Tag: new government

  • पश्चिम बंगाल में नई सरकार का कामकाज शुरू…. CM शुभेंदु ने मंत्रियों को बांटे विभाग

    पश्चिम बंगाल में नई सरकार का कामकाज शुरू…. CM शुभेंदु ने मंत्रियों को बांटे विभाग


    कोलकाता।
    पश्चिम बंगाल (West Bengal) विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) में प्रचंड जीत के बाद नई बीजेपी सरकार (New BJP government) ने राज्य में प्रशासनिक कामकाज को तेजी से पटरी पर लाने की कोशिश शुरू कर दी है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (Chief Minister Shubhendu Adhikari) ने भी सोमवार को मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया. गृह, वित्त और कर्मचारियों ​अधिकारियों की ट्रांसफर पोस्टिंग से जुड़े कार्मिक जैसे महत्वपूर्ण विभाग मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपने पास रखे हैं।


    दिलीप घोष:

    बीजेपी के वरिष्ठ नेता और खड़गपुर सदर से विधायक दिलीप घोष को ग्रामीण विकास, पंचायती राज और पशु संसाधन विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है. यह विभाग राज्य में ग्रामीण प्रशासन और जमीनी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है।


    अशोक कीर्तनिया:

    बनगांव उत्तर के विधायक अशोक कीर्तनिया को खाद्य विभाग का प्रभार दिया गया है. पश्चिम बंगाल की राजनीति में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का बड़ा महत्व रहा है, ऐसे में यह विभाग भी काफी अहम माना जा रहा है. यह विभाग राज्य भर में पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम के जरिए खाद्य सामग्री के वितरण और कल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वयन की देखरेख करेगा।


    खुदिराम टुडू:

    रानीबांध विधायक खुदिराम टुडू को पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग सौंपा गया है. इसे आदिवासी और पिछड़े वर्गों के बीच बीजेपी की पकड़ मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. यह मंत्रालय पूरे बंगाल में पिछड़े समुदायों के लिए कल्याणकारी योजनाओं, छात्रवृत्तियों और सामाजिक विकास कार्यक्रमों पर ध्यान केंद्रित करता है.


    अग्निमित्रा पॉल:

    आसनसोल उत्तर की विधायक और पार्टी में प्रमुख महिला चेहरा अग्निमित्रा पॉल को महिला एवं बाल विकास विभाग और नगर विकास विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है. वह शुभेंदु कैबिनेट की इकलौती महिला मंत्री हैं. महिलाओं के लिए कल्याणकारी कार्यक्रमों के संचालन और महिला सुरक्षा के पहलों को बढ़ावा देने के अलावा शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार के लिहाज से अग्निमित्रा को मिले दोनों विभाग भाजपा सरकार के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं.


    निशीथ प्रमाणिक:

    माथाभांगा विधायक निशीथ प्रमाणिक को खेल और युवा कल्याण के साथ-साथ उत्तर बंगाल के विकास का प्रभार दिया गया है. यह पोर्टफोलियो महत्वपूर्ण है क्योंकि हालिया चुनाव में भी भाजपा ने उत्तरी बंगाल में अपना मजबूत आधार बनाए रखा और उसका लक्ष्य इस क्षेत्र में अपनी उपस्थिति को और मजबूत करना है.


    मंत्रिमंडल के जरिए साधा समीकरण

    नई कैबिनेट में शामिल नेताओं का चयन राजनीतिक और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखकर किया गया है. दिलीप घोष लंबे समय तक पश्चिम बंगाल बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रहे और राज्य में पार्टी का संगठन खड़ा करने में उनकी अहम भूमिका रही.

    अग्निमित्रा पॉल को कैबिनेट में जगह देकर बीजेपी महिला वोटरों को साधने की कोशिश कर रही है, जबकि खुदीराम टुडू और अशोक कीर्तनिया के जरिए आदिवासी और मतुआ समुदाय तक पहुंच मजबूत करने की रणनीति दिखाई दे रही है. वहीं निशीथ प्रमाणिक के जरिए बीजेपी ने मंत्रिमंडल में युवा प्रतिनिधित्व को जगह दी है.


    चुनाव में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत

    बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 294 में से 207 सीटें जीतकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की, जबकि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों पर सिमट गई. इस प्रचंड बहुमत ने नई सरकार को बिना किसी गठबंधन दबाव के अपनी नीतियां लागू करने की ताकत दी है.


    पहली कैबिनेट बैठक में 5 बड़े फैसले

    नई सरकार ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में हुई पहली कैबिनेट बैठक में ही कई केंद्रीय योजनाओं को राज्य में लागू करने का ऐलान किया. इनमें आयुष्मान भारत, पीएम जन आरोग्य योजना, पीएम श्री, विश्वकर्मा योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और उज्ज्वला योजना शामिल हैं.

    शुभेंदु सरकार ने बंगाल में भारतीय न्याय संहिता (BNS) लागू करने, सरकारी नौकरियों की अधिकतम आयु सीमा में 5 साल की बढ़ोतरी और आईएएस अधिकारियों को केंद्र सरकार के ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल करने जैसे प्रशासनिक सुधारों से जुड़े फैसले लिए हैं.


    सुशासन और पारदर्शिता पर रहेगा जोर

    कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि उनकी सरकार ‘सुशासन और पारदर्शिता’ को प्राथमिकता देगी. उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि पिछली सरकार के दौरान शुरू की गईं कल्याणकारी योजनाएं जारी रहेंगी, लेकिन लाभार्थियों का सत्यापन सख्ती से किया जाएगा ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न हो. मुख्यमंत्री ने बांग्लादेश सीमा से लगे जिलों में बीएसएफ को फेंसिंग के लिए लैंड ट्रांसफर की प्रक्रिया को भी 45 दिनों के भीतर पूरा करने का निर्देश अधिकारियों को दिया।

  • बंगाल में नई सरकार का शपथ ग्रहण 9 मई को…. कौन होगा CM? अमित शाह खुद जाएंगे कोलकाता

    बंगाल में नई सरकार का शपथ ग्रहण 9 मई को…. कौन होगा CM? अमित शाह खुद जाएंगे कोलकाता


    कोलकाता।
    पश्चिम बंगाल (West Bengal.) में भाजपा (BJP) की शानदार जीत के बाद अब नई सरकार के गठन की तैयारी तेज हो गई है। शपथ ग्रहण नौ मई को कोलकाता (Kolkata.) के ब्रिगेड परेड ग्राउंड (Brigade Parade Ground) में सुबह दस बजे होने की संभावना है। सूत्रों का कहना है कि कार्यक्रम की तैयारियां शुरू हो गई हैं। मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगते ही तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा। सूत्रों की मानें तो आठ मई को भाजपा विधायकों की बैठक होगी। इस सबमें सबसे अहम बात है पर्यवेक्षक के तौर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) का बंगाल जाना।

    अमित शाह (Amit Shah) के भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद शायद यह पहला मौका होगा कि जब वह किसी राज्य के नतीजे सामने आने के बाद बतौर पर्यवेक्षक उस राज्य का दौरा करेंगे। भाजपा के इतिहास पर नजर डालें तो यह कोई सामान्य घटना नहीं है। ऐसे में कयासों का दौर शुरू हो चुका है।


    कौन बनेगा बंगाल का मुख्यमंत्री?

    भाजपा ने असम और बंगाल में शानदार जीत दर्ज की है। असम में मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए वर्तमान मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Chief Minister Himanta Biswa Sarma) का नाम तय माना जा रहा है। पूरे देश की निगाहें बंगाल पर टिकी हुई हैं। राज्य में सरकार बनाने की कवायद के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार को पश्चिम बंगाल दौरे पर जा सकते हैं। भाजपा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शपथ ग्रहण से पहले गृह मंत्री का दौरा कई मायनों में अहम है। पर्यवेक्षक के रूप में गृह मंत्री दौरे के दौरान कई अहम फैसले कर सकते हैं। इसमें मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्रियों के नाम पर रणनीति बनेगी। बैठक में पश्चिम बंगाल में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हो सकते हैं।

    बंगाल के भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बनने की रेस में शुभेंदु अधिकारी का नाम सबसे आगे चल रहा है। वह ममता बनर्जी के कार्यकाल में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभा चुके हैं। इसके अलावा, उन्हें पार्टी ने दो दो सीटों से उतारा था। उन्होंने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों ही सीटों पर टीएमसी को मात दी है। पिछली बार उन्होंने नंदीग्राम में ममता बनर्जी को हराया था। इस चुनाव में उन्होंने भवानीपुर में भी ममता को ही मात दी है। इससे उनका कद भाजपा में और बड़ा हो गया है। हालांकि अमित शाह के पर्यवेक्षक बनाए जाने के बाद से यह चर्चा जरूर होने लगी है कि अगर सबकुछ सामान्य तरीके से होना होता तो गृह मंत्री खुद बतौर पर्यवेक्षक बंगाल का दौरा नहीं करते।


    शुभेंदु नहीं तो कौन बनेगा बंगाल का CM?

    भारतीय जनता पार्टी ने राज्यों में मुख्यमंत्री चुनने में हमेशा से चौंकाने वाले फैसले लिए हैं। राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और दिल्ली इसका ताजा उदाहरण हैं। तमाम कयासों पर विराम लगाते हुए भाजपा ने ऐसे नाम को आगे बढ़ाया जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। अब अमित शाह के दौरे के बाद से सवाल उठ रहा है कि बंगाल में भी भाजपा ऐसा ही कुछ तो नहीं करने जा रही है। हालांकि, बाकी राज्यों की तुलना में बंगाल की स्थिति काफी अलग है। यहां भाजपा को ऐसे नेतृत्व की जरूरत होगी जो पार्टी के भविष्य के हित में हो।

  • 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य की शपथ लेंगे नीतीश कुमार…. बिहार में नई सरकार गठन की कवायद तेज

    10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य की शपथ लेंगे नीतीश कुमार…. बिहार में नई सरकार गठन की कवायद तेज


    पटना।
    बिहार (Bihar) के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Chief Minister Nitish Kumar) 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। जदयू के विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री तीन दिवसीय दौरे पर 9 अप्रैल की दोपहर दिल्ली रवाना होंगे। शुक्रवार को शपथ लेने के बाद शनिवार 11 अप्रैल को पटना वापस आएंगे। दिल्ली में प्रधानमंत्री और गृहमंत्री (Prime Minister and Home Minister) से भी उनकी मुलाकात हो सकती है।

    नीतीश कुमार के पटना वापसी के साथ ही बिहार में भाजपा के नेतृत्व में नई सरकार के गठन की कवायद तेज हो जाएगी। इसके बाद किसी भी दिन नीतीश मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ सकते हैं। एनडीए के दलों में यह आपसी साझेदारी बन चुकी है कि अगला मुख्यमंत्री भाजपा का होगा। सरकार में जदयू की मौजूदगी भी दमदार रहेगी तथा इस पार्टी से राज्य को उप मुख्यमंत्री मिलेगा। यह दोनों बातें पहली बार होगी।

    नीतीश कुमार बतौर राज्यसभा सदस्य शपथ लेकर पटना वापसी पर किसी दिन एनडीए विधानमंडल दल की बैठक बुला सकते हैं और इस बैठक में वह सीएम पद छोड़ने की जानकारी आधिकारिक तौर पर विधायकों को देंगे। फिर राज्यपाल को इस्तीफा सौंपेंगे। नई सरकार के गठन को पहले एनडीए के सभी घटक दलों के विधायक दल की अलग-अलग बैठकों में नेता चुने जाएंगे।

    फिर एनडीए विधानमंडल दल के नेता की घोषणा संयुक्त बैठक में होगी। नए नेता सरकार गठन का प्रस्ताव राज्यपाल को सौंपेंगे। एनडीए के दलों में हो रही चर्चा के मुताबिक 15 अप्रैल के बाद ही नई सरकार अस्तित्व में आएगी। पद छोड़ने के पहले सीएम की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक होने के भी आसार हैं, जिसमें कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं।


    कौन बनेगा बिहार का सीएम?

    अब भले ही बिहार में नई सरकार बनने का प्रोग्राम सेट हो गया हो लेकर राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा इसपर अभी सस्पेंस बरकरार है। सीएम की रेस में सम्राट चौधरी का नाम अभी सबसे आगे चल रहा है। मौजूदा डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने हाल ही में यह कर सम्राट चौधरी की राह और भी आसान कर दी थी कि वो सीएम की रेस में नहीं हैं बल्कि वो सेवक की रेस में हैं। हालांकि, बिहार के नए मुख्यमंत्री को लेकर अभी बीजेपी ने चुप्पी साध रखी है। पार्टी नेता लगातार यह कह रहे हैं कि एनडीए की बैठक में बिहार के नए सीएम का नाम तय किया जाएगा। इधऱ डिप्टी सीएम की रेस में नीतीश कुमार के बेटे निशांत का नाम है। हालांकि, सीएम और डिप्टी सीएम के नामों को लेकर यह सिर्फ कयासबाजी है अभी इसपर आधिकारिक तौर से कुछ भी साफ नहीं किया गया है।

  • नीतीश कुमार 12 अप्रैल को मुख्‍यमंत्री पद से दे सकते हैं इस्तीफा, 14 को नई सरकार बनने की संभावना

    नीतीश कुमार 12 अप्रैल को मुख्‍यमंत्री पद से दे सकते हैं इस्तीफा, 14 को नई सरकार बनने की संभावना


    नई दिल्ली। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में MLC पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद बिहार में नए मुख्यमंत्री की खोज शुरू हो गई है। बीजेपी की ओर से नए सीएम के लिए सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, नित्यानंद राय और दिलीप जायसवाल के नाम चर्चा में हैं। जेडीयू से निशांत कुमार और विजय चौधरी के नाम सामने आ रहे हैं।

    मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि नीतीश कुमार 12 अप्रैल को CM पद से इस्तीफा दे सकते हैं। इसके बाद 14 अप्रैल तक नए मुख्यमंत्री की शपथ समारोह होने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    राजनीतिक गतिविधियां और दिल्ली यात्रा

    सियासी हलचल के बीच बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार अगले सप्ताह 9 अप्रैल को दिल्ली जाएंगे और राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ले सकते हैं। इसके बाद वे पटना लौटकर राज्यपाल रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन से मिलकर अपना इस्तीफा सौंपेंगे।

    सुरक्षा और आवास में बदलाव

    मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद भी नीतीश कुमार को जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा जारी रहेगी। गृह विभाग की विशेष शाखा ने आदेश में कहा है कि उन्हें बिहार स्पेशल सिक्योरिटी एक्ट-2000 के तहत सुरक्षा प्रदान की जाएगी। सीएम पद छोड़ने के बाद नीतीश कुमार को वर्तमान में 1 अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास छोड़कर 7 सर्कुलर रोड स्थित बंगले में रहने के लिए जाना होगा।

  • बांग्लादेश में नई सरकार आने के बाद भी हिंदुओं पर हमले जारी… फिर हुई दो की हत्या

    बांग्लादेश में नई सरकार आने के बाद भी हिंदुओं पर हमले जारी… फिर हुई दो की हत्या


    ढाका।
    बांग्लादेश (Bangladesh) में अल्पसंख्यकों (Minorities) के लिए हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। नई सरकार (New government) आने के बाद भी हिंदुओं और हिंदू मंदिरों (Hindu Temples) पर हमले का सिलसिला नहीं रुका है। पिछले एक हफ्ते में अलग-अलग घटनाओं में दो हिंदुओं की हत्या हो चुकी है। वहीं, चार अन्य लोग, जिसमें एक पुजारी भी शामिल है, मंदिर के बाहर बम धमाके में घायल हो गए हैं। बांग्लादेश के दक्षिणपंथी ग्रुप, जातियो हिंदुओ मोहाजोतो ने इसकी जानकारी दी है। 6 मार्च और 7 मार्च को बोगुरा और कॉक्स बाजार में दो व्यक्तियों की हत्या कर दी गई, जबकि 8 मार्च को चुमिल्ला शहर में पूजा के दौरान एक हिंदु मंदिर पर क्रूड बम फेंके गए, जिससे काफी डर फैल गया।


    मंदिर पर हमले की पुष्टि

    बांग्लादेश समाचार की एक रिपोर्ट में कालीगाछ टाला काली मंदिर पर हमले की पुष्टि की है। कोतवाली मॉडल पुलिस स्टेशन के प्रभारी तौहीदुल अनवर ने बताया कि पुरोहित केशोब चक्रवर्ती, साथ ही अन्य दो लोगों को अस्पताल में उपचार मिला। मंदिर समिति के अध्यक्ष सजोल कुमार चंदा ने कहाकि धमाका धार्मिक समारोह के दौरान हुआ। सीसीटीवी फुटेज में कथित तौर पर एक नकाबपोश व्यक्ति को धमाके से थोड़ी देर पहले मंदिर में प्रवेश करते और एक बैग छोड़ते हुए दिखाया गया। घायल पुजारी केशब चक्रवर्ती ने बताया कि बम विस्फोट के बाद, मेरे सामने एक सफेद चीज गिरी…बाद में, धुआं देखकर, दूसरों ने मुझे बताया कि यह एक बम था।


    क्षेत्र में फैल गई घबराहट

    विस्फोट के बाद क्षेत्र में घबराहट फैल गई। पहले धमाके के बाद, हमलावरों ने कथित तौर पर नजदीकी बौद्ध मंदिर और एक निजी ऑफिस के पास दो और साधारण बम फोड़ दिए। मेट्रोपॉलिटन पूजा उत्सव फ्रंट के संयोजक श्यामल कृष्ण ने स्थल का दौरा किया और जिम्मेदारों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई का आग्रह किया।

    उन्होंने कहाकि जो लोग शांतिपूर्ण वातावरण को भंग करने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें जल्दी गिरफ्तार किया जाना चाहिए। घटना के बाद पुलिस अधिकारियों, जिनमें कुमिला के पुलिस अधीक्षक मोहम्मद अनीसुज्जमान भी शामिल थे, ने स्थल का दौरा किया और जांच में सहायता के लिए एक एंटी बम स्क्वॉड को बुलाया गया।