Tag: Nitin Nabin

  • बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन की पदाधिकारियों को दोटूक सलाह, संगठन की जिम्मेदारी निभाएं और दिल्ली के चक्कर लगाने से बचें

    बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन की पदाधिकारियों को दोटूक सलाह, संगठन की जिम्मेदारी निभाएं और दिल्ली के चक्कर लगाने से बचें

    नई दिल्ली: में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पार्टी के प्रदेश प्रभारियों और सह-प्रभारियों को संगठनात्मक जिम्मेदारियों पर ध्यान देने की सलाह देते हुए दिल्ली के बार-बार चक्कर लगाने से बचने को कहा। 29 सितंबर 2026 को आयोजित बैठक में उन्होंने पदाधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि उन्हें संगठन में जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसे प्राथमिकता के साथ निभाना चाहिए। बैठक के दौरान नितिन नवीन ने कहा कि पदाधिकारी दिल्ली की परिक्रमा करने के बजाय अपने निर्धारित संगठनात्मक कार्यों पर ध्यान दें। उन्होंने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि कई पदाधिकारियों के दिल्ली दरबार में बार-बार आने की लगातार शिकायतें सामने आ रही थीं।

    बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में 29 सितंबर 2026 को नई दिल्ली स्थित पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में प्रदेश प्रभारियों और सह-प्रभारियों की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के नवनियुक्त प्रभारी तथा सह-प्रभारी शामिल हुए। बैठक के दौरान पार्टी अध्यक्ष ने उपस्थित सभी पदाधिकारियों को संबोधित किया और संगठन की ओर से सौंपी गई जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि पदाधिकारियों को अपने कार्यक्षेत्र में संगठन को मजबूत करने और निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने पर ध्यान देना चाहिए। बैठक में दिल्ली आने-जाने को लेकर दिए गए उनके संदेश को संगठनात्मक अनुशासन और जिम्मेदारियों के निर्वहन से जोड़कर देखा गया।

    बैठक के दौरान नितिन नवीन ने पदाधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि दिल्ली की परिक्रमा मत करना। उन्होंने कहा कि कई पदाधिकारियों के दिल्ली दरबार में जरूरत से ज्यादा चक्कर लगाने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने प्रदेश प्रभारियों और सह-प्रभारियों को अपने-अपने राज्यों तथा निर्धारित क्षेत्रों में रहकर संगठनात्मक कामकाज पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। पार्टी अध्यक्ष ने बैठक में शामिल पदाधिकारियों को यह संदेश दिया कि संगठन में मिली जिम्मेदारी को निभाना उनकी प्राथमिकता होनी चाहिए। उनके संबोधन में बार-बार दिल्ली आने के बजाय अपने कार्यक्षेत्र में सक्रिय रहकर संगठन के काम को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।

    बीजेपी की इस उच्चस्तरीय बैठक में आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत बनाने और आने वाले राजनीतिक कार्यक्रमों की तैयारियों को लेकर मंथन हुआ। बैठक में प्रदेश प्रभारियों और सह-प्रभारियों की भूमिका तथा उनके माध्यम से राज्यों में संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए पार्टी की रणनीति और संगठन के स्तर पर किए जाने वाले कार्यों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में मौजूद सभी पदाधिकारियों को संगठनात्मक विषयों और आगामी कार्यक्रमों के संबंध में दिशा-निर्देश दिए गए।

    नितिन नवीन ने बैठक के दौरान पदाधिकारियों को दोटूक संदेश देते हुए संगठन की जिम्मेदारियों को प्राथमिकता देने और दिल्ली के अनावश्यक चक्कर लगाने से बचने की बात कही। बैठक में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों, संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और राजनीतिक कार्यक्रमों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। प्रदेश प्रभारियों और सह-प्रभारियों की यह बैठक पार्टी के संगठनात्मक कामकाज और आगामी कार्यक्रमों की तैयारियों के लिहाज से आयोजित की गई थी।

  • मेरठ में नितिन नवीन-योगी की मौजूदगी में मिशन-2027 पर मंथन, युवाओं से बोले- आप ही विकास यात्रा के असली नायक

    मेरठ में नितिन नवीन-योगी की मौजूदगी में मिशन-2027 पर मंथन, युवाओं से बोले- आप ही विकास यात्रा के असली नायक


    मेरठ। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के दो दिवसीय पश्चिमी उत्तर प्रदेश दौरे के पहले दिन सोमवार को मेरठ में संगठन और युवाओं से जुड़े कार्यक्रम हुए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में सुभारती विश्वविद्यालय में युवा संवाद के साथ संगठनात्मक बैठकों में बूथ से जिला स्तर तक की तैयारियों की समीक्षा की गई। नितिन नवीन ने युवाओं को विकास और राष्ट्र निर्माण से जोड़ते हुए कहा कि प्रदेश की विकास यात्रा के असली नायक युवा हैं।

    नितिन नवीन 21 और 22 सितंबर को मेरठ और सहारनपुर के दौरे पर हैं। इस दौरान वे पार्टी के पदाधिकारियों, पूर्व जनप्रतिनिधियों, शक्ति केंद्र संयोजकों और जमीनी कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद कर रहे हैं। मेरठ में उनके साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी कार्यक्रमों में शामिल हुए।

    युवा संवाद में रोजगार और विकास पर बात
    स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के मांगल्य कन्वेंशन सेंटर में आयोजित युवा संवाद में नितिन नवीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हो रहे विकास कार्यों और बेहतर कनेक्टिविटी का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कनेक्टिविटी बढ़ने से विकास के साथ रोजगार के नए अवसर भी बन रहे हैं। उत्तर प्रदेश को बड़ी अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ता बताते हुए उन्होंने युवाओं को इस बदलाव का प्रमुख हिस्सा बताया।

    उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल देश का भविष्य मानना पर्याप्त नहीं है। युवा आज की मौजूदा ताकत हैं और उनकी प्रतिभा का सही दिशा में इस्तेमाल राष्ट्र निर्माण को गति दे सकता है। उन्होंने युवाओं से अपनी क्षमता को सकारात्मक दिशा में लगाने और देश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।

    मेरठ की खेल पहचान का जिक्र
    नितिन नवीन ने मेरठ को खेल नगरी बताते हुए खेल सामग्री के निर्माण में शहर की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत से निर्यात होने वाली खेल सामग्री, जिसमें क्रिकेट बैट, हॉकी स्टिक और बैडमिंटन से जुड़ी सामग्री शामिल है, उसमें मेरठ की हिस्सेदारी करीब 25 प्रतिशत है।

    उन्होंने 250 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हो रहे मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में पहला सत्र शुरू हो चुका है और इससे स्थानीय स्तर की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

    युवाओं को दिलाए तीन संकल्प
    युवा संवाद के दौरान नितिन नवीन ने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब युवा सोचता है तो देश आगे बढ़ता है और जब युवा संकल्प लेता है तो नए युग का निर्माण होता है। इसी क्रम में उन्होंने युवाओं को तीन प्रमुख संकल्प भी दिलाए और अपनी प्रतिभा का सही दिशा में उपयोग करने की बात कही।

    शहीद स्मारक से शुरू हुआ कार्यक्रम
    नितिन नवीन के मेरठ कार्यक्रम की शुरुआत शहीदों को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। उन्होंने कारगिल स्मृति उपवन और इंडियन नेशनल आर्मी (INA) शहीद स्मारक पर पहुंचकर अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद युवाओं के साथ रोजगार, स्टार्टअप और विकास से जुड़े विषयों पर संवाद हुआ। कार्यक्रम में 2,000 से अधिक युवाओं की मौजूदगी रही।

    उन्होंने उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे, नमो भारत (रैपिड रेल) और मेरठ मेट्रो जैसी ढांचागत परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी परियोजनाओं से विकास के नए रास्ते खुलते हैं।

    संगठन की जमीनी तैयारियों पर भी मंथन
    मेरठ दौरे का दूसरा प्रमुख हिस्सा संगठनात्मक बैठकें रहीं। नितिन नवीन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिमी यूपी के पूर्व पदाधिकारियों, सांसदों और विधायकों के साथ बैठक की। इसमें चुनावी तैयारियों के साथ बूथ, शक्ति केंद्र, मंडल और जिला स्तर पर संगठन की गतिविधियों की समीक्षा की गई। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद के जरिए जमीनी स्थिति की जानकारी लेने पर भी जोर रहा।

    कार्यक्रम स्थल पर नितिन नवीन के स्वागत के लिए बुलडोजर भी लगाए गए। वहीं सुरक्षा और व्यवस्थाओं के मद्देनजर कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश, निकास, पार्किंग, पेयजल और अन्य इंतजामों की समीक्षा की गई।

    छात्रों में दिखा उत्साह
    सुभारती विश्वविद्यालय में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नितिन नवीन के कार्यक्रम को लेकर विद्यार्थियों में भी उत्साह दिखाई दिया। युवा संवाद में शामिल होने के लिए छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। विश्वविद्यालय परिसर में पूरे दिन चहल-पहल बनी रही।

    औघड़नाथ मंदिर जाएंगे, आज मेरठ में प्रवास
    नितिन नवीन मेरठ में औघड़नाथ मंदिर में दर्शन-पूजन भी करेंगे और सोमवार रात मेरठ में प्रवास करेंगे। इसके बाद 22 सितंबर को वे सहारनपुर के लिए रवाना होंगे। वहां भाजपा के एक कार्यकर्ता के घर भोजन करने के बाद पूर्व पदाधिकारियों, सांसदों, विधायकों और जिलास्तरीय संगठन के पदाधिकारियों के साथ संवाद करेंगे। इसके बाद शाकंभरी देवी के दर्शन कर दिल्ली लौटने का कार्यक्रम है।

    इस तरह दो दिन के दौरे में मेरठ से सहारनपुर तक संगठन की जमीनी सक्रियता, कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जुड़े मुद्दों पर पार्टी नेतृत्व की बैठकें प्रस्तावित हैं।

  • स्वामित्व योजना के कार्यक्रम में रणदिवे को लेकर चर्चा: सीएम ने बताया आयोजन का सूत्रधार विजयवर्गीय बोले राज की बात बता दी

    स्वामित्व योजना के कार्यक्रम में रणदिवे को लेकर चर्चा: सीएम ने बताया आयोजन का सूत्रधार विजयवर्गीय बोले राज की बात बता दी


    इंदौर । इंदौर में गुरुवार को स्वामित्व अधिकार योजना के तहत फ्री रजिस्ट्री बांटने के अभियान की शुरुआत के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की मौजूदगी में मंच से हुई एक टिप्पणी चर्चा में आ गई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भाजपा के प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे का उल्लेख करते हुए उन्हें आयोजन का सूत्रधार बताया। इसके बाद नगरीय विकास एवं आवास विभाग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री की इसी टिप्पणी का संदर्भ लेते हुए कहा कि उन्होंने एक राज की बात बता दी। कार्यक्रम का यह हिस्सा सामने आए वीडियो के बाद राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया।

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने संबोधन के दौरान आयोजन की तैयारियों और उसे आकार देने में गौरव रणदिवे की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने रणदिवे को आयोजन का सूत्रधार बताया। इसके बाद जब मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए मंच पर आए तो उन्होंने मुख्यमंत्री की बात को पकड़ते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने एक राज की बात बताई है। उन्होंने इसके लिए गौरव रणदिवे का भी आभार जताया।

    विजयवर्गीय की यह टिप्पणी सामने आने के बाद कार्यक्रम के राजनीतिक मायने निकाले जाने लगे। हालांकि सार्वजनिक तौर पर विजयवर्गीय और रणदिवे के बीच किसी औपचारिक विवाद की जानकारी सामने नहीं आई है। कार्यक्रम में हुई टिप्पणी को लेकर अलग-अलग राजनीतिक व्याख्याएं जरूर की जा रही हैं। भाजपा नेताओं से जुड़े समर्थक इसे विजयवर्गीय के सार्वजनिक मंचों पर दिखने वाले सहज और चुटीले अंदाज के रूप में देख रहे हैं।

    गौरव रणदिवे इंदौर भाजपा की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। इंदौर भाजपा के नगर अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद संगठन में उनकी भूमिका बढ़ी और बाद में उन्हें प्रदेश महामंत्री की जिम्मेदारी मिली। स्थानीय राजनीतिक चर्चाओं में उनके संगठनात्मक कद को लेकर समय-समय पर चर्चा होती रही है। इसी वजह से मंच से उनका नाम लिए जाने और मुख्यमंत्री की ओर से आयोजन के सूत्रधार के तौर पर उल्लेख किए जाने को भी राजनीतिक हलकों में ध्यान से देखा गया।

    विजयवर्गीय और रणदिवे की राजनीतिक पृष्ठभूमि को लेकर भी इंदौर में चर्चा होती रही है। इससे पहले विजयवर्गीय एक कार्यक्रम में राजनीतिक संदर्भ में यह कह चुके हैं कि वे अपने द्वारा उगे हुए पौधों को नहीं काटते। उस समय भी उनके बयान को अलग-अलग राजनीतिक संदर्भों से जोड़कर देखा गया था। अब इंदौर के इस कार्यक्रम में रणदिवे को लेकर की गई टिप्पणी के बाद पुराना बयान भी सोशल मीडिया चर्चाओं में फिर सामने आया है।

    वहीं कांग्रेस की ओर से इस पूरे घटनाक्रम को भाजपा के भीतर गुटबाजी से जोड़कर टिप्पणी की गई। कांग्रेस मीडिया को-ऑर्डिनेटर नीलाभ शुक्ला ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की मौजूदगी वाले कार्यक्रम में भाजपा के नेताओं के बीच कथित खींचतान सामने आई है। उन्होंने मुख्यमंत्री और मंत्री के बयानों को आधार बनाकर संगठन के भीतर समन्वय पर सवाल उठाए।

    हालांकि कार्यक्रम के मंच से सामने आए बयानों के अलावा दोनों नेताओं के बीच किसी नए विवाद की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में इस घटनाक्रम का राजनीतिक अर्थ निकालने से पहले नेताओं के वास्तविक बयानों और पूरे कार्यक्रम के संदर्भ को देखना महत्वपूर्ण है। फिलहाल रणदिवे को लेकर मुख्यमंत्री की टिप्पणी और उसके बाद विजयवर्गीय का जवाब इंदौर के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

  • जिस जमीन पर पीढ़ियों से रह रहे थे अब मिलेगा अधिकार नितिन नवीन करेंगे इंदौर में योजना की शुरुआत

    जिस जमीन पर पीढ़ियों से रह रहे थे अब मिलेगा अधिकार नितिन नवीन करेंगे इंदौर में योजना की शुरुआत

    इंदौर । इंदौर में लंबे समय से अपनी जमीन और मकान पर रहने के बावजूद वैध दस्तावेज या पट्टा नहीं होने की समस्या झेल रहे हजारों लोगों के लिए बड़ी पहल होने जा रही है। इंदौर और आसपास के इलाकों में करीब 30 हजार लोगों को स्वामित्व का अधिकार देने की तैयारी की गई है। इस योजना की शुरुआत 17 सितंबर को इंदौर के सुपर कॉरिडोर मैदान में होने वाले कार्यक्रम से की जाएगी। कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी इस दौरान मौजूद रहेंगे।

    राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन का यह मध्यप्रदेश में पहला दौरा होगा। हालांकि उनके स्वागत के लिए किसी तरह की बड़ी रैली या शोभायात्रा आयोजित नहीं की जाएगी। उनका दौरा सीमित समय का रहेगा और वे सीधे सरकारी कार्यक्रम में पहुंचेंगे। बताया गया है कि इसी दिन उनका उज्जैन और नीमच जाने का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। हालांकि उनके पूरे दौरे का अधिकृत कार्यक्रम अभी जिला प्रशासन को नहीं मिला है।

    मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के अनुसार स्वामित्व योजना का उद्देश्य ऐसे लोगों को उनकी जमीन और मकान का अधिकार दिलाना है जो लंबे समय से किसी स्थान पर रह रहे हैं लेकिन उनके पास उस जमीन का वैध दस्तावेज या पट्टा उपलब्ध नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों से लंबे समय से यह समस्या सामने आती रही है कि कई परिवार चार दशक या उससे भी ज्यादा समय से अपनी जगह पर रह रहे हैं लेकिन जमीन के मालिकाना अधिकार से जुड़े कागजात उनके पास नहीं हैं।

    बताया गया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीब परिवारों के लिए बड़ी संख्या में मकान बनाए गए हैं। इसी दौरान ग्रामीण इलाकों में रहने वाले परिवारों ने जमीन के अधिकार से जुड़ी समस्या भी सामने रखी। इसके बाद स्वामित्व योजना के जरिए ऐसे परिवारों को उसी स्थान पर अधिकार देने की दिशा में काम आगे बढ़ाया गया जहां वे वर्षों से रह रहे हैं।

    इंदौर के सुपर कॉरिडोर मैदान में होने वाले कार्यक्रम में 50 हजार से ज्यादा लोगों के शामिल होने की संभावना है। इनमें करीब 30 हजार लाभार्थी आसपास के गांवों से पहुंचेंगे। जिला प्रशासन ने कार्यक्रम को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। कार्यक्रम स्थल के साथ साथ आने जाने वाले रास्तों पार्किंग सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

    लाभार्थियों को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाने के लिए करीब 2 हजार बसों की व्यवस्था किए जाने की तैयारी है। बारिश को देखते हुए भी आयोजन स्थल पर विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि लोगों को परेशानी न हो। नितिन नवीन की सुरक्षा को देखते हुए उनके संभावित रूट पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती और कार्यक्रम स्थल पर सीसीटीवी कैमरों समेत अन्य सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे।

    जिला प्रशासन को दिल्ली से राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे का अंतिम कार्यक्रम मिलने के बाद सुरक्षा और ट्रैफिक प्लान को अंतिम रूप दिया जाएगा। इस कार्यक्रम के जरिए लंबे समय से जमीन पर रह रहे उन लोगों को स्वामित्व का अधिकार देने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी जिनके पास अब तक अपने घर और जमीन से जुड़े वैध दस्तावेज नहीं थे।

  • भारतीय आमों की मिठास से मजबूत होंगे वैश्विक रिश्ते, नितिन नवीन ने 82 देशों के राजनयिकों को भेजे खास उपहार

    भारतीय आमों की मिठास से मजबूत होंगे वैश्विक रिश्ते, नितिन नवीन ने 82 देशों के राजनयिकों को भेजे खास उपहार


    नई दिल्ली। भारतीय आमों की एसोसिएशन अब अंतरराष्ट्रीय संबंधों में भी नई गर्माहट पैदा हो रही है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने नई दिल्ली में 82 देशों के विशेषज्ञों को भारतीय आमों के विशेष प्रीमियम उपहार बॉक्स वितरित किए हैं। इसका पहला उद्देश्य भारत की समृद्ध कृषि विरासत, सांस्कृतिक पहचान और मेहमाननवाजी की परंपरा को वैश्विक मंच पर और मजबूत बनाना है।

    विशेष रूप से तैयार किए गए इन बॉक्स में देश के चार प्रसिद्ध आम बादाम-केसर आम, दशहरी आम, बंगनपल्ली आम और लंगड़ा आम-शामिल की टोकरी। ये सभी सॉसेज अपने विशिष्ट स्वाद, सुगंध और क्षेत्रीय पहचान के लिए देश-दुनिया में प्रसिद्ध हैं।

    आम के साथ भेजे गए अपने व्यक्तिगत संदेश में नितिन नवीन ने भारतीय संस्कृति में आम के महत्व का उल्लेख करते हुए इसमें मित्रता, भाईचारा, मित्रतावादी और समृद्ध कृषि परंपरा का प्रतीक बताया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह छोटा-सा भारत और विभिन्न देशों के बीच सहयोग और मजबूत बनाने में योगदान देगा।

    सांस्कृतिक अन्वेषण का अनोखा उदाहरण

    विशेषज्ञ इस पहल को ‘कल्चरल डिप्लोमेसी’ यानी सांस्कृतिक पोर्टफोलियो का प्रभावशाली उदाहरण मान रहे हैं। भारत लंबे समय से योग, आयुर्वेद, संविधान और सांस्कृतिक विरासत के माध्यम से दुनिया से जुड़ा हुआ है। अब हम भी वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय भारतीय फल के माध्यम से सहयोग और सहयोग का संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं।

    भारतीय आमों की खास पहचान

    गिर केसर (गुजरात)
    गिर केसर आम अपने शानदार केसरिया गूदे, स्वादिष्ट स्वाद और अनोखे स्वाद के लिए प्रसिद्ध है। साल इसे 2011 में जीआई टैग मिला था।

    मलिहाबादी दशहरी (उत्तर प्रदेश)

    मलिहाबादी दशहरी आम की सब्जी, बिना रेशम वाले गुड़े और शहद जैसी मिठास के लिए जाना जाता है। इसे 2009 में जीआई टैग प्राप्त हुआ था।

    बंगानगर (आंध्र प्रदेश)

    बंगनापल्ली आम के आकार में बड़ा, गाजर के रंग का और बिना रेशों वाला आम है। इसे 2017 में जीआई टैग मिला।

    बनारसी लंगड़ा (वाराणसी)

    बनारसी लंगड़ा आम का रस बाहर भी हरा रहता है, जबकि अंदर का गूदा रसदार और स्वाद में मीठा-खट्टा होता है। इसे 2023 में जीआई टैग से सम्मानित किया गया। भारत दुनिया के सबसे बड़े आम उत्पादकों में शामिल है और इसके कई साझेदार अंतरराष्ट्रीय बाजार में विशेष पहचान रखते हैं। सबसे पहले भारतीय आमों की वैश्विक ब्रांडिंग के साथ-साथ भारत की कृषि शक्ति और सांस्कृतिक विरासत को भी नई पहचान की उम्मीद है।
  • नितिन नवीन की मौजूदगी से बढ़ी अटकलें, क्या राज्यसभा जाएंगे रजनीश अग्रवाल?

    नितिन नवीन की मौजूदगी से बढ़ी अटकलें, क्या राज्यसभा जाएंगे रजनीश अग्रवाल?


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश से राज्यसभा की दो सीटों के लिए भारतीय जनता पार्टी ने जिस नाम ने सबसे ज्यादा राजनीतिक हलचल पैदा की है, वह है रजनीश अग्रवाल। संगठन में वर्षों तक पर्दे के पीछे काम करने वाले रजनीश अग्रवाल को पार्टी ने राज्यसभा उम्मीदवार बनाकर यह संदेश देने की कोशिश की है कि भाजपा अब भी संगठन के समर्पित कार्यकर्ताओं को शीर्ष स्तर तक पहुंचाने का दावा करती है।

    पार्टी में उन्हें मजाकिया लेकिन सम्मानजनक अंदाज में ‘बूथ का भूत’ कहा जाता है। इसकी वजह है बूथ प्रबंधन में उनकी विशेषज्ञता और चुनावी मशीनरी को मजबूत बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका। राज्यसभा की इस दावेदारी के साथ उन्होंने कई बड़े और चर्चित नेताओं को पीछे छोड़ दिया है।

    बूथ मैनेजमेंट के मास्टरमाइंड
    साल 2021 से मध्य प्रदेश भाजपा में बूथ प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाल रहे रजनीश अग्रवाल ने प्रदेश के करीब 65 हजार बूथों के डिजिटाइजेशन का काम कराया। उनके नेतृत्व में बूथों को A, B, C और D श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया, जिससे चुनावी रणनीति को अधिक प्रभावी बनाया जा सका। विधानसभा और लोकसभा चुनावों के दौरान 30 मतदाताओं पर एक अर्द्धपन्ना प्रभारी नियुक्त करने जैसी रणनीतियां भी उनकी टीम ने तैयार कीं। भाजपा के बढ़ते वोट शेयर और बूथ स्तर पर संगठन की मजबूती में उनकी भूमिका को पार्टी नेतृत्व ने गंभीरता से लिया।

    सवर्ण प्रतिनिधित्व के फॉर्मूले ने खोला रास्ता
    मध्य प्रदेश से राज्यसभा में भाजपा के आठ सांसद हैं, लेकिन इनमें सामान्य वर्ग का कोई प्रतिनिधि नहीं था। पार्टी नेतृत्व ने इस बार सामाजिक संतुलन साधने के लिए सवर्ण वर्ग से किसी नेता को राज्यसभा भेजने का निर्णय लिया। इसी रणनीति के तहत कई दिग्गज नेताओं के नामों पर चर्चा हुई। इनमें नरोत्तम मिश्रा, कैलाश विजयवर्गीय, अरविंद भदौरिया, अखंड प्रताप सिंह और मुन्नालाल गोयल जैसे नाम शामिल थे। हालांकि पार्टी ने यह तर्क स्वीकार किया कि हाल के वर्षों में चुनाव लड़ चुके नेताओं के बजाय ऐसे कार्यकर्ता को अवसर दिया जाए, जिसने संगठन में लंबे समय तक काम किया हो और जिसे अब तक कोई बड़ा राजनीतिक पद न मिला हो। यही कारण रहा कि अंततः रजनीश अग्रवाल के नाम पर सहमति बन गई।

    ABVP से शुरू हुआ सफर
    सागर जिले के मंडीबामोरा कस्बे से आने वाले रजनीश अग्रवाल का राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू हुआ। पत्रकारिता के छात्र रहे अग्रवाल लंबे समय तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में सक्रिय रहे और बाद में भाजपा संगठन में आए। पैरों से दिव्यांग होने के बावजूद उन्होंने संगठनात्मक काम में ऐसी पहचान बनाई कि वे पार्टी की चुनावी रणनीति के प्रमुख चेहरों में शामिल हो गए। भाजपा नेताओं के अनुसार, वे प्रचार से अधिक संगठन पर ध्यान देने वाले कार्यकर्ता माने जाते हैं।

    वीडी शर्मा और शिवराज का मिला समर्थन
    रजनीश अग्रवाल को प्रदेश भाजपा में बूथ प्रबंधन की जिम्मेदारी उस समय मिली थी जब वीडी शर्मा प्रदेश अध्यक्ष थे। वे शर्मा की टीम में प्रदेश मंत्री भी बने। सूत्रों के अनुसार, जैसे ही राज्यसभा के लिए सवर्ण उम्मीदवार के चयन की प्रक्रिया शुरू हुई, वीडी शर्मा ने रजनीश अग्रवाल का नाम प्रमुखता से आगे बढ़ाया। वहीं शिवराज सिंह चौहान ने भी उन्हें उपयुक्त उम्मीदवार मानते हुए समर्थन दिया।

    ‘मैं टिकट मांगने भी नहीं गया’
    राज्यसभा उम्मीदवार घोषित होने के बाद रजनीश अग्रवाल ने कहा कि यह केवल भाजपा में संभव है कि एक सामान्य कार्यकर्ता को राज्यसभा जैसे उच्च सदन तक पहुंचने का अवसर मिले। उन्होंने बताया कि वे संकोचवश मुख्यमंत्री मोहन यादव से टिकट की मांग करने तक नहीं गए। उनका कहना है कि पार्टी नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताया, जिसके लिए वे आभारी हैं।

    शादी में शामिल होने पहुंचे थे नितिन नबीन
    रजनीश अग्रवाल और नितिन नबीन का संबंध भारतीय जनता युवा मोर्चा के दिनों से है। अग्रवाल ने बताया कि जब वे युवा मोर्चा में प्रदेश महामंत्री थे, तब नितिन नबीन प्रदेश प्रभारी थे। उन्होंने याद करते हुए बताया कि 15 दिसंबर 2011 को अपनी शादी का निमंत्रण देते समय उन्होंने मजाक में कहा था कि घोड़ी पर उन्हें नितिन नबीन ही चढ़ाएंगे। नितिन नबीन ने वादा निभाया और शादी समारोह में शामिल होने पहुंचे थे।

    तरुण चुग को भी मिला मौका
    भाजपा ने दूसरी सीट पर तरुण चुग को उम्मीदवार बनाया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक पंजाब की राजनीति और संगठनात्मक संतुलन को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। वहीं कांग्रेस ने मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए मीनाक्षी नटराजन को मैदान में उतारा है, जिन्हें राहुल गांधी का करीबी माना जाता है।

  • मल्लिकार्जुन खरगे के विवादित बयान पर BJP ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया..

    मल्लिकार्जुन खरगे के विवादित बयान पर BJP ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया..


    नई दिल्ली:कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के हालिया ‘सांप’ बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई हलचल पैदा कर दी है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने इस बयान को कांग्रेस की हताशा और राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बताया। नबीन ने स्पष्ट किया कि खरगे के शब्द दरअसल गांधी परिवार के निर्देशों के तहत आ रहे हैं और वे रिमोट कंट्रोल की तरह चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह बयान पूरी तरह से लोगों को सांप्रदायिक रूप से भड़काने और राजनीतिक माहौल को तनावपूर्ण बनाने की कोशिश है।

    नितिन नबीन ने सीधे तौर पर सोनिया गांधी और राहुल गांधी को घेरते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा मर्यादा लांघती रही है और जब भी इस तरह के विवादास्पद बयान दिए जाते हैं, जनता भाजपा को मजबूत समर्थन देती है। उन्होंने दावा किया कि पहले ये शब्द सीधे गांधी परिवार से आते थे और अब मल्लिकार्जुन खरगे के माध्यम से जनता तक पहुँच रहे हैं। नबीन ने कहा कि कांग्रेस के इस तरह के बयान इतिहास में हमेशा जनता के दृष्टिकोण को प्रभावित करने में असफल रहे हैं।

    भाजपा अध्यक्ष ने पश्चिम बंगाल और केरल की आगामी विधानसभा चुनावों पर भी प्रकाश डाला। बंगाल में भाजपा के वोट शेयर में लगातार वृद्धि हुई है और पार्टी इस बार राज्य में सरकार बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। केरल में उन्होंने एलडीएफ और यूडीएफ के बीच ‘मैच फिक्सिंग’ का आरोप लगाया और कहा कि जनता इस फिक्सिंग से तंग आ चुकी है। नबीन ने कहा कि भाजपा का वोट बैंक लगातार बढ़ रहा है और लोग पार्टी को एक सशक्त विकल्प के रूप में देख रहे हैं।

    राहुल गांधी द्वारा बीजेपी और एलडीएफ के बीच ‘सेटिंग’ के आरोपों पर नबीन ने पलटवार किया। उन्होंने राहुल गांधी को कमजोर ज्ञान वाला नेता करार देते हुए सवाल उठाया कि अगर सेटिंग होती, तो पड़ोसी राज्य तमिलनाडु में कांग्रेस और कम्युनिस्ट गठबंधन क्यों हैं। उन्होंने सबरीमाला मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा और पूछा कि क्यों इस संवेदनशील विषय पर राहुल गांधी चुप्पी साध लेते हैं। नबीन ने स्पष्ट किया कि भाजपा का लक्ष्य ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ है और पार्टी देश में कम्युनिस्ट सिस्टम को पूरी तरह उखाड़ फेंकने के लिए प्रतिबद्ध है।

    असम चुनाव को लेकर भी भाजपा अध्यक्ष ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पूरी तरह निराश और हताश स्थिति में है, जबकि भाजपा पिछले प्रदर्शन से भी बेहतर परिणाम लाने के लिए तैयार है। दक्षिण भारत में सुपरस्टार और टीवीके प्रमुख विजय की राजनीति में एंट्री पर नबीन ने कहा कि राजनीति में पूर्ण समय और समर्पण जरूरी है, पार्ट-टाइम से कोई काम नहीं चलता। उन्होंने तमिलनाडु में भाजपा के AIADMK के साथ गठबंधन का उल्लेख करते हुए पार्टी की रणनीति का स्पष्ट संकेत दिया।

    नबीन ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय हित के मुद्दों पर शब्दों की मर्यादा के साथ कड़ा रुख अपनाना भाजपा का कर्तव्य है और पार्टी जनता के विश्वास और समर्थन को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसकी रणनीतियों और बयानबाजी का लक्ष्य केवल भ्रम और विवाद फैलाना है, जबकि जनता भाजपा को एक सशक्त विकल्प के रूप में देख रही है।