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  • शानदार शुरुआत के बाद शेयर बाजार में बिकवाली, IT और ऑटो शेयरों की कमजोरी से सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान में बंद

    शानदार शुरुआत के बाद शेयर बाजार में बिकवाली, IT और ऑटो शेयरों की कमजोरी से सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान में बंद

    नई दिल्ली । सप्ताह के पहले कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार ने सकारात्मक शुरुआत की, लेकिन कारोबार के अंतिम चरण में तेज बिकवाली के चलते प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। निवेशकों की मुनाफावसूली, आईटी और ऑटो शेयरों में कमजोरी तथा बाजार में बढ़ी अस्थिरता ने दिनभर की बढ़त को पूरी तरह खत्म कर दिया।

    कारोबार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 372.10 अंक यानी 0.48 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,728.37 अंक पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 109.75 अंक यानी 0.46 प्रतिशत टूटकर 23,946.25 अंक पर आ गया। दिनभर के कारोबार में गिरावट वाले शेयरों की संख्या बढ़त दर्ज करने वाले शेयरों से अधिक रही, जिससे बाजार में व्यापक बिकवाली का संकेत मिला।

    विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में बाजार में लगातार तेजी देखने को मिली थी। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और विदेशी निवेशकों की संभावित खरीदारी से बाजार पहले ही ऊंचे स्तर पर पहुंच चुका था। ऐसे में निवेशकों ने ऊंचे भाव पर मुनाफावसूली करना उचित समझा, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ गया।

    दिन की गिरावट में आईटी और ऑटो सेक्टर का सबसे बड़ा योगदान रहा। प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयरों में कमजोरी देखने को मिली, जबकि ऑटो सेक्टर की कई बड़ी कंपनियों के शेयर भी लाल निशान में बंद हुए। दूसरी ओर फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में खरीदारी का रुख बना रहा, लेकिन यह तेजी पूरे बाजार को संभालने के लिए पर्याप्त नहीं रही।

    तकनीकी विश्लेषकों का कहना है कि निफ्टी के लिए 24,100 से 24,250 अंक का दायरा फिलहाल मजबूत प्रतिरोध स्तर बना हुआ है। बाजार इस स्तर को पार करने में सफल नहीं हो सका, जिसके बाद बिकवाली तेज हो गई। अब 24,000 और 23,800 अंक के स्तर को निकट भविष्य के लिए महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है।

    इस दौरान बाजार की अस्थिरता को मापने वाला इंडिया VIX भी करीब 6 प्रतिशत बढ़कर 13.88 के आसपास पहुंच गया। आमतौर पर VIX में बढ़ोतरी आने वाले समय में बाजार में अधिक उतार-चढ़ाव की संभावना का संकेत देती है। यही वजह रही कि कई निवेशकों ने जोखिम कम करने के लिए अपने निवेश में मुनाफावसूली की।

    बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक निफ्टी 24,100 के ऊपर मजबूती से टिकने में सफल नहीं होता, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर वैश्विक बाजारों के रुख, विदेशी संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों, कच्चे तेल की कीमतों और प्रमुख आर्थिक आंकड़ों पर बनी रहेगी।

  • शेयर बाजार में बड़ी गिरावट: सेंसेक्स 500 अंक से ज्यादा टूटा, बैंकिंग शेयरों में बिकवाली से निवेशकों की बढ़ी चिंता

    शेयर बाजार में बड़ी गिरावट: सेंसेक्स 500 अंक से ज्यादा टूटा, बैंकिंग शेयरों में बिकवाली से निवेशकों की बढ़ी चिंता

    नई दिल्ली ।सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार में एक बार फिर कमजोरी का माहौल देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में सामान्य स्थिति दिखाई देने के बावजूद दिन चढ़ने के साथ बाजार पर बिकवाली का दबाव बढ़ता गया और अंत तक दोनों प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर में तेज मुनाफावसूली ने बाजार की रफ्तार को धीमा कर दिया, जबकि आईटी कंपनियों के शेयरों में आई मजबूती ने कुछ हद तक संतुलन बनाए रखने की कोशिश की।

    कारोबार के दौरान निवेशकों का रुझान काफी सतर्क नजर आया। वैश्विक स्तर पर बढ़ती आर्थिक चिंताओं और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया। इसका असर सबसे ज्यादा बैंकिंग शेयरों पर दिखाई दिया, जहां बड़े सरकारी और निजी बैंकों में लगातार बिकवाली देखने को मिली। कई प्रमुख बैंकिंग शेयर दिनभर दबाव में कारोबार करते रहे, जिससे पूरे बाजार का माहौल कमजोर पड़ गया।

    दिन के अंत तक सेंसेक्स में बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी भी महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। लगातार दूसरे दिन बाजार में कमजोरी आने से निवेशकों के बीच सतर्कता और बढ़ गई है। हालांकि इस गिरावट के बीच कुछ सेक्टरों ने बेहतर प्रदर्शन कर बाजार को पूरी तरह टूटने से बचाने की कोशिश की।

    आईटी सेक्टर शुक्रवार को बाजार का सबसे मजबूत हिस्सा बनकर उभरा। टेक्नोलॉजी कंपनियों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे इस सेक्टर के शेयर तेजी के साथ बंद हुए। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक डिजिटल मांग और तकनीकी सेवाओं की बढ़ती जरूरत के कारण निवेशक आईटी कंपनियों को लेकर सकारात्मक बने हुए हैं। इसके अलावा एफएमसीजी और कंज्यूमर सेक्टर में भी हल्की मजबूती देखने को मिली, जिसने बाजार को कुछ सहारा दिया।

    दूसरी ओर बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर में गिरावट काफी गहरी रही। सरकारी बैंकों के शेयरों में सबसे अधिक दबाव देखने को मिला, जबकि प्राइवेट बैंक और वित्तीय सेवा कंपनियां भी बिकवाली से नहीं बच सकीं। इसके अलावा ऑयल एंड गैस, मेटल, एनर्जी और रियल एस्टेट सेक्टर भी कमजोरी के साथ बंद हुए।

    बाजार में गिरावट के बावजूद कुछ बड़ी कंपनियों के शेयरों ने शानदार प्रदर्शन किया। उपभोक्ता उत्पाद, हेल्थकेयर और पेंट सेक्टर से जुड़ी कंपनियों में निवेशकों का भरोसा बना रहा। इन कंपनियों में आई तेजी ने यह संकेत दिया कि बाजार में अभी भी चुनिंदा क्षेत्रों में निवेश के अवसर मौजूद हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक बाजार की चाल, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी। यदि अंतरराष्ट्रीय हालात स्थिर रहते हैं और बैंकिंग सेक्टर में बिकवाली कम होती है, तो बाजार में दोबारा सुधार देखने को मिल सकता है। फिलहाल निवेशक सतर्क रणनीति के साथ मजबूत और स्थिर कंपनियों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

  • Stock Market Today: लाल निशान पर खुला शेयर बाजार, Sensex 645 अंक टूटा; Nifty भी लाल निशान पर

    Stock Market Today: लाल निशान पर खुला शेयर बाजार, Sensex 645 अंक टूटा; Nifty भी लाल निशान पर


    नई दिल्ली। शुक्रवार, 13 मार्च को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स BSE Sensex और NSE Nifty 50 दोनों ही लाल निशान पर खुले। 30 शेयरों वाला सेंसेक्स करीब 590 अंक या 0.78 प्रतिशत गिरकर 75,444.22 के स्तर पर खुला। वहीं निफ्टी 50 भी 176 अंक या 0.75 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,462.50 के स्तर पर ओपन हुआ।

    शुरुआती कारोबार में जारी रही गिरावट
    सुबह करीब 9:20 बजे तक सेंसेक्स 566 अंक गिरकर 75,467 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 50 भी करीब 185 अंक टूटकर 23,453 के आसपास ट्रेड करता दिखा। इस दौरान बाजार में बिकवाली का दबाव बना रहा और ज्यादातर सेक्टरों में कमजोरी देखने को मिली।

    इन शेयरों में रही तेजी और गिरावट
    खबर लिखे जाने तक सेंसेक्स की कंपनियों में कुछ शेयरों में तेजी भी देखने को मिली। टॉप गेनर Power Grid Corporation of India, NTPC, ITC Limited, Reliance Industries टॉप लूजर Larsen & Toubro, Tata Steel, InterGlobe Aviation (IndiGo), HDFC Bank, Mahindra & Mahindra एशियाई शेयर बाजारों में भी शुक्रवार को कमजोरी देखने को मिली। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से महंगाई बढ़ने की आशंका ने बाजार पर दबाव बनाया। जापान का Nikkei 225 करीब 2 प्रतिशत गिर गया, जबकि TOPIX Index में करीब 1.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वहीं दक्षिण कोरिया का KOSPI करीब 3 प्रतिशत नीचे रहा और Hang Seng Index के भी कमजोर शुरुआत के संकेत मिले।

    गुरुवार को भी बाजार में आई थी बड़ी गिरावट
    इससे पहले गुरुवार, 12 मार्च को भी शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई थी। उस दिन सेंसेक्स 829 अंक गिरकर 76,034.42 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 50 227 अंक टूटकर 23,639.15 के स्तर पर बंद हुआ था। उस दिन भी बाजार में बिकवाली का दबाव देखने को मिला और सेंसेक्स के 30 शेयरों में से सिर्फ 6 शेयर ही हरे निशान में बंद हुए थे, जबकि 24 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई थी।
  • शेयर बाजार में शानदार रैली! सेंसेक्स 650 अंक चढ़ा, निवेशकों की बढ़ी उम्मीदें

    शेयर बाजार में शानदार रैली! सेंसेक्स 650 अंक चढ़ा, निवेशकों की बढ़ी उम्मीदें


    नई दिल्ली। मंगलवार के कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार में अच्छी तेजी दर्ज की गई। सुबह करीब 11:45 बजे BSE Sensex 668 अंक यानी 0.68 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,224 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं Nifty 50 भी 198 अंक या 0.85 प्रतिशत की मजबूती के साथ 24,225 के स्तर पर पहुंच गया।

    बाजार में यह तेजी कई घरेलू और वैश्विक कारणों के चलते देखने को मिल रही है, जिनमें कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और वैश्विक बाजारों का सकारात्मक रुख प्रमुख हैं।

    मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी तेजी
    लार्जकैप कंपनियों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी निवेशकों की मजबूत खरीदारी देखने को मिली। Nifty Midcap 100 Index 721 अंक यानी 1.28 प्रतिशत की तेजी के साथ 56,892 पर पहुंच गया। वहीं Nifty Smallcap 100 Index 274 अंक या 1.70 प्रतिशत की बढ़त के साथ 16,406 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। इससे संकेत मिलता है कि बाजार में व्यापक खरीदारी हो रही है और निवेशकों का भरोसा बना हुआ है।

    कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से बाजार को मिला सहारा
    भारतीय बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट को माना जा रहा है। Brent Crude की कीमत करीब 6 प्रतिशत गिरकर 92 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गई है।

    गौरतलब है कि एक दिन पहले यानी सोमवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी। इसके बाद कीमतों में आई तेज गिरावट से ऊर्जा लागत कम होने की उम्मीद बढ़ी है, जिससे शेयर बाजार को समर्थन मिला है।

    ट्रंप के बयान से कम हुआ भू-राजनीतिक तनाव
    कच्चे तेल में आई गिरावट के पीछे अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump का बयान भी एक बड़ी वजह माना जा रहा है। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि Iran के साथ चल रहा युद्ध समाप्त होने के करीब है।

    इस बयान के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में तनाव कम होने की उम्मीद बनी, जिससे तेल की कीमतों में नरमी आई और इसका सकारात्मक असर शेयर बाजार पर पड़ा।

    रुपये की मजबूती से बढ़ा निवेशकों का भरोसा
    शेयर बाजार में तेजी का एक कारण डॉलर के मुकाबले भारतीय मुद्रा की मजबूती भी है। मंगलवार को शुरुआती कारोबार में रुपया मजबूत दिखाई दिया।

    कारोबार के दौरान डॉलर के मुकाबले रुपये का उच्चतम स्तर 91.72 और न्यूनतम स्तर 92.33 रहा। मजबूत रुपये से आयात लागत कम होने की उम्मीद रहती है, जिससे बाजार के लिए सकारात्मक माहौल बनता है।

    इंडिया विक्स में गिरावट से घटा बाजार का डर
    बाजार में उतार-चढ़ाव का संकेत देने वाला India VIX भी मंगलवार को तेजी से नीचे आया। खबर लिखे जाने तक यह करीब 15.37 प्रतिशत गिरकर 19.77 पर पहुंच गया था। इंडिया विक्स में गिरावट का मतलब है कि बाजार में डर कम हो रहा है और निवेशकों का भरोसा बढ़ रहा है, जो शेयर बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जाता है।

    वैश्विक बाजारों से भी मिला समर्थन
    वैश्विक बाजारों में तेजी का असर भी भारतीय बाजार पर देखने को मिला। एशिया के प्रमुख बाजार जैसे Nikkei 225, Shanghai Composite Index और Hang Seng Index बढ़त के साथ खुले।

    इसके अलावा सोल, बैंकॉक और जकार्ता के बाजारों में भी मजबूती देखी गई। वहीं अमेरिकी बाजार भी सोमवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे, जिससे वैश्विक निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ और भारतीय शेयर बाजार को भी सहारा मिला।

  • ग्लोबल संकेतों से बाजार में जोश, हरे निशान में खुला शेयर मार्केट; कंज्यूमर स्टॉक्स में जोरदार खरीदारी

    ग्लोबल संकेतों से बाजार में जोश, हरे निशान में खुला शेयर मार्केट; कंज्यूमर स्टॉक्स में जोरदार खरीदारी


    नई दिल्ली। वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेतों के चलते भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को जोरदार शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में निवेशकों का रुझान सकारात्मक रहा और प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ खुले। BSE Sensex 809 अंक यानी करीब एक प्रतिशत की तेजी के साथ 78,375.73 के स्तर पर खुला। वहीं Nifty 50 भी 252 अंक या लगभग एक प्रतिशत की मजबूती के साथ 24,280.80 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल और घरेलू स्तर पर निवेशकों की मजबूत खरीदारी के चलते शुरुआती सत्र में बाजार में उत्साह दिखाई दिया।

    कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी
    मंगलवार के शुरुआती कारोबार में बाजार की तेजी का नेतृत्व कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर ने किया। Nifty Consumer Durables Index दो प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ टॉप गेनर बनकर उभरा। इसके अलावा ऑटो, पीएसयू बैंक, रियल्टी, मैन्युफैक्चरिंग, मेटल, फार्मा, डिफेंस, हेल्थकेयर, मीडिया, कमोडिटी और एनर्जी सेक्टर के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। दूसरी ओर आईटी और ऑयल एंड गैस सेक्टर के शेयरों में हल्की कमजोरी दर्ज की गई, जिसके चलते ये सूचकांक लाल निशान में कारोबार करते दिखे।

    मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी तेजी
    लार्जकैप शेयरों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों के शेयरों में भी तेजी का रुख देखने को मिला। Nifty Midcap 100 Index 618 अंक यानी 1.10 प्रतिशत की बढ़त के साथ 56,884 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं Nifty Smallcap 100 Index 224 अंक या 1.39 प्रतिशत की तेजी के साथ 16,357 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। इससे साफ संकेत मिला कि बाजार में केवल बड़ी कंपनियों ही नहीं, बल्कि मिड और स्मॉलकैप कंपनियों में भी निवेशकों का भरोसा बना हुआ है।

    इन दिग्गज कंपनियों के शेयरों में रही बढ़त
    सेंसेक्स पैक में कई दिग्गज कंपनियों के शेयर तेजी के साथ कारोबार करते नजर आए। इनमें InterGlobe Aviation, UltraTech Cement, Asian Paints, Mahindra & Mahindra, Adani Ports, Titan Company, Tata Steel, Larsen & Toubro, ICICI Bank, State Bank of India, Maruti Suzuki, Bajaj Finserv, HDFC Bank, Hindustan Unilever, Trent Limited, Kotak Mahindra Bank, Bharat Electronics Limited और Sun Pharmaceutical शामिल रहे। वहीं दूसरी ओर Infosys, Tech Mahindra, HCLTech, Power Grid Corporation of India, Bharti Airtel, ITC Limited और Axis Bank के शेयरों में कमजोरी देखने को मिली।

    एशियाई और अमेरिकी बाजारों का मिला सपोर्ट
    वैश्विक बाजारों से भी सकारात्मक संकेत मिले। एशिया के प्रमुख बाजार जैसे Nikkei 225, Shanghai Composite Index और Hang Seng Index बढ़त के साथ खुले। इसके अलावा बैंकॉक, जकार्ता और सोल के बाजारों में भी तेजी का रुख देखने को मिला। अमेरिकी बाजार भी सोमवार के कारोबारी सत्र में मजबूती के साथ बंद हुए थे। Dow Jones Industrial Average में करीब 0.50 प्रतिशत और टेक्नोलॉजी आधारित Nasdaq Composite में 1.38 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

    एफआईआई ने बेचे शेयर, डीआईआई ने किया निवेश
    निवेश के मोर्चे पर विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों का रुख अलग-अलग रहा। विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी Foreign Institutional Investors ने सोमवार को 6,345.57 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी Domestic Institutional Investors ने 9,013.80 करोड़ रुपये का निवेश कर बाजार को सहारा दिया।

    कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी
    अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी तेजी के बाद अब कुछ नरमी देखने को मिल रही है। खबर लिखे जाने तक WTI Crude Oil 6.30 प्रतिशत गिरकर 88.80 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। वहीं Brent Crude 6.34 प्रतिशत की गिरावट के साथ 92.69 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

    बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक वैश्विक संकेतों की मजबूती और घरेलू निवेशकों की खरीदारी से फिलहाल बाजार में सकारात्मक रुख बना हुआ है, हालांकि आगे के सत्रों में वैश्विक घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतें बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।

  • जंग के डर से शेयर बाजार में भूचाल: सेंसेक्स 1862 अंक टूटा, निफ्टी 582 अंक लुढ़का

    जंग के डर से शेयर बाजार में भूचाल: सेंसेक्स 1862 अंक टूटा, निफ्टी 582 अंक लुढ़का


    नई दिल्‍ली । पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और संभावित युद्ध की आशंका ने वैश्विक वित्तीय बाजारों को हिला कर रख दिया है। इसी का असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भी देखने को मिला जहां सप्ताह के पहले कारोबारी दिन बाजार भारी गिरावट के साथ खुला। निवेशकों में घबराहट के माहौल के बीच बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1, 862 अंकों की तेज गिरावट के साथ 77, 056 के स्तर पर खुला जबकि एनएसई का 50 शेयरों वाला निफ्टी 582 अंक टूटकर 23, 868 के स्तर पर पहुंच गया।

    विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों में जोखिम की भावना को बढ़ा दिया है। युद्ध की आशंका के चलते निवेशक जोखिम वाली परिसंपत्तियों से दूरी बना रहे हैं और सुरक्षित निवेश की ओर रुख कर रहे हैं। इसका सीधा असर शेयर बाजारों पर पड़ रहा है जहां व्यापक स्तर पर बिकवाली देखने को मिल रही है।

    घरेलू बाजार में भी निवेशकों की चिंता साफ नजर आई। निफ्टी फ्यूचर्स पिछले बंद स्तर की तुलना में करीब 722 अंकों की गिरावट के साथ कारोबार करते दिखे जो इस बात का संकेत है कि बाजार में दबाव अभी और बढ़ सकता है। विश्लेषकों के अनुसार यदि पश्चिम एशिया में हालात और बिगड़ते हैं तो आने वाले दिनों में बाजार में और अधिक अस्थिरता देखने को मिल सकती है।

    केवल भारत ही नहीं बल्कि एशिया के प्रमुख शेयर बाजारों में भी सोमवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई। जापान का निक्की 225 सूचकांक करीब 6.22 प्रतिशत गिरकर 53, 000 के स्तर से नीचे आ गया जबकि टॉपिक्स इंडेक्स में 5.27 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स भी बुरी तरह लुढ़क गया। पिछले सप्ताह 11 प्रतिशत गिरने के बाद सोमवार को इसमें 8 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज हुई जिसके कारण सर्किट ब्रेकर सक्रिय हो गया और लगभग 20 मिनट के लिए ट्रेडिंग रोकनी पड़ी। वहीं हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स भी वायदा कारोबार में भारी गिरावट के साथ खुला।

    अमेरिकी शेयर बाजारों के फ्यूचर्स में भी भारी दबाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में डॉउ जोन्स फ्यूचर्स करीब 950 अंक तक गिर गए जबकि एसएंडपी 500 फ्यूचर्स 100 अंकों से अधिक नीचे कारोबार करते दिखे। टेक्नोलॉजी शेयरों पर भी दबाव रहा और नैस्डैक फ्यूचर्स करीब 400 अंक तक गिर गए।

    इस गिरावट की बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आई तेज उछाल भी है। खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ने और हुर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने की आशंका के कारण वैश्विक तेल बाजार में हलचल मच गई है। इसके अलावा कुवैत ईरान और यूएई जैसे प्रमुख तेल उत्पादक देशों द्वारा उत्पादन में कटौती की खबरों ने भी बाजार को प्रभावित किया है। ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 18.03 प्रतिशत बढ़कर 109.40 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड लगभग 20.23 प्रतिशत की तेजी के साथ 109.29 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

    ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि खाड़ी क्षेत्र में हालात और बिगड़ते हैं और तेल उत्पादन प्रभावित होता है तो कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल तक भी पहुंच सकती हैं। ऐसे में वैश्विक अर्थव्यवस्था और शेयर बाजारों पर इसका गहरा असर पड़ सकता है। फिलहाल निवेशक हालात पर करीबी नजर बनाए हुए हैं और बाजार में भारी उतार-चढ़ाव की संभावना बनी हुई है।