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  • नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारत माता के सच्चे सपूत थे : सीएम योगी..

    नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारत माता के सच्चे सपूत थे : सीएम योगी..


    नई दिल्ली :लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर नेताजी सुभाष चौक हजरतगंज लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि नेताजी भारत की आजादी का ऐसा नाम हैं जो प्रत्येक भारतीय के मन में सर्वोच्च सम्मान के साथ किसी भी विपरीत परिस्थिति में देशद्रोही तत्वों के सामने न झुकने का दृढ़ संकल्प उत्पन्न करता है भारत माता के सच्चे सपूत नेताजी का नाम लेते ही हर भारतीय के मन में श्रद्धा सम्मान और राष्ट्रप्रेम की भावना स्वतः जाग्रत हो जाती है

    सीएम योगी ने कहा कि नेताजी ने स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी उनका आह्वान तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा भारत की आजादी का मंत्र बन गया उनका प्रत्येक शब्द स्वतंत्रता संग्राम का संदेश बन जाता था दिल्ली चलो का उद्घोष हर भारतीय को प्रेरित करता है उनका कदम कदम बढ़ाए जा खुशी के गीत गाए जा गीत आज भी भारतीय सेना के दीक्षांत समारोह में बड़ी शान से गाया जाता है नेताजी का योगदान महात्मा गांधी के नेतृत्व वाले आंदोलन को भी नई ऊर्जा प्रदान करता है

    योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नेताजी ने क्रांतिकारियों के सिरमौर के रूप में आजादी की लड़ाई का नेतृत्व किया भारत के अंदर और बाहर जाकर स्वतंत्रता के लिए जो संघर्ष किया वह अविस्मरणीय है जर्मनी जापान और अन्य देशों में जाकर उन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया यह हमारे लिए प्रेरणा की गाथा है

    मुख्यमंत्री ने नेताजी के जीवन पर भी प्रकाश डाला उन्होंने कहा कि नेताजी का जन्म 1897 में कटक में एक प्रतिष्ठित अधिवक्ता परिवार में हुआ बचपन में ही उन्हें उच्च शिक्षा के लिए ब्रिटेन भेजा गया आईसीएस की परीक्षा में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने के बाद भी उन्होंने अंग्रेजों की चाकरी करने से इनकार कर दिया और स्वतंत्रता आंदोलन में कूद पड़े उनका विराट व्यक्तित्व और देश के प्रति अमूल्य योगदान आज भी हम सबको प्रेरणा देता हैसीएम योगी ने कहा कि हम नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं और उनके श्रीचरणों में प्रदेशवासियों की ओर से नमन करते हैं उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता और उनका आदर्श आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा स्रोत रह

  • सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस और टीएमसी को इतिहास पर घेरा..

    सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस और टीएमसी को इतिहास पर घेरा..


    नई दिल्ली: भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर नई दिल्ली में भाजपा मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कांग्रेस तथा तृणमूल कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा उन्होंने कहा कि सुभाष चंद्र बोस के कारण अंग्रेजों का भारत पर कब्जा करने का सपना चकनाचूर हो गया

    सुधांशु त्रिवेदी ने विशेष रूप से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर कटाक्ष किया उन्होंने कहा कि आपकी पार्टी भी कांग्रेस से निकली है आप भी कांग्रेस में थीं इतने सालों तक क्यों नहीं याद आया कि नेताजी को सम्मान और उचित स्थान मिलना चाहिए अगर टीएमसी के मन में नेताजी के प्रति सम्मान है तो उन्हें अपने नाम से कांग्रेस हटा देना चाहिए अन्यथा बंगाल की प्रबुद्ध जनता उन्हें जड़-मूल से खत्म कर देगीउन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को सबसे सच्चा सम्मान दिया 2018 में आजाद हिंद की निर्वासित सरकार के 75 वर्ष पूरे होने पर सभी जीवित सेनानियों को गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल किया गया और उनका सम्मान किया गया किसी भी राजनीतिक दल ने इससे पहले ऐसा सम्मान नहीं दिया इंडिया गेट पर 1968 तक जॉर्ज पंचम की मूर्ति रही थी वहां नेताजी की मूर्ति पुनर्स्थापित की गई

    सुधांशु त्रिवेदी ने आगे कहा कि भारत की स्वतंत्रता में कई लोगों ने योगदान दिया लेकिन सुभाष चंद्र बोस का योगदान अग्रणी और अविस्मरणीय है इसे भुलाने के अनेक कुत्सित प्रयास हुए हैं उन्होंने डॉ भीमराव अंबेडकर का हवाला देते हुए कहा कि 1955 में दिए साक्षात्कार में उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय सेना की निष्ठा अंग्रेजों के प्रति बदल चुकी थी और नेताजी के नेतृत्व ने ब्रिटिश शासन की धारणा को तोड़ दिया

    त्रिवेदी ने 1939 में द्वितीय विश्व युद्ध की शुरुआत के बाद नेताजी द्वारा इसे ब्रिटिश सरकार पर दबाव बनाने का अवसर बताया और सवाल उठाया कि उस समय कांग्रेस ने ब्रिटिश शासन पर दबाव क्यों नहीं बनाया उन्होंने कांग्रेस वर्किंग कमेटी के 14 जुलाई 1942 के रेजोल्यूशन का हवाला दिया जिसमें कहा गया कि ब्रिटिश सरकार के खिलाफ नकारात्मक भाव को सहयोग और सकारात्मक में बदला जाएगा और कांग्रेस पूरी स्वेच्छा से ब्रिटिश फौजों के समर्थन के लिए तैयार थी यही कारण था कि कांग्रेस ने 1931 से 1947 तक 1942 को छोड़कर कोई आंदोलन नहीं किया

    सुधांशु त्रिवेदी का कहना है कि इतिहास में नेताजी के योगदान को सही रूप में प्रस्तुत करना और उनका सम्मान करना आवश्यक है यह केवल भारत के गौरव के लिए नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी जरूरी है