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  • NEET-UG 2026: भोपाल में ट्रैफिक एडवायजरी जारी, परीक्षार्थियों को समय से निकलने की सलाह

    NEET-UG 2026: भोपाल में ट्रैफिक एडवायजरी जारी, परीक्षार्थियों को समय से निकलने की सलाह


    मध्यप्रदेश । भोपाल में रविवार को आयोजित होने वाली NEET-UG 2026 परीक्षा को लेकर नगरीय यातायात पुलिस ने व्यापक ट्रैफिक एडवायजरी जारी की है। शहर के 32 परीक्षा केंद्रों पर दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा में शामिल होने वाले हजारों अभ्यर्थियों की सुविधा और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं। मेट्रो निर्माण कार्य के कारण शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित होने की संभावना है, इसलिए परीक्षार्थियों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी गई है।

    यातायात पुलिस के अनुसार आनंद नगर स्थित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल तक पहुंचने वाले मार्ग प्रभात चौराहा से पिपलानी क्षेत्र के बीच मेट्रो निर्माण के कारण संकरे हो गए हैं। ऐसे में टीटी नगर, एमपी नगर, कोलार रोड और पुराने शहर से आने वाले विद्यार्थियों को चेतक ब्रिज, गोविंदपुरा, भेल, महात्मा गांधी चौराहा और पिपलानी पेट्रोल पंप होते हुए परीक्षा केंद्र पहुंचने की सलाह दी गई है।

    इसी प्रकार गौतम नगर स्थित शासकीय गीतांजलि कन्या पीजी कॉलेज के आसपास भी मेट्रो निर्माण कार्य जारी है। डीआईजी बंगला चौराहा से सिंधी कॉलोनी और काजी कैंप तक का मार्ग प्रभावित है। इस केंद्र पर जाने वाले अभ्यर्थियों को नादरा बस स्टैंड, अग्रवाल धर्मशाला, छोला गणेश मंदिर, जेपी ब्रिज तिराहा और डीआईजी बंगला चौराहा मार्ग का उपयोग करने की सलाह दी गई है।

    पुलिस प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों के आसपास विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा ताकि विद्यार्थियों को शांत वातावरण मिल सके। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों के आसपास वाहन पार्किंग की अनुमति भी नहीं होगी। यातायात पुलिस ने अभिभावकों और आम नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि वे अनावश्यक रूप से परीक्षा केंद्रों के आसपास भीड़ न लगाएं।

    अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा के दिन किसी भी तरह की परेशानी से बचने के लिए अपने केंद्र का पहले से निरीक्षण कर लें और निर्धारित समय से कम से कम 30 मिनट पहले घर से निकलें। इससे ट्रैफिक जाम या मार्ग परिवर्तन की स्थिति में भी वे समय पर परीक्षा केंद्र पहुंच सकेंगे।

    यातायात पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि परीक्षा के दौरान किसी भी आपात स्थिति या मार्ग संबंधी जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 7049104825, 7049104640 तथा व्हाट्सएप नंबर 7587602055 पर संपर्क किया जा सकता है। प्रशासन ने नागरिकों से नियमों का पालन कर परीक्षा व्यवस्था को सफल बनाने में सहयोग की अपील की है।

  • NEET-UG 2026 के लिए हाई अलर्ट: सेंटरों पर CCTV-जैमर, डॉक्टर और टाइम डिस्प्ले की व्यवस्था, छात्रों के लिए स्पेशल ट्रेन भी चलेगी

    NEET-UG 2026 के लिए हाई अलर्ट: सेंटरों पर CCTV-जैमर, डॉक्टर और टाइम डिस्प्ले की व्यवस्था, छात्रों के लिए स्पेशल ट्रेन भी चलेगी


    मध्यप्रदेश । देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 को निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए मध्य प्रदेश में व्यापक तैयारियां की गई हैं। 21 जून को आयोजित होने वाली इस परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन, पुलिस और रेलवे समेत सभी संबंधित विभाग हाई अलर्ट पर हैं। प्रदेश के सभी परीक्षा केंद्रों पर CCTV कैमरे और सिग्नल जैमर लगाए जा रहे हैं, ताकि किसी भी प्रकार की नकल या तकनीकी गड़बड़ी की संभावना को खत्म किया जा सके।

    राजधानी भोपाल में इस बार 13,774 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। इसके लिए 32 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जिला कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने सभी केंद्र प्रभारियों के साथ वन-टू-वन बैठक कर परीक्षा प्रबंधन की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि कई बार एक जैसे नाम वाले केंद्रों के कारण अभ्यर्थी भ्रमित हो जाते हैं, इसलिए केंद्रों के नाम और लोकेशन स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएं। परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए दिशा-सूचक बोर्ड भी लगाए जाएंगे।

    परीक्षार्थियों को समय का सही अंदाजा रहे, इसके लिए प्रत्येक केंद्र के बाहर बड़ी डिजिटल घड़ी लगाई जाएगी। वहीं किसी छात्र की तबीयत खराब होने की स्थिति में तुरंत उपचार उपलब्ध कराने के लिए डॉक्टर और मेडिकल टीम भी तैनात रहेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा के दौरान स्वास्थ्य और सुरक्षा दोनों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

    भोपाल के अलावा छिंदवाड़ा में 4,303, गुना में 1,839, विदिशा में 1,709, नर्मदापुरम में 1,283 और अशोकनगर में 865 अभ्यर्थियों के परीक्षा में शामिल होने की संभावना है। ग्वालियर में 25 केंद्रों पर करीब 5 हजार छात्र परीक्षा देंगे। यहां बायोमैट्रिक अटेंडेंस, CCTV निगरानी और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि दोपहर 1 बजे के बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

    परीक्षार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने इंदौर, भोपाल और रतलाम के बीच विशेष ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन 20 जून को संचालित होगी, जिससे विभिन्न शहरों से आने वाले छात्र समय पर अपने परीक्षा केंद्र तक पहुंच सकेंगे। ट्रेन में 13 स्लीपर, 2 जनरल और 2 एसएलआर कोच सहित कुल 17 कोच लगाए जाएंगे।

    जबलपुर में पहली बार परीक्षार्थियों के लिए विशेष बस सेवा शुरू की जा रही है। यहां 23 परीक्षा केंद्रों पर 10 हजार से अधिक छात्र परीक्षा देंगे। अभिभावकों के लिए शेड, बैठने की व्यवस्था, कूलर, पंखे और अस्थायी कैंटीन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। सभी केंद्रों पर 20 जून को सुरक्षा और तकनीकी व्यवस्थाओं का ट्रायल भी किया जाएगा।

    प्रशासन का कहना है कि परीक्षा की गोपनीयता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रश्नपत्रों की आवाजाही बेहद सुरक्षित तरीके से होगी। सुरक्षा व्यवस्था में वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी रहेगी और ट्रैफिक प्रबंधन के लिए विशेष कंट्रोल रूम भी सक्रिय रहेगा। कुल मिलाकर NEET-UG 2026 को लेकर प्रदेश में अभूतपूर्व तैयारियां की गई हैं, ताकि लाखों छात्रों का भविष्य तय करने वाली यह परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष, सुरक्षित और व्यवस्थित माहौल में संपन्न हो सके।

  • मंदसौर में नीट परीक्षा की तैयारियां पूरी, 4 केंद्रों पर जैमर-सीसीटीवी और बायोमेट्रिक व्यवस्था रहेगी अनिवार्य

    मंदसौर में नीट परीक्षा की तैयारियां पूरी, 4 केंद्रों पर जैमर-सीसीटीवी और बायोमेट्रिक व्यवस्था रहेगी अनिवार्य


    मध्यप्रदेश । मंदसौर जिले में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के सफल और पारदर्शी आयोजन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। गुरुवार को कलेक्टर अदिति गर्ग ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से परीक्षा केंद्रों के एग्जाम कोऑर्डिनेटर और संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि परीक्षा का आयोजन पूरी सतर्कता, पारदर्शिता और सुगमता के साथ किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

    जिले में इस वर्ष नीट परीक्षा चार प्रमुख केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। इनमें लाल बहादुर शास्त्री उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, महारानी लक्ष्मीबाई शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय और राजीव गांधी शासकीय महाविद्यालय शामिल हैं। इन केंद्रों पर कुल 1,240 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। प्रशासन ने सभी केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।

    कलेक्टर ने बताया कि विद्यार्थियों का प्रवेश सुबह 11 बजे से शुरू होगा, जबकि परीक्षा दोपहर 2 बजे से आयोजित होगी। परीक्षार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए केंद्रों पर सुचारू प्रवेश व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अभिभावकों के लिए भी अलग वेटिंग एरिया तैयार किया जाएगा, ताकि परीक्षा केंद्रों के बाहर अनावश्यक भीड़ न हो।

    परीक्षा की सुरक्षा और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। सभी परीक्षा कक्षों में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से संचालित रहेंगे और कंट्रोल रूम से उनकी लगातार निगरानी की जाएगी। इसके अलावा प्रत्येक केंद्र पर बायोमेट्रिक ई-मशीनों के माध्यम से अभ्यर्थियों की पहचान सुनिश्चित की जाएगी। किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक गड़बड़ी या नकल की संभावना को रोकने के लिए सभी केंद्रों पर जैमर लगाए जाएंगे और उनकी कार्यशीलता की पूर्व जांच भी की जाएगी।

    बैठक में यह भी तय किया गया कि परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। वाहन पार्किंग की व्यवस्था भी निर्धारित स्थानों पर ही की जाएगी। दोपहर 1 बजे के बाद किसी भी बाहरी व्यक्ति को परीक्षा केंद्र परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मोटरसाइकिल पेट्रोलिंग दल भी तैनात रहेगा, जो लगातार केंद्रों के आसपास निगरानी करेगा।

    स्वास्थ्य विभाग को प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर मेडिकल स्टाफ और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा विद्युत विभाग को निर्बाध बिजली आपूर्ति और पावर बैकअप सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी बाधा उत्पन्न न हो।

    कलेक्टर अदिति गर्ग ने सभी सेंटर कोऑर्डिनेटर और अधिकारियों को निर्देशित किया कि यदि किसी भी केंद्र पर संसाधनों या व्यवस्थाओं की कमी दिखाई दे तो उसकी जानकारी तत्काल जिला प्रशासन को दी जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विद्यार्थियों की सुविधा, सुरक्षा और परीक्षा की निष्पक्षता सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा सभी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। प्रशासन का लक्ष्य परीक्षा को शांतिपूर्ण, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना है।

  • धर्मेंद्र प्रधान के भोपाल दौरे से पहले युकां-एनएसयूआई नेताओं को हिरासत में लिया गया, NEET मुद्दे पर प्रदर्शन की थी तैयारी

    धर्मेंद्र प्रधान के भोपाल दौरे से पहले युकां-एनएसयूआई नेताओं को हिरासत में लिया गया, NEET मुद्दे पर प्रदर्शन की थी तैयारी


    मध्‍य प्रदेश । राजधानी भोपाल में केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के दौरे से पहले राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। युवक कांग्रेस और एनएसयूआई के कई नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को पुलिस ने एहतियातन हिरासत में ले लिया। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि उन्हें विरोध प्रदर्शन करने से रोकने के लिए यह कार्रवाई की गई, जबकि पुलिस इसे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया कदम बता रही है।

    जानकारी के अनुसार युवक कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ता NEET परीक्षा और कथित पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के खिलाफ प्रदर्शन की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच पुलिस ने कई नेताओं को उनके घरों से तथा कुछ को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के आसपास से हिरासत में ले लिया।

    हिरासत में लिए गए नेताओं में युवक कांग्रेस के शहर अध्यक्ष अमित खत्री और प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक परमार शामिल हैं। संगठन के अनुसार दोनों को उनके निवास स्थान से पुलिस अपने साथ ले गई। वहीं कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बारोलिया और अन्य कार्यकर्ताओं को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के सामने से हिरासत में लिया गया। एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे को भी कांग्रेस कार्यालय के बाहर से पुलिस ने हिरासत में लिया।

    युवक कांग्रेस और एनएसयूआई लंबे समय से NEET परीक्षा में अनियमितताओं और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। संगठन के नेताओं का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में हुई कथित गड़बड़ियों से छात्रों का विश्वास प्रभावित हुआ है और इसी कारण वे केंद्रीय शिक्षा मंत्री से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।

    इस बीच मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष Umang Singhar ने भी केंद्रीय मंत्री के दौरे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही समस्याओं के कारण छात्रों का भरोसा कमजोर हुआ है। उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि पारदर्शी व्यवस्था और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपेक्षा है।

    सिंघार ने मऊगंज की छात्रा आकांक्षा के मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि परीक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों और अभिभावकों में चिंता का माहौल है। उन्होंने दावा किया कि सरकार को छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुनना चाहिए और परीक्षा प्रणाली को अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

    उधर भाजपा और केंद्र सरकार की ओर से लगातार यह कहा जाता रहा है कि परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने और गड़बड़ियों पर कार्रवाई के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भोपाल में प्रधानमंत्री Narendra Modi के कार्यकाल के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होने पहुंचे हैं।

    फिलहाल हिरासत में लिए गए नेताओं की रिहाई और संभावित विरोध प्रदर्शनों को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा बनी हुई है। पुलिस और प्रशासन की नजर पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है।

  • MP: मऊगंज में छात्रा ने फांसी लगाकर दी फांसी… NEET परीक्षा रद्द होने से डिप्रेशन में थी…

    MP: मऊगंज में छात्रा ने फांसी लगाकर दी फांसी… NEET परीक्षा रद्द होने से डिप्रेशन में थी…


    मऊगंज।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के नवगठित जिले मऊगंज (Mauganj District ) मगनिया गांव (Maganiya Village) की रहने वाली एक छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी ने घर में लगें पंखे पर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली परिजनों का आरोप है बेटी NEET की तैयारी कर रही थी. उसे हाल में दी परीक्षा में 650 अंक भी आने की उम्मीद थी लेकिन पेपर लीक होने और रद्द के बाद से वह डिप्रेशन में थी और उसने इस तरह का कदम उठा लिया जिसके बाद पूरा परिवार सदमे में हैं।


    कुक की नौकरी की, पिता ने लोन लेकर कराई तैयारी

    आकांक्षा के घर की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं होने के बाद भी आकांशा के किसान क्रेडिट कार्ड से 3 लाख रुपए लोन लिए थे. परिवार वाले उसे नागपुर के एक निजी कोचिंग में तैयारी करा रहे थे। पिता कृष्ण कुमार चतुर्वेदी किसानी करते थे लेकिन बेटी को पढ़ाने के लिए नागपुर में कुक की नौकरी करने लगे थे और वहीं बेटी को पढ़ा रहे थे. नीट का पेपर भी जब हुआ तो पूरे परिवार को भरोसा था कि इस बार चयन हो जाएगा और उनकी बेटी डाक्टर बन जाएगी लेकिन पेपर लीक होने के बाद वह ड्रिपेशन में चली गई और पूरे परिवार खुशियां चली गईं।

    ‘सॉरी, मम्मी पापा.. अब हिम्मत नहीं है’
    मौके पर एक सुसाइड नोट भी मिला है जिसमें उसने लिखा था कि सॉरी, मम्मी पापा आपको भरोसा था कि मेरी बेटी पढ़ लेगी और डाक्टर बनेगी पर दोबारा नीट का पेपर देने की हिम्मत नहीं है. मैंने आप दोनों को बर्बाद कर दिया दोबारा पेपर अच्छा जाए, इसकी कोई गारंटी नहीं है।


    नीट पेपर लीक मामला

    NEET UG 2026 परीक्षा रद्द होने से देशभर के लाखों अभ्यर्थियों को बड़ा झटका लगा है. 3 मई को आयोजित परीक्षा के बाद पेपर लीक की आशंका सामने आई थी. NTA के मुताबिक 7 मई की शाम परीक्षा में अनियमितताओं की जानकारी मिली, जिसके बाद मामले की जांच केंद्रीय एजेंसियों को सौंप दी गई. 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई और दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया. इसके बाद 15 मई को शिक्षा मंत्रालय और NTA ने 21 मई को री-एग्जाम आयोजित करने की घोषणा की. पूरे मामले की जांच CBI कर रही है और अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

    एक ओर सुप्रीम कोर्ट में लगातार नई याचिकाएं दायर की जा रही हैं और परीक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव, जैसे पेन-पेपर मोड के स्थान पर कंप्यूटर आधारित परीक्षा लागू करने की मांग उठ रही है. वहीं दूसरी ओर, लीक मामले से जुड़े नेटवर्क के सदस्यों पर जांच एजेंसियां और कानून लगातार शिकंजा कस रहे हैं तथा उनके खिलाफ कार्रवाई तेज होती जा रही है।