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  • मनासा कोर्ट के बाहर बवाल: दो गुटों में जमकर पत्थरबाजी, वीडियो आया सामने

    मनासा कोर्ट के बाहर बवाल: दो गुटों में जमकर पत्थरबाजी, वीडियो आया सामने


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के नीमच जिले के मनासा नगर में सोमवार शाम कोर्ट परिसर के बाहर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब वैवाहिक विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों गुटों ने एक-दूसरे पर जमकर पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिससे मुख्य मार्ग पर दहशत का माहौल बन गया।

    घटना के बाद मौके पर मौजूद दुकानदारों ने तुरंत अपने शटर गिरा दिए, जबकि राहगीर जान बचाकर इधर-उधर भागते नजर आए। कुछ ही देर में पूरी सड़क रणभूमि जैसी स्थिति में बदल गई।

    यह विवाद ग्राम मालाहेड़ा निवासी एक युवती के विवाह से जुड़ा बताया जा रहा है, जो चार साल पहले सावन कुंड क्षेत्र में हुआ था। आरोप है कि ससुराल पक्ष युवती को अपने साथ रखने से मना कर रहा था, जिससे मामला कोर्ट तक पहुंचा। इसी मामले में युवती का मामा सोमवार को मनासा कोर्ट पहुंचा था, जहां दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और विवाद बढ़ गया।

    देखते ही देखते कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया और पत्थरबाजी शुरू हो गई। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे पर पत्थर फेंकते दिखाई दे रहे हैं।

    सूचना मिलते ही थाना प्रभारी नीलेश अवस्थी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने शांति भंग करने के आरोप में सात लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें से चार को एसडीएम कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया।

    एसडीएम किरण आंजना ने साफ कहा कि सार्वजनिक स्थान पर हिंसा और शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि मामले में क्रॉस एफआईआर दर्ज कर ली गई है और दोनों पक्षों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है। पुलिस के अनुसार, इस घटना में शामिल विभिन्न गांवों के लोगों की पहचान कर ली गई है और आगे की जांच की जा रही है। फिलहाल इलाके में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है।

  • नीमच कंट्रोल रूम में दर्दनाक आत्महत्या हेड कॉन्स्टेबल ने सुसाइड नोट में खोले सिस्टम के राज

    नीमच कंट्रोल रूम में दर्दनाक आत्महत्या हेड कॉन्स्टेबल ने सुसाइड नोट में खोले सिस्टम के राज


    नीमच  /मध्यप्रदेश के नीमच जिले से पुलिस विभाग को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है जहां एक हेड कॉन्स्टेबल ने ड्यूटी पर रहते हुए जहर खाकर आत्महत्या कर ली। यह दर्दनाक घटना रविवार आठ फरवरी की बताई जा रही है। मृतक हेड कॉन्स्टेबल ने मरने से पहले चार पेज का सुसाइड नोट लिखा है जिसमें उसने अपने ही विभाग के एक आरआई पर गंभीर मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। इस घटना के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और आला अधिकारी मामले की हर पहलू से जांच की बात कह रहे हैं।

    मृतक हेड कॉन्स्टेबल होशियार सिंह उम्र पचास वर्ष नीमच पुलिस लाइन कनावटी में रहते थे। जानकारी के अनुसार वह पिछले पांच दिनों से स्वास्थ्य कारणों के चलते अवकाश पर थे और सोमवार से दोबारा ड्यूटी जॉइन करने वाले थे। इसी बीच रविवार सुबह वह पुलिस लाइन पहुंचे और शाम के समय जिला पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचे। यहीं उन्होंने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया जिससे उनकी हालत अचानक बिगड़ गई।कंट्रोल रूम में मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। सूचना मिलते ही नीमच कैंट थाना प्रभारी नीलेश अवस्थी अन्य पुलिस स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे और होशियार सिंह को तत्काल निजी अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

    मामले में सबसे गंभीर पहलू यह है कि हेड कॉन्स्टेबल के पास से चार पन्नों का सुसाइड नोट बरामद हुआ है जो अब सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह सुसाइड नोट स्वयं होशियार सिंह ने लिखा था। इस पत्र में उन्होंने अपने विभाग के एक आरआई पर लगातार मानसिक प्रताड़ना देने का आरोप लगाया है। पत्र में लिखा गया है कि उन्हें लंबे समय से दबाव अपमान और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा था जिससे वे पूरी तरह टूट चुके थे।

    सूत्रों के अनुसार विभागीय स्तर पर यह भी सामने आया है कि होशियार सिंह को पूर्व में एक बार सेवा से पृथक किया जा चुका था। इसके अलावा उन्हें अपने कार्यकाल के दौरान चार बार विभागीय सजा भी दी गई थी। बताया जा रहा है कि अधिकतर सजाएं बिना सूचना लंबे समय तक अनुपस्थित रहने और अन्य अनुशासनात्मक कारणों से जुड़ी थीं। पुलिस अब इस पहलू की भी गंभीरता से जांच कर रही है कि क्या इन्हीं कारणों से उन पर अतिरिक्त दबाव बनाया जा रहा था।

    नीमच के पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि जहर खाने से हालत बिगड़ने पर प्रधान आरक्षक को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। उन्होंने कहा कि सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों सहित पूरे मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच कराई जाएगी।इस घटना ने एक बार फिर पुलिस विभाग के भीतर कार्यरत कर्मचारियों के मानसिक दबाव और आंतरिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी निगाहें जांच पर टिकी हैं कि सच्चाई क्या सामने आती है और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है।