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  • री-NEET UG 2026: किसी के लिए दूसरा मौका, किसी के लिए टूटते सपनों का दर्द

    री-NEET UG 2026: किसी के लिए दूसरा मौका, किसी के लिए टूटते सपनों का दर्द


    नई दिल्ली । नई दिल्ली में आयोजित री-नीट यूजी 2026 परीक्षा ने एक बार फिर देशभर के लाखों छात्रों और अभिभावकों की भावनाओं को झकझोर दिया। पेपर लीक विवाद के बाद दोबारा कराई गई इस परीक्षा को लेकर अलग-अलग राज्यों से छात्रों की प्रतिक्रियाएं सामने आईं, जिनमें उम्मीद, निराशा और राहत—तीनों भावनाएं साफ दिखाई दीं।

    कर्नाटक के मंगलुरु में परीक्षा देने पहुंचे एक छात्र ने बताया कि जब परीक्षा दोबारा कराने का फैसला लिया गया, तो वह खुश था क्योंकि पहली बार में उसका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था। उसके अनुसार यह दूसरा मौका उसके लिए एक नई शुरुआत जैसा है और उसने इस बार पूरी तैयारी के साथ परीक्षा दी है।

    वहीं बेंगलुरु के एक अन्य अभ्यर्थी ने बताया कि परीक्षा रद्द होने की खबर ने उसे गहरा झटका दिया था। उसने लगभग दो साल की मेहनत इस परीक्षा के लिए लगाई थी और अचानक आए फैसले से वह मानसिक रूप से प्रभावित हुआ। हालांकि समय के साथ उसने खुद को संभाला और दोबारा पूरी मेहनत के साथ तैयारी शुरू की।

    इसी शहर के एक अन्य छात्र ने इस पूरे घटनाक्रम पर संतुलित प्रतिक्रिया दी। उसने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं के कारण परीक्षा को दोबारा कराना जरूरी था, ताकि सभी छात्रों के साथ न्याय हो सके। हालांकि उसने यह भी माना कि इससे उन छात्रों को नुकसान हुआ, जिन्होंने ईमानदारी से तैयारी की थी और पहले प्रयास में अच्छा प्रदर्शन किया था।

    केरल के तिरुवनंतपुरम से एक छात्र ने इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि एक व्यक्ति या कुछ लोगों की गलती का खामियाजा हजारों छात्रों को भुगतना पड़ता है। उसके अनुसार ऐसी घटनाएं परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करती हैं।

    वहीं एक अन्य छात्र ने परीक्षा में अतिरिक्त 15 मिनट दिए जाने के फैसले का स्वागत किया। उसके अनुसार यह छोटा सा बदलाव भी छात्रों के लिए काफी मददगार साबित हुआ और उन्हें उत्तर लिखने में थोड़ी राहत मिली।

    अभिभावकों की प्रतिक्रिया भी इस पूरे माहौल को दर्शाती है। चेन्नई के एक अभिभावक राजकुमार ने बताया कि उनके बेटे ने पहली परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन बाद में परीक्षा रद्द हो गई, जिससे उसे मानसिक तनाव से गुजरना पड़ा। हालांकि उनका बेटा पूरे समय सकारात्मक बना रहा और दोबारा तैयारी में जुटा रहा।

    इसी तरह चेन्नई की ही एक अन्य अभिभावक अम्मू शिबू ने बताया कि लंबे इंतजार के बाद बच्चों ने दोबारा परीक्षा दी। उन्होंने परीक्षा केंद्रों की व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताया और कहा कि इस बार प्रक्रिया काफी सुचारू और व्यवस्थित रही, जिससे छात्रों और अभिभावकों दोनों को राहत मिली।

    कुल मिलाकर यह परीक्षा सिर्फ एक शैक्षणिक प्रक्रिया नहीं रही, बल्कि यह छात्रों की धैर्य, मानसिक मजबूती और सिस्टम में भरोसे की परीक्षा भी बन गई।

  • रेलवे स्टेशन से परीक्षा केंद्र तक CRPF का सुरक्षा घेरा, NEET री-एग्जाम को लेकर प्रशासन अलर्ट

    रेलवे स्टेशन से परीक्षा केंद्र तक CRPF का सुरक्षा घेरा, NEET री-एग्जाम को लेकर प्रशासन अलर्ट


    मध्यप्रदेश । राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित NEET-UG 2026 री-एग्जाम रविवार को उज्जैन के 8 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित किया जाएगा। पेपर लीक विवाद के बाद दोबारा हो रही इस परीक्षा के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। रेलवे स्टेशन से लेकर परीक्षा केंद्रों तक सीआरपीएफ और पुलिस के जवान तैनात रहेंगे, जबकि सभी केंद्रों पर द्विस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।

    परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित होगी। अभ्यर्थियों को सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश मिलेगा। निर्धारित समय के बाद सभी केंद्रों के गेट बंद कर दिए जाएंगे। प्रशासन ने परीक्षार्थियों को समय से पहले केंद्र पहुंचने की सलाह दी है।

    इस बार शहर में शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक कॉलेज, उत्कृष्ट विद्यालय माधवनगर, महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उमावि सराफा, पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय, उमावि महाराजवाड़ा क्रमांक-2, कालिदास कन्या कॉलेज और कन्या स्नातकोत्तर कॉलेज को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार एक केंद्र कम रखा गया है और करीब 500 परीक्षार्थी भी कम शामिल होंगे।

    परीक्षा के सिटी कोऑर्डिनेटर मुकेश मीना के अनुसार इस बार कुल 4171 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे, जबकि 3 मई को आयोजित परीक्षा में 9 केंद्रों पर 4549 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर नोडल अधिकारी और ऑब्जर्वर भी तैनात रहेंगे, ताकि परीक्षा की निष्पक्षता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

  • NEET-UG 2026: भोपाल में ट्रैफिक एडवायजरी जारी, परीक्षार्थियों को समय से निकलने की सलाह

    NEET-UG 2026: भोपाल में ट्रैफिक एडवायजरी जारी, परीक्षार्थियों को समय से निकलने की सलाह


    मध्यप्रदेश । भोपाल में रविवार को आयोजित होने वाली NEET-UG 2026 परीक्षा को लेकर नगरीय यातायात पुलिस ने व्यापक ट्रैफिक एडवायजरी जारी की है। शहर के 32 परीक्षा केंद्रों पर दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा में शामिल होने वाले हजारों अभ्यर्थियों की सुविधा और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं। मेट्रो निर्माण कार्य के कारण शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित होने की संभावना है, इसलिए परीक्षार्थियों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी गई है।

    यातायात पुलिस के अनुसार आनंद नगर स्थित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल तक पहुंचने वाले मार्ग प्रभात चौराहा से पिपलानी क्षेत्र के बीच मेट्रो निर्माण के कारण संकरे हो गए हैं। ऐसे में टीटी नगर, एमपी नगर, कोलार रोड और पुराने शहर से आने वाले विद्यार्थियों को चेतक ब्रिज, गोविंदपुरा, भेल, महात्मा गांधी चौराहा और पिपलानी पेट्रोल पंप होते हुए परीक्षा केंद्र पहुंचने की सलाह दी गई है।

    इसी प्रकार गौतम नगर स्थित शासकीय गीतांजलि कन्या पीजी कॉलेज के आसपास भी मेट्रो निर्माण कार्य जारी है। डीआईजी बंगला चौराहा से सिंधी कॉलोनी और काजी कैंप तक का मार्ग प्रभावित है। इस केंद्र पर जाने वाले अभ्यर्थियों को नादरा बस स्टैंड, अग्रवाल धर्मशाला, छोला गणेश मंदिर, जेपी ब्रिज तिराहा और डीआईजी बंगला चौराहा मार्ग का उपयोग करने की सलाह दी गई है।

    पुलिस प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों के आसपास विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा ताकि विद्यार्थियों को शांत वातावरण मिल सके। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों के आसपास वाहन पार्किंग की अनुमति भी नहीं होगी। यातायात पुलिस ने अभिभावकों और आम नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि वे अनावश्यक रूप से परीक्षा केंद्रों के आसपास भीड़ न लगाएं।

    अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा के दिन किसी भी तरह की परेशानी से बचने के लिए अपने केंद्र का पहले से निरीक्षण कर लें और निर्धारित समय से कम से कम 30 मिनट पहले घर से निकलें। इससे ट्रैफिक जाम या मार्ग परिवर्तन की स्थिति में भी वे समय पर परीक्षा केंद्र पहुंच सकेंगे।

    यातायात पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि परीक्षा के दौरान किसी भी आपात स्थिति या मार्ग संबंधी जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 7049104825, 7049104640 तथा व्हाट्सएप नंबर 7587602055 पर संपर्क किया जा सकता है। प्रशासन ने नागरिकों से नियमों का पालन कर परीक्षा व्यवस्था को सफल बनाने में सहयोग की अपील की है।

  • NEET-UG री-एग्जाम 2026: कड़ी सुरक्षा के बीच परीक्षा आज, भोपाल-इंदौर समेत प्रदेशभर में हाई अलर्ट

    NEET-UG री-एग्जाम 2026: कड़ी सुरक्षा के बीच परीक्षा आज, भोपाल-इंदौर समेत प्रदेशभर में हाई अलर्ट


    मध्यप्रदेश । देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 के री-एग्जाम को लेकर रविवार को मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा आयोजित की जा रही है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, सतना, खंडवा और अन्य जिलों में हजारों अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने इस बार परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।

    भोपाल में 32 परीक्षा केंद्रों पर करीब 13,774 अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे हैं, जबकि इंदौर में 14 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल हो रहे हैं। ग्वालियर में लगभग 5 हजार, जबलपुर में 10 हजार, छिंदवाड़ा में 4,303, गुना में 1,839, विदिशा में 1,709, नर्मदापुरम में 1,283 और अशोकनगर में 865 अभ्यर्थियों के परीक्षा में शामिल होने की संभावना जताई गई है।

    इस बार परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत किया गया है। परीक्षा सामग्री ले जाने वाले वाहनों में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगाया गया है तथा सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षा बलों की निगरानी में सामग्री केंद्रों तक पहुंचाई गई। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। अभ्यर्थियों का आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन किया जा रहा है और इसके लिए अतिरिक्त मशीनों तथा कर्मचारियों की तैनाती की गई है।

    परीक्षा शुरू होने से पहले केंद्रों पर सुबह 11 बजे से रिपोर्टिंग, बायोमेट्रिक जांच और फ्रिस्किंग की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। दोपहर 1:30 बजे के बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित होगी। दिव्यांग अभ्यर्थियों को निर्धारित समय से अतिरिक्त 65 मिनट का समय भी प्रदान किया जाएगा।

    परीक्षा को लेकर ड्रेस कोड का भी सख्ती से पालन कराया जा रहा है। छात्रों को हल्के रंग के साधारण कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर, ईयरफोन, बेल्ट, आभूषण, पर्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। धार्मिक या पारंपरिक पोशाक पहनकर आने वाले अभ्यर्थियों को अतिरिक्त जांच प्रक्रिया के कारण समय से पहले पहुंचने की सलाह दी गई है।

    री-एग्जाम के लिए आने वाले छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भोपाल, विदिशा, नर्मदापुरम, गुना और अशोकनगर रेलवे स्टेशनों पर विशेष हेल्प डेस्क भी बनाए गए हैं। यहां छात्रों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने, परिवहन सुविधाओं और अन्य जरूरी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।

    हालांकि कुछ अभ्यर्थियों को अंतिम समय में परीक्षा केंद्र बदलने जैसी समस्याओं का सामना भी करना पड़ा। मुरैना के एक छात्र का केंद्र ग्वालियर से बदलकर भोपाल कर दिया गया, जिससे उसे अतिरिक्त यात्रा करनी पड़ी। वहीं कई छात्रों ने पिछले डेढ़ महीने को तनाव और अनिश्चितता से भरा बताया। उनका कहना है कि परीक्षा से जुड़े विवादों ने मानसिक दबाव बढ़ाया, लेकिन अब वे पूरे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने पहुंचे हैं।

    प्रदेशभर में प्रशासन, पुलिस और परीक्षा एजेंसियों की निगरानी में परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के प्रयास जारी हैं। लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी इस महत्वपूर्ण परीक्षा पर पूरे देश की नजर बनी हुई है।

  • NEET-UG 2026 के लिए हाई अलर्ट: सेंटरों पर CCTV-जैमर, डॉक्टर और टाइम डिस्प्ले की व्यवस्था, छात्रों के लिए स्पेशल ट्रेन भी चलेगी

    NEET-UG 2026 के लिए हाई अलर्ट: सेंटरों पर CCTV-जैमर, डॉक्टर और टाइम डिस्प्ले की व्यवस्था, छात्रों के लिए स्पेशल ट्रेन भी चलेगी


    मध्यप्रदेश । देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 को निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए मध्य प्रदेश में व्यापक तैयारियां की गई हैं। 21 जून को आयोजित होने वाली इस परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन, पुलिस और रेलवे समेत सभी संबंधित विभाग हाई अलर्ट पर हैं। प्रदेश के सभी परीक्षा केंद्रों पर CCTV कैमरे और सिग्नल जैमर लगाए जा रहे हैं, ताकि किसी भी प्रकार की नकल या तकनीकी गड़बड़ी की संभावना को खत्म किया जा सके।

    राजधानी भोपाल में इस बार 13,774 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। इसके लिए 32 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जिला कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने सभी केंद्र प्रभारियों के साथ वन-टू-वन बैठक कर परीक्षा प्रबंधन की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि कई बार एक जैसे नाम वाले केंद्रों के कारण अभ्यर्थी भ्रमित हो जाते हैं, इसलिए केंद्रों के नाम और लोकेशन स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएं। परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए दिशा-सूचक बोर्ड भी लगाए जाएंगे।

    परीक्षार्थियों को समय का सही अंदाजा रहे, इसके लिए प्रत्येक केंद्र के बाहर बड़ी डिजिटल घड़ी लगाई जाएगी। वहीं किसी छात्र की तबीयत खराब होने की स्थिति में तुरंत उपचार उपलब्ध कराने के लिए डॉक्टर और मेडिकल टीम भी तैनात रहेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा के दौरान स्वास्थ्य और सुरक्षा दोनों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

    भोपाल के अलावा छिंदवाड़ा में 4,303, गुना में 1,839, विदिशा में 1,709, नर्मदापुरम में 1,283 और अशोकनगर में 865 अभ्यर्थियों के परीक्षा में शामिल होने की संभावना है। ग्वालियर में 25 केंद्रों पर करीब 5 हजार छात्र परीक्षा देंगे। यहां बायोमैट्रिक अटेंडेंस, CCTV निगरानी और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि दोपहर 1 बजे के बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

    परीक्षार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने इंदौर, भोपाल और रतलाम के बीच विशेष ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन 20 जून को संचालित होगी, जिससे विभिन्न शहरों से आने वाले छात्र समय पर अपने परीक्षा केंद्र तक पहुंच सकेंगे। ट्रेन में 13 स्लीपर, 2 जनरल और 2 एसएलआर कोच सहित कुल 17 कोच लगाए जाएंगे।

    जबलपुर में पहली बार परीक्षार्थियों के लिए विशेष बस सेवा शुरू की जा रही है। यहां 23 परीक्षा केंद्रों पर 10 हजार से अधिक छात्र परीक्षा देंगे। अभिभावकों के लिए शेड, बैठने की व्यवस्था, कूलर, पंखे और अस्थायी कैंटीन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। सभी केंद्रों पर 20 जून को सुरक्षा और तकनीकी व्यवस्थाओं का ट्रायल भी किया जाएगा।

    प्रशासन का कहना है कि परीक्षा की गोपनीयता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रश्नपत्रों की आवाजाही बेहद सुरक्षित तरीके से होगी। सुरक्षा व्यवस्था में वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी रहेगी और ट्रैफिक प्रबंधन के लिए विशेष कंट्रोल रूम भी सक्रिय रहेगा। कुल मिलाकर NEET-UG 2026 को लेकर प्रदेश में अभूतपूर्व तैयारियां की गई हैं, ताकि लाखों छात्रों का भविष्य तय करने वाली यह परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष, सुरक्षित और व्यवस्थित माहौल में संपन्न हो सके।

  • नीट यूजी 2026 फीस वापसी प्रक्रिया फिर शुरू, लाखों छात्रों को बैंक जानकारी अपडेट करने का अंतिम मौका

    नीट यूजी 2026 फीस वापसी प्रक्रिया फिर शुरू, लाखों छात्रों को बैंक जानकारी अपडेट करने का अंतिम मौका

    नई दिल्ली ।  प्रवेश परीक्षा स्नातक यानी NEET UG 2026 से जुड़े लाखों अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत सामने आई है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने परीक्षा शुल्क वापसी प्रक्रिया के तहत बैंक खाते की जानकारी जमा करने की समयसीमा को बढ़ाकर 22 जून 2026 तक कर दिया है। यह फैसला उन उम्मीदवारों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जिन्होंने अब तक अपनी बैंक डिटेल्स पोर्टल पर अपडेट नहीं की थीं। परीक्षा रद्द होने के बाद शुरू हुई रिफंड प्रक्रिया में बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए हैं और एजेंसी अब यह सुनिश्चित करना चाहती है कि कोई भी पात्र उम्मीदवार शुल्क वापसी से वंचित न रहे।

    इस वर्ष मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित NEET UG परीक्षा देशभर में 3 मई को संपन्न हुई थी। परीक्षा के बाद प्रश्नपत्र लीक होने के आरोप सामने आने पर इसे रद्द कर दिया गया था, जिसके बाद पूरे मामले ने राष्ट्रीय स्तर पर गंभीर चर्चा का रूप ले लिया। जांच एजेंसियों द्वारा मामले की जांच जारी है और अब परीक्षा को दोबारा आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। पुनर्परीक्षा 21 जून को प्रस्तावित है और इसके लिए अभ्यर्थियों से किसी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।

    राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि जिन उम्मीदवारों ने परीक्षा शुल्क जमा किया था, उनकी राशि वापस की जाएगी। इसी प्रक्रिया के तहत छात्रों से उनके बैंक खाते से संबंधित जानकारी मांगी गई थी ताकि रिफंड सीधे खाते में भेजा जा सके। एजेंसी ने मई महीने में सीमित समय के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर बैंक विवरण अपडेट करने की सुविधा उपलब्ध कराई थी, जिसके दौरान बड़ी संख्या में छात्रों ने अपनी जानकारी जमा की।

    आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अब तक लगभग 13 लाख अभ्यर्थी अपने बैंक खाते की जानकारी अपडेट कर चुके हैं। हालांकि परीक्षा के लिए पंजीकरण कराने वाले कुल उम्मीदवारों की संख्या लगभग 23 लाख रही थी, जिसके कारण बड़ी संख्या में ऐसे छात्र अभी भी बाकी हैं जिन्होंने आवश्यक विवरण जमा नहीं किया है। इसी स्थिति को देखते हुए एजेंसी ने अंतिम अवसर के रूप में समयसीमा बढ़ाने का निर्णय लिया है।

    एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि एक बार बैंक विवरण जमा करने के बाद उसमें किसी प्रकार का संशोधन स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसलिए छात्रों को सलाह दी गई है कि वे अपने खाते की जानकारी सावधानीपूर्वक भरें ताकि रिफंड प्रक्रिया में किसी प्रकार की तकनीकी समस्या या देरी न हो।

    नीट यूजी परीक्षा देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में शामिल है और हर वर्ष लाखों छात्र इसमें हिस्सा लेते हैं। इस बार परीक्षा रद्द होने और दोबारा आयोजन की घोषणा ने छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता बढ़ा दी थी। हालांकि शुल्क वापसी और पुनर्परीक्षा को लेकर एजेंसी द्वारा लगातार जारी किए जा रहे निर्देशों से स्थिति को व्यवस्थित करने की कोशिश की जा रही है।

    शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस पूरे घटनाक्रम ने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आने वाले समय में परीक्षा संचालन और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

  • NEET एग्जाम रद्द होने से बवाल, छात्रों की पीड़ा आई सामने-“डिप्रेशन का इलाज करने वाले खुद डिप्रेशन में

    NEET एग्जाम रद्द होने से बवाल, छात्रों की पीड़ा आई सामने-“डिप्रेशन का इलाज करने वाले खुद डिप्रेशन में


    नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 एक बार फिर विवादों में घिर गई है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 3 मई को आयोजित परीक्षा को कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की शिकायतों के बाद रद्द कर दोबारा कराने का फैसला लिया है। इस फैसले ने देशभर के करीब 22 लाख छात्रों को सीधे प्रभावित किया है।

    परीक्षा रद्द होने के बाद अभ्यर्थियों में गहरा आक्रोश और निराशा देखने को मिल रही है। कई छात्रों का कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से केवल इसी परीक्षा की तैयारी में जुटे थे, लेकिन बार-बार होने वाले बदलाव और अनिश्चितता ने उनके मानसिक तनाव को और बढ़ा दिया है।

    इस पूरे मामले ने परीक्षा प्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि जिस परीक्षा के जरिए उनकी योग्यता तय होती है, उसी को आयोजित करने वाली एजेंसी की पारदर्शिता पर बार-बार सवाल उठना चिंता का विषय है।

    NEET-UG जैसे महत्वपूर्ण परीक्षा को लेकर यह स्थिति छात्रों के भविष्य पर सीधा असर डाल रही है। अभ्यर्थियों का कहना है कि लगातार बदलते फैसलों और दोबारा परीक्षा के निर्णय से उनका मानसिक संतुलन प्रभावित हो रहा है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं न केवल छात्रों के आत्मविश्वास को कमजोर करती हैं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र पर भी सवाल खड़े करती हैं। अभ्यर्थी अब मांग कर रहे हैं कि परीक्षा प्रणाली को और अधिक मजबूत और पारदर्शी बनाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।

    फिलहाल, दोबारा परीक्षा की नई तारीख को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन छात्रों की नजरें अब आगे के आधिकारिक फैसले पर टिकी हैं।

  • NEET UG 2026: इंदौर में 23 हजार स्टूडेंट्स की परीक्षा आज, 57 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा और खास इंतज़ाम

    NEET UG 2026: इंदौर में 23 हजार स्टूडेंट्स की परीक्षा आज, 57 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा और खास इंतज़ाम


    नई दिल्ली। मेडिकल प्रवेश की सबसे बड़ी परीक्षा NEET (UG) 2026 आज रविवार, 3 मई को इंदौर में आयोजित की जा रही है। इस बार जिले में कुल 57 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 23,160 परीक्षार्थी अपने भविष्य की दिशा तय करने के लिए परीक्षा देंगे। पिछले साल आई व्यवस्थागत चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए इस बार जिला प्रशासन ने व्यापक और सख्त तैयारियां की हैं, ताकि परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
    परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए आईसीटीएसएल की विशेष बस सेवा सुबह 9 बजे से शुरू की गई है, जो शहर के प्रमुख बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन से संचालित हो रही हैं। चार प्रमुख रूट तय किए गए हैं सांवेर, आईआईटी सिमरोल, आईआईएम और महू ताकि छात्रों को समय पर उनके केंद्रों तक पहुंचाया जा सके। परीक्षा समाप्ति के बाद शाम 5 बजे से वापसी के लिए भी बसों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
    सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है और संवेदनशील केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। हर केंद्र पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी सुनिश्चित की गई है, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनुचित गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। साथ ही, परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष इंतज़ाम किए गए हैं।
    स्वास्थ्य सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी गई है। सभी केंद्रों पर मेडिकल स्टाफ की तैनाती की गई है, जबकि पांच प्रमुख केंद्रों पर एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध रहेगी। दिव्यांग परीक्षार्थियों के लिए व्हीलचेयर की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, जिससे उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो।
    बिजली आपूर्ति को लेकर भी इस बार खास तैयारी की गई है। यदि किसी केंद्र पर बिजली बाधित होती है, तो तत्काल जनरेटर बैकअप उपलब्ध रहेगा। अभिभावकों के लिए केंद्रों के बाहर टेंट और पेयजल की व्यवस्था भी की गई है, ताकि उन्हें गर्मी में राहत मिल सके।
    पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू बनी रहे, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाए और सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों की सतत मॉनिटरिंग की जाए। इसके लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट और उड़नदस्ते लगातार मैदान में रहेंगे और समय-समय पर निरीक्षण करेंगे।
    गौरतलब है कि पिछले वर्ष खराब मौसम, तेज आंधी और बिजली कटौती के कारण कई परीक्षार्थियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। इस बार उन्हीं अनुभवों से सीख लेते हुए प्रशासन ने व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत और सख्त बनाया है।
    जिला प्रशासन ने सभी परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे समय पर अपने परीक्षा केंद्र पर पहुंचें और किसी भी भ्रामक जानकारी या अफवाहों पर ध्यान न दें। यह परीक्षा न केवल उनके करियर, बल्कि उनके सपनों की दिशा तय करने वाली है और इस बार इंदौर पूरी तैयारी के साथ इसके लिए तैयार है।