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  • दूसरों की इस्तेमाल की चीजें घर में लाना पड़ सकता है भारी! फर्नीचर से घड़ी तक इन सामानों से बरतें सावधानी

    दूसरों की इस्तेमाल की चीजें घर में लाना पड़ सकता है भारी! फर्नीचर से घड़ी तक इन सामानों से बरतें सावधानी


    नई दिल्ली। आजकल कम कीमत में घर को आकर्षक और अलग लुक देने के लिए सेकंड हैंड फर्नीचर और एंटीक सामान खरीदने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। पुरानी लकड़ी की टेबल हो या विंटेज घड़ी और खूबसूरत शोपीस लोग इन्हें अपने घर की सजावट का हिस्सा बना लेते हैं। हालांकि वास्तु शास्त्र में दूसरों द्वारा इस्तेमाल की जा चुकी कुछ वस्तुओं को घर में लाने को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि लंबे समय तक इस्तेमाल की गई वस्तुओं से उनके पुराने मालिक की भावनाओं और ऊर्जा का प्रभाव जुड़ा हो सकता है। इसलिए ऐसी चीजों को घर में रखने से पहले उनकी अच्छी तरह सफाई और शुद्धि करने की बात कही जाती है।

    वास्तु मान्यताओं के अनुसार सबसे ज्यादा सावधानी पुराने फर्नीचर को लेकर बरतनी चाहिए। सोफा बेड टेबल और लकड़ी की दूसरी चीजें लंबे समय तक किसी व्यक्ति के संपर्क में रहती हैं। माना जाता है कि अगर इन वस्तुओं का इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति लंबे समय तक तनाव बीमारी या आर्थिक परेशानी से गुजर रहा था तो उसका नकारात्मक प्रभाव वस्तु से जुड़ सकता है। इसी वजह से पुराने बेड और सोफे को बिना अच्छी तरह साफ किए घर में रखने से बचने की सलाह दी जाती है। खासकर बेड को लेकर वास्तु में अधिक सावधानी बरतने की मान्यता है क्योंकि इसे घर की निजी और पारिवारिक ऊर्जा से जुड़ा माना जाता है।

    पुरानी घड़ी को लेकर भी वास्तु शास्त्र में कई मान्यताएं हैं। घड़ी को समय और प्रगति का प्रतीक माना जाता है। अगर किसी दूसरे व्यक्ति की पुरानी घड़ी घर में लाई जाए और वह बंद हो या सही तरीके से न चलती हो तो इसे शुभ नहीं माना जाता। वास्तु मान्यताओं के अनुसार घर में बंद पड़ी घड़ी सकारात्मक प्रवाह में रुकावट का प्रतीक मानी जाती है। इसलिए घर में हमेशा सही समय बताने वाली और ठीक से चलने वाली घड़ी रखने की सलाह दी जाती है।

    एंटीक सजावटी सामान भी इसी सूची में शामिल किया जाता है। पुरानी पेंटिंग्स धातु की वस्तुएं और पुराने शोपीस देखने में बेहद आकर्षक हो सकते हैं लेकिन उनके साथ उनका इतिहास भी जुड़ा होता है। वास्तु मान्यता कहती है कि किसी वस्तु का पिछला इतिहास अगर तनाव या विवाद से जुड़ा रहा हो तो उसे घर में रखने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए। हालांकि इन बातों का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है और इन्हें वास्तु संबंधी मान्यताओं के तौर पर ही देखना चाहिए।

    दूसरों के इस्तेमाल किए हुए कपड़े जूते और गहनों को लेकर भी वास्तु और ज्योतिष में अलग अलग धारणाएं मिलती हैं। खासकर पुराने रत्न और आभूषणों को लेकर मान्यता है कि इन्हें पहनने से पहले उनकी शुद्धि और उचित जांच करानी चाहिए। वहीं व्यावहारिक तौर पर पुराने कपड़े या फर्नीचर खरीदते समय स्वच्छता उनकी स्थिति और सुरक्षा की जांच करना बेहद जरूरी है।

    अगर किसी पुरानी वस्तु को घर में लाना जरूरी हो तो सबसे पहले उसकी अच्छी तरह सफाई करें। लकड़ी और धातु की वस्तुओं को कुछ समय धूप में रखने तथा धार्मिक आस्था रखने वाले लोग गंगाजल या कपूर से प्रतीकात्मक शुद्धि करने जैसे उपाय भी अपनाते हैं। सबसे जरूरी बात यह है कि पुरानी वस्तु खरीदते समय उसकी गुणवत्ता स्वच्छता और वास्तविक स्थिति की जांच जरूर करें। वास्तु की इन मान्यताओं को वैज्ञानिक तथ्य नहीं बल्कि पारंपरिक विश्वास के रूप में समझना बेहतर है।

  • Vastu Tips: घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर करने के 5 आसान उपाय, बढ़ेगी सुख-शांति और सकारात्मकता

    Vastu Tips: घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर करने के 5 आसान उपाय, बढ़ेगी सुख-शांति और सकारात्मकता


    नई दिल्ली । हर व्यक्ति चाहता है कि उसके घर में सुख, शांति और सकारात्मकता का माहौल बना रहे। वास्तु शास्त्र और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार घर का वातावरण हमारे मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक जीवन को प्रभावित करता है। जब घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ता है तो परिवार के सदस्यों के बीच तनाव, अनावश्यक विवाद, मानसिक अशांति और कार्यों में बाधाएं आने लगती हैं। ऐसी स्थिति में कुछ सरल और पारंपरिक उपाय अपनाकर घर के वातावरण को अधिक सकारात्मक और ऊर्जावान बनाया जा सकता है।

    समुद्री नमक से करें वातावरण शुद्ध
    वास्तु मान्यताओं के अनुसार समुद्री नमक में नकारात्मक ऊर्जा को अवशोषित करने की क्षमता होती है। कई वास्तु विशेषज्ञ घर के कोनों, बाथरूम या ऐसे स्थानों पर एक कटोरी में समुद्री नमक रखने की सलाह देते हैं, जहां ऊर्जा का प्रवाह कम महसूस होता हो। मान्यता है कि इससे आसपास की नकारात्मकता कम होती है और वातावरण अधिक संतुलित महसूस होता है। बेहतर परिणाम के लिए नमक को समय-समय पर बदलते रहना चाहिए।

    नियमित करें हनुमान चालीसा का पाठ
    धार्मिक मान्यताओं में Hanuman Chalisa का विशेष महत्व बताया गया है। माना जाता है कि नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करने से भय, चिंता और नकारात्मक विचारों में कमी आती है। भगवान Hanuman को शक्ति, साहस और संरक्षण का प्रतीक माना जाता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि उनके स्मरण और आराधना से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

    टूटी-फूटी वस्तुओं को घर से हटाएं
    वास्तु शास्त्र में टूटी हुई घड़ियां, क्षतिग्रस्त शीशे और अनुपयोगी वस्तुओं को नकारात्मकता का प्रतीक माना गया है। ऐसी चीजें घर में अव्यवस्था और मानसिक बोझ बढ़ाने का कारण बन सकती हैं। इसलिए घर की नियमित सफाई करें और लंबे समय से बेकार पड़ी वस्तुओं को हटाने की आदत डालें। स्वच्छ और व्यवस्थित घर सकारात्मक सोच को बढ़ावा देता है।

    घर में पर्याप्त प्रकाश बनाए रखें
    वास्तु में प्रकाश को ऊर्जा और सकारात्मकता का प्रतीक माना गया है। जिन स्थानों पर हमेशा अंधेरा रहता है, वहां उदासी और नकारात्मकता का अनुभव अधिक हो सकता है। इसलिए घर में प्राकृतिक सूर्य प्रकाश आने दें और आवश्यकता अनुसार उचित रोशनी की व्यवस्था करें। उजाला न केवल वातावरण को बेहतर बनाता है बल्कि मानसिक प्रसन्नता और सक्रियता को भी बढ़ावा देता है।

    कपूर का धुआं करें
    भारतीय परंपरा में कपूर को शुद्धिकरण का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि शाम के समय कपूर जलाकर उसका धुआं पूरे घर में फैलाने से वातावरण शुद्ध और सुगंधित बनता है। कई लोग इसे मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने का प्रभावी उपाय मानते हैं। कपूर की सुगंध घर के वातावरण को शांत और आध्यात्मिक बनाने में सहायक मानी जाती है।

    सकारात्मकता का आधार है नियमितता
    वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार इन उपायों का प्रभाव तभी अधिक महसूस होता है जब इन्हें नियमित रूप से अपनाया जाए। घर की साफ-सफाई, धार्मिक वातावरण, पर्याप्त प्रकाश और सकारात्मक सोच मिलकर जीवन में संतुलन और शांति लाने में मदद कर सकते हैं।

  • वास्तु और शास्त्रों की चेतावनी, दरवाजे के पीछे लटकाई ये चीजें रोक सकती हैं सुख-समृद्धि का रास्ता

    वास्तु और शास्त्रों की चेतावनी, दरवाजे के पीछे लटकाई ये चीजें रोक सकती हैं सुख-समृद्धि का रास्ता

    नई दिल्ली ।  Shakun Apshakun: अधिकांश घर में लोग जगह की बचाने के लिए दरवाजे के पीछे, बैग, कपड़े, इत्यादि सामान लटाका देते हैं. वैसे तो लोग इस आदत पर बहुत ध्यान नहीं देते, लेकिन शास्त्रों में इसके बड़े नुकसान बताए गए हैं. शास्त्रों की मानें तो दरवाजे के पीछे सामान लटकाना किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं है.
    ऐसा इसलिए क्योंकि शास्त्रों में इसे अशुभ माना गया है. मान्यता है कि कुछ चीजों को दरवाजे के पीछे लटकाने से निगेटिव एनर्जी बढ़ने लगती है. साथ ही परिवार की आर्थिक तरक्की में अनेक प्रकार की बाधाएं उत्पन्न होने लगती है. गरुड़ पुराण के मुताबिक, घर के मुख्य द्वार और उसके आसपास की जगह को बेहद साफ-सुथरा रखना चाहिए. आइए, अब जानते हैं कि दरवाजे के पीछे किन चीजों की लटकाना अशुभ माना गया है.

    दरवाजे के पीछे ना लटकाएं कपड़े

    शास्त्र-पुराणों के अनुसार, दरवाजे के पीछे कभी भी सूखे या भींगे कपड़े नहीं लटकाना चाहिए. ऐसा करना अशुभ माना गया है. दरवाजे के पीछे टंगे भींगे कपड़े भयानक वास्तु दोष उत्पन्न करते हैं. इसकी वजह से सकारात्मक ऊर्जा नष्ट हो जाती है. कहा जाता है कि लगातार ऐसा करने से तनाव, कलह और आर्थिक नुकसान की संभावना बढ़ जाती है. ज्योतिष शास्त्र की मानें तो ऐसा करने से राहु दोष भी उत्पन्न हो सकता है.

    पुराने बैग और दवाइयां
    वास्तु शास्त्र की मानें तो दरवाजे के पीछे दवाइयों का थैला, पुराने बैग इत्यादि टांगने से नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ने लगता है. वास्तु एक्सपर्ट के मुताबिक, ऐसा करने से परिवार के सदस्य बीमारियों से घिरे रहते हैं. कमाई का अधिकांश हिस्सा इलाज पर खर्च होता है. इसके अलावा दरवाजे के पीछे पुराने कैलेंडर को भी लटकाने से बचना चाहिए. ऐसा इसलिए क्योंकि इससे करियर में तरक्की रुक जाती है

    जूते और चप्पल
    शकुन शास्त्र के मुताबिक, दरवाजे के पीछे जूते-चप्पल इत्यादि के थैले को भी नहीं टांगना चाहिए. मान्यता है कि इससे घर में दरिद्रता का प्रवेश होने लगता है. इस स्थिति में अच्छी कमाई के बावजूद भी धन नहीं टिकता है. इसलिए, दरवाजे के पीछे भूलकर भी जूते-चप्पल ना लटकाएं

    कैसे दूर होगी निगेटिव एनर्जी?
    वास्तु और ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, दरवाजे के पीछे का हिस्सा बिल्कुल साफ और खाली रखना चाहिए. इसके साथ ही वास्तु दोष को दूर करने के लिए वहां स्वास्तिक का चिह्न बनाना शुभ होता है. ऐसा करने से घर की निगेटिव एनर्जी दूर होने लगती है.

  • बार-बार हो रही परेशानी का कारण कहीं वास्तु दोष तो नहीं? जानिए 5 संकेत

    बार-बार हो रही परेशानी का कारण कहीं वास्तु दोष तो नहीं? जानिए 5 संकेत


    नई दिल्ली। वास्तु शास्त्र में घर की दिशा, ऊर्जा और वातावरण को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। मान्यता है कि यदि घर में वास्तु नियमों की अनदेखी की जाए, तो नकारात्मक ऊर्जा बढ़ने लगती है। इसका असर परिवार की सुख-शांति, स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति पर साफ दिखाई देने लगता है। कई बार लोग लगातार परेशानियों का सामना करते हैं, लेकिन उन्हें यह समझ नहीं आता कि इसकी वजह घर का वास्तु दोष भी हो सकता है। ज्योतिष और वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, घर में कुछ ऐसे संकेत दिखाई देते हैं जो बताते हैं कि वहां नकारात्मक ऊर्जा सक्रिय है। यदि समय रहते इन संकेतों को पहचान लिया जाए, तो बड़े नुकसान से बचा जा सकता है।

    आर्थिक तंगी और बढ़ते खर्च
    अगर घर में खूब मेहनत करने के बावजूद धन नहीं टिक रहा, आय से ज्यादा खर्च बढ़ रहे हैं या हमेशा पैसों की कमी बनी रहती है, तो यह वास्तु दोष का बड़ा संकेत माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, गलत दिशा में भारी सामान रखना या घर में अव्यवस्था होना आर्थिक संकट को बढ़ाता है।

    परिवार में लगातार बीमारी
    घर का कोई सदस्य बार-बार बीमार पड़ रहा हो, इलाज के बाद भी स्वास्थ्य में सुधार न हो रहा हो, तो इसे भी नकारात्मक ऊर्जा का असर माना जाता है। वास्तु के मुताबिक, घर में सूर्य प्रकाश और शुद्ध हवा का अभाव स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।

    बिना वजह झगड़े और मानसिक तनाव
    अगर घर में छोटी-छोटी बातों पर विवाद होने लगे, परिवार के सदस्यों में तनाव बढ़ने लगे या हमेशा नकारात्मक माहौल बना रहे, तो यह वास्तु दोष का संकेत हो सकता है। ऐसे घरों में मानसिक शांति धीरे-धीरे खत्म होने लगती है।

    बनते काम बिगड़ना
    कई बार मेहनत के बाद भी काम आखिरी समय में बिगड़ जाते हैं या सफलता मिलते-मिलते रुक जाती है। वास्तु शास्त्र में इसे भी दोष का प्रभाव माना गया है। खासतौर पर मुख्य द्वार और दक्षिण दिशा से जुड़े दोष जीवन में बाधाएं बढ़ा सकते हैं।

    घर के पौधों का सूखना
    यदि घर में लगे हरे-भरे पौधे अचानक सूखने लगें या बार-बार खराब हो जाएं, तो इसे नकारात्मक ऊर्जा का संकेत माना जाता है। वास्तु के अनुसार, पौधे घर की सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक होते हैं।

    कैसे दूर करें वास्तु दोष
    वास्तु दोष से राहत पाने के लिए कुछ आसान उपाय बेहद प्रभावी माने जाते हैं। घर के मुख्य दरवाजे पर स्वास्तिक चिन्ह बनाना शुभ माना जाता है। इससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है और नकारात्मकता दूर होती है। घर की दक्षिण दिशा में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करना भी शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि इससे बाधाएं दूर होती हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है। इसके अलावा घर और मंदिर की नियमित साफ-सफाई करें और गंगाजल का छिड़काव करें। ऐसा करने से घर का वातावरण शुद्ध होता है और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, साफ-सुथरा और सकारात्मक वातावरण वाला घर परिवार के लिए सुख, शांति और समृद्धि का कारण बनता है।