी के मुख्य सरगना तक पहुंचने का प्रयास नहीं किया जाता। हाईकोर्ट ने इसे गंभीर जांचीय कमी मानते हुए कड़ा रुख अपनाया।

    यह मामला इंदौर से चंडीगढ़ भेजी जा रही 1209 किलो पोस्त भूसी की जब्ती से संबंधित है। अदालत ने पाया कि न तो माल भेजने वालों की समुचित जांच हुई और न ही प्राप्तकर्ताओं की भूमिका स्पष्ट की गई। सबसे गंभीर पहलू यह रहा कि जब्त मादक पदार्थ से जुड़े 62 सैंपल बैग थाने से गायब पाए गए। पुलिस ने 17 जनवरी 2025 को सामग्री के निस्तारण का हवाला दिया, जबकि सैंपल बैग उपलब्ध नहीं थे और ट्रायल कोर्ट में जब्त सामग्री प्रस्तुत भी नहीं की गई।

    हाईकोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए कि उस समय पदस्थ थाना प्रभारी और जांच अधिकारी के विरुद्ध विभागीय जांच शुरू की जाए तथा जांच पूरी होने तक उन्हें किसी थाने का प्रभार न दिया जाए। कोर्ट ने तीन माह के भीतर शपथपत्र के साथ विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। साथ ही प्रमुख सचिव गृह, डीजीपी भोपाल और एडीजी नारकोटिक्स इंदौर को यह निर्देश भी दिए गए कि सभी जिलों में एनडीपीएस मामलों में ‘एपेक्स परपेरेटर्स’ की पहचान और कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अगली सुनवाई 25 मार्च 2026 को निर्धारित की गई है।

    एसपी राठौड़ ने देहात थाना प्रभारी जितेंद्र मावई, उप निरीक्षक राघवेंद्र यादव और हरिशंकर शर्मा को लाइन अटैच किया है। इसके अतिरिक्त बालाघाट में पदस्थ उप निरीक्षक अंकित उपाध्याय और राजगढ़ में पदस्थ निरीक्षक मनीष शर्मा पर भी समान कार्रवाई की गई है। दो संबंधित अधिकारी पहले ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं।

    इस मामले में विशेष न्यायाधीश, एनडीपीएस एक्ट, शिवपुरी ने 26 सितंबर 2025 को आरोपी जगशीर को धारा 8/15सी के तहत दोषी ठहराते हुए 15 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। बाद में सजा स्थगन संबंधी अर्जी वापस ले ली गई।

    ग्वालियर हाईकोर्ट की यह कार्रवाई न केवल शिवपुरी पुलिस के लिए चेतावनी है बल्कि पूरे मध्य प्रदेश में एनडीपीएस मामलों में जांच की गंभीरता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए भी मील का पत्थर साबित हो सकती है। न्यायालय ने यह स्पष्ट कर दिया कि जांच अधिकारी केवल औपचारिकता पूरी करने के लिए काम नहीं कर सकते, बल्कि तस्करी के असली सरगनाओं तक पहुंचने का प्रयास करना अनिवार्य है।