Tag: new team

  • बीजेपी संगठन में जल्द बड़ा बदलाव, नितिन नवीन की नई टीम में युवाओं-महिलाओं को मिल सकती है जगह

    बीजेपी संगठन में जल्द बड़ा बदलाव, नितिन नवीन की नई टीम में युवाओं-महिलाओं को मिल सकती है जगह


    नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (BJP) में संगठनात्मक बदलाव की तैयारी तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सोमवार को पार्टी की नई टीम का ऐलान हो सकता है। जनवरी में नितिन नवीन बीजेपी के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बने थे और अब उनके नेतृत्व में संगठन में बड़े फेरबदल की संभावना जताई जा रही है।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक नई टीम में एक कोषाध्यक्ष, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और 9 राष्ट्रीय महामंत्रियों की नियुक्ति हो सकती है। इसके अलावा करीब 15 मंत्री भी बनाए जाने की चर्चा है। बीजेपी के संविधान में संशोधन के बाद संगठन में 33 फीसदी पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। ऐसे में नई टीम में महिलाओं और युवाओं को खास प्रतिनिधित्व मिलने की संभावना है। प्रत्येक वर्ग में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति से कम से कम तीन पदाधिकारी शामिल किए जा सकते हैं।

    पार्ल्यामेंट्री बोर्ड का भी होगा गठन
    बीजेपी की सबसे बड़ी निर्णायक संस्था पार्ल्यामेंट्री बोर्ड का भी नए सिरे से गठन होना है। इसमें अध्यक्ष समेत अधिकतम 11 सदस्य हो सकते हैं। इसके साथ ही केंद्रीय चुनाव समिति का भी गठन किया जाएगा। फिलहाल महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, महिला मोर्चा की अध्यक्ष वनाती श्रीनिवासन और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव इसके सदस्य हैं।

    राष्ट्रीय कार्यकारिणी में भी बदलाव
    पार्टी की रणनीति और महत्वपूर्ण फैसलों पर विचार करने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी का भी गठन किया जाना है। इसमें अध्यक्ष के अलावा 120 सदस्य हो सकते हैं। इनमें 40 महिलाओं का होना जरूरी है। वहीं राष्ट्रीय परिषद में राज्य परिषदों के निर्वाचित सदस्य, पार्टी के पूर्व अध्यक्ष, राज्यों में विधान परिषद और विधानसभा के नेताओं, राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य तथा 20 मनोनीत सदस्य शामिल होंगे।

    युवाओं को मिल सकती है अहम जिम्मेदारी
    नितिन नवीन पहले ही संकेत दे चुके हैं कि उन्होंने अपनी नई टीम तैयार कर ली है। माना जा रहा है कि उनकी टीम में युवाओं को ज्यादा जिम्मेदारी दी जा सकती है। संगठन में बदलाव के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में भी फेरबदल की अटकलें लगाई जा रही हैं।

    मौजूदा संगठन में कई बड़े चेहरे
    वर्तमान बीजेपी संगठन में चार सदस्यीय मार्गदर्शक मंडल है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शामिल हैं। वहीं संसदीय बोर्ड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा नितिन नवीन, राजनाथ सिंह, अमित शाह, जेपी नड्डा, बीए येदियुरप्पा, सर्वानंद सोनोवाल, के. लक्ष्मण, इकबाल सिंह लालपुरा, सुधा यादव, सत्यनारायण जटिया और बीएल संतोष शामिल हैं।

    मौजूदा संगठन में 11 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, 7 राष्ट्रीय महासचिव, एक संयुक्त महासचिव, 11 राष्ट्रीय सचिव, सात मोर्चा अध्यक्ष, मीडिया प्रभारी, मीडिया सह-प्रभारी, कोषाध्यक्ष और सह-कोषाध्यक्ष समेत कई पद हैं। नई टीम में इन पदों पर बदलाव के साथ बीजेपी संगठन में नई पीढ़ी को आगे लाने की तस्वीर साफ हो सकती है।

  • BJP अध्यक्ष नवीन की नई टीम में MP के इन 4 नेताओं को मिल सकती है जगह… सुगबुगाहट हुई तेज

    BJP अध्यक्ष नवीन की नई टीम में MP के इन 4 नेताओं को मिल सकती है जगह… सुगबुगाहट हुई तेज


    भोपाल।
    भाजपा (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन (Nitin Navin) की नई टीम के गठन की कवायद के बीच मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) से भी राष्ट्रीय संगठन में जगह पाने वाले संभावित चेहरों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। खास बात यह है कि पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और सांसद विष्णुदत्त शर्मा (वीडी शर्मा) की हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) से हुई मुलाकात के बाद उनके नाम को लेकर राजनीतिक हलकों में अटकलें और तेज हुई हैं। भाजपा के सामने राष्ट्रीय टीम में नए चेहरों को जगह देने के साथ सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की चुनौती है। ऐसे में मध्यप्रदेश से ब्राह्मण, ओबीसी, दलित और आदिवासी वर्ग के चेहरों को प्रतिनिधित्व देने पर विचार हो सकता है। संभावित नामों में वीडी शर्मा, राज्यसभा सांसद कविता पाटीदार, सांसद गजेंद्र पटेल और वरिष्ठ नेता लालसिंह आर्य की चर्चा है। हालांकि, अंतिम निर्णय केंद्रीय नेतृत्व ही करेगा और इसमें जातीय समीकरण के अलावा संगठन में पकड़, चुनावी प्रबंधन, अनुभव और राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार्यता अहम होगी।


    पीएम से मुलाकात के बाद चर्चा तेज

    पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा का नाम संभावित दावेदारों में सबसे प्रमुख माना जा रहा है। वे लंबे समय तक मध्यप्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं और संगठन को बूथ स्तर से लेकर चुनावी प्रबंधन तक संभालने का अनुभव रखते हैं। प्रदेश में भाजपा को लगातार मजबूत करने के दौर में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी मुलाकात ने भी उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर चर्चाओं को हवा दी है। वीडी शर्मा के पक्ष में ब्राह्मण प्रतिनिधित्व के साथ संगठनात्मक अनुभव भी जाता है। यदि भाजपा राष्ट्रीय टीम में अनुभवी और संगठन को समझने वाले नेताओं को बड़ी भूमिका देने की रणनीति अपनाती है, तो उनका नाम मजबूत दावेदारों में रह सकता है।


    कविता पाटीदार : महिला और ओबीसी का समीकरण

    राज्यसभा सांसद कविता पाटीदार भी राष्ट्रीय संगठन के लिए संभावित चेहरों में हैं। प्रदेश भाजपा संगठन में महामंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुकी पाटीदार के पास संगठन के साथ संसदीय राजनीति का अनुभव भी है। उनके नाम के साथ महिला और ओबीसी दोनों समीकरण जुड़ते हैं। भाजपा के लिए महिला मतदाताओं की बढ़ती राजनीतिक भूमिका को देखते हुए राष्ट्रीय टीम में किसी महिला नेता को प्रमुख जिम्मेदारी देना महत्वपूर्ण संदेश हो सकता है। वहीं ओबीसी प्रतिनिधित्व के लिहाज से भी उनका नाम पार्टी के सामाजिक विस्तार की रणनीति में फिट बैठता है।


    गजेंद्र पटेल : आदिवासी चेहरे पर दांव

    राष्ट्रीय संगठन में आदिवासी प्रतिनिधित्व बढ़ाने की रणनीति बनी तो सांसद गजेंद्र पटेल का नाम भी महत्वपूर्ण हो सकता है। मध्यप्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों में संगठनात्मक और राजनीतिक काम का अनुभव रखने वाले पटेल इस वर्ग के प्रतिनिधि चेहरे के रूप में देखे जा सकते हैं। भाजपा के लिए आदिवासी राजनीति केवल मध्यप्रदेश तक सीमित नहीं है। मध्यप्रदेश के साथ आसपास के राज्यों में भी आदिवासी मतदाता महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में राष्ट्रीय टीम में आदिवासी चेहरे को जगह देना पार्टी की व्यापक सामाजिक रणनीति का हिस्सा हो सकता है।


    लालसिंह आर्य : दलित प्रतिनिधित्व का विकल्प

    ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के वरिष्ठ नेता लालसिंह आर्य भी संभावित दावेदारों में शामिल हैं। वे भाजपा के अनुसूचित जाति मोर्चे की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं और संगठन में लंबे समय से सक्रिय हैं। राष्ट्रीय संगठन में उन्हें जिम्मेदारी मिलती है तो इससे दलित प्रतिनिधित्व का संदेश जाएगा। भाजपा के लिए उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में दलित वोट महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में राष्ट्रीय टीम में इस वर्ग के अनुभवी चेहरे को प्रमुख भूमिका देना राजनीतिक और संगठनात्मक दोनों लिहाज से उपयोगी हो सकता है।

    दतिया की हार के बाद संगठनात्मक प्रदर्शन भी कसौटी
    प्रदेश में हालिया दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद संगठन और चुनावी रणनीति को लेकर भी मंथन का दौर है। ऐसे में राष्ट्रीय टीम के लिए प्रदेश से चेहरों के चयन में केंद्रीय नेतृत्व संगठनात्मक प्रदर्शन, चुनावी प्रबंधन और नेताओं की स्वीकार्यता को भी ध्यान में रख सकता है। दतिया के नतीजे ने प्रदेश संगठन के सामने 2028 की तैयारियों को लेकर भी चुनौती बढ़ाई है। ऐसे में राष्ट्रीय जिम्मेदारी पाने वाले नेताओं की उपयोगिता केवल सामाजिक समीकरण तक सीमित नहीं होगी, बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव में संगठन को मजबूत करने की क्षमता भी महत्वपूर्ण होगी।

  • भाजपा में बड़े संगठनात्मक बदलाव की तैयारी, नितिन नवीन की टीम में अनुभवी नेताओं को मिल सकती है अहम जिम्मेदारी

    भाजपा में बड़े संगठनात्मक बदलाव की तैयारी, नितिन नवीन की टीम में अनुभवी नेताओं को मिल सकती है अहम जिम्मेदारी


    नई दिल्ली। भाजपा संगठन में जल्द ही बड़े स्तर पर बदलाव देखने को मिल सकता है। पार्टी नेतृत्व राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम को युवा चेहरों के साथ अनुभवी नेताओं के संतुलन से तैयार करने की कवायद में जुटा है। सूत्रों के मुताबिक, कुछ केंद्रीय मंत्रियों, पूर्व केंद्रीय मंत्रियों और संगठन में लंबे समय तक काम कर चुके नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं।

    भाजपा का फोकस आने वाले चुनावों को देखते हुए संगठन को और मजबूत करने पर है। अगले छह महीने में पार्टी को पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों का सामना करना है, जिनमें चार राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं। ऐसे में नेतृत्व संगठनात्मक ढांचे को अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाने की तैयारी कर रहा है। पार्टी की रणनीति नए नेतृत्व को आगे बढ़ाने के साथ-साथ अनुभवी नेताओं के मार्गदर्शन में उन्हें तैयार करने की है। इसी दिशा में राज्यों में संगठनात्मक बदलाव के बाद अब राष्ट्रीय स्तर पर नई टीम के गठन की प्रक्रिया चल रही है।

    नितिन नवीन के साथ अनुभवी चेहरों को मिलेगी जगह
    भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन राष्ट्रीय राजनीति में अपेक्षाकृत नए हैं, इसलिए पार्टी उनके साथ संगठन का अनुभव रखने वाले नेताओं को जोड़ना चाहती है। सूत्रों के अनुसार, पूर्व में संगठन में जिम्मेदारी संभाल चुके कई सांसदों को भी राष्ट्रीय टीम में शामिल किया जा सकता है। मौजूदा संगठन में काम कर रहे करीब 4 से 5 नेताओं को पदोन्नति देकर नई जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना है। वहीं, लगभग आधा दर्जन ऐसे सांसदों पर भी विचार चल रहा है, जिनका संगठनात्मक अनुभव पार्टी के लिए उपयोगी हो सकता है।

    प्रधानमंत्री और वरिष्ठ नेताओं की नजर
    नई टीम को लेकर पार्टी के शीर्ष स्तर पर मंथन जारी है। सूत्रों के मुताबिक, इस प्रक्रिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य वरिष्ठ नेता भी शामिल हैं। चूंकि आने वाले समय में सरकार में भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है, इसलिए कुछ प्रमुख नेताओं को संगठन की जिम्मेदारी सौंपने की रणनीति पर भी विचार किया जा रहा है।

    महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर
    भाजपा के नए संगठन में केंद्रीय पदाधिकारियों के साथ-साथ राज्यों के प्रभारी, मोर्चों के अध्यक्ष और राष्ट्रीय कार्यकारिणी का भी गठन किया जाना है। इसी वजह से नामों को अंतिम रूप देने में समय लग रहा है। भाजपा के संविधान के अनुसार राष्ट्रीय कार्यकारिणी में कम से कम 25 प्रतिशत नए सदस्यों को शामिल करना होता है। हालांकि पार्टी इससे अधिक नए चेहरों को भी मौका दे सकती है।

    महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी पार्टी विशेष ध्यान दे रही है। भाजपा संविधान के अनुसार केंद्रीय पदाधिकारियों में 33 प्रतिशत महिलाओं की हिस्सेदारी का प्रावधान है। हालांकि यदि यह लक्ष्य पूरा नहीं हो पाता है, तब भी इस बार पहले की तुलना में अधिक महिलाओं को जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना है। अनुमान है कि संगठन में महिलाओं की भागीदारी 20 से 25 प्रतिशत तक हो सकती है।

    नई टीम के गठन के जरिए भाजपा एक तरफ अनुभवी नेताओं का सहारा लेना चाहती है, वहीं दूसरी ओर भविष्य के नेतृत्व को तैयार करने की रणनीति पर भी काम कर रही है।