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  • चार दिवसीय फ्रांस दौरे पर रवाना हुईं निर्मला सीतारमण, द्विपक्षीय साझेदारी पर होगा फोकस

    चार दिवसीय फ्रांस दौरे पर रवाना हुईं निर्मला सीतारमण, द्विपक्षीय साझेदारी पर होगा फोकस


    नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर बुधवार को फ्रांस के लिए रवाना हो गईं। इस दौरे का उद्देश्य भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना, आर्थिक सहयोग को नई गति देना तथा निवेश, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में संबंधों को और विस्तार देना है।

    यात्रा के दौरान वित्त मंत्री कई उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठकों में भाग लेंगी। इस दौरे का प्रमुख आकर्षण भारत-फ्रांस आर्थिक एवं वित्तीय संवाद (Economic and Financial Dialogue-EFD) होगा, जिसकी सह-अध्यक्षता वह फ्रांस के अर्थव्यवस्था, वित्त तथा औद्योगिक एवं ऊर्जा संप्रभुता मंत्री रोलैंड लेस्क्योर के साथ ऐक्स-एन-प्रोवेंस में करेंगी। इस बैठक में दोनों देश आर्थिक सहयोग के नए अवसरों और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर विचार-विमर्श करेंगे।

    निर्मला सीतारमण वैश्विक कंपनियों के प्रमुख अधिकारियों (सीईओ) के साथ अलग-अलग बैठकें भी करेंगी। इसके अलावा वह प्रमुख उद्योगपतियों के साथ आयोजित एक राउंडटेबल चर्चा में शामिल होकर भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति, जारी संरचनात्मक सुधारों, निवेश की संभावनाओं और दीर्घकालिक विकास के अवसरों को प्रस्तुत करेंगी।

    वित्त मंत्रालय के अनुसार, वित्त मंत्री यूरोप के प्रतिष्ठित वार्षिक मंच ‘लेस रेन्कॉन्ट्रेस इकोनॉमिक्स डी’एक्स-एन-प्रोवेंस’ में “नए मध्यम वर्ग के विकास को कैसे बढ़ावा दें” विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में भी हिस्सा लेंगी। इस सम्मेलन में दुनिया भर के नीति-निर्माता, केंद्रीय बैंक प्रमुख, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, अर्थशास्त्री और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के विशेषज्ञ वैश्विक आर्थिक चुनौतियों पर विचार साझा करेंगे।

    अपने दौरे के दौरान सीतारमण फ्रांस के कैडाराश स्थित इंटरनेशनल थर्मोन्यूक्लियर एक्सपेरिमेंटल रिएक्टर (ITER) परियोजना का भी दौरा करेंगी। यह परमाणु संलयन (न्यूक्लियर फ्यूजन) ऊर्जा से जुड़ी दुनिया की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक परियोजनाओं में शामिल है, जिसमें भारत और फ्रांस सहित 30 से अधिक देशों की भागीदारी है।

    इसके अलावा वित्त मंत्री ‘कैंपस साइबर’ का भी दौरा करेंगी, जो फ्रांस में साइबर सुरक्षा, अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास का प्रमुख केंद्र है। इस यात्रा के जरिए दोनों देशों के बीच साइबर सुरक्षा, डिजिटल अर्थव्यवस्था और तकनीकी सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में अनुभवों एवं सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान की उम्मीद है।

    यात्रा के दौरान सीतारमण प्रोवेंस-आल्प्स-कोटे डी’अजूर (PACA) क्षेत्र के अध्यक्ष रेनॉड म्यूसेलियर से भी मुलाकात करेंगी। इस बैठक में निवेश, स्वच्छ ऊर्जा, नवाचार, प्रौद्योगिकी और क्षेत्रीय आर्थिक साझेदारी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी।

    अपने चार दिवसीय दौरे के अंतिम चरण में वित्त मंत्री फ्रांस में रह रहे भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ आयोजित एक सामुदायिक कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगी।

  • 2033 तक देश के हर नागरिक को मिलेगा स्वास्थ्य बीमा का लाभ : निर्मला सीतारमण

    2033 तक देश के हर नागरिक को मिलेगा स्वास्थ्य बीमा का लाभ : निर्मला सीतारमण


    नई दिल्ली।
    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि वर्ष 2033 तक देश के सभी नागरिकों को बीमा कवर के दायरे में लाया जाएगा। मंगलवार को राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारतीय बीमा क्षेत्र का तेजी से विस्तार हो रहा है। यह एक मजबूत और समावेशी इकोसिस्टम के रूप में उभर रहा है, जहां सरकार की नीतियों के कारण समाज के सबसे निचले तबके को भी सुरक्षा कवच मिल रहा है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में बीमा क्षेत्र का आकार 1,17,505 करोड़ रुपये हो गया, जिसके तहत देश के 58 करोड़ लोगों को कवर किया गया है। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों ने 42,420 करोड़ रुपये का प्रीमियम जुटाया है। निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी 37,752 करोड़ रुपये है। स्टैंडअलोन स्वास्थ्य बीमा कंपनियों का योगदान 37,331 करोड़ रुपये है।

    उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में 2.51 करोड़ व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियां जारी हुईं, जिनसे 6.01 करोड़ लोगों को कवर मिला। इसके अतिरिक्त, 13.05 लाख ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसियों के जरिए 27.51 करोड़ सदस्य कवर किए गए हैं। वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि वैश्विक स्तर पर औसत प्रति व्यक्ति प्रीमियम 943 डॉलर है, जबकि भारत में यह केवल 97 डॉलर है। इस अंतर को पाटने के लिए सरकार कई लक्षित सुधार कर रही है। व्यक्तिगत प्रीमियम पर जीएसटी छूट और ग्रामीण व सामाजिक क्षेत्रों में बीमा की पहुंच बढ़ाने के लिए नियामक संस्था इरडा द्वारा 2024 में अधिसूचित नए नियम इसी दिशा में उठाए गए कदम हैं। इसके अलावा, बाजार में गहराई लाने और पैठ बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार दिसंबर 2025 में बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश बढ़ाने के लिए एक विधेयक लेकर आई।

    वित्त मंत्री ने कहा कि देश के सबसे गरीब नागरिकों को पीछे नहीं छोड़ा जा रहा है। पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत मात्र 436 रुपये वार्षिक प्रीमियम पर 2 लाख रुपये का लाइफ कवर देती है। इसमें अब तक 26.79 करोड़ नामांकन हो चुके हैं। आयुष्मान भारत (एबी-पीएमजेएवाई) देश की 40 प्रतिशत निचली आबादी (लगभग 12 करोड़ परिवार) को हर साल 5 लाख रुपये का अस्पताल खर्च कवर देती है। 28 फरवरी 2026 तक देश भर में 43.52 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं।

  • एमपी में GST चोरी का बड़ा आरोप: गुजरात-महाराष्ट्र से बिना टैक्स का माल खपाने का दावा, नेता प्रतिपक्ष ने वित्त मंत्री को लिखा पत्र

    एमपी में GST चोरी का बड़ा आरोप: गुजरात-महाराष्ट्र से बिना टैक्स का माल खपाने का दावा, नेता प्रतिपक्ष ने वित्त मंत्री को लिखा पत्र



    भोपाल। उमंग सिंघार ने मध्यप्रदेश में बड़े पैमाने पर हो रही कथित GST चोरी को लेकर मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman को पत्र लिखकर पूरे मामले की केंद्रीय स्तर पर उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    गुजरात-महाराष्ट्र से आ रहा बिना टैक्स का माल
    सिंघार ने आरोप लगाया कि Madhya Pradesh में संगठित नेटवर्क के जरिए Gujarat, Maharashtra और दक्षिण भारत के कुछ राज्यों से आयरन, कंस्ट्रक्शन मटेरियल और मसालों की खेप बिना वैध टैक्स चुकाए प्रदेश के बाजारों में खपाई जा रही है।

    ऐसे किया जा रहा टैक्स में घोटाला
    नेता प्रतिपक्ष के मुताबिक इस नेटवर्क में कई तरीके अपनाए जा रहे हैंफर्जी E-Way बिल: ट्रकों में माल भरा होता है, लेकिन कागजों में फर्जी या हेरफेर किए गए E-Way बिल दिखाए जाते हैं।अंडर-इनवॉइसिंग: टैक्स बचाने के लिए माल की असली कीमत और मात्रा कागजों में कम दिखाई जाती है।बिचौलियों का नेटवर्क: बॉर्डर से लेकर जिलों तक ट्रांसपोर्टरों और बिचौलियों का संगठित सिंडिकेट सक्रिय है, जो बिना टैक्स चुकाए माल को सुरक्षित बाजारों तक पहुंचाता है।

    हजारों करोड़ के नुकसान का दावा
    उमंग सिंघार ने अपने पत्र में कहा कि इस संगठित टैक्स चोरी से केंद्र और राज्य सरकार को हर साल हजारों करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है और उनके पास इसके पुख्ता प्रमाण भी हैं।

    इन अधिकारियों को भी भेजी शिकायत
    मामले की गंभीरता को देखते हुए सिंघार ने अपने पत्र की प्रतियां कई अहम अधिकारियों को भी भेजी हैं, जिनमें शामिल हैं:Central Board of Indirect Taxes and Customs के अध्यक्षमध्यप्रदेश शासन के वित्त मंत्रीवाणिज्यिक कर विभाग (मप्र) के प्रमुख सचिव
    नेता प्रतिपक्ष ने मांग की है कि पूरे नेटवर्क की केंद्रीय एजेंसी से जांच कराई जाए ताकि टैक्स चोरी के इस कथित सिंडिकेट का खुलासा हो सके।

  • राहुल-सीतारमण के बीच संसद में तीखी बहस: भारत बेचने के आरोप पर गरमा गया बजट सत्र

    राहुल-सीतारमण के बीच संसद में तीखी बहस: भारत बेचने के आरोप पर गरमा गया बजट सत्र


    नई दिल्ली। लोकसभा में बजट चर्चा के दौरान विपक्ष और केंद्र सरकार के बीच जोरदार टकराव देखने को मिला। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अमेरिका-भारत ट्रेड डील को लेकर आरोप लगाया कि सरकार ने भारत माता को बेच दिया और अब अमेरिका तय करेगा कि हम किससे तेल खरीदेंगे।

    सीतारमण का पलटवार: कांग्रेस ने भारत को बेचा
    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राहुल के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि भारत को बेचने का असली जिम्मेदार कांग्रेस है। उन्होंने याद दिलाया कि बाली में जाकर कांग्रेस ने सौदा किया था और किसानों के हक से समझौता किया। मोदी सरकार ने 2014 में विश्व व्यापार संगठन में जाकर इसे सुधारा।

    सीतारमण ने बजट पर सवाल उठाने वाले टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के GST आरोपों को भी खारिज किया और कहा कि बंगाल में पेट्रोल दिल्ली से 10रुपए ज्यादा महंगा है, जिसे कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कम्युनिस्ट शासित राज्यों में आर्थिक विकास सबसे नीचे है और वहां उद्योग नहीं टिकते।

    राहुल के अडाणी और अमेरिका केस वाले आरोप
    राहुल गांधी ने अडाणी पर अमेरिका में चल रहे केस का जिक्र किया और कहा कि यह मोदी पर दबाव बनाने का तरीका है। केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने राहुल से सबूत पेश करने को कहा और संसद में विशेषाधिकार नोटिस देने की बात कही।

    सीतारमण ने संसद में मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं
    निर्मला सीतारमण ने कहा कि बजट का मुख्य फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और MSME के लिए सहायक नीतियों पर है। उन्होंने कहा कि हेल्थकेयर, शिक्षा और लाइफ इंश्योरेंस पर जीएसटी हटाया गया है।

    ओवैसी ने तेल और विदेश नीति पर सवाल उठाया
    एआईएमआईएमके असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि किसी “गोरी चमड़ी वाले” को यह तय करने का अधिकार नहीं कि भारत किससे तेल खरीदे। उन्होंने ऑपरेशन इंसाफ, हाफिज सईद, मसूद अजहर और लखवी को भारत लाने की मांग भी की।

  • Budget 2026: टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं, 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, कैंसर दवाइयों पर कस्टम ड्यूटी हटाई, 3 आयुर्वेदिक AIIMS का ऐलान

    Budget 2026: टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं, 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, कैंसर दवाइयों पर कस्टम ड्यूटी हटाई, 3 आयुर्वेदिक AIIMS का ऐलान


    नई दिल्ली। संसद के पटल पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना लगातार 9वां बजट पेश किया। 85 मिनट के अपने संबोधन में उन्होंने देश की आर्थिक नींव को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। हालांकि, इस बार इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव न करके मध्यम वर्ग को थोड़ा निराश जरूर किया है, लेकिन टैक्स फाइलिंग की समय सीमा बढ़ाकर और ‘न्यू इनकम टैक्स एक्ट’ की घोषणा कर भविष्य में प्रक्रिया को सरल बनाने का वादा किया है।

    1. स्वास्थ्य क्षेत्र: कैंसर और दुर्लभ बीमारियों का इलाज होगा सस्ता
    बजट की सबसे मानवीय और बड़ी घोषणा स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी है। सरकार ने कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 महत्वपूर्ण दवाओं पर से 5% बेसिक कस्टम ड्यूटी को पूरी तरह हटा दिया है। इसके अलावा, हीमोफिलिया और मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाएं भी अब ड्यूटी फ्री होंगी। आयुर्वेद को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए देश में 3 नए आयुर्वेदिक एम्स (AIIMS) खोले जाएंगे, जो भारत को ‘बायो-फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब’ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

    2. रेलवे और कनेक्टिविटी: 7 हाई-स्पीड कॉरिडोर का जाल
    बुनियादी ढांचे के विकास के लिए सरकार ने रेलवे को नई गति दी है। देश के प्रमुख आर्थिक केंद्रों को जोड़ने के लिए 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने का ऐलान किया गया है। इसमें दिल्ली-वाराणसी और मुंबई-पुणे जैसे रूट शामिल हैं, जो न केवल यात्रा का समय घटाएंगे बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी तेज करेंगे। साथ ही, अगले 5 वर्षों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्गों का विकास किया जाएगा, जिससे माल ढुलाई सस्ती और सुगम होगी।

    3. रक्षा बजट: आधुनिकीकरण पर ₹2.19 लाख करोड़ का दांव
    बदलते वैश्विक परिवेश और जियो-पॉलिटिकल चुनौतियों को देखते हुए रक्षा बजट में 15.2% की भारी बढ़ोतरी की गई है। कुल ₹7.85 लाख करोड़ के रक्षा बजट में से ₹2.19 लाख करोड़ सीधे तौर पर सैन्य बलों के आधुनिकीकरण (Modernization) पर खर्च होंगे। इसमें स्वदेशी विमानों के इंजन विकास के लिए ₹64 हजार करोड़ का विशेष प्रावधान किया गया है, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ की संकल्पना को साकार करेगा।

    4. महिला सशक्तिकरण और शिक्षा: हॉस्टल और SHE-मार्ट
    महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के लिए ‘लखपति दीदी’ मॉडल को विस्तार देते हुए SHE-मार्ट (शी-मार्ट) योजना शुरू की गई है। ये स्टोर महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित होंगे, जहाँ वे बिना बिचौलियों के अपने उत्पाद बेच सकेंगी। शिक्षा के क्षेत्र में, हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाने और कॉलेजों में ‘कंटेंट क्रिएटर लैब्स’ स्थापित करने का निर्णय युवाओं को नई तकनीक से जोड़ने का प्रयास है।

    5. कृषि और लघु उद्योग: चंदन से लेकर काजू-कोको तक
    खेती को केवल पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि मुनाफे का जरिया बनाने के लिए सरकार ने नारियल, चंदन और काजू-कोको उद्योग को पुनर्जीवित करने का संकल्प लिया है। ‘मछली पालन’ के लिए 500 नए तालाबों का विकास किया जाएगा। टेक्सटाइल सेक्टर में कारीगरों की मदद के लिए ‘नेशनल हैंडलूम पॉलिसी’ और ‘मेगा टेक्सटाइल पार्क’ के जरिए रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएंगे।
    बजट 2026 में इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन रिवाइज्ड रिटर्न की तारीख 31 मार्च तक बढ़ाई गई है। कैंसर की 17 दवाएं सस्ती होंगी, 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और 3 आयुर्वेदिक एम्स बनेंगे। रक्षा बजट को बढ़ाकर ₹7.85 लाख करोड़ किया गया है, जिसमें सैन्य आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया गया है।

  • Budget 2026: रेलवे में आम आदमी की उम्मीदों पर नजर, सस्ती टिकट और बेहतर सेवाओं की मांग

    Budget 2026: रेलवे में आम आदमी की उम्मीदों पर नजर, सस्ती टिकट और बेहतर सेवाओं की मांग


    नई दिल्ली। केंद्रीय बजट 2026 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी। इस बार बजट में रेलवे सेवाओं को लेकर यात्रियों की उम्मीदें बढ़ी हैं। करोड़ों लोगों की नजर है कि क्या बजट में आम आदमी की जेब और उनकी दैनिक जरूरतों को ध्यान में रखा जाएगा। प्रीमियम ट्रेनों और बड़े निवेशों के बावजूद आम यात्री आज भी सफाई सुविधा भीड़ और समयबद्धता जैसी समस्याओं से असंतुष्ट है।

    रेल यात्री चाहते हैं कि कन्फर्म टिकट सस्ती दरों पर उपलब्ध हों और वेटिंग लिस्ट की समस्या कम हो। इसके साथ ही लोकल और मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों की समयबद्धता सुधारने की उम्मीद है। यात्रियों का कहना है कि प्रीमियम ट्रेनों की तुलना में आम ट्रेनों की सेवाओं में सुधार जरूरी है।

    रेलवे की शिकायतों की सूची लंबी है। ट्रेनों में सफाई व्यवस्था कमजोर है पैंट्री कार का खाना क्वालिटी में अधूरा है बोतलबंद पानी और अन्य सामान की कीमत अधिक वसूली जाती है। गंदे टॉयलेट पानी की कमी स्टेशन और ट्रेन में चोरी और कभी-कभार दुर्घटनाएं यात्रियों की चिंता बढ़ाती हैं। बजट से उम्मीद है कि इन बुनियादी समस्याओं के सुधार के लिए पर्याप्त फंड आवंटित होगा।रेल विशेषज्ञों का मानना है कि नई और तेज रफ्तार ट्रेनों से पहले ट्रैक और सिग्नल सिस्टम को मजबूत करना जरूरी है। कई रूट्स पर ट्रैक की हालत ऐसी है कि ट्रेनें घोषित स्पीड पर नहीं चल पातीं। बजट 2026 में ट्रैक अपग्रेडेशन सेफ्टी सिस्टम और मेंटेनेंस पर खर्च बढ़ने की संभावना है।

    रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 2026 को रेलवे के लिए रिफॉर्म ईयर बताया है। उनका दावा है कि साल के 52 हफ्तों में 52 सुधार लागू किए जाएंगे। चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री के पूर्व जीएम सुधांशु मणि का कहना है कि पहले बजट आम आदमी की जेब और जरूरतों पर केंद्रित होता थानई दिल्ली। केंद्रीय बजट 2026 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी। इस बार बजट में रेलवे सेवाओं को लेकर यात्रियों की उम्मीदें बढ़ी हैं। करोड़ों लोगों की नजर है कि क्या बजट में आम आदमी की जेब और उनकी दैनिक जरूरतों को ध्यान में रखा जाएगा। प्रीमियम ट्रेनों और बड़े निवेशों के बावजूद आम यात्री आज भी सफाई, सुविधा, भीड़ और समयबद्धता जैसी समस्याओं से असंतुष्ट है।

    रेल यात्री चाहते हैं कि कन्फर्म टिकट सस्ती दरों पर उपलब्ध हों और वेटिंग लिस्ट की समस्या कम हो। इसके साथ ही लोकल और मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों की समयबद्धता सुधारने की उम्मीद है। यात्रियों का कहना है कि प्रीमियम ट्रेनों की तुलना में आम ट्रेनों की सेवाओं में सुधार जरूरी है।