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  • 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' बने जयडेन लेनोक्स, दिग्गज स्पिनरों को पछाड़कर हासिल की बड़ी उपलब्धि

    'प्लेयर ऑफ द सीरीज' बने जयडेन लेनोक्स, दिग्गज स्पिनरों को पछाड़कर हासिल की बड़ी उपलब्धि


    नई दिल्ली । वेस्टइंडीज के खिलाफ पांच मैचों की वनडे सीरीज में न्यूजीलैंड के युवा स्पिनर जयडेन लेनोक्स ने अपनी शानदार गेंदबाजी से सभी का ध्यान खींच लिया। हालांकि सीरीज का अंतिम मुकाबला न्यूजीलैंड हार गया, लेकिन टीम ने 3-2 से सीरीज अपने नाम की। इस सफलता में लेनोक्स की अहम भूमिका रही, जिन्होंने पूरी सीरीज में 14 विकेट लेकर ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ का पुरस्कार अपने नाम किया।

    लेनोक्स की फिरकी के सामने वेस्टइंडीज के बल्लेबाज पूरी श्रृंखला में संघर्ष करते नजर आए। पांच मुकाबलों में 14 विकेट लेने के साथ उन्होंने एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली। वह अब एक द्विपक्षीय वनडे सीरीज में सर्वाधिक विकेट लेने वाले स्पिनरों की सूची में पूर्व दिग्गज गेंदबाज अनिल कुंबले, शेन वॉर्न और शाहिद अफरीदी से आगे निकल गए हैं। इन तीनों महान स्पिनरों ने अपने-अपने करियर में किसी एक द्विपक्षीय वनडे सीरीज में 13-13 विकेट लिए थे, जबकि लेनोक्स ने 14 विकेट लेकर यह आंकड़ा पार कर दिया।

    इस प्रदर्शन के साथ लेनोक्स ने श्रीलंका के स्पिनर अकिला धनंजय की भी बराबरी कर ली है। धनंजय ने वर्ष 2018 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में 14 विकेट हासिल किए थे। अब दोनों संयुक्त रूप से इस सूची में बराबरी पर हैं।

    एक द्विपक्षीय वनडे सीरीज में सर्वाधिक विकेट लेने का रिकॉर्ड भारत के पूर्व लेग स्पिनर अमित मिश्रा के नाम दर्ज है, जिन्होंने एक श्रृंखला में 18 विकेट झटके थे। इस सूची में दूसरे स्थान पर भारतीय स्पिनर कुलदीप यादव हैं, जिन्होंने एक वनडे सीरीज में 17 विकेट लेने का कारनामा किया था।

    सीरीज के पांचवें और अंतिम मुकाबले में भी लेनोक्स ने शानदार गेंदबाजी की। उन्होंने 9 ओवर में केवल 35 रन देकर 3 महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम किए और न्यूजीलैंड को मुकाबले में बनाए रखा। हालांकि वेस्टइंडीज ने शिमरॉन हेटमायर की नाबाद 69 रन और शेरफेन रदरफोर्ड की 61 रन की बेहतरीन पारियों की बदौलत 269 रन का लक्ष्य 47.3 ओवर में हासिल कर लिया।

    लेनोक्स के लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन ने यह संकेत दिया है कि न्यूजीलैंड को सीमित ओवरों के क्रिकेट में एक भरोसेमंद स्पिनर मिल गया है। उनकी नियंत्रण भरी गेंदबाजी और विकेट निकालने की क्षमता भविष्य में टीम के लिए बड़ी ताकत साबित हो सकती है।

  • केंसिंग्टन ओवल में कैरेबियाई तूफान हेटमायर और रदरफोर्ड ने पलटा मैच न्यूजीलैंड को अंतिम वनडे में मिली हार

    केंसिंग्टन ओवल में कैरेबियाई तूफान हेटमायर और रदरफोर्ड ने पलटा मैच न्यूजीलैंड को अंतिम वनडे में मिली हार


    नई दिल्ली । बारबाडोस के केंसिंग्टन ओवल मैदान पर खेले गए पांचवें और अंतिम वनडे मुकाबले में वेस्टइंडीज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड को दो विकेट से हराकर सीरीज का समापन जीत के साथ किया। हालांकि इस हार के बावजूद न्यूजीलैंड ने पांच मैचों की वनडे सीरीज 3-2 से अपने नाम करने में सफलता हासिल की। मुकाबले में कैरेबियाई बल्लेबाजों ने दबाव के क्षणों में संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए 269 रन के लक्ष्य को 47.3 ओवर में आठ विकेट खोकर हासिल कर लिया।

    लक्ष्य का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज को अकीम ऑगस्टे और जस्टिन ग्रीव्स ने तेज शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 57 रन जोड़कर मजबूत आधार तैयार किया। ग्रीव्स ने 22 रन बनाए जबकि ऑगस्टे ने आक्रामक अंदाज में 34 रन की पारी खेली। इसके बाद कीसी कार्टि और कप्तान शाई होप ने अच्छी शुरुआत तो की लेकिन बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं हो सके। एक समय वेस्टइंडीज का स्कोर 123 रन पर चार विकेट था और टीम मुश्किल में दिखाई दे रही थी।

    ऐसे समय में शेरफेन रदरफोर्ड और शिमरॉन हेटमायर ने जिम्मेदारी संभाली। दोनों बल्लेबाजों ने पांचवें विकेट के लिए 95 रन की अहम साझेदारी कर मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। रदरफोर्ड ने 64 गेंदों पर 61 रन बनाए जिसमें दो चौके और पांच शानदार छक्के शामिल रहे। दूसरी ओर हेटमायर ने बेहद परिपक्व और आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 64 गेंदों पर नाबाद 69 रन बनाए। उनकी पारी में दो चौके और चार लंबे छक्के शामिल रहे। अंत तक क्रीज पर डटे रहकर उन्होंने टीम को यादगार जीत दिलाई।

    न्यूजीलैंड की ओर से जैकब डफी और जेडन लेनोक्स ने तीन तीन विकेट लेकर मुकाबले को रोमांचक बनाए रखा लेकिन अंतिम क्षणों में वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने कोई गलती नहीं की।

    इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही और शुरुआती विकेट जल्दी गिर गया। इसके बाद विल यंग और निक केली ने पारी को संभालते हुए दूसरे विकेट के लिए 86 रन जोड़े। विल यंग ने 56 रन जबकि निक केली ने 64 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। मध्यक्रम में टॉम लाथम ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 69 रन बनाए और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। न्यूजीलैंड ने निर्धारित 50 ओवर में नौ विकेट पर 268 रन बनाए।

    वेस्टइंडीज की ओर से 19 वर्षीय युवा गेंदबाज विटेल लॉव्स ने प्रभावित किया और दो विकेट अपने नाम किए। अनुभवी तेज गेंदबाज अल्जारी जोसेफ ने भी दो सफलताएं हासिल कर न्यूजीलैंड की रन गति पर अंकुश लगाया।

    भले ही अंतिम मुकाबले में जीत वेस्टइंडीज के हिस्से आई लेकिन पूरी सीरीज में लगातार बेहतर प्रदर्शन के दम पर न्यूजीलैंड ने 3-2 से ट्रॉफी अपने नाम की। अंतिम मैच ने दोनों टीमों के संघर्ष और रोमांचक क्रिकेट का शानदार उदाहरण पेश किया।

  • पीएम मोदी के न्यूजीलैंड दौरे से भारत-न्यूजीलैंड संबंधों को नई उड़ान, 2030 तक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य; रक्षा, आतंकवाद और हिंद-प्रशांत सहयोग पर ऐतिहासिक सहमति

    पीएम मोदी के न्यूजीलैंड दौरे से भारत-न्यूजीलैंड संबंधों को नई उड़ान, 2030 तक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य; रक्षा, आतंकवाद और हिंद-प्रशांत सहयोग पर ऐतिहासिक सहमति


    नई दिल्ली ।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्यूजीलैंड दौरे ने भारत और न्यूजीलैंड के द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने का काम किया है। पिछले चार दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली आधिकारिक न्यूजीलैंड यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को ‘रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक पहुंचाने का फैसला किया। प्रधानमंत्री मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने वर्ष 2030 तक दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार को दोगुना कर सात अरब न्यूजीलैंड डॉलर तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया। इसके साथ ही रक्षा, समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग, शिक्षा, विज्ञान, कृषि और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझेदारी को मजबूत करने के लिए व्यापक रोडमैप पर सहमति बनी।

    दोनों नेताओं ने ‘भारत-न्यूजीलैंड रणनीतिक साझेदारी : रोडमैप टू 2030’ का समर्थन करते हुए नियमित उच्चस्तरीय राजनीतिक संवाद, विदेश मंत्रियों की वार्ता और वरिष्ठ अधिकारियों की वार्षिक बैठकें आयोजित करने पर सहमति जताई। संसदीय सहयोग बढ़ाने और दोनों देशों के सांसदों के बीच संवाद को भी नई गति देने का निर्णय लिया गया। दोनों प्रधानमंत्रियों ने कहा कि साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और लोगों के बीच मजबूत संबंध भविष्य की साझेदारी का आधार बनेंगे।

    रक्षा और सुरक्षा सहयोग के क्षेत्र में दोनों देशों ने सैन्य स्तर पर नियमित संपर्क बनाए रखने, नौसैनिक अभ्यासों को बढ़ाने और समुद्री सुरक्षा के लिए वार्षिक मैरीटाइम सिक्योरिटी डायलॉग शुरू करने का फैसला किया। समुद्री सहयोग, हाइड्रोग्राफी, लॉजिस्टिक सपोर्ट और सूचना साझाकरण को भी नई मजबूती देने पर सहमति बनी। साइबर सुरक्षा, आतंकवाद, मादक पदार्थों की तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ संयुक्त प्रयासों को तेज करने तथा संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया।

    आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाई देने के लिए दोनों देशों ने मुक्त व्यापार समझौते के शीघ्र और प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। पर्यटन, डेयरी, कृषि, पशुपालन, बागवानी और वानिकी जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को विस्तार देने के साथ भारत और न्यूजीलैंड के बीच सीधी नॉन-स्टॉप उड़ानें शुरू करने के प्रयासों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। नाविकों के योग्यता प्रमाणपत्रों की पारस्परिक मान्यता तथा समुद्री क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।

    शिक्षा, विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार को दोनों देशों के संबंधों का प्रमुख स्तंभ बताते हुए छात्र आदान-प्रदान, संस्थागत साझेदारी और उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया गया। आपदा प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन, डिजिटल परिवर्तन और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में भी सहयोग को मजबूत करने पर सहमति बनी। इस दौरान भारत की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और न्यूजीलैंड की राष्ट्रीय आपात प्रबंधन एजेंसी के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। प्रधानमंत्री मोदी ने ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस में न्यूजीलैंड के शामिल होने का स्वागत किया।

    क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर दोनों देशों ने स्वतंत्र, खुले और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार और भारत की स्थायी सदस्यता के लिए न्यूजीलैंड ने अपना समर्थन दोहराया। दोनों नेताओं ने सीमा पार आतंकवाद सहित सभी प्रकार के आतंकवाद की कड़ी निंदा करते हुए आतंकियों और उनके समर्थकों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग बढ़ाने, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा यूक्रेन और पश्चिम एशिया की स्थिति पर शांतिपूर्ण समाधान की आवश्यकता पर भी बल दिया। दोनों प्रधानमंत्रियों ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 2030 रोडमैप के तहत तय सभी पहलों को समयबद्ध तरीके से लागू किया जाए, ताकि भारत-न्यूजीलैंड रणनीतिक साझेदारी का पूरा लाभ दोनों देशों को मिल सके।

  • ऑकलैंड से पीएम मोदी का वैश्विक निवेशकों को संदेश, भारत को बताया दुनिया की विकास यात्रा का सबसे मजबूत लॉन्च पैड, रणनीतिक साझेदारी से खुलेंगे नए अवसर

    ऑकलैंड से पीएम मोदी का वैश्विक निवेशकों को संदेश, भारत को बताया दुनिया की विकास यात्रा का सबसे मजबूत लॉन्च पैड, रणनीतिक साझेदारी से खुलेंगे नए अवसर


    नई दिल्ली ।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान भारत को वैश्विक आर्थिक विकास का प्रमुख केंद्र बताते हुए अंतरराष्ट्रीय निवेशकों से भारत की विकास यात्रा में सहभागी बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत केवल एक बड़ा उपभोक्ता बाजार नहीं है, बल्कि वैश्विक विकास के लिए एक मजबूत लॉन्च पैड बन चुका है। तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, स्थिर नीतियां, आधुनिक बुनियादी ढांचा और डिजिटल परिवर्तन भारत को निवेश के लिए दुनिया के सबसे आकर्षक देशों में शामिल कर रहे हैं।

    प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के संबंध एक नए दौर में प्रवेश कर चुके हैं। दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी केवल कूटनीतिक उपलब्धि नहीं, बल्कि साझा विकास और दीर्घकालिक सहयोग का नया आधार है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हाल के महीनों में हुए मुक्त व्यापार समझौते से व्यापार, निवेश, तकनीक, सेवाओं और प्रतिभा के आदान-प्रदान को नई गति मिलेगी। उनका कहना था कि यह समझौता दोनों देशों के उद्योगों और निवेशकों के लिए अनेक नए अवसर लेकर आएगा।

    उन्होंने बताया कि भारत और न्यूजीलैंड ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। साथ ही न्यूजीलैंड की ओर से भारत में दीर्घकालिक निवेश की प्रतिबद्धता दोनों देशों के बीच बढ़ते भरोसे का संकेत है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह केवल पूंजी निवेश नहीं, बल्कि भारत के विकास और नवाचार की यात्रा में साझेदारी का प्रतीक है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि देश आज दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि बढ़ता मध्यम वर्ग, डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग और लगातार विकसित हो रहा बुनियादी ढांचा भारत को वैश्विक निवेश का पसंदीदा गंतव्य बना रहे हैं। सरकार की सुधार आधारित नीतियों ने उद्योगों के लिए बेहतर वातावरण तैयार किया है और निवेशकों को दीर्घकालिक स्थिरता का भरोसा दिया है।

    उन्होंने उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए कई प्रमुख उद्योगों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य क्षेत्रों में निवेश की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने वैश्विक कंपनियों को भारत में उत्पादन बढ़ाने और आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा बनने का निमंत्रण दिया।

    प्रधानमंत्री ने विमानन, पर्यटन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत का घरेलू विमानन क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है और दोनों देश कार्गो कॉरिडोर, बेहतर हवाई संपर्क तथा संयुक्त पर्यटन पैकेज विकसित कर सकते हैं। कृषि और बागवानी क्षेत्र में भी सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड की विशेषज्ञता और भारत के विशाल उपभोक्ता बाजार का संयोजन वैश्विक निर्यात के नए अवसर तैयार कर सकता है।

    अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने डिजिटल भुगतान, फिनटेक, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और स्मार्ट शहरों जैसे क्षेत्रों को भविष्य की साझेदारी का आधार बताया। उन्होंने कहा कि भारत में निजी भागीदारी के लिए अंतरिक्ष क्षेत्र खोला जा चुका है और बड़ी संख्या में स्टार्टअप नवाचार को आगे बढ़ा रहे हैं। जल प्रबंधन, शहरी परिवहन, कचरा प्रबंधन और आधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच सहयोग को नई दिशा दी जा सकती है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि मजबूत आर्थिक सहयोग, नवाचार और साझा निवेश के माध्यम से भारत और न्यूजीलैंड आने वाले वर्षों में वैश्विक विकास के महत्वपूर्ण साझेदार बनकर उभरेंगे।

  • पीएम मोदी और क्रिस्टोफर लक्सन की अहम बैठक, आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस, साइबर सुरक्षा और हिंद-प्रशांत सहयोग बढ़ाने का साझा संकल्प

    पीएम मोदी और क्रिस्टोफर लक्सन की अहम बैठक, आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस, साइबर सुरक्षा और हिंद-प्रशांत सहयोग बढ़ाने का साझा संकल्प


    नई दिल्ली ।
    भारत और न्यूजीलैंड ने द्विपक्षीय संबंधों को नई रणनीतिक दिशा देते हुए आतंकवाद, साइबर सुरक्षा और उभरती वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों के खिलाफ सहयोग को और मजबूत बनाने का संकल्प दोहराया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के बीच हुई उच्चस्तरीय वार्ता में दोनों देशों ने क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर व्यापक चर्चा की। बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में दोनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय शांति, स्थिरता और नियम आधारित वैश्विक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मिलकर कार्य करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

    वार्ता के दौरान दोनों प्रधानमंत्रियों ने आतंकवाद के सभी स्वरूपों की स्पष्ट और कड़ी निंदा की। उन्होंने सीमा पार आतंकवाद सहित किसी भी प्रकार की हिंसक गतिविधियों को वैश्विक शांति के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए ऐसे अपराधों के खिलाफ समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया। दोनों नेताओं ने हाल के आतंकी हमलों की निंदा करते हुए कहा कि ऐसे अपराधों के जिम्मेदार लोगों को कानून के दायरे में लाना और उन्हें शीघ्र दंड दिलाना अंतरराष्ट्रीय समुदाय की साझा जिम्मेदारी है।

    संयुक्त बयान में आतंकवाद के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति को दोहराते हुए आतंकवादी संगठनों के वित्तीय नेटवर्क, सुरक्षित ठिकानों और ऑनलाइन गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया गया। दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि आतंकवाद और हिंसक कट्टरपंथ से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सूचना साझा करने, तकनीकी सहयोग बढ़ाने और संस्थागत समन्वय को मजबूत करना आवश्यक है। इसी दिशा में आतंकवाद निरोधक संयुक्त कार्य समूह के गठन के लिए हुए समझौते का भी स्वागत किया गया, जिससे दोनों देशों की एजेंसियों के बीच नियमित संवाद और सूचना आदान-प्रदान को नई गति मिलेगी।

    बैठक में साइबर सुरक्षा और डिजिटल क्षेत्र से जुड़ी चुनौतियां भी प्रमुख विषय रहीं। दोनों देशों ने साइबर अपराध, डिजिटल सुरक्षा, महत्वपूर्ण अवसंरचना की सुरक्षा और नई तकनीकों से उत्पन्न जोखिमों का संयुक्त रूप से सामना करने पर सहमति व्यक्त की। इसके साथ ही वित्तीय अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी तथा अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराधों के विरुद्ध कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच सहयोग बढ़ाने का निर्णय भी लिया गया। दोनों पक्षों ने नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने और संबंधित एजेंसियों के बीच औपचारिक सहयोग व्यवस्था को शीघ्र अंतिम रूप देने की दिशा में कार्य करने पर सहमति जताई।

    प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री लक्सन ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा, स्थिरता और समृद्धि को साझा प्राथमिकता बताते हुए स्वतंत्र, मुक्त और समावेशी क्षेत्रीय व्यवस्था के समर्थन को दोहराया। दोनों नेताओं ने कहा कि सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए तथा समुद्री मार्गों पर निर्बाध आवाजाही और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन वैश्विक व्यापार एवं सुरक्षा के लिए आवश्यक है। उन्होंने समुद्री विवादों का समाधान शांतिपूर्ण संवाद और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुरूप किए जाने पर भी बल दिया।

    दोनों देशों ने क्षेत्रीय सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए बहुपक्षीय मंचों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने आसियान की केंद्रीय भूमिका का समर्थन करते हुए पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन, आसियान क्षेत्रीय मंच और अन्य क्षेत्रीय व्यवस्थाओं के माध्यम से सहयोग को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। विशेषज्ञों का मानना है कि इस व्यापक सहमति से भारत और न्यूजीलैंड के बीच सुरक्षा, कानून प्रवर्तन, साइबर सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती मिलेगी तथा दोनों देश बदलती वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों का अधिक प्रभावी ढंग से सामना कर सकेंगे।

  • ऑकलैंड में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए बोले पीएम मोदी, न्यूजीलैंड की उपलब्धियों की खुलकर सराहना, कहा- ‘हमने आपसे बहुत कुछ सीखा’

    ऑकलैंड में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए बोले पीएम मोदी, न्यूजीलैंड की उपलब्धियों की खुलकर सराहना, कहा- ‘हमने आपसे बहुत कुछ सीखा’


    नई दिल्ली ।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में आयोजित भारतीय समुदाय के विशेष कार्यक्रम में दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और भविष्य की साझेदारी पर विस्तार से अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड का रिश्ता केवल कूटनीतिक सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विश्वास, मित्रता और साझा मूल्यों की मजबूत नींव पर आधारित है। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने न्यूजीलैंड की कई उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने इस देश से बहुत कुछ सीखा है और आज भी सीखने की यह प्रक्रिया लगातार जारी है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत हजारों वर्षों पुरानी सभ्यता होने के बावजूद समय के साथ स्वयं को निरंतर बदलता और आधुनिक बनाता रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी सीखने की क्षमता है। यही कारण है कि देश दुनिया के विभिन्न अनुभवों को अपनाते हुए अपनी विकास यात्रा को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र की वास्तविक प्रगति उसके आकार से नहीं, बल्कि जनकल्याण की भावना और समाज के विकास के प्रति उसकी प्रतिबद्धता से तय होती है।

    अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने न्यूजीलैंड की लोकतांत्रिक परंपराओं और सामाजिक विकास की विशेष रूप से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह वही देश है जिसने दुनिया में सबसे पहले महिलाओं को मतदान का अधिकार देकर समानता और लोकतांत्रिक अधिकारों की नई मिसाल पेश की। आज न्यूजीलैंड के विकास में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी उसकी सबसे बड़ी ताकतों में शामिल है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत भी महिला सशक्तिकरण को विकास का प्रमुख आधार मानते हुए शिक्षा, उद्यमिता, नेतृत्व और आर्थिक भागीदारी के नए अवसर लगातार बढ़ा रहा है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में न्यूजीलैंड की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस देश ने कृषि और उससे जुड़े मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र के माध्यम से यह साबित किया है कि ग्रामीण क्षेत्र किसी भी राष्ट्र की आर्थिक ताकत बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि छोटे किसानों पर आधारित कृषि व्यवस्था को आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रबंधन और वैश्विक बाजार से जोड़कर न्यूजीलैंड ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। भारत जैसे विशाल कृषि प्रधान देश के लिए यह अनुभव प्रेरणादायक है और इससे कई उपयोगी सीख प्राप्त की जा सकती है।

    उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड ने यह भी सिद्ध किया है कि सीमित घरेलू बाजार होने के बावजूद गुणवत्तापूर्ण उत्पादों और नवाचार के बल पर वैश्विक स्तर पर मजबूत पहचान बनाई जा सकती है। भारत भी स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने और कृषि आधारित उद्योगों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। इस दिशा में दोनों देशों के बीच सहयोग की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।

    प्रधानमंत्री ने भारत और न्यूजीलैंड के संबंधों को भविष्य की साझा यात्रा बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्यों और पारस्परिक सम्मान की भावना लगातार मजबूत हो रही है। उन्होंने भारतीय समुदाय की भूमिका की भी सराहना करते हुए कहा कि प्रवासी भारतीय दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में भारत और न्यूजीलैंड शिक्षा, कृषि, व्यापार, नवाचार और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे, जिससे दोनों देशों की साझेदारी और अधिक व्यापक तथा मजबूत बनेगी।

  • 40 साल बाद भारतीय प्रधानमंत्री का ऐतिहासिक न्यूजीलैंड दौरा, पीएम मोदी और क्रिस्टोफर लक्सन की मुलाकात से द्विपक्षीय संबंधों को मिली नई रफ्तार

    40 साल बाद भारतीय प्रधानमंत्री का ऐतिहासिक न्यूजीलैंड दौरा, पीएम मोदी और क्रिस्टोफर लक्सन की मुलाकात से द्विपक्षीय संबंधों को मिली नई रफ्तार


    नई दिल्ली ।
    चार दशक से अधिक समय बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड यात्रा ने दोनों देशों के संबंधों को नई ऊर्जा देने का अवसर प्रदान किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय राजकीय दौरे पर न्यूजीलैंड पहुंचे, जहां उनका प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने गर्मजोशी से स्वागत किया। यह यात्रा केवल औपचारिक कूटनीतिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे भारत और न्यूजीलैंड के बीच राजनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को नए स्तर पर ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

    ऑकलैंड पहुंचने पर दोनों नेताओं की मुलाकात की तस्वीरें और वीडियो व्यापक रूप से चर्चा में रहे। स्वागत के दौरान दोनों नेताओं ने आत्मीयता के साथ एक-दूसरे का अभिवादन किया, जिससे दोनों देशों के मजबूत होते संबंधों का स्पष्ट संदेश भी गया। इस अवसर पर न्यूजीलैंड के शीर्ष नेतृत्व ने भारत के साथ दीर्घकालिक सहयोग को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।

    प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए स्वागत संदेश पर दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने भी भारत और न्यूजीलैंड की मित्रता तथा प्रगति के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं। राष्ट्रपति के इस संदेश का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जवाब दिया और कहा कि मित्र देशों की ओर से मिलने वाले ऐसे विचारपूर्ण संदेश हमेशा विशेष महत्व रखते हैं। इस संवाद को क्षेत्रीय सहयोग और आपसी विश्वास का सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

    प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब भारत इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अपने सहयोगी देशों के साथ संबंधों को लगातार मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रहा है। भारत की एक्ट ईस्ट नीति और समुद्री क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की रणनीति के तहत न्यूजीलैंड का महत्व लगातार बढ़ा है। दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, शिक्षा, कृषि, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और रक्षा सहयोग जैसे क्षेत्रों में साझेदारी का दायरा बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।

    दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को नई गति देने के लिए विभिन्न संभावनाओं पर विचार होने की उम्मीद है। निवेश बढ़ाने, आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने, नवाचार, डिजिटल अर्थव्यवस्था और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा प्रस्तावित है। इसके अलावा क्षेत्रीय सुरक्षा, समुद्री सहयोग और मुक्त तथा समावेशी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के साझा दृष्टिकोण पर भी दोनों नेताओं के बीच विस्तृत बातचीत होने की संभावना है।

    प्रधानमंत्री मोदी अपने प्रवास के दौरान न्यूजीलैंड के उद्योग जगत, व्यापारिक समुदाय और खेल क्षेत्र के प्रमुख प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे। साथ ही वहां रहने वाले भारतीय समुदाय को संबोधित कर भारत और प्रवासी भारतीयों के बीच संबंधों को और मजबूत करने का संदेश देंगे। न्यूजीलैंड में भारतीय मूल के लोगों की बढ़ती भागीदारी दोनों देशों के सामाजिक और आर्थिक रिश्तों का महत्वपूर्ण आधार मानी जाती है।

    न्यूजीलैंड प्रधानमंत्री मोदी की तीन देशों की विदेश यात्रा का अंतिम पड़ाव है। इससे पहले वह इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया का दौरा कर चुके हैं। लगातार तीन महत्वपूर्ण देशों की इस यात्रा को भारत की सक्रिय विदेश नीति और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बढ़ती भूमिका के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस ऐतिहासिक यात्रा से भारत और न्यूजीलैंड के बीच सहयोग के नए अवसर खुलेंगे तथा दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी आने वाले वर्षों में और अधिक मजबूत होगी।

  • न्यूजीलैंड में भारतीय समुदाय के स्नेह से भावुक हुए प्रधानमंत्री मोदी, बोले- चार दशक बाद भी भारत से जुड़ाव उतना ही मजबूत

    न्यूजीलैंड में भारतीय समुदाय के स्नेह से भावुक हुए प्रधानमंत्री मोदी, बोले- चार दशक बाद भी भारत से जुड़ाव उतना ही मजबूत

    नई दिल्ली । तीन देशों की विदेश यात्रा के अंतिम चरण में न्यूजीलैंड पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ऑकलैंड में गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया। लगभग चार दशकों के अंतराल के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली आधिकारिक न्यूजीलैंड यात्रा मानी जा रही है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने वहां रह रहे भारतीय समुदाय के स्नेह, अपनापन और भारत के प्रति उनके मजबूत जुड़ाव की सराहना करते हुए कहा कि प्रवासी भारतीयों का अपने देश से भावनात्मक रिश्ता आज भी पूरी मजबूती के साथ कायम है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि न्यूजीलैंड में बसे भारतीयों का उत्साह और आत्मीयता उनके लिए बेहद भावुक करने वाला अनुभव रहा। उन्होंने उल्लेख किया कि लंबे समय बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री के आधिकारिक दौरे को लेकर वहां के भारतीय समुदाय में विशेष उत्साह देखने को मिला। उनके अनुसार यह केवल स्वागत का अवसर नहीं, बल्कि भारत और उसके प्रवासी नागरिकों के बीच गहरे सांस्कृतिक और भावनात्मक संबंधों का भी प्रतीक है।

    ऑकलैंड पहुंचने पर न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने स्वयं एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। दोनों नेताओं की मुलाकात को भारत और न्यूजीलैंड के बीच बढ़ते सहयोग का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। इस दौरान दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री मोदी ने स्वागत के लिए न्यूजीलैंड सरकार और प्रधानमंत्री लक्सन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से होने वाली चर्चाओं को लेकर उत्साहित हैं।

    प्रधानमंत्री ने अपनी यात्रा को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह दौरा दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत बनाने का अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने, आर्थिक संबंधों को मजबूत करने, व्यापार, निवेश, शिक्षा, विज्ञान, नवाचार और लोगों के बीच संपर्क को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर सार्थक चर्चा होगी। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय समुदाय के साथ संवाद उनकी यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगा।

    प्रधानमंत्री के स्वागत को विशेष बनाने के लिए ऑकलैंड के प्रसिद्ध स्काई टावर को आकर्षक रोशनी से सजाया गया। इस पहल को भारत और न्यूजीलैंड के बीच मित्रता तथा मजबूत होते संबंधों का प्रतीक माना गया। शहर में भारतीय समुदाय ने भी विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पारंपरिक स्वागत के माध्यम से प्रधानमंत्री का अभिनंदन किया। इस दौरान दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक निकटता और आपसी सम्मान की झलक भी देखने को मिली।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा केवल कूटनीतिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों को और मजबूत करने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। न्यूजीलैंड में रहने वाला भारतीय समुदाय वहां के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री का यह दौरा प्रवासी भारतीयों के साथ भारत के संबंधों को और सुदृढ़ करने का अवसर भी माना जा रहा है।

    आगामी कार्यक्रमों के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के बीच द्विपक्षीय वार्ता होने की संभावना है। दोनों देशों के बीच सहयोग के नए क्षेत्रों पर चर्चा के साथ-साथ भविष्य की साझेदारी को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया जाएगा। यह यात्रा भारत और न्यूजीलैंड के संबंधों में एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखी जा रही है।

  • तीन देशों के रणनीतिक दौरे के अंतिम चरण में न्यूजीलैंड पहुंचे पीएम मोदी, द्विपक्षीय संबंधों और आर्थिक साझेदारी को मिलेगा नया विस्तार

    तीन देशों के रणनीतिक दौरे के अंतिम चरण में न्यूजीलैंड पहुंचे पीएम मोदी, द्विपक्षीय संबंधों और आर्थिक साझेदारी को मिलेगा नया विस्तार

    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी तीन देशों की रणनीतिक विदेश यात्रा के अंतिम चरण में शुक्रवार को न्यूजीलैंड पहुंच गए। इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया की यात्रा पूरी करने के बाद उनका यह दौरा भारत और न्यूजीलैंड के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस यात्रा का प्रमुख उद्देश्य व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, निवेश और क्षेत्रीय सहयोग को और अधिक मजबूत बनाना है। भारत की बदलती वैश्विक भूमिका और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बढ़ते रणनीतिक महत्व के बीच यह दौरा विशेष महत्व रखता है।

    ऑस्ट्रेलिया प्रवास के दौरान दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को लेकर सहमति बनी। नागरिक परमाणु ऊर्जा, समुद्री सुरक्षा और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने की दिशा में सकारात्मक पहल हुई। इन समझौतों को भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा, औद्योगिक विकास और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके बाद अब न्यूजीलैंड यात्रा पर भी दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को नए स्तर तक पहुंचाने पर जोर रहेगा।

    प्रधानमंत्री मोदी न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के निमंत्रण पर ऑकलैंड पहुंचे हैं। यहां उनके विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों के साथ उच्चस्तरीय बैठकों में भाग लेने का कार्यक्रम निर्धारित है। दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच व्यापार, निवेश, कृषि, शिक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग जैसे अनेक विषयों पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा दोनों देशों के बीच लोगों के आपसी संबंधों और आर्थिक भागीदारी को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

    यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री सरकारी कार्यक्रमों के अलावा व्यापार और खेल क्षेत्र से जुड़े आयोजनों में भी हिस्सा लेंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से उद्योग जगत, निवेशकों और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ संवाद स्थापित किया जाएगा। भारतीय समुदाय के साथ उनका विशेष कार्यक्रम भी प्रस्तावित है, जिसमें दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों को और मजबूत करने का संदेश दिया जाएगा। विदेशों में बसे भारतीय समुदाय की भूमिका को भारत लगातार अपनी वैश्विक साझेदारी का महत्वपूर्ण आधार मानता रहा है।

    भारत और न्यूजीलैंड के बीच पिछले कुछ वर्षों में आर्थिक और रणनीतिक सहयोग लगातार बढ़ा है। दोनों देश मुक्त और सुरक्षित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र, आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती, खाद्य सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के पक्षधर रहे हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री की यह यात्रा भविष्य की साझेदारी के लिए नई संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त कर सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस दौरे से दोनों देशों के बीच व्यापारिक अवसरों में विस्तार के साथ निवेश और तकनीकी सहयोग को भी नई गति मिलेगी।

    प्रधानमंत्री मोदी की इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यह यात्रा भारत की सक्रिय विदेश नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है। लगातार बढ़ते वैश्विक आर्थिक और रणनीतिक बदलावों के बीच भारत अपने प्रमुख साझेदार देशों के साथ संबंधों को मजबूत करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। इस यात्रा के समापन के बाद प्रधानमंत्री नई दिल्ली लौटेंगे। माना जा रहा है कि इस पूरे दौरे के परिणाम आने वाले वर्षों में भारत के व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती प्रदान करेंगे।

  • पीएम मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा से पहले बड़ा व्यापारिक संकेत, 57% उत्पादों पर टैरिफ हटाने की घोषणा से मजबूत होंगे द्विपक्षीय संबंध

    पीएम मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा से पहले बड़ा व्यापारिक संकेत, 57% उत्पादों पर टैरिफ हटाने की घोषणा से मजबूत होंगे द्विपक्षीय संबंध

    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रस्तावित न्यूजीलैंड यात्रा से पहले दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने भारत के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते के तहत अपने देश के 57 प्रतिशत निर्यातित उत्पादों पर पहले दिन से टैरिफ नहीं लगाने की घोषणा की है। इस फैसले को दोनों देशों के बीच व्यापारिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 और 11 जुलाई को दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर न्यूजीलैंड पहुंचेंगे। लगभग चार दशक बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली आधिकारिक राजकीय यात्रा होगी। ऐसे समय में व्यापार समझौते को लेकर न्यूजीलैंड की ओर से आया यह संकेत दोनों देशों के बढ़ते रणनीतिक और आर्थिक सहयोग को दर्शाता है। माना जा रहा है कि यात्रा के दौरान व्यापार, निवेश, रक्षा, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और कृषि सहित कई क्षेत्रों में सहयोग को और आगे बढ़ाने पर व्यापक चर्चा होगी।

    न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने कहा है कि भारत के साथ होने वाला व्यापार समझौता उनके देश के निर्यातकों के लिए नए अवसर लेकर आएगा। उनका मानना है कि भारतीय बाजार तक आसान पहुंच मिलने से न्यूजीलैंड के उत्पाद अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे और दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह समझौता दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए दीर्घकालिक लाभ का आधार बनेगा।

    भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत कई वर्षों से जारी रही है। इसकी शुरुआत वर्ष 2010 में हुई थी, लेकिन कुछ समय बाद वार्ताएं ठहर गई थीं। बाद में दोनों देशों ने दोबारा बातचीत शुरू करने का निर्णय लिया और कई दौर की चर्चाओं के बाद समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई। अब दोनों सरकारें इसे व्यावहारिक रूप से लागू करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार का दायरा बढ़ेगा और निवेश के नए अवसर भी विकसित होंगे। कृषि उत्पाद, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण, शिक्षा, प्रौद्योगिकी और सेवा क्षेत्र जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं मजबूत होंगी। इसके साथ ही भारतीय कंपनियों को भी न्यूजीलैंड के बाजार तक बेहतर पहुंच मिलने की उम्मीद है।

    आर्थिक विश्लेषकों के अनुसार वैश्विक व्यापार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच ऐसे समझौते दोनों देशों की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने और नए बाजार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भारत और न्यूजीलैंड के बीच बढ़ते आर्थिक संबंध हिंद-प्रशांत क्षेत्र में व्यापक रणनीतिक सहयोग को भी नई गति दे सकते हैं।

    प्रधानमंत्री मोदी की आगामी यात्रा को केवल एक औपचारिक राजनयिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि द्विपक्षीय संबंधों के नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है। यात्रा के दौरान होने वाली उच्चस्तरीय वार्ताओं से व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी साझेदारी मजबूत होने की उम्मीद है। ऐसे में टैरिफ में प्रस्तावित राहत का यह फैसला दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।