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  • नेपाल में चार पूर्व प्रधानमंत्रियों की संपत्ति जांच के घेरे में, पूर्व ऊर्जा मंत्री दीपक खडका गिरफ्तार

    नेपाल में चार पूर्व प्रधानमंत्रियों की संपत्ति जांच के घेरे में, पूर्व ऊर्जा मंत्री दीपक खडका गिरफ्तार

    काठमांडू। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह उर्फ बालेन के कार्यभार संभालने के तीसरे दिन ही देश के चार पूर्व प्रधानमंत्रियों की संपत्ति की सीआईबी जांच शुरू हो गई है। जांच के दायरे में आए इन पूर्व पीएम में केपी शर्मा ओली, पुष्पकमल दहल प्रचंड, शेरबहादुर देउबा और माधव कुमार नेपाल शामिल हैं।

    दीपक खडका गिरफ्तार

    इस बीच, नेपाली कांग्रेस के नेता और पूर्व ऊर्जा मंत्री दीपक खडका को सीआईबी ने रविवार सुबह गिरफ्तार कर लिया। नेपाली गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, जांच में चारों पूर्व प्रधानमंत्रियों के साथ-साथ पूर्व मंत्री आरजू राणा देउबा और दीपक खडका तथा उनके परिवार की चल-अचल संपत्ति और आय के स्रोतों की समीक्षा की जा रही है। वहीं, शनिवार को गिरफ्तार ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया।

    जांच का कारण

    पिछले साल जेन-जी आंदोलन के दौरान, देउबा, ओली, खडका और प्रचंड की बेटी गंगा के आवासों में जले नोटों की तस्वीरें और वीडियो सामने आए थे। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। सीआईबी प्रमुख एआईजी मनोज केसी के अनुसार, संपत्ति शुद्धीकरण जांच विभाग ने खडका को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया है।

    भ्रष्टाचार निवारण आयोग की भूमिका

    नेपाल की नई सरकार ने 100 सूत्री कार्य योजना के तहत पूर्व राष्ट्राध्यक्षों, वरिष्ठ राजनेताओं और नौकरशाहों की संपत्तियों की जांच के लिए भ्रष्टाचार निवारण आयोग गठित किया है। आयोग में कानून, वित्त, राजस्व और अनुसंधान के विशेषज्ञ शामिल हैं और यह प्रधानमंत्री व मंत्रिमंडल के अधीन काम करेगा। जांच का पहला चरण 2006 की नेपाली क्रांति के बाद पदस्थ लोगों पर केंद्रित है, जबकि दूसरा चरण 1991 से 2006 के बीच अहम पदों पर रहे लोगों की संपत्ति की समीक्षा करेगा।

  • नेपाल में नई सरकार का बड़ा एक्शन, पूर्व पीएम ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक गिरफ्तार

    नेपाल में नई सरकार का बड़ा एक्शन, पूर्व पीएम ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक गिरफ्तार


    नई दिल्ली ।
    नेपाल में नई सरकार के गठन के साथ ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। प्रधानमंत्री बालेन शाह के नेतृत्व में बनी सरकार ने शपथ लेने के महज 24 घंटे के भीतर ही सख्त कदम उठाते हुए पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक को गिरफ्तार कर लिया।

    यह कार्रवाई जेन-जी प्रदर्शन के दौरान छात्रों की मौत के मामले में की गई है, जिसमें इन दोनों नेताओं की भूमिका को जिम्मेदार माना गया था। जानकारी के अनुसार, बालेन शाह की अध्यक्षता में हुई पहली कैबिनेट बैठक में ही जांच आयोग की रिपोर्ट को लागू करने का निर्णय लिया गया था, जिसके आधार पर यह गिरफ्तारी की गई।

    रिपोर्ट में उल्लेख है कि प्रदर्शन के दौरान निहत्थे छात्रों पर गोली चलाई गई थी, जिससे कई छात्रों की जान गई। इस मामले में जवाबदेही तय करने के लिए सरकार ने सीधे सख्त कार्रवाई का रास्ता अपनाया।

    नेपाल के पूर्व गृह मंत्री और पूर्व पीएम गिरफ्तार

    सूत्रों के मुताबिक, सुबह सबसे पहले पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक को हिरासत में लिया गया और उसके कुछ समय बाद पूर्व प्रधानमंत्री ओली को भी गिरफ्तार कर लिया गया। इस कार्रवाई को नेपाल की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

    सेना और पुलिस पर भी उठे सवाल

    जांच आयोग की रिपोर्ट में नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और सेना के कुछ अधिकारियों की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, फिलहाल सुरक्षा बलों के खिलाफ कोई सीधी कार्रवाई नहीं की गई है। सरकार ने उनकी भूमिका की अलग से जांच के लिए एक नई समिति गठित करने का फैसला लिया है।