Tag: New Zealand vs England

  • ब्लंडेल और फिलिप्स ने संभाली न्यूजीलैंड की पारी, दूसरे टेस्ट के पहले दिन 291/7 का मजबूत स्कोर

    ब्लंडेल और फिलिप्स ने संभाली न्यूजीलैंड की पारी, दूसरे टेस्ट के पहले दिन 291/7 का मजबूत स्कोर


    नई दिल्ली । न्यूजीलैंड और इंग्लैंड के बीच केनिंग्टन ओवल में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन का खेल रोमांच और उतार-चढ़ाव से भरपूर रहा। शुरुआती झटकों के बावजूद न्यूजीलैंड ने शानदार वापसी करते हुए दिन का खेल समाप्त होने तक 7 विकेट के नुकसान पर 291 रन बना लिए। टॉम ब्लंडेल और ग्लेन फिलिप्स की जिम्मेदार पारियों ने टीम को संकट से निकालकर सम्मानजनक स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

    इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया और शुरुआत में उसका यह निर्णय सही साबित होता नजर आया। न्यूजीलैंड के सलामी बल्लेबाज डेवोन कॉनवे मात्र 9 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद कप्तान टॉम लाथम ने कुछ अच्छे शॉट जरूर लगाए, लेकिन वह बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं हो सके और 27 रन बनाकर आउट हो गए। हेनरी निकोल्स ने भी शुरुआत तो की, लेकिन 24 रन के निजी स्कोर पर उनकी पारी समाप्त हो गई।

    युवा बल्लेबाज रचिन रविंद्र से टीम को बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन वह भी 33 रन बनाकर आउट हो गए। 107 रन के स्कोर तक न्यूजीलैंड अपने चार प्रमुख बल्लेबाजों के विकेट गंवा चुका था और टीम दबाव में दिखाई दे रही थी। ऐसे समय में अनुभवी बल्लेबाज टॉम ब्लंडेल ने मोर्चा संभाला और डेरिल मिचेल के साथ मिलकर पारी को स्थिरता प्रदान की।

    ब्लंडेल और मिचेल ने पांचवें विकेट के लिए 81 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की, जिससे न्यूजीलैंड की पारी फिर से पटरी पर लौट आई। मिचेल 44 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन ब्लंडेल ने अपना संघर्ष जारी रखा। उन्होंने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन मिश्रण दिखाते हुए 84 गेंदों में 51 रन बनाए। उनकी पारी में छह आकर्षक चौके शामिल रहे।

    ब्लंडेल के आउट होने के बाद ग्लेन फिलिप्स ने जिम्मेदारी संभाली और शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। फिलिप्स ने तेज गति से रन बनाते हुए इंग्लैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। दिन का खेल समाप्त होने तक वह 74 गेंदों में 49 रन बनाकर नाबाद लौटे। अपनी पारी में उन्होंने नौ चौके लगाए और दूसरे दिन अर्धशतक पूरा करने के करीब पहुंच गए। उनके साथ काइल जेमिसन 6 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं।

    इंग्लैंड की गेंदबाजी की बात करें तो युवा गेंदबाज सन्नी बेकर और जैकब बेथेल ने सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन किया। दोनों ने दो-दो विकेट हासिल किए। जोफ्रा आर्चर, मैथ्यू फिशर और जोश टंग को एक-एक सफलता मिली। हालांकि दिन के अंतिम सत्र में इंग्लिश गेंदबाज न्यूजीलैंड के निचले क्रम को पूरी तरह दबाव में नहीं ला सके।

    इस मैच में इंग्लैंड की टीम कई बदलावों के साथ मैदान पर उतरी है। नियमित कप्तान बेन स्टोक्स और तेज गेंदबाज गस एटकिंसन चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे, जिसके चलते जो रूट टीम की कप्तानी कर रहे हैं। वहीं चोटिल ओली रोबिन्सन की जगह जोफ्रा आर्चर को अंतिम एकादश में शामिल किया गया है।

  • बेन स्टोक्स फिर विवादों में: नए आरोपों के बीच इंग्लैंड के स्टार ऑलराउंडर के भविष्य पर उठे सवाल

    बेन स्टोक्स फिर विवादों में: नए आरोपों के बीच इंग्लैंड के स्टार ऑलराउंडर के भविष्य पर उठे सवाल


    नई दिल्ली। इंग्लैंड क्रिकेट टीम के कप्तान और विश्व क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली ऑलराउंडरों में गिने जाने वाले बेन स्टोक्स एक बार फिर विवादों के कारण सुर्खियों में हैं। मैदान पर अपने जुझारू प्रदर्शन और बड़े मुकाबलों में मैच जिताने की क्षमता के लिए मशहूर स्टोक्स का करियर कई बार विवादों की वजह से भी चर्चा में रहा है। अब एक नए कथित विवाद ने उनके भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लॉर्ड्स में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में इंग्लैंड की जीत के बाद टीम के कुछ खिलाड़ी जश्न मनाने के लिए पब और नाइट क्लब पहुंचे थे। इसी दौरान कथित रूप से बेन स्टोक्स और तेज गेंदबाज गस एटकिंसन का कुछ अन्य खिलाड़ियों के साथ विवाद हो गया। कुछ रिपोर्ट्स में मारपीट जैसी घटना का भी दावा किया गया है। हालांकि, इस मामले को लेकर संबंधित अधिकारियों की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है और मामले की स्थिति को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं।

    रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि आगामी टेस्ट मैच के लिए स्टोक्स और एटकिंसन को टीम से बाहर रखा गया है तथा कप्तानी की जिम्मेदारी जो रूट को सौंपी गई है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि और जांच के नतीजों का इंतजार किया जा रहा है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड को अनुशासनात्मक कार्रवाई पर विचार करना पड़ सकता है।

    बेन स्टोक्स का नाम इससे पहले भी कई विवादों से जुड़ चुका है। वर्ष 2017 में एक नाइट क्लब के बाहर हुई कथित मारपीट की घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी सुर्खियां बटोरी थीं। उस मामले में कानूनी प्रक्रिया भी चली थी और स्टोक्स को लंबे समय तक सार्वजनिक आलोचना का सामना करना पड़ा था। इसके अलावा 2013 में भी अनुशासन संबंधी कारणों से उन्हें इंग्लैंड लायंस टीम के दौरे से वापस भेजा गया था।

    हालिया घटनाक्रम के बाद इंग्लैंड क्रिकेट में खिलाड़ियों के अनुशासन और सार्वजनिक आचरण को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि आधुनिक दौर में खिलाड़ियों की मैदान के बाहर की गतिविधियां भी उतनी ही महत्वपूर्ण हो गई हैं जितना उनका खेल प्रदर्शन। ऐसे में किसी भी वरिष्ठ खिलाड़ी पर लगे आरोप टीम की छवि और माहौल दोनों को प्रभावित कर सकते हैं।

    दिलचस्प बात यह है कि इंग्लैंड क्रिकेट के कई दिग्गज ऑलराउंडर अपने करियर के दौरान विवादों का सामना कर चुके हैं। एंड्रयू फ्लिंटॉफ और इयान बॉथम जैसे महान खिलाड़ियों के नाम भी अतीत में अनुशासन संबंधी मामलों के कारण चर्चा में रहे हैं। हालांकि, उन्होंने बाद में अपने प्रदर्शन से क्रिकेट जगत में विशेष पहचान बनाई।

    फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि बेन स्टोक्स से जुड़े ताजा मामले में जांच क्या निष्कर्ष निकालती है और इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड आगे क्या कदम उठाता है। क्रिकेट प्रशंसकों को उम्मीद होगी कि स्थिति जल्द स्पष्ट होगी और खेल का ध्यान फिर मैदान पर लौटेगा।