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  • PM मोदी ने नेपाल चुनाव में जीत पर बालेंद्र शाह और पार्टी अध्यक्ष को फोन लगाकर दी बधाई

    PM मोदी ने नेपाल चुनाव में जीत पर बालेंद्र शाह और पार्टी अध्यक्ष को फोन लगाकर दी बधाई


    नई दिल्ली।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने सोमवार को नेपाल चुनाव (Nepal Elections) में जीत दर्ज करने वाले बालेन शाह (Balen Shah) और उनकी पार्टी अध्यक्ष रबी लामिछाने (Party Chairman Rabi Lamichhane) से फोन पर बात करके उन्हें बधाई दी। पीएम ने दोनों देशों की पारस्परिक समृद्धि, प्रगति और खुशहाली के लिए उनके साथ मिलकर काम करने की भारत की प्रतिबद्धता व्यक्त की। नेपाल के दोनों नेताओं के साथ टेलीफोन पर हुई बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि साझा प्रयासों से भारत-नेपाल संबंध आने वाले वर्षों में नयी ऊंचाइयों को छुएंगे।

    इस बातचीत के बारे में पीएम मोदी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर जानकारी दी। उन्होंने लिखा, “राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के अध्यक्ष रबी लामिछाने और आरएसपी के वरिष्ठ नेता बालेंद्र शाह के साथ फोन पर सौहार्दपूर्ण बातचीत हुई।” पीएम ने कहा कि उन्होंने दोनों नेताओं को उनकी चुनावी जीत और नेपाल चुनाव में उनकी पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी की शानदार सफलता पर बधाई दी। उन्होंने कहा, “मैंने उनकी आगामी नयी सरकार के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं और दोनों देशों की पारस्परिक समृद्धि, प्रगति एवं कल्याण के लिए उनके साथ काम करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।”

    गौरतलब है कि जेन-जी प्रोटेस्ट के बाद नेपाल के यह पहले चुनाव थे। इस चुनाव में पुरानी पार्टियों को साइड लाइन करते हुए युवाओं ने नई नवेली राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी और उसके युवा उम्मीदवार बालेंद्र शाह पर भरोसा जताया है। बालेंद्र ने झापा सीट से नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री के पी ओली को करारी शिकस्त दी है। नेपाल की जनता के बीच में वह काफी लोकप्रिय हैं। नागपुर से पढ़ाई करने वाले बालेंद्र नेपाल के नए पीएम बनने की रेस में सबसे आगे हैं।

    आपको बता दें, नेपाल की प्रतिनिधि सभा में कुल 275 सीट हैं। इनमें से 165 सदस्य प्रत्यक्ष मतदान प्रणाली के माध्यम से चुने जाते हैं, जबकि 110 सदस्य आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के माध्यम से चुने जाते हैं। आम चुनाव में प्रत्यक्ष मतदान के तहत अब तक नेपाल की 165 सीट में से 161 सीट के नतीजे घोषित किए जा चुके हैं। शेष चार सीट के नतीजे जल्द ही घोषित होने की उम्मीद है।

    आनुपातिक मतदान के तहत, राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) को 40,49,604 वोट मिले। इसके बाद एनसी को 13,60,281, सीपीएन-यूएमएल को 11,50,679, एनसीपी को 5,91,940, श्रम संस्कृति पार्टी को 2,91,965, जनता समाजवादी पार्टी को 1,16,463 और राष्ट्रीय परिवर्तन पार्टी को 2,76,931 वोट मिले।

    राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत 40 लाख से अधिक मतों के साथ, आरएसपी को कम से कम 40 अतिरिक्त सीट मिलने की उम्मीद है, जिससे 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में उसकी सीट संख्या लगभग 164 हो जाएगी, जो साधारण बहुमत के लिए आवश्यक 138 सीट से कहीं अधिक है।

  • नेपाल चुनाव में बालेन शाह की RSP ने मारी बाजी: केपी ओली अपने ही गढ़ में 43,000 वोटों से हार गए

    नेपाल चुनाव में बालेन शाह की RSP ने मारी बाजी: केपी ओली अपने ही गढ़ में 43,000 वोटों से हार गए


    नई दिल्ली। नेपाल में आम चुनाव का परिणाम राजनीतिक इतिहास में एक नया मोड़ लेकर आया है। रैपर और काठमांडू के मेयर रह चुके बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) इस बार सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। शुरुआती रुझानों के अनुसार RSP ने अब तक 58 सीटें जीत ली हैं और 63 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। यह पार्टी सिर्फ चार साल पहले पत्रकार रहे रबि लामिछाने के प्रयासों से बनाई गई थी और अब यह युवा नेतृत्व नेपाल की राजनीति में अपनी मजबूती दिखा रहा है।

    पूर्व प्रधानमंत्री और भारत विरोधी रवैये के लिए जाने जाने वाले केपी शर्मा ओली को झापा-5 सीट पर बालेन शाह के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा। यहां ओली को केवल 16,350 वोट मिले, जबकि बालेन शाह को 59,568 वोट मिले, यानी 43,000 से अधिक मतों की भारी अंतर से वे पिछड़ गए। इससे यह स्पष्ट हो गया कि ओली का अपना गढ़ भी अब उन्हें समर्थन नहीं दे रहा। ओली ने 2017 और 2022 में इसी सीट से जीत दर्ज की थी, लेकिन इस बार युवा नेतृत्व और जनता की बदलती पसंद ने उनकी चुनौती को बढ़ा दिया।

    नेपाल की चुनाव प्रणाली मिश्रित मॉडल पर आधारित है। संसद की कुल 275 सीटों में से 165 सीटों पर सीधे चुनाव होते हैं, जहां निर्वाचन क्षेत्र के वोटरों का पसंदीदा उम्मीदवार जीतता है। बाकी 110 सीटें पार्टियों को कुल वोट प्रतिशत के आधार पर दी जाती हैं। इस प्रणाली का उद्देश्य छोटे दलों और विभिन्न सामाजिक समूहों को भी संसद में प्रतिनिधित्व देना है। इस बार भी Balen Shah की RSP ने 54.8 प्रतिशत वोट हासिल किए हैं, जो उसे संसद में मजबूत स्थिति प्रदान करता है।

    पिछले साल सितंबर में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद नेपाल में 5 मार्च को हुए चुनाव में लगभग 58% मतदाताओं ने हिस्सा लिया। चुनाव आयोग के अनुसार वोटों की गिनती पूरी करने में 3-4 दिन लग सकते हैं और 9 मार्च तक परिणाम आने की संभावना है।

    इस चुनाव के नतीजे नेपाल की राजनीति में युवा नेतृत्व के उदय और पुराने नेताओं के प्रभाव में गिरावट को दर्शाते हैं। बालेन शाह की RSP ने युवा और अलग सोच रखने वाले मतदाताओं का समर्थन हासिल किया, वहीं केपी ओली जैसी स्थापित पार्टी और नेता अब नए राजनीतिक परिदृश्य में चुनौती का सामना कर रहे हैं। इससे नेपाल की संसद में बदलाव की उम्मीद और नए गठबंधनों की संभावनाएं भी सामने आ रही हैं।

    कुल मिलाकर, नेपाल के इस चुनाव ने स्पष्ट कर दिया कि जनता अब युवा और नए दृष्टिकोण वाले नेताओं को प्राथमिकता दे रही है, और पारंपरिक, पुराने नेताओं को अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए नई रणनीतियों की आवश्यकता है।