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  • एयर इंडिया की चेक-इन सुविधा अब नई दिल्ली और शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशनों पर भी उपल्बध

    एयर इंडिया की चेक-इन सुविधा अब नई दिल्ली और शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशनों पर भी उपल्बध


    नई दिल्ली।
    टाटा समूह की अगुवाई वाली एयर इंडिया ने दिल्ली मेट्रो चेक-इन सर्विस के साथ अब नई दिल्ली और शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशनों पर अपनी चेक-इन सर्विस की शुरुआत की है।

    एयर इंडिया ने रविवार को ‘एक्स’ पर जारी एक पोस्ट में कहा कि शहर से आसमान तक, हम हर सफर को आसान बनाते हैं। कंपनी ने कहा कि हमारी दिल्ली मेट्रो चेक-इन सर्विस के साथ अब आप नई दिल्ली और शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशनों पर अपनी चेक-इन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

    एयरलाइन ने कहा कि घरेलू और इंटरनेशनल दोनों तरह की फ़्लाइट्स के लिए पहले से चेक-इन की सुविधा उपलब्ध है। कंपनी ने कहा कि मेट्रो से सीधे एयरपोर्ट तक सुरक्षित सामान का ट्रांसफर। ये सर्विस रोजाना सुबह 07:00 बजे से रात 09:00 बजे तक यात्री के लिए उपलब्ध है।

    एयर इंडिया ने कहा कि ट्रैफिक की वजह से होने वाली देरी से बचने और समय बचाने का एक सुविधाजनक तरीका है। यह हमारे मेहमानों के सफर के अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में एक और कदम है, ताकि शहर से आसमान तक उन्हें आराम, सुविधा और सुकून मिल सके।

  • कॉकरोच पार्टी ने NEET आंदोलन किया खत्म, कहा-प्रदर्शनकारी अब अपने घर लौट जाएं

    कॉकरोच पार्टी ने NEET आंदोलन किया खत्म, कहा-प्रदर्शनकारी अब अपने घर लौट जाएं


    नई दिल्ली। नई दिल्ली में कई दिनों से चल रहे आंदोलन को लेकर शनिवार को महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया जब कॉकरोच जनता पार्टी ने केंद्र सरकार के साथ हुई वार्ता के बाद अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी। संगठन ने कहा कि सरकार के साथ कई दौर की बातचीत के बाद उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक सहमति बनी है। इसी भरोसे के आधार पर जंतर मंतर पर चल रहा प्रदर्शन समाप्त करने का फैसला लिया गया है।

    पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि सरकारी प्रतिनिधिमंडल के साथ तीन चरणों में विस्तृत बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि संगठन की तीन प्रमुख मांगें थीं जिनमें तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा प्रदर्शनकारियों और आंदोलन के आयोजकों के खिलाफ दर्ज मामलों और एफआईआर को वापस लेना तथा भविष्य में आंदोलन से जुड़े लोगों के खिलाफ किसी भी प्रकार की नई कानूनी कार्रवाई नहीं किए जाने की गारंटी शामिल थी। उनके अनुसार सरकार ने इन मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाया है।

    संगठन ने यह भी दावा किया कि उसकी एक अन्य प्रमुख मांग उन परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने से जुड़ी थी जिन्होंने कथित रूप से नीट विवाद के दौरान अपने परिजनों को खोया। पार्टी का कहना है कि इस विषय पर भी सरकार के साथ चर्चा हुई और संबंधित मुद्दों पर विचार का आश्वासन मिला। हालांकि इस संबंध में सरकार की ओर से आधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है।

    कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों की जानकारी साझा करने का भरोसा दिया है। उनके अनुसार दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों में दर्ज एफआईआर की प्रतियां अगले कुछ दिनों में संगठन को उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि तय प्रक्रिया के तहत इन मामलों को वापस लेने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।

    सौरव दास ने कहा कि संगठन सरकार की नीयत पर विश्वास जताते हुए आंदोलन समाप्त कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्णय इस समझ के साथ लिया गया है कि सरकार निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने आश्वासनों को पूरा करेगी। यदि तय समय में आवश्यक कार्रवाई होती है तो यह संवाद और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की सफलता मानी जाएगी।

    उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन का उद्देश्य केवल अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना था और अब जब सरकार ने बातचीत के जरिए समाधान का रास्ता अपनाया है तो संगठन भी सकारात्मक रुख अपनाते हुए धरना समाप्त कर रहा है। पार्टी के नेताओं ने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में सभी लंबित मुद्दों पर औपचारिक कार्रवाई पूरी हो जाएगी और आंदोलन से जुड़े लोगों को राहत मिलेगी।

    इस पूरे घटनाक्रम के बाद जंतर मंतर पर कई दिनों से चल रहा प्रदर्शन समाप्त हो गया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने आंदोलन वापस लेने की घोषणा का स्वागत किया और कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में बातचीत के जरिए समाधान निकलना सबसे बेहतर रास्ता है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार अपने दिए गए आश्वासनों पर तय समय के भीतर क्या कार्रवाई करती है।

  • दिल्ली में पीएम मोदी से मिले सीएम मोहन यादव, मध्यप्रदेश की योजनाओं और किसान कल्याण वर्ष पर हुई चर्चा

    दिल्ली में पीएम मोदी से मिले सीएम मोहन यादव, मध्यप्रदेश की योजनाओं और किसान कल्याण वर्ष पर हुई चर्चा



    नई दिल्ली। Mohan Yadav ने सोमवार को नई दिल्ली में Narendra Modi से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश की विकास योजनाओं और किसान कल्याण वर्ष के तहत चल रहे कार्यक्रमों की जानकारी प्रधानमंत्री को दी।

    सीएम मोहन यादव ने मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री से भेंट कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत चल रही गतिविधियों और राज्य की प्रगति से प्रधानमंत्री को अवगत कराया गया।

    संसद परिसर में सांसदों के साथ मीडिया से चर्चा
    मुलाकात के बाद संसद भवन परिसर में मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश के सांसदों के साथ मीडिया से भी चर्चा की। इस दौरान उनके साथ Shankar Lalwani, Rahul Singh Lodhi, Ashish Dubey और Rajesh Mishra मौजूद रहे।

    चार वर्गों के लिए काम कर रही सरकार
    सीएम मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा बताए गए चार प्रमुख वर्ग – किसान, महिला, गरीब और युवा के कल्याण के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है।

    उन्होंने बताया कि प्रदेश में किसान कल्याण वर्ष के तहत करीब 16 विभागों जैसे कृषि, पशुपालन, मछली पालन और बागवानी को जोड़कर योजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए आगे भी मार्गदर्शन और आशीर्वाद दिया है, जिससे भविष्य में बेहतर परिणाम मिलेंगे।

  • नई दिल्ली पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री 2026 में भारत का दबदबा, 208 पदकों के साथ शीर्ष पर रहा देश

    नई दिल्ली पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री 2026 में भारत का दबदबा, 208 पदकों के साथ शीर्ष पर रहा देश


    नई दिल्ली।
    नई दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री 2026 का तीन दिनों तक चला रोमांचक मुकाबला आज समाप्त हो गया। प्रतियोगिता में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया। भारत ने कुल 208 पदक जीते, जिनमें 75 स्वर्ण, 69 रजत और 64 कांस्य पदक शामिल हैं।

    पदक तालिका में रूस 35 पदकों (15 स्वर्ण, 14 रजत और 6 कांस्य) के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जबकि बोस्निया और हर्जेगोविना एक स्वर्ण और दो रजत सहित कुल तीन पदकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा।

    प्रतियोगिता के अंतिम दिन भी भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। महिला 200 मीटर टी35–टी37 स्पर्धा में प्रीति पाल ने 30.26 सेकंड का समय लेकर स्वर्ण पदक जीता। रूस की करीना माचुल्स्काया 32.22 सेकंड के साथ रजत पदक पर रहीं, जबकि भारत की बीना शंभुभा ने 32.35 सेकंड के साथ कांस्य पदक हासिल किया। यह इस प्रतियोगिता में प्रीति पाल का दूसरा स्वर्ण पदक रहा।

    अपनी जीत पर प्रीति पाल ने कहा, “मैं जिस लक्ष्य के साथ इस प्रतियोगिता में उतरी थी, उसे एक माइक्रो सेकंड से चूक गई। फिर भी प्रदर्शन से संतुष्ट हूं। चार दिनों बाद राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने जाना है और अभी ऑफ-सीजन चल रहा है, इसलिए यह परिणाम अच्छा है।”

    उन्होंने आगे कहा, “मेरा व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय 30.03 सेकंड है और अभ्यास में मैं 29.6 सेकंड तक पहुंच चुकी हूं, जो उत्साहजनक है। हालांकि फिनिश लाइन के करीब आते-आते थकान महसूस होती है, जिस पर मैं काम कर रही हूं।”

    पुरुष शॉट पुट एफ57 स्पर्धा में भारत ने तीनों पदक अपने नाम किए। शुभम जुयाल ने 14.45 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि भगत सिंह ने 13.29 मीटर के साथ रजत और प्रियांश कुमार ने 13.07 मीटर के साथ कांस्य पदक हासिल किया।

    शुभम जुयाल ने 2025 विश्व चैंपियनशिप में 13.72 मीटर का प्रदर्शन किया था और मात्र पांच महीनों में 0.73 मीटर का सुधार करते हुए उन्होंने शानदार प्रगति दिखाई। यह भारतीय सेना के पैरा खिलाड़ियों की बढ़ती ताकत को भी दर्शाता है।

    ट्रैक स्पर्धाओं में भी भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा रहा। पुरुष 200 मीटर टी35 में विनय ने 28.18 सेकंड के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि अनुभव चौधरी ने 29.49 सेकंड के साथ रजत पदक हासिल किया। हांगकांग के चुई यिउ बाओ ने कांस्य पदक जीता।

    पुरुष 200 मीटर टी37–टी44 स्पर्धा में भी भारत ने क्लीन स्वीप किया। राकेशभाई भट्ट ने 25.20 सेकंड में स्वर्ण, सिद्धार्थ मंजू बेल्लारी ने 28.23 सेकंड में रजत और रविकिरण आसारेली ने 31.50 सेकंड में कांस्य पदक हासिल किया।

    पुरुष 800 मीटर टी53–टी54 में भी भारत ने तीनों पदक जीते। मनोजकुमार सबापति ने 1:57.41 के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। मणिकंदन जोथि ने 2:11.14 में रजत और कमलकांत नायक ने 2:20.83 में कांस्य पदक अपने नाम किया।

    फील्ड स्पर्धाओं में भी भारत का शानदार प्रदर्शन जारी रहा। पुरुष शॉट पुट एफ11–एफ12–एफ20 में प्रवीण शर्मा ने 13.31 मीटर के साथ स्वर्ण, मोनू घंगास ने 11.40 मीटर के साथ रजत और जनक सिंह हरसाना ने 11.22 मीटर के साथ कांस्य पदक जीता।

    पुरुष शॉट पुट एफ37 में भी भारतीय खिलाड़ियों ने पोडियम पर कब्जा जमाया। अंकित ने 12.37 मीटर के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि मयंक (11.68 मीटर) ने रजत और अक्षय (11.05 मीटर) ने कांस्य पदक हासिल किया।

    इसके अलावा भारत ने पुरुष शॉट पुट एफ53–एफ54, महिला डिस्कस थ्रो एफ57, पुरुष लॉन्ग जंप टी11–टी12, पुरुष 5000 मीटर टी54 और पुरुष 200 मीटर टी64 जैसी कई स्पर्धाओं में भी क्लीन स्वीप करते हुए अपनी मजबूत दावेदारी साबित की।


    भारतीय पैरालंपिक समिति के अध्यक्ष देवेंद्र झाझरिया ने कहा,

    “नई दिल्ली पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री 2026 ने एक बार फिर दुनिया भर के पैरा खिलाड़ियों की प्रतिभा और जज्बे को दिखाया है। भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर मुझे बेहद गर्व है। इस स्तर के आयोजन भारत में होने से पैरा खेलों के विकास को मजबूती मिलेगी और खिलाड़ियों को विश्व स्तरीय प्रतिस्पर्धा का अनुभव मिलेगा।”

  • नागरिक देवो भव’ के मंत्र के साथ नए युग की शुरुआत, PM मोदी ने किया सेवा तीर्थ का उद्घाटन

    नागरिक देवो भव’ के मंत्र के साथ नए युग की शुरुआत, PM मोदी ने किया सेवा तीर्थ का उद्घाटन


    नई दिल्ली । प्रशासनिक ढांचे के एक नए अध्याय की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अत्याधुनिक सेवा तीर्थ परिसर का उद्घाटन किया। यह वही ऐतिहासिक क्षण था जब लगभग 80 वर्षों से सत्ता और शासन का केंद्र रहे साउथ ब्लॉक से प्रधानमंत्री कार्यालय ने औपचारिक रूप से नई इमारत में प्रवेश किया। उद्घाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री ने नागरिक देवो भव के आदर्श वाक्य को दोहराते हुए कहा कि यह परिसर सरकार की नागरिक केंद्रित सोच और आधुनिक प्रशासनिक दृष्टिकोण का प्रतीक है।

    करीब 2.26 लाख वर्ग फुट में फैला यह आधुनिक परिसर सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत दारा शिकोह रोड पर लगभग 1,189 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया है। सेवा तीर्थ में तीन मुख्य भवन बनाए गए हैं सेवा तीर्थ 1 में प्रधानमंत्री कार्यालय, सेवा तीर्थ 2 में कैबिनेट सचिवालय और सेवा तीर्थ 3 में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार तथा राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय के कार्यालय स्थापित किए गए हैं। पहले ये सभी विभाग अलग अलग स्थानों पर संचालित होते थे, जिससे समन्वय और कार्यप्रणाली में जटिलताएँ आती थीं। अब एक ही छत के नीचे इन प्रमुख संस्थाओं के आने से प्रशासनिक फैसलों में तेजी और तालमेल की उम्मीद है।

    प्रधानमंत्री ने साउथ ब्लॉक में अंतिम कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता की, जो ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण रही। इसी भवन में 15 अगस्त 1947 को देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में पहली कैबिनेट बैठक हुई थी। अब इस विरासत को सहेजते हुए साउथ ब्लॉक को सार्वजनिक उपयोग के लिए संग्रहालय में बदलने की योजना है, जबकि नॉर्थ ब्लॉक में युगे युगीन संग्रहालय के निर्माण की प्रक्रिया भी प्रारंभ हो चुकी है।

    सेवा तीर्थ के साथ ही कर्तव्य भवन 1 और कर्तव्य भवन 2 का भी उद्घाटन किया गया, जहां वित्त, रक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, शिक्षा, संस्कृति, विधि एवं न्याय, सूचना एवं प्रसारण, कृषि एवं किसान कल्याण, रसायन एवं उर्वरक, कॉर्पोरेट कार्य और जनजातीय कार्य जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों के कार्यालय स्थापित किए गए हैं। इससे नीति निर्माण और निर्णय प्रक्रिया अधिक समन्वित और प्रभावी होगी।

    हाईटेक सुविधाओं से सुसज्जित यह परिसर डिजिटल आर्काइव्स, हाई स्पीड इंटरनेट, पेपरलेस वर्क कल्चर और अत्याधुनिक कॉन्फ्रेंस रूम से लैस है। स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल सिस्टम, व्यापक निगरानी नेटवर्क और उन्नत आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र सुरक्षा को अभेद्य बनाते हैं। पर्यावरणीय दृष्टि से भी यह परिसर 4 स्टार GRIHA मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है, जिसमें ऊर्जा दक्ष प्रणालियाँ, जल संरक्षण उपाय और प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन शामिल हैं।

    विजय चौक के समीप स्थित यह नया प्रशासनिक केंद्र न केवल प्रधानमंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों के आवागमन को सुगम बनाएगा, बल्कि आम नागरिकों को ट्रैफिक जाम से भी राहत दिलाने में सहायक होगा। सेवा तीर्थ केवल एक भवन नहीं, बल्कि आधुनिक, पारदर्शी और उत्तरदायी शासन व्यवस्था का प्रतीक बनकर उभरा है जहाँ परंपरा को सम्मान देते हुए भविष्य की ओर सशक्त कदम बढ़ाए गए हैं।

  • दिल्‍ली के मयूर विहार पॉकेट-1 मेट्रो स्टेशन का नया नाम, अब कहलाएगा श्रीराम मंदिर मयूर विहार

    दिल्‍ली के मयूर विहार पॉकेट-1 मेट्रो स्टेशन का नया नाम, अब कहलाएगा श्रीराम मंदिर मयूर विहार


    नई दिल्ली । राजधानी दिल्ली के पूर्वी क्षेत्र में स्थित मयूर विहार पॉकेट-1 मेट्रो स्टेशन को नया नाम दिया गया है। अब इस स्टेशन की पहचान ‘श्रीराम मंदिर मयूर विहार’ के रूप में होगी। स्टेशन के नाम में किए गए इस बदलाव को लेकर लोगों के बीच जिज्ञासा बनी हुई है कि आखिर ऐसा निर्णय क्यों लिया गया और इसकी पृष्ठभूमि क्या रही।

    मिली जानकारी के अनुसार, मयूर विहार इलाके में पहले से मयूर विहार पॉकेट-1 और मयूर विहार फेज-1 नाम से दो मेट्रो स्टेशन मौजूद थे। दोनों स्टेशनों के नाम काफी हद तक एक जैसे होने के कारण यात्रियों को बार-बार असमंजस की स्थिति का सामना करना पड़ता था। कई यात्री गलती से दूसरे स्टेशन पर उतर जाते थे, जिससे उनका समय खराब होता था और परेशानी भी बढ़ जाती थी। बुजुर्ग यात्रियों, नए लोगों और बाहरी राज्यों से आने वालों को यह दिक्कत ज्यादा होती थी।

    इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कई नेताओं ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) से मयूर विहार पॉकेट-1 मेट्रो स्टेशन का नाम बदलने का आग्रह किया था। नेताओं का तर्क था कि अलग नाम होने से स्टेशन की पहचान स्पष्ट होगी और यात्रियों को सुविधा मिलेगी।

    सूत्रों के मुताबिक, स्टेशन के नाम में बदलाव की अनुशंसा स्ट्रीट नेम्स अथॉरिटी (SNA) की ओर से की गई है। यह अथॉरिटी दिल्ली सरकार के तहत कार्यरत 29 सदस्यीय संस्था है, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री करते हैं। इसका मुख्य कार्य राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCT) दिल्ली में सड़कों, पार्कों, कॉलोनियों और अन्य सार्वजनिक स्थानों के नाम तय करना या उनमें बदलाव करना है। हालांकि, नगर निगम (MCD) और नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) इसके अधिकार क्षेत्र में शामिल नहीं हैं।

    बताया जा रहा है कि मेट्रो स्टेशन के पास स्थित श्रीराम मंदिर इस इलाके की एक प्रमुख पहचान है। इसी कारण नए नाम में स्थानीय धार्मिक और सामाजिक पहचान को जोड़ा गया है। इससे क्षेत्र को अलग पहचान मिलेगी और यात्रियों को दिशा समझने में भी सहूलियत होगी।


    सुविधा और पहचान के लिए बदला गया नाम
    दिल्ली में इससे पहले भी कई स्थानों के नाम बदले जा चुके हैं। सरकार और संबंधित एजेंसियों का कहना है कि ऐसे बदलाव का मकसद आम जनता की सुविधा बढ़ाना, स्थानीय पहचान को मजबूत करना और भ्रम की स्थिति को समाप्त करना होता है। अब मयूर विहार पॉकेट-1 मेट्रो स्टेशन ‘श्रीराम मंदिर मयूर विहार’ के नाम से जाना जाएगा। उम्मीद है कि इस फैसले से रोजाना यात्रा करने वाले हजारों लोगों को राहत मिलेगी और मेट्रो सफर पहले से ज्यादा आसान होगा।

  • भारत-खाड़ी देशों के बीच FTA बातचीत फिर शुरू, पाक-सऊदी डील के बीच उठाया बड़ा कूटनीतिक कदम

    भारत-खाड़ी देशों के बीच FTA बातचीत फिर शुरू, पाक-सऊदी डील के बीच उठाया बड़ा कूटनीतिक कदम


    नई दिल्ली । GCC छह खाड़ी देशों का संगठन है जिसमें सऊदी अरब UAE कतर कुवैत ओमान और बहरीन शामिल हैं। पीयूष गोयल ने बताया कि भारत और इन देशों के बीच व्यापारिक संबंध लगभग 5000 साल पुराने हैं। वर्तमान में लगभग 1 करोड़ भारतीय इन देशों में रहते हैं और उनकी अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। यह FTA वस्तुओं और सेवाओं के मुक्त प्रवाह को बढ़ाने निवेश को बढ़ावा देने और नीतिगत स्थिरता लाने का लक्ष्य रखता है।

    पाक-सऊदी रक्षा समझौते का प्रभाव
    भारत और GCC के बीच बातचीत उस समय शुरू हो रही है जब क्षेत्रीय भू-राजनीति जटिल है। सितंबर 2025 में सऊदी अरब और पाकिस्तान ने ‘सामरिक पारस्परिक रक्षा समझौता’SMDA पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य गतिरोधऑपरेशन सिंदूर के कुछ महीनों बाद हुआ। अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों पर हमला किया था।

    UAE और पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव
    जहां पाकिस्तान-सऊदी नजदीकियां बढ़ रही हैं वहीं UAE और पाकिस्तान के संबंधों में खटास देखी जा रही है। UAE ने पाकिस्तान के साथ एक विमानतल प्रबंधन सौदा रद्द कर दिया। एक्सप्रेस ट्रिब्यून के अनुसार यह सौदा स्थगित किया गया क्योंकि पाकिस्तान ने स्थानीय साझेदार का नाम नहीं भेजा।

    विश्लेषकों के अनुसार पाकिस्तान-सऊदी रक्षा समझौते के बाद UAE-पाकिस्तान दूरी बढ़ी है।

    भारत-UAE के बढ़ते संबंध
    UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की दिल्ली यात्रा ने भारत-UAE संबंधों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। यात्रा के कुछ घंटों बाद दोनों देशों ने 2032 तक द्विपक्षीय व्यापार $200 बिलियन तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा। खाड़ी देशों में UAE और सऊदी अरब भारत के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार हैं।विश्लेषकों का मानना है कि सऊदी अरब के साथ पाकिस्तान की रणनीतिक साझेदारी और UAE के साथ भारत के बढ़ते संबंध खाड़ी देशों की प्राथमिकताओं में बदलाव को दिखाते हैं।

  • कश्मीरी गेट अब अकेला नहीं! दिल्ली मेट्रो में 3 नए ट्रिपल-इंटरचेंज हब बनेंगे, आजादपुर, नई दिल्ली और लाजपत नगर

    कश्मीरी गेट अब अकेला नहीं! दिल्ली मेट्रो में 3 नए ट्रिपल-इंटरचेंज हब बनेंगे, आजादपुर, नई दिल्ली और लाजपत नगर


    नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो की तस्वीर बदलने जा रही है। लंबे समय तक कश्मीरी गेट ही राजधानी का एकमात्र ट्रिपल-इंटरचेंज स्टेशन रहा, जहां तीन मेट्रो लाइनें मिलती हैं। लेकिन अब फेज-4 के तहत आजादपुर, नई दिल्ली और लाजपत नगर भी ट्रिपल-इंटरचेंज बनेंगे, जिससे दिल्ली में यात्रा और तेज, आसान और सुविधाजनक होगी।

    फेज-4 में तीन नए सुपर हब
    दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने कहा है कि फेज-4 के पूरा होने के बाद ये तीनों स्टेशन ऐसे हब बनेंगे जहां तीन-तीन लाइनें एक ही प्लेटफॉर्म/कनेक्शन पॉइंट पर मिलेंगी। इससे यात्रियों को बार-बार लाइन बदलने की परेशानी कम होगी और सफर का समय भी घटेगा।

    खासकर उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम दिल्ली की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

    कश्मीरी गेट की मौजूदा भूमिका
    वर्तमान में कश्मीरी गेट स्टेशन रेड, येलो और वायलेट लाइन को जोड़ता है और रोजाना भारी संख्या में यात्रियों का यह प्रमुख ट्रांजिट प्वाइंट है। यह स्टेशन उत्तर/उत्तर-पश्चिम दिल्ली को मध्य और दक्षिण दिल्ली से जोड़ने में अहम भूमिका निभाता रहा है।

    2026 तक 3 नए ट्रिपल-इंटरचेंज हब
    फेज-4 में सबसे पहले आजादपुर ट्रिपल-इंटरचेंज के रूप में काम करेगा, जहां येलो, पिंक और मैजेंटा लाइन मिलेगी। अधिकारियों के अनुसार यह हब 2026 के अंत तक चालू हो जाएगा, जिससे उत्तर, पश्चिम और दक्षिण दिल्ली के बीच यात्रा आसान हो जाएगी।

    नई दिल्ली स्टेशन बनेगा एयरपोर्ट-हब
    नई दिल्ली स्टेशन भी जल्द ही येलो लाइन, एयरपोर्ट एक्सप्रेस और ग्रीन लाइन से जुड़कर ट्रिपल-इंटरचेंज बन जाएगा। इससे एयरपोर्ट, सेंट्रल दिल्ली और पश्चिमी दिल्ली के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। हालांकि, ग्रीन लाइन का विस्तार अभी शुरू नहीं हुआ है और इसे चालू होने में कुछ साल लग सकते हैं।
    लाजपत नगर होगा दक्षिण दिल्ली का नया हब
    लाजपत नगर स्टेशन वायलेट, पिंक और प्रस्तावित गोल्डन लाइन को जोड़कर दक्षिण दिल्ली में एक प्रमुख कनेक्टिविटी पॉइंट बन जाएगा। इससे दक्षिण दिल्ली में ईस्ट-वेस्ट और नॉर्थ-साउथ कनेक्टिविटी मजबूत होगी और यात्रियों को रूट बदलने की जरूरत कम होगी।

    फेज-5 (ए) में सेंट्रल सेक्रेटेरिएट भी बनेगा हब
    फेज-5 (ए) में सेंट्रल सेक्रेटेरिएट स्टेशन को भी ट्रिपल-इंटरचेंज बनाने की योजना है, जहां येलो, वायलेट और मैजेंटा लाइनें मिलेंगी। इससे सेंट्रल विस्टा और सरकारी इलाकों तक पहुंच और आसान होगी।

    DMRC का दावा
    DMRC अधिकारियों का कहना है कि ट्रिपल-इंटरचेंज स्टेशनों से यात्रियों का समय बचेगा, मेट्रो का उपयोग बढ़ेगा और सड़क ट्रैफिक व प्रदूषण कम होंगे।

  • प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से श्री आलोक मेहता की भेंट क्रांतिकारी राज की पहली प्रति भेंट की

    प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से श्री आलोक मेहता की भेंट क्रांतिकारी राज की पहली प्रति भेंट की


    नई दिल्ली । नई दिल्ली प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से आज यहां एक महत्वपूर्ण भेंट में प्रसिद्ध लेखक और पत्रकार श्री आलोक मेहता ने प्रधानमंत्री को अपनी पुस्तक क्रांतिकारी राजनरेंद्र मोदी के 25 साल की पहली प्रति भेंट की। यह मुलाकात प्रधानमंत्री कार्यालय में हुईजहां आलोक मेहता ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व के 25 सालों के सफर को केंद्रित करते हुए अपनी किताब के बारे में चर्चा की।

    श्री आलोक मेहता की यह पुस्तक नरेंद्र मोदी के राजनीतिक जीवन की प्रमुख घटनाओं और उनकी कार्यशैली को प्रस्तुत करती है। इसमें मोदी के शासन में हुए बदलावों उनकी नीतियों और भारतीय राजनीति में उनकी भूमिका का विस्तार से वर्णन किया गया है। यह पुस्तक प्रधानमंत्री मोदी के व्यक्तिगत दृष्टिकोण और उनके राजनीतिक संघर्ष को भी उजागर करती हैजो उन्होंने अपने शुरुआती दिनों से लेकर देश के सर्वोच्च पद तक का सफर तय किया।

    प्रधानमंत्री मोदी ने इस मुलाकात को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पूर्व में ट्विटर पर एक पोस्ट साझा किया जिसमें उन्होंने लिखाश्री आलोक मेहता से मिलकर खुशी हुई और उनकी पुस्तक की प्रति प्राप्त की। प्रधानमंत्री की इस पोस्ट ने किताब और लेखक की सराहना की और इस पुस्तक को लेकर उत्सुकता भी पैदा की।

    इस मुलाकात में दोनों के बीच राजनीतिक और साहित्यिक विषयों पर भी गहन चर्चा हुई। आलोक मेहता ने प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण को समझने का प्रयास किया और उनके कार्यकाल के दौरान जो प्रमुख बदलाव हुए हैंउस पर बातचीत की। यह मुलाकात न केवल साहित्यिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण थीबल्कि भारतीय राजनीति में प्रधानमंत्री मोदी के प्रभाव को समझने का एक बेहतरीन अवसर भी प्रदान करती है।

    श्री आलोक मेहता की यह किताब उनके कई वर्षों के अनुभव और अनुसंधान का परिणाम हैऔर यह भारतीय राजनीति के अध्ययन में एक महत्वपूर्ण योगदान मानी जा रही है। इस किताब को लेकर देशभर में चर्चा शुरू हो गई हैऔर इसे पढ़ने के लिए पाठकों में उत्साह देखा जा रहा है।

  • लोकसभा में हंगामे के बीच VB–G Ram G बिल पास, विपक्ष ने फाड़े कागज और किया नारेबाजी

    लोकसभा में हंगामे के बीच VB–G Ram G बिल पास, विपक्ष ने फाड़े कागज और किया नारेबाजी


    नई दिल्ली/18 दिसंबर 2025 को लोकसभा में एक बार फिर हंगामे का माहौल देखने को मिला। भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण यानी VB–G Ram G बिल पर मतदान के दौरान विपक्षी दलों ने जोरदार विरोध किया। विरोध के स्वर इतना तेज थे कि कई सांसद वेल में पहुंचकर नारेबाजी करने लगे और बिल से जुड़े कागज फाड़कर सदन में फेंक दिए। इसके चलते लोकसभा की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा।

    विपक्ष का कड़ा विरोध
    विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार ने इस अहम बिल को पर्याप्त चर्चा और बहस के बिना जल्दबाजी में पास करवा दिया। उनका कहना था कि ग्रामीण रोजगार और आजीविका से जुड़े इतने महत्वपूर्ण मुद्दे पर व्यापक और खुली बहस आवश्यक थी। हंगामे के दौरान विपक्षी सांसद लगातार नारेबाजी कर रहे थे और सदन की कार्यवाही बाधित होती रही।विपक्ष का मुख्य आरोप यह भी था कि विधेयक पारित करते समय लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और पारदर्शिता की अनदेखी की गई। विपक्ष ने कहा कि इस बिल का उद्देश्य भले ही ग्रामीण रोजगार सृजन और आजीविका बढ़ाना है, लेकिन इसे बिना पर्याप्त चर्चा के पास कराना संसद की गरिमा के खिलाफ है।

    कृषि मंत्री का जवाब
    बिल पर चर्चा के दौरान कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सरकार का पक्ष मजबूती से रखा। उन्होंने कहा कि यह विधेयक ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मंत्री ने कहा, हम किसी से भेदभाव नहीं करते। बापू हमारी प्रेरणा और श्रद्धा हैं। हमारे लिए पूरा देश एक है। देश केवल जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आशाओं और आकांक्षाओं का प्रतीक है।
    उन्होंने आगे बताया कि सरकार का उद्देश्य हर जरूरतमंद तक रोजगार और आजीविका के अवसर पहुंचाना है। इस बिल के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और लाखों ग्रामीण परिवारों को स्थायी रोजगार के अवसर मिलेंगे।

    सदन में बढ़ता हंगामा और स्थगन

    मंत्री के जवाब के बावजूद विपक्ष का विरोध कम नहीं हुआ। सांसदों ने नारेबाजी जारी रखी और कई ने कागज फाड़कर सदन में फेंक दिए। लगातार हंगामे के चलते स्पीकर ने लोकसभा की कार्यवाही अगले दिन तक स्थगित करने का फैसला किया। यह स्थिति यह दर्शाती है कि बिल का पारित होना राजनीतिक तौर पर कितनी संवेदनशील स्थिति पैदा कर गया है।

    राजनीतिक सरगर्मी तेज

    VB–G Ram G बिल के पारित होने के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ गई है। जहां सरकार इसे ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन की दिशा में ऐतिहासिक कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की अनदेखी करार दे रहा है। आने वाले दिनों में इस बिल को लेकर संसद के बाहर भी राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।विशेषज्ञों का कहना है कि इस बिल के प्रभाव और इसके क्रियान्वयन की निगरानी भी महत्वपूर्ण होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, आजीविका के अवसर और आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए बिल का क्रियान्वयन प्रभावी और पारदर्शी होना चाहिए।VB–G Ram G बिल न केवल ग्रामीण भारत के लिए आर्थिक अवसर बढ़ाने का माध्यम है, बल्कि यह संसद में कानून बनाने की प्रक्रिया, बहस और राजनीतिक गतिशीलता का उदाहरण भी बन गया है। यह देखना रोचक होगा कि अगले हफ्तों में इस बिल को लेकर क्या नीति और क्रियान्वयन कदम उठाए जाते हैं।