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  • "समुद्र न होता तो अरब तक चुनाव लड़ने पहुंच जाते" CM मोहन यादव का गांधी परिवार पर तीखा तंज

    "समुद्र न होता तो अरब तक चुनाव लड़ने पहुंच जाते" CM मोहन यादव का गांधी परिवार पर तीखा तंज


    आगर मालवा। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस के नेहरू-गांधी परिवार पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी और उनके परिवार के चुनावी क्षेत्रों को लेकर तीखा तंज कसा। आगर मालवा में सरकारी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यादव ने कहा कि यह परिवार दिल्ली से चुनाव लड़ने के बजाय अलग-अलग क्षेत्रों से चुनाव लड़ता रहा है। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर बीच में समुद्र नहीं होता तो चुनाव लड़ने के लिए अरब देशों तक पहुंच जाते।

    मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी और उनके परिवार को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनमें हिम्मत है तो दिल्ली से चुनाव लड़कर दिखाएं। उन्होंने दावा किया कि जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और परिवार के अन्य नेताओं ने दिल्ली से चुनाव नहीं लड़ा, क्योंकि वहां के लोग उन्हें अच्छी तरह जानते थे।

    रायबरेली-अमेठी से वायनाड तक तंज

    राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के केरल की वायनाड सीट से चुनाव लड़ने का जिक्र करते हुए यादव ने कहा कि गांधी परिवार अब उत्तर प्रदेश की रायबरेली और अमेठी से आगे निकल चुका है।

    उन्होंने कहा कि लोग यह भी कहते हैं कि बीच में समुद्र आ गया, वरना ये नेता चुनाव लड़ने के लिए अरब देशों या किसी और जगह तक पहुंच जाते।

    राहुल पर ‘पप्पू’ वाले बयान से हमला

    मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर न्यायपालिका और सशस्त्र बलों पर सवाल उठाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि भारत नई तकनीक के इस्तेमाल के साथ लोकतंत्र में आगे बढ़ रहा है, लेकिन राहुल गांधी इसे मानने के लिए तैयार नहीं हैं।

    इसी दौरान यादव ने राहुल गांधी को लेकर ‘पप्पू’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए तंज कसा। उन्होंने कहा कि नाम ही ‘पप्पू’ है तो काम भी उसी तरह करेंगे, इसमें क्या किया जा सकता है।

    इंदौर के कांग्रेस कार्यक्रम को लेकर भी निशाना

    मोहन यादव ने इंदौर में 19 सितंबर को प्रस्तावित कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर भी राहुल गांधी पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों और युवाओं की बात करने के नाम पर राहुल गांधी मध्य प्रदेश में ‘झूठ का पुलिंदा’ लेकर आ रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के उस आरोप को भी खारिज किया, जिसमें कहा जा रहा है कि राज्य सरकार ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए अनुमति नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मामले में गलत जानकारी फैला रही है।

    यादव ने राहुल गांधी से मध्य प्रदेश की जनता से माफी मांगने की मांग करते हुए कहा कि कांग्रेस की पिछली सरकारें राज्य में डकैतों और नक्सलवाद की समस्या को रोकने में नाकाम रही थीं। उनके मुताबिक, भाजपा सरकार ने राज्य से डकैतों और नक्सलियों दोनों का सफाया कर दिया है।

    लाड़ली बहना के खातों में 1,835 करोड़

    सरकारी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लाड़ली बहना योजना के तहत 1.25 करोड़ से अधिक महिला लाभार्थियों के खातों में 1,835 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की। कार्यक्रम में सरकार की योजनाओं और महिला लाभार्थियों को दी जा रही आर्थिक सहायता का भी उल्लेख किया गया।

  • निशिकांत दुबे के नेहरू-गांधी परिवार पर विवादित बयान पर भड़का विपक्ष…. संसद में जमकर हुआ हंगामा

    निशिकांत दुबे के नेहरू-गांधी परिवार पर विवादित बयान पर भड़का विपक्ष…. संसद में जमकर हुआ हंगामा


    नई दिल्ली।
    संसद (Parliament) के बजट सत्र (Budget Session) में बुधवार को एक बार फिर हंगामा मच गया, जब भाजपा सांसद निशिकांत दुबे (BJP MP Nishikant Dubey) ने गांधी-नेहरू परिवार (Gandhi-Nehru family) पर विवादास्पद बयान दिया। दुबे ने अपने भाषण के दौरान कुछ किताबें लहराईं और उनके हवाले से नेहरू और कांग्रेस परिवार के खिलाफ आरोप लगाए, जिससे विपक्षी सांसद आगबबूला हो गए। सूत्रों के अनुसार, विपक्षी सांसदों ने इस बयान के खिलाफ लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से शिकायत की है।

    निशिकांत दुबे ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, “यहां एक किताब पर चर्चा हो रही है, जो आज तक छपी ही नहीं। लेकिन मैं उन किताबों के बारे में बात करना चाहता हूं, जो नेहरू और कांग्रेस परिवार के भ्रष्टाचार, गद्दारी और अय्याशी से भरी पड़ी हैं।” उन्होंने “एडविना और नेहरू” और “मथई” जैसे किताबों का हवाला देते हुए गांधी-नेहरू परिवार के निजी जीवन और उनके कथित संबंधों पर सवाल उठाए। इसके अलावा, दुबे ने सोनिया गांधी पर लिखी किताबों को भी दिखाया और कांग्रेस पर आरोपों की झड़ी लगाई।

    इस दौरान पीठासीन सभापति ने उन्हें किताबों का जिक्र करने से मना किया, लेकिन दुबे ने नियमों की अनदेखी करते हुए किताबें दिखाते रहे। विपक्षी सदस्य इससे नाराज हो गए और सदन में हंगामा करने लगे। कुछ सदस्यों को आसन के सामने कागज उछालते हुए भी देखा गया। हंगामा बढ़ने पर पीठासीन सभापति ने कार्यवाही शाम पांच बजे तक स्थगित कर दी।


    **प्रियंका गांधी का पलटवार:**

    इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रियंका गांधी ने निशिकांत दुबे पर पलटवार किया। प्रियंका ने कहा, “जब मोदी सरकार सदन को बाधित करना चाहती है, तो निशिकांत दुबे को खड़ा कर देती है। राहुल गांधी जी को एक पब्लिश हो चुकी किताब से उद्धृत नहीं करने दिया जाता, लेकिन निशिकांत दुबे छह किताबें लेकर आकर उन्हें दिखा रहे हैं, उनका माइक बंद नहीं किया जा रहा।”

    प्रियंका ने आगे कहा, “मोदी सरकार चाहती है कि संसद में सिर्फ उन्हीं की बात चले, और जो विपक्षी सांसद हैं, उन्हें बोलने का कोई मौका नहीं दिया जाए। यह लोकतंत्र का अपमान है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार देश का ध्यान भटकाने के लिए बार-बार नेहरू-गांधी परिवार का नाम लेकर विवाद पैदा कर रही है, जबकि असल मुद्दों पर चर्चा नहीं हो रही है। प्रियंका ने कहा, “सरकार चाहती है कि लोग नरवणे जी की किताब से संबंधित बातें न जानें, जबकि जब चीन की सेना हमारे सीमा पर थी, तो सरकार निर्णय लेने में असमर्थ थी।”