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  • दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अवैध रूप से रह रहे 40 विदेशी नागरिकों की पहचान, 31 नाइजीरियाई नागरिक शामिल

    दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अवैध रूप से रह रहे 40 विदेशी नागरिकों की पहचान, 31 नाइजीरियाई नागरिक शामिल

    नई दिल्ली । दिल्ली में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान और दस्तावेजों के सत्यापन को लेकर पुलिस ने अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान द्वारका जिले में 43 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ जांच की गई। पुलिस के अनुसार, अभियान में 40 विदेशी नागरिकों की पहचान और सत्यापन किया गया। इनमें 30 पुरुष और 10 महिलाएं शामिल हैं।

    जांच के दौरान सबसे अधिक संख्या नाइजीरियाई नागरिकों की सामने आई। कुल 31 नाइजीरियाई नागरिकों का सत्यापन किया गया, जिनमें 28 पुरुष और तीन महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा युगांडा के चार नागरिक भी जांच के दायरे में आए, जो सभी महिलाएं हैं। तंजानिया की तीन महिलाओं और आइवरी कोस्ट के दो पुरुष नागरिकों का भी सत्यापन किया गया।

    इस अभियान को अंजाम देने के लिए द्वारका जिले के सभी थानों और विशेष इकाइयों के पुलिसकर्मियों को मिलाकर 25 टीमों का गठन किया गया था। करीब 150 पुलिसकर्मी इस कार्रवाई में शामिल रहे। टीमों ने पहले से जुटाई गई स्थानीय जानकारी, फील्ड वेरिफिकेशन और मानव सूचना के आधार पर चिन्हित ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की।

    पुलिस की जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना था कि संबंधित विदेशी नागरिक दिल्ली में किस आधार पर रह रहे हैं। इसके साथ ही उनके पास वैध पासपोर्ट, वीजा और भारत में रहने के लिए जरूरी अन्य दस्तावेज मौजूद हैं या नहीं, इसकी भी जांच की गई।

    सत्यापन के दौरान पुलिस ने यह भी पता लगाने की कोशिश की कि संबंधित विदेशी नागरिक अपने वीजा की शर्तों का पालन कर रहे हैं या नहीं। इसके अलावा उनके दस्तावेजों की वैधता और उनके किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल होने की संभावना की भी जांच की जा रही है।

    पुलिस के अनुसार, दस्तावेजों और रहने की स्थिति की जांच के बाद नियमों का उल्लंघन सामने आने पर संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य दिल्ली में विदेशी नागरिकों के वैध दस्तावेजों और उनके रहने की स्थिति का सत्यापन करना है।

    जांच के बाद 10 विदेशी नागरिकों के खिलाफ निर्वासन की प्रक्रिया शुरू करने के लिए कार्रवाई की गई है। इनमें पांच नाइजीरियाई नागरिक, चार युगांडा के नागरिक और एक तंजानियाई नागरिक शामिल हैं। इन 10 लोगों में छह महिलाएं और चार पुरुष हैं।

    पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान अलग-अलग देशों के नागरिकों की जानकारी और दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। अधिकारियों का ध्यान विशेष रूप से इस बात पर रहा कि संबंधित विदेशी नागरिकों के पास भारत में रहने के लिए आवश्यक वैध दस्तावेज हैं या नहीं और वे वीजा से जुड़ी शर्तों का पालन कर रहे हैं या नहीं।

    द्वारका जिले में एक साथ कई स्थानों पर की गई इस कार्रवाई के जरिए पुलिस ने विदेशी नागरिकों के दस्तावेजों और उनके भारत में रहने की स्थिति की जांच की। जिन मामलों में नियमों के उल्लंघन की जानकारी सामने आई है, उनमें आगे की कार्रवाई संबंधित प्रक्रिया और एजेंसियों के समन्वय के आधार पर की जाएगी।

  • नाइजीरिया में जहरीली शराब का कहर, 48 लोगों की मौत; 100 से ज्यादा अस्पताल में भर्ती, कई की हालत गंभीर

    नाइजीरिया में जहरीली शराब का कहर, 48 लोगों की मौत; 100 से ज्यादा अस्पताल में भर्ती, कई की हालत गंभीर

    नई दिल्ली ।नाइजीरिया के दक्षिणी राज्य ओंडो में जहरीली शराब पीने से 48 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 100 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से बीमार पड़ गए हैं। प्रभावित लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और कई मरीजों की हालत नाजुक बताई जा रही है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में अभियान शुरू कर दिया है और पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

    अधिकारियों के मुताबिक, ओंडो राज्य के ओडिगबो और झरेले इलाकों में पिछले कुछ दिनों के दौरान यह घटना सामने आई। बताया गया कि शराब पीने के बाद कई लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। शुरुआती लक्षणों में आंखों के सामने अंधेरा छाना, उल्टी और सिरदर्द जैसी परेशानियां शामिल थीं। इसके बाद कई लोगों की हालत तेजी से गंभीर हो गई।

    राज्य के स्वास्थ्य आयुक्त बंजी अजाका के अनुसार, जहरीली शराब पीने के बाद 100 से ज्यादा लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें कई मरीजों की स्थिति गंभीर बनी हुई है। मरीजों को बचाने के लिए डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीमें लगातार उपचार में जुटी हैं। प्रभावित इलाकों में विशेष मेडिकल टीमों की तैनाती भी की गई है, ताकि नए मामलों की पहचान जल्द की जा सके और मरीजों को समय पर इलाज मिल सके।

    घटना के बाद पुलिस ने भी जांच तेज कर दी है। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में अब तक 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एक व्यक्ति पर जहरीली शराब तैयार करने का आरोप भी लगाया गया है। गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है, ताकि शराब तैयार करने और उसकी आपूर्ति से जुड़े पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा सके।

    जांच में शराब में मेथनॉल मिलाए जाने की आशंका सामने आई है। मेथनॉल एक जहरीला रसायन है और इसके सेवन से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। अधिकारियों की जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि कथित तौर पर तैयार की गई जहरीली शराब किन-किन इलाकों में पहुंचाई गई और इसके सेवन से कितने लोग प्रभावित हुए हैं।

    स्वास्थ्य विभाग प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर बनाए हुए है। मेडिकल टीमों को संभावित नए मरीजों की पहचान करने और उन्हें उपचार उपलब्ध कराने के लिए लगाया गया है। वहीं, पुलिस शराब की आपूर्ति और इसे तैयार करने से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

    प्रशासन की ओर से घटना के कारणों और जहरीली शराब की आपूर्ति के दायरे का पता लगाने के लिए कार्रवाई जारी है। गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। अधिकारियों का प्रयास है कि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाए और जहरीली शराब की आगे की आपूर्ति को रोका जा सके।

    ओंडो राज्य में हुई इस घटना ने शराब की गुणवत्ता और अवैध रूप से तैयार की जाने वाली शराब से जुड़े जोखिमों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मामले की जांच के साथ-साथ प्रभावित इलाकों में स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी हुई हैं।

  • ब्रिक्स सम्मेलन में अफ्रीकी कारोबारी बोले, पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ‘विकसित भारत 2047’ लक्ष्य समय से पहले हासिल करेगा

    ब्रिक्स सम्मेलन में अफ्रीकी कारोबारी बोले, पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ‘विकसित भारत 2047’ लक्ष्य समय से पहले हासिल करेगा

    नई दिल्ली ।भारत में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बीच अफ्रीकी कारोबारियों ने देश की आर्थिक प्रगति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की है। नाइजीरिया के डिप्लोमैटिक कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन के चेयरमैन इदेहाई फ्रेडरिक ने कहा कि भारत जिस तेजी से आगे बढ़ रहा है, उसे देखते हुए देश ‘विकसित भारत 2047’ का लक्ष्य निर्धारित समय से पहले हासिल कर सकता है।

    इदेहाई फ्रेडरिक के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक शानदार नेता हैं और उनके पास देश के विकास को लेकर बड़ा विजन है। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था में हो रही तेज प्रगति प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उठाए जा रहे कदमों, नीतियों और साझेदारी में दिखाई देती है। उनके मुताबिक ब्रिक्स की अध्यक्षता के दौरान भी भारत के नेतृत्व और दृष्टिकोण का प्रभाव स्पष्ट नजर आ रहा है।

    फ्रेडरिक ने भारत और नाइजीरिया के संबंधों को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देश दशकों से मित्र रहे हैं और दोनों के बीच कारोबार का भी बड़ा आधार है। उन्होंने भारत को नाइजीरिया के लिए एक महत्वपूर्ण साझेदार बताते हुए दोनों देशों के बीच व्यापार में आगे और बढ़ोतरी की उम्मीद जताई।

    उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। इसी आर्थिक प्रगति के आधार पर उनका मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को भारत लक्ष्य से पहले प्राप्त कर सकता है।

    ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान भारत और अफ्रीकी देशों के बीच संबंधों को लेकर भी चर्चा सामने आई। अबिसीनिया बिजनेस नेटवर्क के प्रबंध निदेशक डैनियल तिरुनेह ने भारत और इथियोपिया के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देश व्यापार, निवेश, नवाचार और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं।

    डैनियल तिरुनेह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इथियोपिया यात्रा का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार कुछ महीने पहले हुई इस यात्रा से भारत और इथियोपिया के संबंधों को नई ऊर्जा मिली। उन्होंने कहा कि इसका प्रभाव ब्रिक्स के मंच पर भी दिखाई दे रहा है और इथियोपिया के लिए यह एक महत्वपूर्ण मंच है।

    भारत इस वर्ष 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। ब्रिक्स में वर्तमान में 11 सदस्य देश और 10 साझेदार देश हैं। सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष और प्रतिनिधि नई दिल्ली पहुंच रहे हैं। सम्मेलन के दौरान विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी के बीच भारत की भूमिका और उसकी साझेदारियों पर भी ध्यान केंद्रित है।

    ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को देखते हुए राजधानी नई दिल्ली में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए 15,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा पैरामिलिट्री फोर्स की 200 कंपनियां भी सुरक्षा व्यवस्था में लगाई गई हैं।

    अफ्रीकी कारोबारियों की टिप्पणियों में भारत की आर्थिक प्रगति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और ब्रिक्स के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को प्रमुखता दी गई। नाइजीरिया और इथियोपिया से जुड़े प्रतिनिधियों ने भारत के साथ व्यापार, निवेश, नवाचार और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को महत्वपूर्ण बताया।

    इस बीच नई दिल्ली में हो रहा ब्रिक्स शिखर सम्मेलन भारत की मेजबानी में आयोजित हो रहा है। सदस्य और साझेदार देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी के कारण राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है।

  • अमेरिका का बड़ा एंटी-ISIS ऑपरेशन: अफ्रीका में छिपा नंबर-2 कमांडर ढेर, ट्रम्प का दावा,संगठन की कमर टूटी

    अमेरिका का बड़ा एंटी-ISIS ऑपरेशन: अफ्रीका में छिपा नंबर-2 कमांडर ढेर, ट्रम्प का दावा,संगठन की कमर टूटी



    नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि अफ्रीका में एक बड़े सैन्य ऑपरेशन के दौरान आतंकी संगठन ISIS का दूसरा सबसे बड़ा कमांडर अबू बिलाल अल मिनुकी मारा गया है। यह कार्रवाई अमेरिकी सेना और नाइजीरियाई सुरक्षा बलों के संयुक्त ऑपरेशन के तहत की गई, जिसमें लंबे समय से उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी।

    ट्रम्प के अनुसार, यह आतंकी संगठन के सबसे सक्रिय और रणनीतिक दिमागों में से एक था, जो फंडिंग नेटवर्क और हमलों की योजना बनाने में अहम भूमिका निभाता था। उसके मारे जाने से ISIS के कमांड स्ट्रक्चर और वित्तीय नेटवर्क को बड़ा नुकसान पहुंचा है। हालांकि इस ऑपरेशन की सटीक जगह और समय को लेकर आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।

    सूत्रों के मुताबिक, अबू बिलाल अल मिनुकी का जन्म 1982 में नाइजीरिया के बोर्नो राज्य में हुआ था और वह लंबे समय से अफ्रीका में छिपकर ISIS की गतिविधियों को संचालित कर रहा था। उसे 2023 में अमेरिका ने “ग्लोबल टेररिस्ट” घोषित किया था, जिसके बाद उसकी संपत्तियां फ्रीज कर दी गई थीं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी गतिविधियों पर रोक लगा दी गई थी।

    ISIS के इस नंबर-2 कमांडर को संगठन के भीतर “शैडो ऑपरेटर” माना जाता था, क्योंकि वह सीधे सामने नहीं आता था और नेटवर्क व फंडिंग को नियंत्रित करता था। उसके कई नाम भी बताए जाते थे, लेकिन उसकी कोई आधिकारिक तस्वीर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं थी।

    नाइजीरिया और आसपास के पश्चिमी अफ्रीकी देशों में ISIS और उससे जुड़े संगठनों की गतिविधियां लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई हैं। बोको हराम और इस्लामिक स्टेट वेस्ट अफ्रीका प्रोविंस जैसे संगठन इस क्षेत्र में लगातार हिंसा फैला रहे हैं, जिसमें हजारों लोगों की जान जा चुकी है और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं।

    विशेषज्ञों के अनुसार, इस ऑपरेशन को ISIS के खिलाफ एक बड़ी रणनीतिक सफलता माना जा रहा है, लेकिन संगठन के पूरी तरह खत्म होने की संभावना अभी भी नहीं है क्योंकि इसके नेटवर्क कई देशों में फैले हुए हैं और यह समय-समय पर नए नेतृत्व के साथ सक्रिय हो जाता है।

    कुल मिलाकर, यह कार्रवाई अफ्रीका में आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग का एक अहम उदाहरण मानी जा रही है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा पर सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।