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  • पत्नी से कहासुनी के बाद कमरे में गया था विनोद, कुछ देर बाद फंदे पर मिला शव; भोपाल के कृषक नगर में सनसनी

    पत्नी से कहासुनी के बाद कमरे में गया था विनोद, कुछ देर बाद फंदे पर मिला शव; भोपाल के कृषक नगर में सनसनी


    भोपाल । भोपाल के निशातपुरा थाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक दर्दनाक घटना सामने आई। कृषक नगर में रहने वाले 55 वर्षीय लोडिंग ऑटो चालक विनोद कुशवाहा ने घर के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना से कुछ देर पहले ही विनोद शराब के नशे में घर पहुंचा था। पत्नी ने उसके शराब पीकर आने का विरोध किया तो दोनों के बीच विवाद हो गया। कहासुनी के बाद विनोद अपने कमरे में चला गया। कुछ देर बाद जब परिजनों ने कमरे में जाकर देखा तो वह फंदे पर लटका मिला। घटना के बाद परिवार में चीख पुकार मच गई। सूचना मिलने पर निशातपुरा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मर्ग कायम किया। पुलिस अब आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजहों का पता लगाने में जुटी है।

    पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान विनोद कुशवाहा पिता लालूराम कुशवाहा के रूप में हुई है। वह निशातपुरा के कृषक नगर में अपने परिवार के साथ रहता था और लोडिंग ऑटो चलाकर परिवार की जिम्मेदारियां संभालता था। उसके परिवार में पत्नी एक बेटा और दो बेटियां हैं। दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है। परिजनों ने पुलिस को बताया कि विनोद लंबे समय से शराब का सेवन करता था। शराब पीने के बाद उसका व्यवहार कई बार बदल जाता था और घर में पत्नी तथा बच्चों के साथ विवाद की स्थिति बन जाती थी।

    परिजनों के मुताबिक परिवार के लोग विनोद को शराब छोड़ने के लिए लगातार समझाते थे। पत्नी और बच्चों की ओर से उसे शराब से दूर रहने की सलाह दी जाती थी लेकिन वह कई बार इस बात पर नाराज हो जाता था। शराब छोड़ने की बात को लेकर भी घर में कहासुनी होने की जानकारी पुलिस को दी गई है। रविवार देर रात भी विनोद शराब के नशे में घर पहुंचा। पत्नी ने जब शराब पीकर आने पर आपत्ति जताई तो दोनों के बीच विवाद हो गया। विवाद के बाद विनोद अपने कमरे में चला गया और परिवार के लोग भी कुछ देर बाद शांत हो गए।

    कुछ समय बीतने के बाद परिजनों को विनोद की कोई गतिविधि नजर नहीं आई। जब उन्होंने कमरे में जाकर देखा तो उनके होश उड़ गए। विनोद फंदे पर लटका हुआ था। परिजनों ने उसे बचाने की कोशिश की और तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को फंदे से नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही परिवार के सदस्यों से पूछताछ शुरू कर दी है।

    फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और आत्महत्या के कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती जानकारी में पत्नी से विवाद और शराब की लत को घटना से जोड़कर देखा जा रहा है लेकिन पुलिस का कहना है कि वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। पुलिस परिजनों के बयान दर्ज कर रही है और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है।

    विनोद की मौत से परिवार सदमे में है। एक ओर घर के मुखिया की अचानक मौत से परिजन टूट गए हैं तो दूसरी ओर इस घटना ने शराब की लत से पैदा होने वाले पारिवारिक तनाव और उसके गंभीर परिणामों को भी सामने ला दिया है। फिलहाल निशातपुरा पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

  • भोपाल से दिल्ली-दुबई तक ठगी का जाल, ईरानी गिरोह पर शिकंजा, कार्रवाई के दौरान पुलिस पर पथराव

    भोपाल से दिल्ली-दुबई तक ठगी का जाल, ईरानी गिरोह पर शिकंजा, कार्रवाई के दौरान पुलिस पर पथराव


    भोपाल।मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल का कुख्यात ईरानी डेरा एक बार फिर गंभीर आपराधिक गतिविधियों को लेकर चर्चा में है। निशातपुरा थाना क्षेत्र की अमन कॉलोनी में रविवार को उस समय तनावपूर्ण हालात बन गए जब भोपाल पुलिस ठगी और लूट के एक बड़े मामले में मुख्य आरोपी राजू ईरानी को गिरफ्तार करने पहुंची। पुलिस कार्रवाई की सूचना मिलते ही इलाके में भीड़ जमा हो गई और देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए।पुलिस पर अचानक पथराव और हमला किया गया जिसमें कई जवानों को चोटें आईं। हालात संभालने के लिए अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बलवा शासकीय कार्य में बाधा और पुलिस पर हमले के आरोप में 34 लोगों को हिरासत में लिया है।

    CBI अफसर और पत्रकार बनकर करते थे ठगी

    पुलिस के मुताबिक राजू ईरानी और उसका गिरोह खुद को कभी CBI अधिकारी तो कभी राष्ट्रीय मीडिया संस्थानों का पत्रकार बताकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। यह गिरोह अलग-अलग राज्यों में सर्राफा व्यापारियों कारोबारियों और संपन्न लोगों को निशाना बनाता था।हाल ही में सागर जिले में सामने आए एक मामले में गिरोह के सदस्यों ने CBI अधिकारी बनकर एक सर्राफा व्यापारी से ठगी की थी। इसी केस में राजू ईरानी की तलाश की जा रही थी। पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी अमन कॉलोनी में छिपा हुआ है जिसके बाद दबिश दी गई।

    कार्रवाई के दौरान भड़की हिंसा

    रविवार को जब पुलिस टीम अमन कॉलोनी पहुंची तो कुछ ही देर में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग इकट्ठा हो गए। पुलिस के अनुसार भीड़ ने गिरफ्तारी का विरोध करते हुए पथराव शुरू कर दिया। हालात बिगड़ते देख पुलिस को इलाके में सुरक्षा घेरा बनाना पड़ा। कई वाहनों को नुकसान पहुंचा और पुलिसकर्मियों को चोटें आईं।स्थिति नियंत्रण में आने के बाद पुलिस ने उपद्रव में शामिल 34 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। सभी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

    पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा

    गिरफ्तार आरोपियों में शामिल काला ईरानी से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। उसने कबूल किया कि गिरोह भरोसा जीतने के लिए फर्जी पहचान का इस्तेमाल करता था। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर एक न्यूज चैनल की माइक आईडी भी बरामद की है जिसका उपयोग खुद को पत्रकार बताने के लिए किया जाता था।पुलिस को संदेह है कि गिरोह लंबे समय से इसी तरीके से ठगी की वारदातों को अंजाम देता आ रहा था और कई राज्यों में इसके पीड़ित मौजूद हैं।

    दिल्ली और दुबई तक फैले तार
    जांच में यह भी सामने आया है कि ईरानी डेरे का नेटवर्क केवल भोपाल तक सीमित नहीं है। इसी वर्ष जुलाई में दिल्ली पुलिस ने मुठभेड़ के बाद ईरानी गिरोह के दो कुख्यात सदस्यों को गिरफ्तार किया था जिन पर कई राज्यों में लूट और ठगी के गंभीर मामले दर्ज थे।इसके अलावा दिसंबर में रानी कमलापति रेलवे स्टेशन क्षेत्र में मोबाइल झपटमारी के मामले में पकड़े गए आरोपी भी इसी इलाके से जुड़े पाए गए। पूछताछ में खुलासा हुआ कि लूटे गए महंगे मोबाइल पहले मुंबई भेजे जाते थे और फिर दुबई तक तस्करी की जाती थी।

    पहले भी हो चुके हैं हमले

    ईरानी डेरे में पुलिस पर हमले का यह पहला मामला नहीं है। वर्ष 2020 में सागर जिले की पुलिस टीम पर भी इसी इलाके में पथराव और मिर्च पाउडर फेंके जाने की घटना हुई थी। उस समय कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे और स्थिति संभालने के लिए सख्त कदम उठाने पड़े थे।

    जांच जारी


    भोपाल पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और गिरोह के पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि ठगी और लूट से हासिल की गई रकम और सामान किन रास्तों से बाहर भेजा गया और इसमें और कौन-कौन शामिल है।