Tag: new Prime Minister

  • ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री बनेंगे एंडी बर्नहैम…. किंग ऑफ नॉर्थ के नाम से हैं मशहूर

    ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री बनेंगे एंडी बर्नहैम…. किंग ऑफ नॉर्थ के नाम से हैं मशहूर


    लंदन।
    ब्रिटेन (Britain) को नया प्रधानमंत्री (New Prime Minister) मिल गया है। लेबर पार्टी ने एंडी बर्नहैम (Andy Burnham) के नाम का ऐलान कर दिया है। एंडी ग्रेटर मैनचेस्टर के पूर्व मेयर (Former Mayor Greater Manchester) और मेकरफील्ड से सांसद एंडी हैं। उन्हें मध्य लंदन में आयोजित विशेष सम्मेलन में निर्विरोध रूप से लेबर पार्टी का नया नेता चुन लिया गया है। बर्नहैम सोमवार को ब्रिटेन के नये प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभालेंगे।

    पार्टी नेता घोषित होने के बाद अपने पहले ऐतिहासिक भाषण में बर्नहैम ने ‘मैं तैयार हूं’ का नारा दिया। साथ ही देश में नई राजनीति की शुरुआत करने, कामकाजी वर्ग को उनका पुराना गौरव और उम्मीद वापस लौटाने आर्र कीर स्टारमर की बनाई मजबूत नींव पर आगे बढ़ने का दृढ़ संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश के हर हिस्से- चाहे वह उत्तर हो, दक्षिण, स्कॉटलैंड हो या वेल्स, सभी को समान और मजबूत आवाज दी जाएगी।


    पहले भी पार्टी नेतृत्व के लिए लड़ा चुनाव

    ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री बनने जा रहे एंडी बर्नहैम का जन्म 7 जनवरी 1970 को हुआ। फिलहाल एंडी, ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर हैं और हाल ही में मेकरफील्ड से सांसद चुने गए हैं। लेबर पार्टी में उन्हें पारंपरिक वामपंथी और उत्तरी इंग्लैंड का सबसे मजबूत चेहरा माना जाता है। बर्नहैम ने 1990 के दशक में राजनीति में कदम रखा। गॉर्डन ब्राउन सरकार में स्वास्थ्य और संस्कृति मंत्री रहे। बर्नहैम इससे पहले पार्टी नेतृत्व के लिए दो बार चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन दोनों बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। 2010 और 2015 में पार्टी नेतृत्व की दौड़ में शामिल हुए, लेकिन एड मिलिबैंड और जेरेमी कॉर्बिन से हार गए।

    बनाई है अपनी अलग पहचान
    एंडी बर्नहैम को ‘किंग ऑफ नॉर्थ’ कहा जाता है। इसके पीछे एंडी का तौर-तरीका है। असल में उन्होंने एक अंदाज के राजनेता के तौर पर अपनी पहचान बनाई। एंडी ने कीमती सूट और परंपरागत टाई को छोड़कर टी-शर्ट और बॉम्बर जैकेट पहनना शुरू कर दिया। साल 2001 में वह पहली बार संसद पहुंचे। तब उन्होंने टोनी ब्लेयर और गॉर्डन ब्राउन की सरकारों में संस्कृति और स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे बड़े पद संभाले। लेकिन 2010 और 2015 में लेबर पार्टी के नेतृत्व की रेस में पिछड़ने के बाद उन्होंने सभी को चौंकाते हुए लंदन का एलीट कूटनीतिक गलियारा छोड़ दिया। यहीं से उनकी पहनावे में बदलाव आया।


    ऐसी रही है लव लाइफ

    एंडी बर्नहैम की पत्नी का नाम है फ्रैंकी। हालांकि उनका पूरा नाम, मैरी-फ्रांस वैन हील है। इन दोनों की पहली मुलाकात साल 1989 में हुई थी। उस वक्त दोनों, कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के फिट्जविलियम कॉलेज में पढ़ते थे। फ्रैंकी, नीदरलैंड्स से यहां पढ़ने आई थीं। दोनों के बीच पहले दोस्ती हुई फिर प्यार हो गया, आखिर साल 2000 में दोनों ने शादी कर ली। दोनों अपने बच्चों को बहुत ही सादगी से पालते हैं। उनके बच्चों के नाम जिमी, रोजी और एनी है।

    नेता चुने जाने के बाद क्या बोले
    लेबर पार्टी का चुने जाने के बाद बर्नहैम ने कहा कि ब्रिटिश जनता मौजूदा राजनीति से तंग आ चुकी है। उन्होंने 1980 के दशक की नीतियों की आलोचना करते हुए कहाकि तब राजनीतिक शक्ति का केंद्रीकरण और आर्थिक शक्ति का निजीकरण कर दिया गया था, जिससे जनता आवास, पानी, ऊर्जा और परिवहन जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए ऊंचे दामों के जाल में फंस गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे केवल नंबर हासिल करने की राजनीति के बजाय सोशल केयर जैसे बड़े और उपेक्षित मुद्दों को हल करेंगे। इसके साथ ही पूरी पार्टी में एकजुटता का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि वे एक लेबर टीम की संस्कृति का निर्माण करेंगे और उनकी कैबिनेट में पार्टी के हर धड़े और विचारों के नेताओं को जगह दी जाएगी।


    सियासी यात्रा का जिक्र

    अपनी राजनीतिक यात्रा का जिक्र करते हुए बर्नहैम ने कहाकि 2009 में एनफील्ड (लिवरपूल) से उन्होंने महसूस किया था कि यह देश कामकाजी वर्ग के लिए ठीक से काम नहीं कर रहा है। उन्होंने शेफील्ड, स्कैंथॉर्प, साउथ वेल्स और क्लाइड जैसे औद्योगिक व खनन क्षेत्रों का नाम लेते हुए कहा कि इन जगहों के लोगों ने लेबर पार्टी को बनाया, लेकिन राजनीति ने उनकी उपेक्षा की। अब लेबर पार्टी उनके भरोसे को वापस जीतेगी। उन्होंने अपने पूर्ववर्ती नेता कीर स्टारमर को देश और पार्टी की शानदार सेवा के लिए धन्यवाद दिया, जिनके नेतृत्व में पार्टी अपनी सबसे बड़ी हार से उबरकर सबसे बड़ी जीत तक पहुंची और वैश्विक मंच पर ब्रिटेन की साख मजबूत हुई।


    कैसे बना रास्ता

    बता दें कि लेबर पार्टी को मई में हुए स्थानीय चुनावों में करारी हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री सर कीर स्टार्मर पर पद छोड़ने का भारी दबाव बन गया था। इसी बीच बर्नहैम ने जून में मेकरफील्ड उपचुनाव में शानदार जीत दर्ज कर संसद में वापसी की। उनके सांसद बनते ही राजनीतिक समीकरण बदल गए और स्टार्मर ने अपने पद से इस्तीफे की घोषणा कर दी। सोमवार को प्रधानमंत्री ऑफिस ‘10 डाउनिंग स्ट्रीट’ में स्टॉर्मर के भावुक संबोधन के तुरंत बाद बर्नहैम ने ‘हाउस ऑफ कॉमन्स’ में सांसद के रूप में औपचारिक रूप से शपथ ली।

  • यूक्रेन में जेलेंस्की सरकार में बड़ा फेरबदल…. सेरगी कोरेट्स्की बने नए प्रधानमंत्री

    यूक्रेन में जेलेंस्की सरकार में बड़ा फेरबदल…. सेरगी कोरेट्स्की बने नए प्रधानमंत्री


    कीव।
    रूस (Russia) संग जारी युद्ध (War) के बीच यूक्रेन (Ukraine) में एक बार फिर बड़ा सियासी बदलाव हुआ है। राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की (President Volodymyr Zelenskyy) के भरोसेमंद और ऊर्जा क्षेत्र के दिग्गज सेरगी कोरेत्स्की (48) (Sergi Koretsky) को देश का नया प्रधानमंत्री (Prime Minister) बना दिया गया है। यूक्रेन की संसद ने गुरुवार को व्यापक मतदान के बाद कोरेत्स्की को 289 वोटों से मंजूरी दे दी। यह नियुक्ति जेलेंस्की सरकार के उस बड़े फेरबदल का हिस्सा है, जिसका मकसद युद्ध के बीच ऊर्जा सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता और यूरोपीय संघ की राह को मजबूत करना है।

    बता दें कि राष्ट्रपति जेलेंस्की ने पिछले कुछ महीनों से सरकार में बड़े स्तर पर फेरबदल शुरू किया है। कोरेत्स्की को नामित करते हुए जेलेंस्की ने कहा था कि ऊर्जा क्षेत्र में उनके प्रदर्शन को देखते हुए वे आगामी सर्दियों में युद्ध प्रभावित देश की मदद के लिए सबसे सही विकल्प हैं। संसद में मतदान से पहले कोरेत्स्की ने सांसदों को संबोधित करते हुए अपनी प्राथमिकताओं का खुलासा किया।


    कोरेत्स्की की तीन बड़ी प्राथमिकताएं

    – यूक्रेन की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना
    – आर्थिक स्थिरता को पक्का करना
    – यूरोपीय संघ में शामिल होने की प्रक्रिया को तेज करना


    कौन हैं कोरेत्स्की?

    ट्रेनिंग से इंजीनियर और अर्थशास्त्री सेरगी कोरेत्स्की राजनीतिक दलों से पूरी तरह दूर रहे हैं और उनके पास कोई पूर्व सरकारी अनुभव नहीं है। लेकिन ऊर्जा क्षेत्र में दो दशक से ज्यादा का उनका अनुभव उन्हें इस पद के लिए खास बनाता है।


    करियर

    मई 2025 से नैफ्तोगाज कंपनी के सीईओ के रूप में कार्यरत, जहां वे देश के गैस उत्पादन, आयात और वितरण की पूरी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इससे पहले यूक्रेन की सबसे बड़ी तेल उत्पादक कंपनी उक्रनाफ्टा के प्रमुख रहे। शुरुआती दौर में वेस्टर्न ऑयल ग्रुप का नेतृत्व, कॉन्टिनम ग्रुप के सीईओ और देश की प्रमुख ईंधन स्टेशन चेन WOG का प्रबंधन किया। पश्चिमी शहर लुत्स्क में जन्मे कोरेत्स्की ने निजी क्षेत्र में एक सफल कॉफी चेन व्यवसाय भी शुरू किया था।


    सबसे बड़ी चुनौती

    नए प्रधानमंत्री के सामने सबसे कठिन चुनौती देश के ऊर्जा ढांचे को आगामी सर्दियों के लिए तैयार करना है। पिछले कई महीनों से रूसी मिसाइल और ड्रोन हमलों ने यूक्रेन के बिजली उत्पादन केंद्रों, सबस्टेशनों और गैस पाइपलाइनों को भारी नुकसान पहुंचाया है। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने सर्दियों की तैयारी को सरकार की सबसे ऊंची प्राथमिकता बताया है। कोरेत्स्की को उम्मीद है कि उनके ऊर्जा क्षेत्र के गहरे अनुभव से बिजली और गैस आपूर्ति को स्थिर रखा जा सकेगा, ताकि आम लोगों को सर्दी के मौसम में और कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

  • RSP नेता बालेंद्र शाह होंगे नेपाल के नए PM, 27 मार्च को लेंगे पद की शपथ….

    RSP नेता बालेंद्र शाह होंगे नेपाल के नए PM, 27 मार्च को लेंगे पद की शपथ….


    काठमांडो।
    नेपाल (Nepal) में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) (Rashtriya Swatantra Party (RSP)) के वरिष्ठ नेता बालेंद्र शाह (Balendra Shah) 27 मार्च को प्रधानमंत्री (Prime Minister) पद की शपथ लेंगे। एक दिन पहले सांसदों को शपथ दिलाई जाएगी। 5 मार्च को हुए प्रतिनिधि सभा चुनाव में आरएसपी ने 182 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। पार्टी ने चुनाव से पहले ही बालेंद्र शाह को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया था।

    आरएसपी अध्यक्ष रवि लामिछाने, वरिष्ठ नेता शाह तथा उपाध्यक्ष द्वय डीपी अर्याल और स्वर्णिम वाग्ले के बीच हुई बैठक में शपथ की तारीख तय की गई। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि पीएम पद की शपथ से पहले 26 मार्च को संघीय संसद सचिवालय ने 26 मार्च को दोपहर 2 बजे सांसदों के शपथ ग्रहण का कार्यक्रम तय है। इसके तुरंत बाद आरएसपी सरकार गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी।


    अस्थायी हॉल में होगा शपथ ग्रहण

    संघीय संसद सचिवालय के प्रवक्ता एकराम गिरी के अनुसार सिंहदरबार परिसर के भीतर निर्माणाधीन नए संसद भवन के पूरी तरह तैयार न होने के कारण शपथ ग्रहण समारोह अस्थायी हॉल में होगा। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम स्थल पर माइक्रोफोन, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक आधारभूत संरचनाओं की स्थापना का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।


    नेपाल निर्वाचन आयोग राष्ट्रपति पौडेल को आज सौंपेगा अंतिम चुनाव नतीजे

    नेपाल के निर्वाचन आयोग ने कहा है कि वह शुक्रवार दोपहर को राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल को चुनाव के अंतिम नतीजे पेश करेगा। प्रतिनिधि सभा के चुनाव पांच मार्च, 2026 को हुए, जिसमें 275 सदस्यीय निचले सदन (प्रतिनिधि सभा) के लिए मतदान हुआ। निचले सदन में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी को 182 सीटें, नेपाली कांग्रेस को 38 सीटें, सीपीएन-यूएमएल को 25, नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी को 17, श्रम संस्कृति पार्टी को सात और राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी को पांच सीटें मिली हैं।

    निचले सदन के 275 सदस्यों में से 165 सदस्य प्रत्यक्ष मतदान द्वारा और 110 सदस्य आनुपातिक मतदान द्वारा चुने जाते हैं। आरएसपी ने साधारण बहुमत यानी 138 सीटों से अधिक सीटें हासिल कर ली हैं। पार्टी को दो-तिहाई बहुमत से के लिए केवल दो सीटों की जरूरत है। राष्ट्रपति नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू करेंगे।


    हार के बाद गगन थापा का कांग्रेस सभापति पद से इस्तीफा

    नेपाली कांग्रेस के सभापति गगन कुमार थापा ने प्रतिनिधि सभा चुनाव में पार्टी की करारी हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। बुधवार को उन्होंने अपना त्यागपत्र पार्टी के उपसभापति विश्वप्रकाश शर्मा को सौंपा। थापा इसी वर्ष 15 जनवरी को विशेष महाधिवेशन के जरिये सभापति निर्वाचित हुए थे। 5 मार्च को हुए चुनावों में कांग्रेस ने बदला कांग्रेस, बदलेगा देश के नारे के साथ थापा को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया था।

    हालांकि, पार्टी को अपेक्षित सफलता नहीं मिली। खुद गगन थापा भी सर्लाही-4 सीट से राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के उम्मीदवार अमरेश कुमार सिंह से चुनाव हार गए। इस हार के बाद पार्टी के भीतर शेरबहादुर देउवा गुट लगातार उनके इस्तीफे की मांग कर रहा था। पार्टी विधान के अनुसार, थापा का इस्तीफा शुक्रवार को होने वाली केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक में पेश किया जाएगा।