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  • WTC अंकतालिका में न्यूजीलैंड का दबदबा, ऑस्ट्रेलिया टॉप-2 से बाहर, भारत के सामने फाइनल में पहुंचने की बड़ी चुनौती..

    WTC अंकतालिका में न्यूजीलैंड का दबदबा, ऑस्ट्रेलिया टॉप-2 से बाहर, भारत के सामने फाइनल में पहुंचने की बड़ी चुनौती..


    नई दिल्ली ।
    वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) 2025-27 की अंकतालिका में साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट सीरीज के नतीजे के बाद बड़ा बदलाव देखने को मिला है। साउथ अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया को घरेलू टेस्ट सीरीज में 2-1 से हराकर अंकतालिका का समीकरण बदल दिया है। इस परिणाम का सीधा फायदा न्यूजीलैंड को मिला है, जिसने ऑस्ट्रेलिया को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल कर लिया है। वहीं, साउथ अफ्रीका दूसरे और ऑस्ट्रेलिया तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। भारतीय टीम भी चौथे स्थान पर बनी हुई है।

    ताजा स्थिति के अनुसार, न्यूजीलैंड का अंक प्रतिशत 72.22 है, जबकि साउथ अफ्रीका 71.43 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर है। ऑस्ट्रेलिया का अंक प्रतिशत 69.23 है। भारत 51.52 प्रतिशत के साथ चौथे नंबर पर है। बांग्लादेश 47.62 प्रतिशत के साथ पांचवें स्थान पर मौजूद है। इसके बाद इंग्लैंड 38.54 प्रतिशत, श्रीलंका 33.33 प्रतिशत और वेस्टइंडीज 26.92 प्रतिशत के साथ क्रमशः छठे, सातवें और आठवें स्थान पर हैं। पाकिस्तान 4.63 प्रतिशत के साथ नौवें नंबर पर है।

    मौजूदा चक्र में अभी 10 टेस्ट सीरीज खेली जानी बाकी हैं। किसी भी टीम ने फाइनल में अपनी जगह पक्की नहीं की है। अंकतालिका में टीमों की स्थिति का फैसला उनके अंक प्रतिशत के आधार पर होता है। टेस्ट मैच जीतने पर टीम को 12 अंक मिलते हैं, जबकि मुकाबला ड्रॉ होने पर चार अंक दिए जाते हैं। वहीं, टाई होने की स्थिति में दोनों टीमों को छह-छह अंक मिलते हैं। इसी व्यवस्था के आधार पर फाइनल में पहुंचने वाली शीर्ष दो टीमों का चयन किया जाएगा।

    न्यूजीलैंड के पास अपनी स्थिति मजबूत करने का अच्छा अवसर है। उसे भारत और श्रीलंका के खिलाफ घरेलू मैदान पर दो-दो टेस्ट खेलने हैं। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर चार और पाकिस्तान के खिलाफ दो टेस्ट मुकाबले खेलने हैं। इस तरह कीवी टीम के सामने अभी आठ टेस्ट मैच बाकी हैं। मौजूदा समीकरण के अनुसार, इन मुकाबलों में सात जीत दर्ज करना उसे शीर्ष दो में जगह बनाने की दौड़ में मजबूत स्थिति में पहुंचा सकता है।

    दूसरी ओर, साउथ अफ्रीका के सात टेस्ट मुकाबले बाकी हैं। इनमें पांच मैच घरेलू मैदान पर खेले जाएंगे। टीम को बांग्लादेश के खिलाफ दो और इंग्लैंड के खिलाफ तीन टेस्ट खेलने हैं, जबकि श्रीलंका के दौरे पर भी दो मुकाबले खेलने हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली सीरीज जीत से टीम का आत्मविश्वास बढ़ा है। अब बाकी मुकाबलों में अच्छा प्रदर्शन उसे फाइनल की दौड़ में बनाए रख सकता है।

    ऑस्ट्रेलिया के लिए भी आगे की राह महत्वपूर्ण होगी। साउथ अफ्रीका दौरे से पहले अंकतालिका में शीर्ष पर रही कंगारू टीम अब तीसरे स्थान पर है। उसके नौ टेस्ट मुकाबले बाकी हैं। इनमें न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू मैदान पर चार और भारत के खिलाफ भारतीय जमीन पर पांच टेस्ट शामिल हैं। इन मुकाबलों के परिणाम से उसकी फाइनल की संभावनाएं तय होंगी।

    भारतीय टीम के सामने भी फाइनल तक पहुंचने के लिए कड़ी चुनौती है। उसे न्यूजीलैंड में दो टेस्ट खेलने हैं, जिसके बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने घरेलू मैदान पर पांच मुकाबलों की सीरीज खेलनी है। भारत यदि अपने बाकी सभी सात टेस्ट जीत लेता है तो उसका अंक प्रतिशत 70.37 तक पहुंच सकता है। छह जीत की स्थिति में यह 65 प्रतिशत रहेगा। वहीं, पांच जीत और एक ड्रॉ मिलने पर टीम को अन्य मुकाबलों के परिणामों पर भी निर्भर रहना पड़ सकता है। यदि भारत न्यूजीलैंड में 0-2 से सीरीज हार जाता है और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांचों टेस्ट जीत भी लेता है, तब उसका अंक प्रतिशत 59.26 ही रहेगा।

    बांग्लादेश के पांच और श्रीलंका के छह टेस्ट मुकाबले बाकी हैं। बांग्लादेश की एक और हार उसकी फाइनल की संभावनाओं को कमजोर कर सकती है। वहीं, श्रीलंका यदि अपने सभी छह मुकाबले जीतता है तो उसका अंक प्रतिशत 66.67 तक पहुंच सकता है। ऐसे में WTC फाइनल की दौड़ अभी खुली हुई है और आने वाली टेस्ट सीरीज अंकतालिका की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती हैं।

  • न्यूजीलैंड ने चौथे टी20 में भारत को 87 रन से हराया, फिलिप्स का शतक और डफी की घातक गेंदबाजी

    न्यूजीलैंड ने चौथे टी20 में भारत को 87 रन से हराया, फिलिप्स का शतक और डफी की घातक गेंदबाजी

    नई दिल्ली ।न्यूजीलैंड ने चौथे टी20 मुकाबले में भारतीय टीम को 87 रन से हराकर सीरीज में पहली जीत दर्ज की। ऑकलैंड के ईडन पार्क स्टेडियम में खेले गए मैच में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 259 रन बनाए। इसके जवाब में भारतीय टीम निर्धारित 20 ओवर में 9 विकेट गंवाकर 172 रन ही बना सकी। इस जीत के साथ न्यूजीलैंड ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में भारत के खिलाफ अपनी सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड भी बना दिया।

    इससे पहले न्यूजीलैंड ने 2019 में वेलिंग्टन में खेले गए टी20 मुकाबले में भारत को 80 रन से हराया था। चौथे मैच में 87 रन की जीत ने उस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। हालांकि, इस मुकाबले के नतीजे से सीरीज में भारतीय टीम की स्थिति पर असर नहीं पड़ा, क्योंकि इससे पहले खेले गए तीनों मैचों में भारत ने जीत हासिल की थी और सीरीज अपने नाम कर ली थी।

    टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम ने आक्रामक अंदाज में रन बनाए। टीम ने टी20 इंटरनेशनल में अपना अब तक का सबसे बड़ा स्कोर खड़ा किया। ग्लेन फिलिप्स ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 49 गेंदों पर 107 रन बनाए। उनकी पारी ने न्यूजीलैंड को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। फिलिप्स ने भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा और तेजी से रन जुटाए।

    माइकल ब्रेसवेल ने भी विस्फोटक बल्लेबाजी की। उन्होंने केवल 25 गेंदों पर 65 रन बनाकर न्यूजीलैंड की पारी को मजबूती दी। दोनों बल्लेबाजों की पारियों की बदौलत न्यूजीलैंड ने 259 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। भारत की ओर से मयंक यादव सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने तीन विकेट हासिल किए। अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव, नीतीश कुमार रेड्डी और अक्षर पटेल को एक-एक विकेट मिला।

    260 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने महज चार रन के स्कोर पर अपने दोनों शुरुआती विकेट गंवा दिए। संजू सैमसन चार रन बनाकर आउट हुए, जबकि ईशान किशन खाता भी नहीं खोल सके। शुरुआती झटकों के कारण भारतीय टीम दबाव में आ गई।

    इसके बाद अभिषेक शर्मा और श्रेयस अय्यर ने पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन दोनों बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं कर सके। दोनों के आउट होने से भारत की मुश्किलें बढ़ गईं। टीम ने अपने शुरुआती चार विकेट केवल 56 रन पर गंवा दिए। बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय बल्लेबाजी पूरी तरह दबाव में नजर आई और कोई भी बल्लेबाज अर्धशतक तक नहीं पहुंच सका।

    भारत की ओर से तिलक वर्मा ने सबसे अधिक 35 रन बनाए। उन्होंने 35 गेंदों का सामना किया। नमन धीर ने 28 रन और अभिषेक शर्मा ने 27 रन का योगदान दिया। अन्य बल्लेबाज बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। परिणामस्वरूप भारतीय टीम 20 ओवर में 172 रन तक ही पहुंच सकी।

    न्यूजीलैंड की गेंदबाजी में जैकब डफी सबसे प्रभावशाली रहे। उन्होंने चार विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। मैथ्यू फिशर और मिचेल सैंटनर ने दो-दो विकेट हासिल किए, जबकि एडम मिल्ने को एक सफलता मिली। फिलिप्स की शतकीय पारी और डफी की शानदार गेंदबाजी न्यूजीलैंड की जीत के प्रमुख कारण रहे।

  • भारत से लगातार तीन हार के बाद न्यूजीलैंड को बड़ा झटका, चोट के कारण टी20 सीरीज से बाहर हुए लॉकी फर्ग्यूसन

    भारत से लगातार तीन हार के बाद न्यूजीलैंड को बड़ा झटका, चोट के कारण टी20 सीरीज से बाहर हुए लॉकी फर्ग्यूसन

    नई दिल्ली ।भारत के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में लगातार तीन मुकाबले गंवाने के बाद न्यूजीलैंड की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। टीम के तेज गेंदबाज लॉकी फर्ग्यूसन चोट के कारण सीरीज के बाकी मुकाबलों में नहीं खेल पाएंगे। न्यूजीलैंड क्रिकेट ने 29 अक्टूबर को इसकी पुष्टि की। फर्ग्यूसन को दूसरे टी20 मुकाबले के दौरान दाएं पैर की पिंडली में दर्द हुआ था। जांच के बाद उनकी मांसपेशियों में मामूली खिंचाव का पता चला है।

    फर्ग्यूसन की चोट ऐसे समय में सामने आई है, जब न्यूजीलैंड की टीम सीरीज में वापसी की कोशिश कर रही है। भारत शुरुआती तीनों मुकाबले जीतकर सीरीज अपने नाम कर चुका है। ऐसे में मेजबान टीम के सामने अगले मैचों में अपना प्रदर्शन सुधारने की चुनौती है। दूसरी ओर, भारतीय टीम की नजर जीत का सिलसिला जारी रखने और सीरीज में क्लीन स्वीप की दिशा में आगे बढ़ने पर होगी।

    फर्ग्यूसन को पूरी तरह ठीक होने में करीब एक सप्ताह या उससे अधिक समय लग सकता है। ऐसे में उनका मुख्य लक्ष्य आगामी वनडे सीरीज से पहले फिटनेस हासिल करना है। उनकी अनुपस्थिति को देखते हुए न्यूजीलैंड ने तेज गेंदबाज मैट फिशर को टीम में शामिल किया है। फिशर अब सीरीज के बाकी दो टी20 मुकाबलों के लिए उपलब्ध रहेंगे।

    भारत और न्यूजीलैंड के बीच चौथा टी20 मुकाबला शुक्रवार, 30 अक्टूबर को ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेला जाएगा। लगातार तीन हार के बाद न्यूजीलैंड के लिए यह मैच अपनी रणनीति और प्रदर्शन में सुधार करने का अवसर होगा। वहीं, भारतीय टीम जीत की लय बरकरार रखते हुए सीरीज के अंतिम चरण में भी अपना दबदबा कायम रखना चाहेगी।

    न्यूजीलैंड को तेज गेंदबाज मैट हेनरी की चोट को लेकर भी सतर्क रहना होगा। दूसरे टी20 मुकाबले के दौरान हेनरी की दाएं पैर की जांघ की मांसपेशी में चोट लगी थी। उनके ठीक होने में एक से दो सप्ताह लगने का अनुमान है। हालांकि, पहले से निर्धारित कार्यभार प्रबंधन योजना के तहत वह टी20 सीरीज के बाकी मुकाबलों में खेलने वाले नहीं थे। टीम को उम्मीद है कि हेनरी वनडे सीरीज तक फिट होकर उपलब्ध हो सकते हैं।

    मुख्य कोच रॉब वाल्टर ने दोनों तेज गेंदबाजों के चोटिल होने पर निराशा जताई। उन्होंने बताया कि फर्ग्यूसन ईडन पार्क में घरेलू दर्शकों के सामने खेलने को लेकर काफी उत्साहित थे। चोट के कारण अब उनका ध्यान वनडे सीरीज के लिए समय पर फिट होने पर केंद्रित रहेगा।

    इस बीच, तेज गेंदबाज काइल जेमिसन कार्यभार प्रबंधन के तहत वेलिंगटन में रुकेंगे। वह 31 अक्टूबर को फोर्ड ट्रॉफी में कैंटरबरी की ओर से खेल सकते हैं। इसके बाद दो नवंबर को न्यूजीलैंड की राष्ट्रीय टीम से जुड़ने की योजना है। टीम प्रबंधन वनडे सीरीज से पहले अपने प्रमुख तेज गेंदबाजों की फिटनेस पर नजर बनाए हुए है।

    न्यूजीलैंड की टीम में कप्तान मिचेल सेंटनर के अलावा फिन एलन, माइकल ब्रेसवेल, मार्क चैपमैन, जोश क्लार्कसन, डेवोन कॉन्वे, जैकब डफी, मैट फिशर, जकारी फाउलकेस, बेवोन जैकब्स, एडम मिल्ने, डेरिल मिचेल, ग्लेन फिलिप्स, टिम सीफर्ट, नाथन स्मिथ और ब्लेयर टिकनर शामिल हैं।

  • टी20 अंतरराष्ट्रीय में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाली टीम पाकिस्तान, भारत 300 मुकाबलों के साथ दूसरे स्थान पर पहुंचा

    टी20 अंतरराष्ट्रीय में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाली टीम पाकिस्तान, भारत 300 मुकाबलों के साथ दूसरे स्थान पर पहुंचा

    नई दिल्ली ।टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में मैदान पर उतरते ही भारतीय टीम ने इस प्रारूप में अपने 300 मैच पूरे कर लिए। इसके साथ ही भारत, पाकिस्तान के बाद टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 300 या उससे अधिक मुकाबले खेलने वाली दुनिया की दूसरी टीम बन गया। हालांकि, सर्वाधिक टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के मामले में पाकिस्तान अब भी शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। भारत ने तीन बार टी20 विश्व कप का खिताब जीता है, लेकिन मैचों की संख्या के लिहाज से वह पाकिस्तान से पीछे है।

    क्राइस्टचर्च के हेग्ले ओवल मैदान पर न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला गया दूसरा टी20 मुकाबला भारतीय टीम के लिए इस लिहाज से खास रहा। इस मैच के साथ भारत ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 300 मुकाबले खेलने का आंकड़ा छुआ। पिछले वर्षों में द्विपक्षीय सीरीज, टी20 विश्व कप और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के कारण इस प्रारूप में भारत के मैचों की संख्या लगातार बढ़ी है। टी20 क्रिकेट की लोकप्रियता बढ़ने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय टीमें भी इस प्रारूप में अधिक मुकाबले खेल रही हैं।

    उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पाकिस्तान ने अब तक 304 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं और वह इस सूची में पहले स्थान पर है। भारत 300 मुकाबलों के साथ दूसरे नंबर पर पहुंच गया है। न्यूजीलैंड 269 मैचों के साथ तीसरे स्थान पर है। इसके बाद वेस्टइंडीज का नंबर आता है, जिसने 260 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं। श्रीलंका 243 मैचों के साथ इस सूची में पांचवें स्थान पर है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एशियाई टीमों के साथ-साथ अन्य प्रमुख क्रिकेट देशों की भी लंबी भागीदारी रही है।

    मैचों की कुल संख्या के अलावा भारत का जीत का रिकॉर्ड भी उल्लेखनीय है। 300 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भारतीय टीम ने 200 मैच जीते हैं। उसे 83 मैचों में हार का सामना करना पड़ा, जबकि सात मुकाबले टाई रहे और 10 मैचों का कोई परिणाम नहीं निकल सका। इस तरह भारत ने इस प्रारूप में जीत का दोहरा शतक पूरा कर लिया है। टीम के प्रदर्शन में बल्लेबाजी और गेंदबाजी के योगदान के साथ लंबे समय तक निरंतरता बनाए रखना भी अहम रहा है।

    दूसरी ओर, पाकिस्तान ने अपने 304 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में से 176 में जीत दर्ज की है। उसे 116 मुकाबलों में हार मिली, जबकि चार मैच टाई रहे और आठ मुकाबलों का कोई नतीजा नहीं निकला। भारत और पाकिस्तान के आंकड़ों की तुलना करने पर जीत की संख्या में भारतीय टीम आगे दिखाई देती है। भारत ने पाकिस्तान से चार मैच कम खेले हैं, लेकिन उसकी जीत की संख्या 200 है, जबकि पाकिस्तान की जीत 176 है।

    टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के विस्तार में द्विपक्षीय सीरीज और आईसीसी टूर्नामेंट की अहम भूमिका रही है। इस प्रारूप में कम समय में परिणाम मिलने के कारण दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ी है। भारत ने भी लगातार अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में हिस्सा लेकर अपने मैचों की संख्या 300 तक पहुंचाई है। टी20 विश्व कप में टीम की सफलता ने इस प्रारूप में भारतीय क्रिकेट की पहचान को और मजबूत किया है।

    भारत का 300 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों तक पहुंचना उसके क्रिकेट कार्यक्रम में इस प्रारूप की अहमियत को दर्शाता है। पाकिस्तान फिलहाल सर्वाधिक मुकाबले खेलने वाली टीम है, लेकिन भारत ने जीत की संख्या के मामले में मजबूत रिकॉर्ड बनाया है। आने वाले समय में दोनों टीमों के मैचों की संख्या में बदलाव हो सकता है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर में टी20 मुकाबले लगातार खेले जा रहे हैं।

  • भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते से इंजीनियरिंग निर्यात पांच साल में दोगुना होने की उम्मीद

    भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते से इंजीनियरिंग निर्यात पांच साल में दोगुना होने की उम्मीद

    नई दिल्ली । भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता लागू होने से भारतीय इंजीनियरिंग क्षेत्र को नए अवसर मिलने की उम्मीद है। उद्योग जगत का अनुमान है कि इस समझौते के बाद अगले पांच वर्षों में न्यूजीलैंड को भारत का इंजीनियरिंग निर्यात लगभग दोगुना होकर 28 से 30 करोड़ डॉलर तक पहुंच सकता है। इससे भारतीय निर्माताओं को न्यूजीलैंड के बाजार में अपनी पहुंच बढ़ाने और नए व्यापारिक अवसर तलाशने में मदद मिलने की संभावना है।

    इंजीनियरिंग निर्यात संवर्धन परिषद इंडिया के अध्यक्ष पंकज चड्ढा ने समझौते को भारतीय इंजीनियरिंग उद्योग के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड भारतीय इंजीनियरिंग उत्पादों के लिए अपेक्षाकृत छोटा बाजार है, लेकिन वहां विकास की पर्याप्त संभावनाएं मौजूद हैं। उनके मुताबिक, मुक्त व्यापार समझौते के लागू होने से इस बाजार में भारतीय कंपनियों के लिए नए रास्ते खुलेंगे।

    भारत का न्यूजीलैंड को इंजीनियरिंग वस्तुओं का निर्यात वर्ष 2024-25 में 12.98 करोड़ डॉलर था, जो 2025-26 में बढ़कर 14.05 करोड़ डॉलर हो गया। निर्यात में हुई इस बढ़ोतरी के बीच उद्योग को उम्मीद है कि व्यापार समझौते से दोनों देशों के बीच इंजीनियरिंग उत्पादों का कारोबार और मजबूत होगा। शुल्क संबंधी रियायतों और बेहतर व्यापारिक पहुंच से भारतीय निर्माताओं को न्यूजीलैंड में अपनी प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति सुधारने का अवसर मिल सकता है।

    भारत से न्यूजीलैंड भेजे जाने वाले प्रमुख इंजीनियरिंग उत्पादों में ऑटोमोबाइल, डेयरी उद्योग में इस्तेमाल होने वाली औद्योगिक मशीनरी, चिकित्सा एवं वैज्ञानिक उपकरण, कार्यालय संबंधी उपकरण तथा लोहा और इस्पात उत्पाद शामिल हैं। इन क्षेत्रों में भारतीय कंपनियों के लिए मांग बढ़ने की संभावनाएं हैं। समझौते के बाद निर्यातकों को अपने उत्पादों की पहुंच बढ़ाने और न्यूजीलैंड के बाजार की जरूरतों के अनुरूप कारोबार का विस्तार करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

    पंकज चड्ढा ने विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों यानी एमएसएमई के लिए इस समझौते को उपयोगी बताया। उनके अनुसार, मुक्त व्यापार समझौता छोटे और मध्यम स्तर के भारतीय इंजीनियरिंग निर्यातकों को अपने उत्पाद पोर्टफोलियो में विविधता लाने का अवसर देगा। इससे वे पारंपरिक बाजारों पर निर्भरता कम करने के साथ न्यूजीलैंड में अपनी व्यावसायिक मौजूदगी बढ़ाने की दिशा में काम कर सकेंगे।

    उद्योग की अपेक्षा है कि आने वाले वर्षों में भारतीय कंपनियां न्यूजीलैंड में इंजीनियरिंग वस्तुओं की आपूर्ति बढ़ाने के लिए नए ग्राहक तलाशेंगी और कारोबार के नए अवसरों का लाभ उठाएंगी। हालांकि, निर्यात में वास्तविक वृद्धि बाजार की मांग, कंपनियों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और समझौते से मिलने वाले लाभों का उपयोग करने की उनकी क्षमता पर निर्भर करेगी।

    इंजीनियरिंग निर्यात संवर्धन परिषद इंडिया के अनुमान के मुताबिक, अगले पांच वर्षों में न्यूजीलैंड को भारत का इंजीनियरिंग निर्यात बढ़कर 28 से 30 करोड़ डॉलर तक पहुंच सकता है। यह वर्ष 2025-26 के 14.05 करोड़ डॉलर के निर्यात की तुलना में लगभग दोगुना होगा। दोनों देशों के बीच इंजीनियरिंग व्यापार संबंध मजबूत होने से वर्ष 2030 तक भारत के 250 अरब डॉलर के इंजीनियरिंग निर्यात लक्ष्य को हासिल करने की व्यापक कोशिशों को भी बल मिलने की उम्मीद है।

  • भारत-न्यूजीलैंड एफटीए लागू, सभी भारतीय निर्यात पर शून्य शुल्क, 20 अरब डॉलर के निवेश से खुलेंगे नए अवसर

    भारत-न्यूजीलैंड एफटीए लागू, सभी भारतीय निर्यात पर शून्य शुल्क, 20 अरब डॉलर के निवेश से खुलेंगे नए अवसर


    नई दिल्ली । भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) लागू होने के साथ भारतीय निर्यातकों के लिए नए अवसर खुल गए हैं। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को कहा कि इस समझौते के तहत न्यूजीलैंड में भारतीय वस्तुओं को सभी टैरिफ श्रेणियों में शून्य शुल्क पर प्रवेश मिलेगा। इससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूती मिलने और निवेश गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

    पीयूष गोयल के अनुसार, समझौते के लागू होने से न्यूजीलैंड जाने वाले सभी भारतीय निर्यात पर 100 प्रतिशत शुल्क छूट का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि भारतीय उत्पाद अब न्यूजीलैंड के बाजार में बिना आयात शुल्क के प्रवेश कर सकेंगे। इससे वहां भारतीय वस्तुओं की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति बेहतर होने और निर्यातकों को नए खरीदारों तक पहुंच बनाने में मदद मिलने की संभावना है।

    मंत्री ने यह भी बताया कि समझौते के तहत न्यूजीलैंड भारत में 20 अरब डॉलर तक के निवेश को सुगम बनाएगा। इस निवेश से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने, रोजगार के नए अवसर तैयार करने और दोनों देशों के कारोबारी संबंधों को व्यापक बनाने की उम्मीद है। हालांकि, निवेश की वास्तविक मात्रा और उसके क्षेत्रवार वितरण का प्रभाव समझौते के क्रियान्वयन तथा निवेश संबंधी निर्णयों पर निर्भर करेगा।

    भारत ने इस समझौते में संवेदनशील कृषि क्षेत्रों के हितों की सुरक्षा पर भी जोर दिया है। गोयल ने स्पष्ट किया कि डेयरी, प्रमुख कृषि उत्पादों और पशु-आधारित उत्पादों जैसे क्षेत्रों को संरक्षण दिया गया है। उनके अनुसार, किसानों का कल्याण सरकार की प्राथमिकता है और व्यापार विस्तार के साथ घरेलू कृषि हितों को सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया है।

    व्यापारी संगठनों ने भी समझौते का स्वागत किया है। अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ के महासचिव और चांदनी चौक से सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने इसे भारत की बढ़ती विनिर्माण क्षमता और वैश्विक बाजारों में भारतीय उत्पादों की पहुंच बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उनके अनुसार, यह समझौता ‘लोकल टू ग्लोबल’, ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में मदद कर सकता है।

    इस समझौते से वस्त्र एवं परिधान, चमड़ा और फुटवियर, रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग सामान, ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट्स, दवाइयों, रसायनों, कृषि उत्पादों तथा प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों जैसे क्षेत्रों को निर्यात के नए अवसर मिलने की उम्मीद है। न्यूजीलैंड में शून्य शुल्क पर प्रवेश से भारतीय उत्पादों की कीमत संबंधी प्रतिस्पर्धा बेहतर हो सकती है। इसका लाभ विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), कारीगरों, निर्माताओं, किसानों, महिला उद्यमियों और निर्यातकों तक पहुंचने की संभावना है।

    समझौते के तहत निवेश को बढ़ावा देने के साथ भारतीय पेशेवरों और युवाओं के लिए भी नए अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई गई है। व्यापारिक गतिविधियों में विस्तार से विनिर्माण, सेवाओं और निर्यात से जुड़े क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। हालांकि, इसका वास्तविक असर आने वाले समय में व्यापार और निवेश के आंकड़ों से स्पष्ट होगा।

    भारत और न्यूजीलैंड ने वर्ष 2030 तक वस्तुओं और सेवाओं में द्विपक्षीय व्यापार को 7 अरब न्यूजीलैंड डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। उद्योग जगत को उम्मीद है कि शुल्क-मुक्त पहुंच और निवेश को प्रोत्साहन मिलने से इस लक्ष्य की दिशा में प्रगति तेज होगी। खंडेलवाल ने व्यापारियों, निर्माताओं और एमएसएमई से इस अवसर का लाभ उठाकर ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों की वैश्विक पहुंच बढ़ाने का आह्वान किया है।

  • जसप्रीत बुमराह न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से रह सकते हैं बाहर, टीम मैनेजमेंट ने टेस्ट क्रिकेट के लिए बनाई खास रणनीति

    जसप्रीत बुमराह न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से रह सकते हैं बाहर, टीम मैनेजमेंट ने टेस्ट क्रिकेट के लिए बनाई खास रणनीति


    नई दिल्ली ।
    भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी पांच मैचों की वनडे सीरीज में खेलते नजर नहीं आ सकते हैं। उनके इस सीरीज से बाहर रहने की संभावित वजह चोट नहीं, बल्कि टीम मैनेजमेंट की रणनीति बताई जा रही है। बुमराह पूरी तरह फिट हैं और फिलहाल टेस्ट क्रिकेट की तैयारी पर ध्यान दे रहे हैं।

    भारतीय टीम उन्हें आगामी महत्वपूर्ण टेस्ट मुकाबलों के लिए तरोताजा और पूरी तरह तैयार रखना चाहती है।टीम प्रबंधन की योजना के अनुसार, बुमराह को वनडे सीरीज में उतारने के बजाय लाल गेंद से खेले जाने वाले क्रिकेट के लिए तैयार किया जा सकता है। वह अहमदाबाद में टेस्ट क्रिकेट की तैयारी शुरू कर चुके हैं। अक्टूबर के आखिर में उनके भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पहुंचने की संभावना है। इसके बाद वह न्यूजीलैंड रवाना हो सकते हैं। हालांकि, वनडे सीरीज में उनकी अनुपस्थिति को लेकर अंतिम स्थिति टीम की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।

    वर्कलोड मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान
    लंबे अंतरराष्ट्रीय दौरे और लगातार होने वाले मुकाबलों को देखते हुए बुमराह के कार्यभार का प्रबंधन भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण है। वह टीम के प्रमुख तेज गेंदबाज हैं और टेस्ट क्रिकेट में उनकी भूमिका काफी अहम मानी जाती है। ऐसे में टीम मैनेजमेंट उनकी फिटनेस को ध्यान में रखते हुए खेलने के कार्यक्रम की योजना बना रहा है।

    बुमराह को आगामी टेस्ट मुकाबलों से पहले मैच अभ्यास दिलाने के लिए इंडिया ए की टीम के साथ मैदान पर उतारने की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है। योजना के मुताबिक, उन्हें 6 नवंबर से शुरू होने वाले इंडिया ए के तीसरे मुकाबले में खेलने का मौका मिल सकता है। इससे उनके कार्यभार को धीरे-धीरे बढ़ाने और टेस्ट क्रिकेट के लिए लय हासिल करने में मदद मिल सकती है।इसके बाद 19 नवंबर से वेलिंगटन में शुरू होने वाले पहले टेस्ट मुकाबले से पहले उन्हें पर्याप्त आराम और तैयारी का समय मिल सकता है। टीम प्रबंधन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बुमराह महत्वपूर्ण टेस्ट मैचों में अपनी पूरी क्षमता के साथ गेंदबाजी कर सकें।

    चोट के बाद टेस्ट क्रिकेट पर नजर
    बुमराह को इस साल की शुरुआत में घुटने की चोट के कारण श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों से बाहर रहना पड़ा था। इसके बाद उनकी फिटनेस और आगामी मुकाबलों में उपलब्धता को लेकर टीम प्रबंधन सावधानी बरत रहा है। बुमराह ने पिछले साल घरेलू मैदान पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपना पिछला बहुदिवसीय मुकाबला खेला था। ऐसे में टेस्ट प्रारूप में वापसी के लिए उनकी तैयारी को अहम माना जा रहा है।उनके खेलने के कार्यक्रम को लेकर टीम से जुड़े अधिकारियों के बीच कई दौर की चर्चा होने की जानकारी सामने आई है। इसका उद्देश्य यह तय करना है कि तेज गेंदबाज को किस तरह पर्याप्त अभ्यास, आराम और मैच खेलने का अवसर दिया जाए, ताकि लंबे प्रारूप में उनकी उपलब्धता बनी रहे।

    ऑस्ट्रेलिया सीरीज और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप पर नजर
    भारतीय टीम की रणनीति केवल न्यूजीलैंड दौरे तक सीमित नहीं है। अगले साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली पांच टेस्ट मैचों की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी को भी ध्यान में रखा जा रहा है। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए बुमराह जैसे अनुभवी गेंदबाज की उपलब्धता महत्वपूर्ण होगी।इसी वजह से टीम मैनेजमेंट उन्हें हर द्विपक्षीय सीरीज में खिलाने के बजाय महत्वपूर्ण टेस्ट मुकाबलों के लिए सुरक्षित रखने की रणनीति अपना सकता है। वनडे सीरीज में उनकी संभावित अनुपस्थिति को इसी योजना से जोड़कर देखा जा रहा है।

    टीम चयन पर जल्द साफ होगी तस्वीर
    भारत की वनडे और टेस्ट टीमों की घोषणा आने वाले दिनों में होने की संभावना है। चयनकर्ता हर्षित राणा, प्रसिद्ध कृष्णा और ऋषभ पंत जैसे खिलाड़ियों की फिटनेस तथा उपलब्धता से जुड़ी जानकारी का इंतजार कर रहे हैं। इन खिलाड़ियों की स्थिति स्पष्ट होने के बाद टीम संयोजन को अंतिम रूप दिया जा सकता है। बुमराह के वनडे सीरीज में खेलने या आराम दिए जाने पर भी आधिकारिक घोषणा के बाद स्थिति साफ होगी।

  • हार्दिक पांड्या फिर चोटिल, न्यूजीलैंड सीरीज से बाहर, तीन सप्ताह आराम के बाद जिम्बाब्वे सीरीज से वापसी संभव

    हार्दिक पांड्या फिर चोटिल, न्यूजीलैंड सीरीज से बाहर, तीन सप्ताह आराम के बाद जिम्बाब्वे सीरीज से वापसी संभव

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या की वापसी की राह एक बार फिर चोट के कारण रुक गई है। उनकी दाहिनी पिंडली में दोबारा चोट सामने आई है, जिसके चलते वह कम से कम तीन सप्ताह तक प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से दूर रहेंगे। इस चोट के कारण हार्दिक न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली टी20 और वनडे सीरीज का हिस्सा नहीं बन पाएंगे। पिछले चार महीनों में यह कम से कम तीसरा मौका है, जब चोट ने उनकी वापसी की योजना को प्रभावित किया है।

    हार्दिक की ‘रिटर्न टू प्ले’ तारीख 20 सितंबर तय की गई थी। इसी योजना के तहत उन्हें छह अक्टूबर से ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ शुरू होने वाली वनडे सीरीज के लिए भारत ए टीम में चुना गया था। हालांकि, ताजा स्कैन में उनकी दाहिनी पिंडली में चोट सामने आने के बाद यह योजना भी प्रभावित हो गई है।

    मेडिकल आकलन के तहत हार्दिक को करीब दो सप्ताह तक पूरी तरह आराम करने की सलाह दी गई है। इसके बाद उनकी स्थिति का दोबारा मूल्यांकन किया जाएगा और यह तय होगा कि वह रिहैबिलिटेशन कब शुरू कर सकते हैं। उनकी फिटनेस पर आगे की वापसी इसी प्रक्रिया के आधार पर तय होगी।

    न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज 22 अक्टूबर से शुरू होनी है। इसके बाद दोनों टीमों के बीच वनडे मुकाबले खेले जाएंगे। मौजूदा स्थिति में हार्दिक के इस पूरी सीरीज तक फिट होकर मैदान पर लौटने की संभावना नहीं है। ऐसे में उनकी वापसी के लिए टीम प्रबंधन को आगे के विकल्पों पर विचार करना होगा।

    हार्दिक की चोट की शुरुआत अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज से ठीक पहले हुई थी। फील्डिंग ड्रिल के दौरान उन्हें घुटने के आसपास अचानक तेज दर्द महसूस हुआ था। इसके बाद उन्होंने ब्रेक लिया और कुछ दिनों तक आराम किया। फिटनेस प्रमाणपत्र हासिल करने की तैयारी के दौरान दर्द फिर उभर आया। इसके बाद कराए गए स्कैन में चोट की पुष्टि हुई थी।

    32 वर्षीय हार्दिक आईपीएल के बाद से बेंगलुरु में रहकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में ट्रेनिंग कर रहे थे। उनका लक्ष्य फिटनेस हासिल करके प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी करना था, लेकिन लगातार सामने आ रही परेशानियों ने उनकी योजना को प्रभावित किया है। पिछले चार महीनों में अफगानिस्तान वनडे, इंग्लैंड टी20 और अब ऑस्ट्रेलिया ए सीरीज के दौरान उनकी वापसी चोट की वजह से प्रभावित हुई है।

    हार्दिक को एशियन गेम्स के लिए भारतीय दल के साथ जापान भेजने की भी योजना थी। इसके लिए यात्रा संबंधी प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन ताजा चोट के बाद उनकी उपलब्धता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

    अब हार्दिक के लिए अगला संभावित मौका जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे सीरीज हो सकता है। अगर वह तब तक पूरी तरह फिट होते हैं तो उस सीरीज से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी कर सकते हैं। इसके अलावा उनकी मैच फिटनेस परखने के लिए घरेलू क्रिकेट में विजय हजारे ट्रॉफी या सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में खेलने का विकल्प भी मौजूद हो सकता है। हालांकि, अंतिम फैसला उनकी फिटनेस और मेडिकल आकलन के आधार पर ही होगा।

  • भारत-न्यूजीलैंड एफटीए को संसद की मंजूरी, पीएम क्रिस्टोफर लक्सन ने जताई खुशी, व्यापार और रोजगार बढ़ने की उम्मीद

    भारत-न्यूजीलैंड एफटीए को संसद की मंजूरी, पीएम क्रिस्टोफर लक्सन ने जताई खुशी, व्यापार और रोजगार बढ़ने की उम्मीद

    नई दिल्ली ।भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौते यानी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को न्यूजीलैंड की संसद से मंजूरी मिल गई है। बुधवार को हुए मतदान में समझौते के पक्ष में 93 वोट पड़े, जबकि 29 सांसदों ने इसके खिलाफ मतदान किया। संसद से मंजूरी मिलने के बाद न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने खुशी जताई और कहा कि इस समझौते से देश में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे तथा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।

    प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने कहा कि कई लोगों ने उनसे कहा था कि भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौता संभव नहीं होगा, लेकिन अब संसद ने इसे मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि उनकी नेशनल पार्टी ने पहले कार्यकाल में भारत के साथ एफटीए करने का वादा किया था और सरकार ने उस लक्ष्य को पूरा किया है।

    लक्सन के मुताबिक समझौते से न्यूजीलैंड के लोगों के लिए अधिक नौकरियां और आय के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के करीब 1.4 अरब उपभोक्ताओं तक पहुंच बनने से न्यूजीलैंड के उत्पादों के लिए भारतीय बाजार में अवसर बढ़ेंगे। उनके अनुसार यह समझौता न्यूजीलैंड की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में मदद करेगा।

    न्यूजीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने समझौते से जुड़े शुल्क प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि एफटीए लागू होने के बाद भारत को न्यूजीलैंड के 57 प्रतिशत निर्यात पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। समझौते के पूरी तरह लागू होने पर 95 प्रतिशत निर्यात पर शुल्क या तो समाप्त कर दिया जाएगा या उसे काफी कम कर दिया जाएगा।

    मैक्ले ने कहा कि समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियों में भी सुविधा बढ़ेगी। इसके तहत सीमा पर क्लीयरेंस प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। उन्होंने भारत के बढ़ते मध्यम वर्ग तक न्यूजीलैंड के कारोबारियों की बेहतर पहुंच को भी समझौते का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

    उन्होंने कहा कि भारत में भोजन, टेक्नोलॉजी, शिक्षा, पर्यटन, प्रोफेशनल सेवाओं और अन्य उत्पादों की मांग बढ़ रही है। ऐसे में मुक्त व्यापार समझौते से न्यूजीलैंड के निर्यातकों को भारतीय बाजार में अपने कारोबारी संबंधों का विस्तार करने में मदद मिलेगी।

    भारत और न्यूजीलैंड के बीच इस व्यापार समझौते की बातचीत की घोषणा मार्च 2025 में की गई थी। न्यूजीलैंड सरकार को उम्मीद है कि संसद की मंजूरी के बाद एफटीए इस साल के अंत तक लागू हो जाएगा। हालांकि इसके लिए समझौते में निर्धारित प्रक्रियाओं का पूरा होना जरूरी होगा।

    मैक्ले ने कहा कि एफटीए दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ाने के लक्ष्य को भी समर्थन देगा। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने वर्ष 2030 तक दोनों देशों के बीच व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। नए समझौते को इसी लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है।

    संसद की मंजूरी के साथ भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापारिक संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए एक नया ढांचा तैयार हुआ है। समझौते के लागू होने के बाद शुल्क में बदलाव और बाजार तक पहुंच से जुड़े प्रावधानों का असर दोनों देशों के निर्यातकों और कारोबारियों पर पड़ने की उम्मीद है।

  • 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' बने जयडेन लेनोक्स, दिग्गज स्पिनरों को पछाड़कर हासिल की बड़ी उपलब्धि

    'प्लेयर ऑफ द सीरीज' बने जयडेन लेनोक्स, दिग्गज स्पिनरों को पछाड़कर हासिल की बड़ी उपलब्धि


    नई दिल्ली । वेस्टइंडीज के खिलाफ पांच मैचों की वनडे सीरीज में न्यूजीलैंड के युवा स्पिनर जयडेन लेनोक्स ने अपनी शानदार गेंदबाजी से सभी का ध्यान खींच लिया। हालांकि सीरीज का अंतिम मुकाबला न्यूजीलैंड हार गया, लेकिन टीम ने 3-2 से सीरीज अपने नाम की। इस सफलता में लेनोक्स की अहम भूमिका रही, जिन्होंने पूरी सीरीज में 14 विकेट लेकर ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ का पुरस्कार अपने नाम किया।

    लेनोक्स की फिरकी के सामने वेस्टइंडीज के बल्लेबाज पूरी श्रृंखला में संघर्ष करते नजर आए। पांच मुकाबलों में 14 विकेट लेने के साथ उन्होंने एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली। वह अब एक द्विपक्षीय वनडे सीरीज में सर्वाधिक विकेट लेने वाले स्पिनरों की सूची में पूर्व दिग्गज गेंदबाज अनिल कुंबले, शेन वॉर्न और शाहिद अफरीदी से आगे निकल गए हैं। इन तीनों महान स्पिनरों ने अपने-अपने करियर में किसी एक द्विपक्षीय वनडे सीरीज में 13-13 विकेट लिए थे, जबकि लेनोक्स ने 14 विकेट लेकर यह आंकड़ा पार कर दिया।

    इस प्रदर्शन के साथ लेनोक्स ने श्रीलंका के स्पिनर अकिला धनंजय की भी बराबरी कर ली है। धनंजय ने वर्ष 2018 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में 14 विकेट हासिल किए थे। अब दोनों संयुक्त रूप से इस सूची में बराबरी पर हैं।

    एक द्विपक्षीय वनडे सीरीज में सर्वाधिक विकेट लेने का रिकॉर्ड भारत के पूर्व लेग स्पिनर अमित मिश्रा के नाम दर्ज है, जिन्होंने एक श्रृंखला में 18 विकेट झटके थे। इस सूची में दूसरे स्थान पर भारतीय स्पिनर कुलदीप यादव हैं, जिन्होंने एक वनडे सीरीज में 17 विकेट लेने का कारनामा किया था।

    सीरीज के पांचवें और अंतिम मुकाबले में भी लेनोक्स ने शानदार गेंदबाजी की। उन्होंने 9 ओवर में केवल 35 रन देकर 3 महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम किए और न्यूजीलैंड को मुकाबले में बनाए रखा। हालांकि वेस्टइंडीज ने शिमरॉन हेटमायर की नाबाद 69 रन और शेरफेन रदरफोर्ड की 61 रन की बेहतरीन पारियों की बदौलत 269 रन का लक्ष्य 47.3 ओवर में हासिल कर लिया।

    लेनोक्स के लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन ने यह संकेत दिया है कि न्यूजीलैंड को सीमित ओवरों के क्रिकेट में एक भरोसेमंद स्पिनर मिल गया है। उनकी नियंत्रण भरी गेंदबाजी और विकेट निकालने की क्षमता भविष्य में टीम के लिए बड़ी ताकत साबित हो सकती है।