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  • 3 जुलाई का शेयर बाजार अपडेट बाजार में रहेगा उतार चढ़ाव या बनेगा नया रिकॉर्ड निवेश से पहले पढ़ें पूरी रिपोर्ट

    3 जुलाई का शेयर बाजार अपडेट बाजार में रहेगा उतार चढ़ाव या बनेगा नया रिकॉर्ड निवेश से पहले पढ़ें पूरी रिपोर्ट


    नई दिल्ली । घरेलू शेयर बाजार में 3 जुलाई का कारोबारी सत्र कई महत्वपूर्ण घरेलू और वैश्विक संकेतों के बीच शुरू होगा। पिछले कुछ दिनों से बाजार में उतार चढ़ाव का माहौल बना हुआ है और निवेशकों की नजर अब वैश्विक आर्थिक आंकड़ों कच्चे तेल की कीमतों विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर टिकी हुई है। ऐसे में आज का कारोबार भी काफी हलचल भरा रहने की संभावना है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि सेंसेक्स और निफ्टी की शुरुआत हल्की बढ़त या सीमित उतार चढ़ाव के साथ हो सकती है। यदि विदेशी बाजारों से सकारात्मक संकेत मिलते हैं तो बैंकिंग आईटी ऑटो और कैपिटल गुड्स सेक्टर में अच्छी खरीदारी देखने को मिल सकती है। वहीं वैश्विक स्तर पर किसी नकारात्मक खबर का असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दे सकता है।

    बाजार की दिशा तय करने में विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी एफआईआई और घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी डीआईआई की खरीद बिक्री अहम भूमिका निभाएगी। यदि विदेशी निवेशकों का भरोसा बरकरार रहता है तो बाजार को मजबूती मिल सकती है जबकि बिकवाली बढ़ने पर मुनाफावसूली का दबाव भी देखने को मिल सकता है।

    आईटी सेक्टर पर निवेशकों की विशेष नजर बनी रहेगी क्योंकि आने वाले दिनों में बड़ी कंपनियों के पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे सामने आने वाले हैं। इसके अलावा बैंकिंग शेयरों में भी गतिविधि तेज रहने की उम्मीद है। यदि ब्याज दरों को लेकर वैश्विक स्तर पर सकारात्मक संकेत मिलते हैं तो वित्तीय शेयरों को समर्थन मिल सकता है।

    ऑटो सेक्टर में मासिक बिक्री के आंकड़े निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे। अच्छी बिक्री दर्ज करने वाली कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं एफएमसीजी और फार्मा सेक्टर भी रक्षात्मक निवेश के लिहाज से आकर्षण का केंद्र बने रह सकते हैं।

    ऊर्जा और तेल गैस कंपनियों पर भी निवेशकों की नजर रहेगी क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार चढ़ाव का सीधा असर इन कंपनियों के प्रदर्शन पर पड़ता है। यदि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी बनी रहती है तो इससे भारतीय अर्थव्यवस्था और कई सेक्टर्स को राहत मिल सकती है।

    विशेषज्ञ फिलहाल निवेशकों को जल्दबाजी में बड़े निवेश से बचने की सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों में चरणबद्ध निवेश लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न दे सकता है। इंट्राडे ट्रेडर्स के लिए आज का सत्र अवसरों के साथ जोखिम भी लेकर आ सकता है इसलिए स्टॉप लॉस का पालन करना जरूरी रहेगा।

    बाजार की चाल पर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों वैश्विक महंगाई की स्थिति डॉलर इंडेक्स और एशियाई बाजारों के प्रदर्शन का भी प्रभाव रहेगा। यदि वैश्विक संकेत सकारात्मक रहते हैं तो भारतीय शेयर बाजार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ सकता है। हालांकि किसी भी अप्रत्याशित अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम से बाजार में अचानक उतार चढ़ाव भी देखने को मिल सकता है।

    कुल मिलाकर 3 जुलाई का कारोबारी दिन निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाला है। समझदारी से निवेश करने वाले निवेशकों के लिए बाजार में अच्छे अवसर बन सकते हैं जबकि बिना रणनीति के निवेश करने वालों को सतर्क रहने की जरूरत होगी।

  • निफ्टी में कंसोलिडेशन जारी, ऑटो-एनर्जी स्टॉक्स में तेजी से बाजार में दिखी खरीदारी की दिलचस्पी

    निफ्टी में कंसोलिडेशन जारी, ऑटो-एनर्जी स्टॉक्स में तेजी से बाजार में दिखी खरीदारी की दिलचस्पी


    नई दिल्ली।
    शेयर बाजार में गुरुवार के कारोबारी सत्र की शुरुआत मजबूती के साथ हुई, जहां प्रमुख इंडेक्स में शुरुआती बढ़त देखने को मिली। निफ्टी 50 ने दिन की शुरुआत 24400 के स्तर के आसपास की और कुछ समय के लिए इस स्तर को पार भी किया। वहीं सेंसेक्स भी तेजी के साथ खुला और शुरुआती कारोबार में अच्छी बढ़त दर्ज की।

    हालांकि बाजार में शुरुआती तेजी के बाद निफ्टी एक सीमित दायरे में फंसता नजर आया और ऊपरी स्तर पर कंसोलिडेशन का माहौल बन गया। इंडेक्स लगातार 24300 से 24400 के बीच ट्रेड करता दिखा, जिससे यह संकेत मिला कि बाजार फिलहाल अगली बड़ी चाल के लिए रुककर स्थिति का आकलन कर रहा है।

    इस बीच सेक्टर वाइज मूवमेंट काफी दिलचस्प रहा। ऑटो सेक्टर में निवेशकों की रुचि लगातार बनी हुई है और लार्जकैप ऑटो कंपनियों में खरीदारी देखने को मिल रही है। कई प्रमुख ऑटो स्टॉक्स में हल्की से मध्यम तेजी दर्ज की गई, जिससे यह सेक्टर बाजार में मजबूती का केंद्र बना रहा।

    मेटल सेक्टर में भी खरीदारी का रुझान देखने को मिला। कुछ प्रमुख मेटल कंपनियों के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई, जिससे यह संकेत मिला कि निवेशक इस सेक्टर में रिकवरी की उम्मीद के साथ एंट्री कर रहे हैं। इसके अलावा एनर्जी सेक्टर में भी धीरे-धीरे निवेश बढ़ता हुआ दिखाई दिया।

    बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय निवेशक उन सेक्टर्स की ओर रुख कर रहे हैं जहां हाल ही में रिकवरी के संकेत मिले हैं या जहां स्टॉक्स ने निचले स्तर से वापसी दिखाई है। यही वजह है कि ऑटो, मेटल और एनर्जी जैसे सेक्टर फोकस में बने हुए हैं।

    तकनीकी स्तर पर निफ्टी ने पहले जिस स्तर को रेजिस्टेंस माना जा रहा था, उसे पार करने की कोशिश की है, लेकिन अब वह स्तर सपोर्ट के रूप में काम कर रहा है। फिलहाल 24300 से 24250 का क्षेत्र बाजार के लिए मजबूत खरीदारी का दायरा माना जा रहा है।

    अगर बाजार इस जोन में आता है, तो वहां से फिर से खरीदारी देखने की संभावना बनी रहती है, जिससे निफ्टी एक बार फिर ऊपरी स्तरों की ओर बढ़ सकता है। कुल मिलाकर बाजार फिलहाल संतुलन की स्थिति में है, जहां न तो तेज गिरावट दिख रही है और न ही मजबूत ब्रेकआउट, बल्कि निवेशक अगले बड़े ट्रेंड का इंतजार कर रहे हैं।

  • शेयर बाजार में जोरदार तेजी: सेंसेक्स 358 अंक उछला, निफ्टी ने पकड़ी रफ्तार

    शेयर बाजार में जोरदार तेजी: सेंसेक्स 358 अंक उछला, निफ्टी ने पकड़ी रफ्तार


    नई दिल्ली | हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में मजबूत तेजी दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में ही खरीदारी का दबाव देखने को मिला, जिससे पूरा बाजार सकारात्मक रुख में आ गया।

    BSE Sensex में आज करीब 358 अंकों की तेजी देखने को मिली और यह मजबूती के साथ कारोबार करता नजर आया। वहीं Nifty 50 भी 101 अंकों की बढ़त के साथ हरे निशान में रहा। इस तेजी ने निवेशकों के बीच भरोसा बढ़ाया और बाजार में उत्साह का माहौल बना रहा।

    बाजार में खरीदारी का दबदबा

    सुबह से ही बाजार में बैंकिंग, आईटी और एनर्जी सेक्टर में खरीदारी देखने को मिली, जिससे इंडेक्स को सपोर्ट मिला। कई लार्जकैप शेयरों में भी अच्छी तेजी दर्ज की गई, जिससे पूरे बाजार का मूड सकारात्मक रहा।

     वैश्विक संकेतों का मिला-जुला असर

    वैश्विक बाजारों में जारी उतार-चढ़ाव का असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला। मिडिल ईस्ट में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बढ़ती अनिश्चितता और तेल बाजार में हलचल ने निवेशकों को सतर्क रखा। इसके बावजूद घरेलू बाजार ने मजबूती दिखाई।

    अमेरिकी बाजारों में हाल की गिरावट जहां Nasdaq Composite और Dow Jones Industrial Average में कमजोरी देखने को मिली उसका भी हल्का असर एशियाई बाजारों पर पड़ा, लेकिन भारत में इसका प्रभाव सीमित रहा।

    एशियाई बाजारों का रुख

    एशिया के अन्य बाजारों में भी मिला-जुला रुख देखने को मिला। कुछ इंडेक्स में हल्की बढ़त रही, जबकि कुछ में गिरावट दर्ज की गई। जापान के बाजार अवकाश के कारण बंद रहे।

    निवेशकों के लिए संकेत

    विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा तेजी सकारात्मक संकेत है, लेकिन वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। इसलिए निवेशकों को सतर्क रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।

  • शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 1,048 अंक टूटा, निफ्टी 25,500 के नीचे फिसला

    शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 1,048 अंक टूटा, निफ्टी 25,500 के नीचे फिसला


    नई दिल्ली /मुंबई में शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार भारी दबाव में नजर आया और कारोबार के अंत में प्रमुख सूचकांक तेज गिरावट के साथ बंद हुए। 13 फरवरी के कारोबारी सत्र में BSE Sensex 1,048.16 अंक यानी 1.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ 82,626.76 पर बंद हुआ, जबकि NSE Nifty 50 336.10 अंक यानी 1.30 प्रतिशत टूटकर 25,471.10 पर आ गया। पूरे दिन बाजार में बिकवाली का दबाव बना रहा और निवेशकों की धारणा कमजोर दिखी।

    गिरावट का नेतृत्व मेटल शेयरों ने किया। सेक्टोरल सूचकांकों में Nifty Metal 3.31 प्रतिशत की गिरावट के साथ सबसे बड़ा लूजर रहा, जबकि Nifty Commodities 2.24 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। इसके अलावा Nifty Realty 2.23 प्रतिशत, Nifty Energy 2.04 प्रतिशत, Nifty FMCG 1.90 प्रतिशत, Nifty Oil & Gas 1.88 प्रतिशत, Nifty PSE 1.68 प्रतिशत और Nifty Consumption 1.63 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुए। इससे साफ है कि बिकवाली व्यापक रही और लगभग सभी प्रमुख सेक्टर दबाव में रहे।

    सेंसेक्स पैक में हिंदुस्तान यूनिलीवर, टाटा स्टील, टाइटन, टीसीएस, पावर ग्रिड, एशियन पेंट्स, एचडीएफसी बैंक, इन्फोसिस, आईटीसी, कोटक महिंद्रा बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसे दिग्गज शेयरों में गिरावट देखी गई। वहीं बजाज फाइनेंस और एसबीआई ही ऐसे शेयर रहे जो हरे निशान में बंद हुए।

    केवल लार्जकैप ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव रहा। Nifty Midcap 100 1,032.85 अंक यानी 1.71 प्रतिशत की गिरावट के साथ 59,438 पर बंद हुआ, जबकि Nifty Smallcap 100 311.20 अंक यानी 1.79 प्रतिशत गिरकर 17,032.90 पर आ गया। इससे संकेत मिलता है कि व्यापक बाजार में निवेशकों ने मुनाफावसूली या जोखिम कम करने की रणनीति अपनाई।

    एलकेपी सिक्योरिटीज के विश्लेषक रूपक दे ने कहा कि अमेरिकी बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के कारण निफ्टी की शुरुआत ही गिरावट के साथ हुई और दिनभर दबाव बना रहा। उन्होंने बताया कि इंडिया वीआईएक्स का 200 डीएमए के ऊपर जाना बाजार में बढ़ते डर को दर्शाता है। उनके अनुसार निफ्टी के लिए 25,500 का स्तर अहम सपोर्ट है और इसके नीचे जाने पर 25,000 का स्तर भी देखा जा सकता है। वहीं 25,800 के आसपास रुकावट का स्तर बना हुआ है।

    इस बीच कच्चे तेल की कीमतों में हल्की तेजी देखी गई। ब्रेंट क्रूड करीब 0.55 प्रतिशत बढ़कर 68 डॉलर प्रति बैरल के आसपास और डब्ल्यूटीआई क्रूड लगभग आधा प्रतिशत चढ़कर 63 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। तेल कीमतों में बढ़ोतरी भी बाजार की धारणा पर असर डाल सकती है।

    कुल मिलाकर शुक्रवार का सत्र निवेशकों के लिए निराशाजनक रहा। वैश्विक संकेत, सेक्टोरल दबाव और तकनीकी कमजोरी ने मिलकर बाजार को लाल निशान में धकेल दिया। आने वाले सत्रों में 25,500 का स्तर निवेशकों की नजर में प्रमुख रहेगा।

  • बजट से पहले निवेशकों में सतर्कता, बैंकिंग और एनर्जी शेयर कमजोर

    बजट से पहले निवेशकों में सतर्कता, बैंकिंग और एनर्जी शेयर कमजोर


    नई दिल्ली :घरेलू शेयर बाजार में शुक्रवार को गिरावट का रुख देखने को मिला। शुरुआती कारोबार से ही बिकवाली के दबाव में प्रमुख सूचकांक कमजोर नजर आए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स करीब 100 अंकों की गिरावट के साथ 82,250 के आसपास कारोबार करता दिखा। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी लगभग 30 अंक फिसलकर 25,250 के स्तर पर बना रहा।
    बाजार की इस कमजोरी के पीछे बैंकिंग, एनर्जी और एफएमसीजी सेक्टर के शेयरों में दबाव को प्रमुख वजह माना जा रहा है।कारोबार के दौरान बैंकिंग सेक्टर के दिग्गज शेयरों में बिकवाली देखी गई, जिससे बाजार को कोई ठोस सहारा नहीं मिल सका। निजी और सरकारी दोनों बैंकों के शेयरों में दबाव बना रहा। इसके अलावा तेल गैस और ऊर्जा कंपनियों में मुनाफावसूली ने भी बाजार की चाल को प्रभावित किया। एफएमसीजी शेयरों में सुस्ती के चलते निवेशकों की धारणा कमजोर रही और व्यापक बाजार पर इसका असर साफ दिखाई दिया।

    बजट से पहले बाजार में असमंजस
    विशेषज्ञों का मानना है कि 1 फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट से पहले शेयर बाजार फिलहाल स्पष्ट दिशा के अभाव में है। निवेशक बड़े फैसले लेने से बच रहे हैं और सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। इसी कारण आने वाले सत्रों में भी बाजार में उतार चढ़ाव बने रहने की संभावना जताई जा रही है।तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार निफ्टी के लिए 25,000 का स्तर एक अहम सपोर्ट माना जा रहा है। यदि यह स्तर टूटता है तो बाजार में गिरावट और गहरी हो सकती है। वहीं ऊपर की ओर 25,400 से 25,500 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञ निवेशकों को फिलहाल केवल मजबूत फंडामेंटल वाले चुनिंदा लार्ज कैप शेयरों में ही निवेश की सलाह दे रहे हैं।

    ग्लोबल बाजारों से मिले मिले जुले संकेत
    जहां घरेलू शेयर बाजार दबाव में रहा, वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मजबूती का रुख देखने को मिला। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स करीब 0.84 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,994 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। जापान का निक्केई भी 0.34 प्रतिशत की बढ़त के साथ 53,870 पर पहुंच गया।हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 0.29 प्रतिशत चढ़कर 26,706 के स्तर पर रहा, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 0.27 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,133 पर कारोबार कर रहा था। अमेरिकी बाजारों में भी गुरुवार को मजबूती देखने को मिली थी। डाउ जोंस 0.63 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ था, जबकि नैस्डेक कंपोजिट और एसएंडपी 500 में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई।

    FII की बिकवाली, DII बने सहारा
    निवेश प्रवाह की बात करें तो 22 जनवरी को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बाजार में बिकवाली की। एफआईआई ने करीब 2,549 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 4,222 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को कुछ हद तक सहारा दिया।आंकड़ों के अनुसार दिसंबर 2025 में एफआईआई ने कुल 34,350 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे, जबकि डीआईआई ने 79,620 करोड़ रुपये की मजबूत खरीदारी की थी। इससे साफ है कि घरेलू निवेशक बाजार में स्थिरता बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

    पिछले सत्र में दिखी थी तेजी
    इससे पहले गुरुवार को बाजार में अच्छी मजबूती देखने को मिली थी। सेंसेक्स 398 अंक की तेजी के साथ 82,307 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 132 अंक चढ़कर 25,290 के स्तर पर बंद हुआ था। हालांकि बजट से पहले मौजूदा सत्र में बाजार ने फिर से सतर्क रुख अपना लिया है।कुल मिलाकर बजट से जुड़ी उम्मीदें और वैश्विक संकेत आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

  • लगातार दूसरे दिन शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 500 अंक तक टूटा, निवेशकों में सतर्कता

    लगातार दूसरे दिन शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 500 अंक तक टूटा, निवेशकों में सतर्कता


    नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में कमजोरी का सिलसिला लगातार दूसरे कारोबारी दिन भी जारी रहा। मंगलवार को बाजार की शुरुआत से ही दबाव का माहौल देखने को मिला और कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स करीब 500 अंक तक टूट गया। वहीं एनएसई निफ्टी 50 फिसलकर 26,200 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गया। हैवीवेट शेयरों में मुनाफावसूली, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितताओं ने बाजार की धारणा को कमजोर बनाए रखा।

    कारोबार के अंत में सेंसेक्स 376 अंक की गिरावट के साथ 85,063 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 75 अंक टूटकर 26,175 पर आ गया। केवल बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में भी बिकवाली देखने को मिली, जिससे निवेशकों का मनोबल और प्रभावित हुआ। व्यापक बाजार में गिरावट से साफ संकेत मिला कि फिलहाल निवेशक जोखिम लेने से बच रहे हैं।बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव हैवीवेट शेयरों में बिकवाली के कारण देखने को मिला। बैंकिंग और एनर्जी सेक्टर के दिग्गज शेयरों में कमजोरी रही। एचडीएफसी बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज और टाटा मोटर्स जैसे प्रमुख शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि हाल के दिनों में आई तेज़ी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी, जिससे बड़े शेयरों पर दबाव बढ़ा।

    वैश्विक मोर्चे पर भी कुछ ऐसे संकेत मिले, जिन्होंने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। अमेरिका की ओर से भारत पर संभावित टैरिफ बढ़ाने को लेकर चल रही चर्चाओं ने बाजार में अनिश्चितता का माहौल पैदा किया। इसका असर खासतौर पर निर्यात आधारित कंपनियों और सेक्टर्स पर देखने को मिला। निवेशकों को आशंका है कि अगर व्यापारिक तनाव बढ़ता है, तो इसका असर कंपनियों की आय और आर्थिक वृद्धि पर पड़ सकता है।इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी एफआईआई की लगातार बिकवाली ने भी बाजार की चाल को प्रभावित किया। जनवरी के शुरुआती कारोबारी सत्रों में विदेशी निवेशकों ने हजारों करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए हैं। इससे बाजार में तरलता पर दबाव बढ़ा है और घरेलू निवेशक भी सतर्क रुख अपनाते नजर आ रहे हैं।

    अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों का असर भी घरेलू शेयर बाजार पर पड़ा। कुछ देशों में राजनीतिक अस्थिरता और वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर अनिश्चितता ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर झुकने के लिए मजबूर किया है। इसका नतीजा यह रहा कि शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ गया।इस बीच इंडिया VIX, जिसे बाजार की अस्थिरता का पैमाना माना जाता है, में भी लगातार तेजी देखी गई। यह संकेत देता है कि आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार निफ्टी को 26,100 से 26,150 के दायरे में मजबूत सपोर्ट मिल सकता है, जबकि ऊपर की ओर 26,400 के आसपास कड़ी रुकावट है। विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेशक फिलहाल सतर्क रहें और किसी भी फैसले में लंबी अवधि के नजरिए को प्राथमिकता दें।