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  • दिल्ली में पुष्कर सिंह धामी और नितिन नवीन की अहम मुलाकात, संगठन और समसामयिक मुद्दों पर हुआ मंथन

    दिल्ली में पुष्कर सिंह धामी और नितिन नवीन की अहम मुलाकात, संगठन और समसामयिक मुद्दों पर हुआ मंथन


    नई दिल्ली
    में रविवार को हुई एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मुलाकात ने संगठन और नेतृत्व के बीच बेहतर तालमेल के संकेत दिए। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष Nitin Naveen से मुलाकात कर विभिन्न संगठनात्मक और समसामयिक विषयों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान भाजपा उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य महेंद्र भट्ट भी मौजूद रहे।

    यह मुलाकात केवल औपचारिक शिष्टाचार तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें संगठन की मजबूती, राजनीतिक परिस्थितियों और विभिन्न समकालीन मुद्दों को लेकर विचार-विमर्श किया गया। राजनीतिक हलकों में इस बैठक को आगामी रणनीतियों और संगठनात्मक दिशा तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष को उत्तराखंड का शहद भेंट किया। यह उपहार राज्य की प्राकृतिक पहचान और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक माना गया। इस छोटे लेकिन विशेष भाव ने बैठक के माहौल को और आत्मीय बना दिया। राजनीतिक कार्यक्रमों के बीच इस तरह के सांस्कृतिक प्रतीक अक्सर राज्यों की पहचान और परंपराओं को सामने लाने का माध्यम बनते हैं।

    मुख्यमंत्री धामी ने मुलाकात के बाद कहा कि राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ हुई चर्चा बेहद सकारात्मक रही और उन्हें संगठन तथा शासन से जुड़े विषयों पर मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि राज्य के विकास और संगठन की मजबूती के लिए केंद्र और राज्य नेतृत्व के बीच बेहतर समन्वय लगातार जारी रहेगा।

    हाल के वर्षों में भाजपा लगातार अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने पर जोर देती रही है। ऐसे में राष्ट्रीय नेतृत्व और राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच होने वाली बैठकें राजनीतिक रूप से अहम मानी जाती हैं। उत्तराखंड जैसे रणनीतिक और संवेदनशील राज्य में विकास, पर्यटन, रोजगार और बुनियादी ढांचे को लेकर कई बड़े लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं, जिन पर सरकार आगे बढ़ रही है।

    इससे पहले मुख्यमंत्री धामी ने असम के राजनीतिक नेतृत्व को भी नई जिम्मेदारी मिलने पर शुभकामनाएं दी थीं। उन्होंने अपने संदेश में विकास, आत्मनिर्भरता और मजबूत प्रशासन की दिशा में आगे बढ़ने की उम्मीद जताई थी। उनके संदेश में राज्यों के बीच राजनीतिक सहयोग और राष्ट्रीय नेतृत्व के प्रति विश्वास की झलक दिखाई दी।

    इसके अलावा मातृ दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए मां के महत्व को भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी शक्ति बताया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि मां जीवन का पहला संस्कार, पहली सीख और सबसे बड़ा प्रेरणा स्रोत होती हैं। उनके अनुसार समाज और परिवार की मजबूती में मातृत्व की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है।

    नई दिल्ली में हुई यह मुलाकात राजनीतिक दृष्टि से इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि आने वाले समय में विभिन्न राज्यों में संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय की भूमिका और अधिक बढ़ने वाली है। इस तरह की बैठकों को केवल राजनीतिक संवाद नहीं बल्कि रणनीतिक सहयोग के रूप में भी देखा जा रहा है, जो भविष्य की राजनीतिक दिशा तय करने में मददगार साबित हो सकती हैं।

  • भाजपा में युवाओं को बढ़ावा, राष्ट्रीय संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी

    भाजपा में युवाओं को बढ़ावा, राष्ट्रीय संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी



    नई दिल्ली। संगठन को भी युवा आकार देने की तैयारी शुरू हो गई है। महासचिव और सचिव स्तर पर 60 साल से कम उम्र वाले नेताओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जबकि उपाध्यक्ष स्तर पर अनुभवी वरिष्ठ नेताओं को भी जगह मिलने की संभावना है। पार्टी में आधे से ज्यादा नए पदाधिकारियों को शामिल करने का अनुमान है, जिनमें से कई विभिन्न राज्यों से केंद्रीय संगठन में लाए जाएंगे।

    राष्ट्रीय नेतृत्व में नए चेहरे
    सूत्रों के अनुसार, भाजपा की भविष्य की टीम तैयार करने के लिए अध्यक्ष समेत 40 राष्ट्रीय पदाधिकारियों में लगभग 60 फीसदी नए चेहरे होंगे। महासचिव और सचिव स्तर पर 60 साल से कम उम्र के नेताओं को नियुक्त किया जाएगा, जबकि उपाध्यक्ष स्तर पर आयु को लेकर कुछ लचीलापन रखा जाएगा ताकि अनुभवी नेताओं को संगठन में समायोजित किया जा सके। मौजूदा टीम के आधे से ज्यादा चेहरों को बदलने की संभावना लगभग तय मानी जा रही है।

    वरिष्ठ नेताओं की नई भूमिकाएं
    60 साल से अधिक उम्र वाले मौजूदा महासचिव और सचिवों को नई भूमिका दी जा सकती है। संगठन महासचिव के पद को लेकर अभी चर्चा जारी है और संभावना है कि वहां भी बदलाव होंगे। मौजूदा टीम के पांच महासचिवों की जगह नए चेहरे लाए जाने की तैयारी है। राष्ट्रीय पदाधिकारियों में अध्यक्ष के अलावा 13 उपाध्यक्ष, 10 महासचिव, 15 सचिव और एक कोषाध्यक्ष होता है।

    महिलाओं और क्षेत्रीय संतुलन
    सूत्रों के अनुसार, नई टीम में महिलाओं की संख्या बढ़ाई जाएगी। भाजपा के संविधान में एक तिहाई यानी लगभग 13 महिला पदाधिकारी होना चाहिए, लेकिन ऐसा केवल राजनाथ सिंह के अध्यक्षीय कार्यकाल में संभव हो पाया था। नई राष्ट्रीय टीम में देश के सभी हिस्सों को प्रतिनिधित्व मिलेगा और जातीय व सामाजिक समीकरणों का संतुलन रखा जाएगा।

    समय और प्रक्रिया
    भाजपा की नई टीम को लेकर तैयारी शुरू हो गई है, लेकिन इसकी घोषणा में अभी समय लग सकता है। संसद सत्र और आगामी चुनावों के कारण पार्टी का ध्यान मुख्य रूप से चुनावी रणनीतियों पर है। चूंकि बदलाव व्यापक स्तर पर होंगे, इसलिए कई स्तरों पर व्यापक चर्चाएं और समीक्षाएं अभी बाकी हैं।

  • कैसा होता है टाइप-8 सरकारी बंगला, जिसमें शिफ्ट होंगे नितिन नवीन? जानें इसकी खासियत

    कैसा होता है टाइप-8 सरकारी बंगला, जिसमें शिफ्ट होंगे नितिन नवीन? जानें इसकी खासियत


    नई दिल्‍ली । दिल्ली के लुटियंस जोन में बने कुछ सरकारी बंगले सिर्फ घर नहीं होते, वे सत्ता, जिम्मेदारी और व्यवस्था का प्रतीक माने जाते हैं. इन्हीं में शामिल है टाइप-8 सरकारी बंगला, जिसकी चर्चा इन दिनों तेज है. सवाल है कि ऐसा क्या खास होता है इस बंगले में, जिसे हर किसी को नहीं बल्कि चुनिंदा संवैधानिक और राजनीतिक पदों पर बैठे लोगों को ही मिलता है? आइए जानते हैं उस घर की कहानी के बारे में, जिसमें नितिन नवीन शिफ्ट होने जा रहे हैं.

    नितिन नवीन को मिला नया सरकारी आवास

    भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन नए साल में दिल्ली शिफ्ट होने जा रहे हैं. उन्हें लुटियंस दिल्ली के सुनेहरी बाग रोड पर स्थित बंगला नंबर 9 आवंटित किया गया है. यह बंगला टाइप-8 श्रेणी में आता है, जिसे केंद्र सरकार के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित सरकारी आवासों में गिना जाता है. जिसमें वे औपचारिक रूप से इस आवास में प्रवेश करेंगे.

    क्या होता है टाइप-8 सरकारी बंगला?

    टाइप-8 बंगला केंद्र सरकार की आवासीय व्यवस्था की सबसे ऊंची श्रेणी मानी जाती है. यह बंगला आमतौर पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों, पूर्व राष्ट्रपतियों, राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के अध्यक्षों और बेहद वरिष्ठ संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को ही दिया जाता है. इन बंगलों का कुल क्षेत्रफल करीब 8000 से 8500 वर्ग फुट तक होता है, जो इसे बेहद विशाल बनाता है.

    अंदर से कैसा होता है यह बंगला?

    टाइप-8 बंगले में आम तौर पर 8 बड़े कमरे होते हैं. इनमें 5 से 6 बेडरूम, एक विशाल ड्राइंग रूम, अलग डाइनिंग एरिया, स्टडी रूम और आधुनिक किचन शामिल होती है. इसके अलावा निजी गैराज, स्टोर रूम और स्टाफ क्वार्टर की भी अलग व्यवस्था होती है. बंगले के चारों ओर फैला हरा-भरा लॉन इसे और खास बनाता है.

    सुरक्षा व्यवस्था रहती है बेहद मजबूत

    टाइप-8 बंगलों की सुरक्षा आम सरकारी आवासों से कहीं ज्यादा कड़ी होती है. यहां 24 घंटे सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं. पूरे परिसर में आधुनिक CCTV कैमरे लगे होते हैं और निगरानी के लिए कंट्रोल रूम की व्यवस्था भी होती है. मेहमानों और कर्मचारियों के लिए अलग प्रवेश और ठहरने की जगह बनाई जाती है, ताकि गोपनीयता और सुरक्षा बनी रहे.

    ब्रिटिश दौर की वास्तुकला की पहचान

    लुटियंस दिल्ली में बने टाइप-8 बंगले ब्रिटिश काल की स्थापत्य शैली को आज भी जीवित रखते हैं. ऊंची छतें, चौड़े बरामदे, मजबूत दीवारें और बड़े दरवाजे इनकी पहचान हैं. इन बंगलों के आसपास पुराने पेड़, खुली जगह और शांत वातावरण होता है, जो दिल्ली के बाकी हिस्सों से इन्हें अलग बनाता है.

    लुटियंस जोन में कहां-कहां हैं ये बंगले?

    दिल्ली का लुटियंस जोन देश का सबसे वीआईपी इलाका माना जाता है. टाइप-8 बंगले जनपथ, अकबर रोड, मोतीलाल नेहरू मार्ग, सुनेहरी बाग रोड, सफदरजंग रोड, कृष्ण मेनन मार्ग, त्यागराज मार्ग और तुगलक रोड जैसे इलाकों में स्थित हैं. ये सभी जगहें संसद भवन, राष्ट्रपति भवन और प्रमुख मंत्रालयों के बेहद करीब हैं.

    कितने हैं टाइप-8 बंगले?

    लुटियंस दिल्ली में कुल तीन हजार से ज्यादा सरकारी आवास मौजूद हैं, जिनमें अलग-अलग श्रेणियों के फ्लैट और बंगले शामिल हैं. इनमें से टाइप-8 बंगले सबसे कम संख्या में हैं. जानकारी के अनुसार, ऐसे बंगलों की संख्या करीब 100 से कुछ अधिक है, यही वजह है कि इन्हें मिलना अपने आप में खास माना जाता है.

  • चुनावी मोड में आयी भाजपा, नए अध्यक्ष की ताजपोशी के बाद शीर्ष नेताओं के दौरे तेज

    चुनावी मोड में आयी भाजपा, नए अध्यक्ष की ताजपोशी के बाद शीर्ष नेताओं के दौरे तेज



    नई दिल्ली । भाजपा ने नए अध्यक्ष नितिन नवीन की ताजपोशी के बाद चुनावी गतिविधियों को तेज कर दिया है। दो महीने में होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए पार्टी के शीर्ष नेताओं के दौरे जारी हैं। इस महीने के बाकी दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन अलग-अलग राज्यों का दौरा करेंगे।
    मोदी केरल और तमिलनाडु जाएंगे, नवीन पश्चिम बंगाल और अमित शाह असम तथा पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगे। दक्षिण भारत में भाजपा एनडीए के सहयोग से चुनावी स्थिति मजबूत करना चाहती है, जबकि पूर्वी राज्यों में पश्चिम बंगाल पर पांच साल पहले का सपना पूरा करना चाह रही है।

    तमिलनाडु में गठबंधन को पुख्ता करना:
    भाजपा ने तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक के साथ गठबंधन विस्तार कर लिया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने एएमएमके को एनडीए में शामिल कराया। पीएम मोदी की शुक्रवार को होने वाली रैली में एनडीए की एकजुटता और ताकत का प्रदर्शन होगा।

    द्रमुक के गढ़ से अन्नाद्रमुक को आगे रखते हुए मोदी राज्य में सत्तारूढ़ दल को चुनौती देंगे।

    केरल में चुनावी रणनीति:
    प्रधानमंत्री मोदी केरल में रोड शो करेंगे, नई विकास योजनाओं और नई ट्रेन का उद्घाटन करेंगे। हाल ही में स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा ने तिरुवनंतपुरम में पहला मेयर बनाया था, इसलिए यह दौरा विशेष महत्व रखता है।

    पूर्वोत्तर राज्यों में अमित शाह की सक्रियता:
    गृह मंत्री अमित शाह 29-30 जनवरी को असम में बैठकें और चुनावी रणनीति की समीक्षा करेंगे। इसके बाद 30-31 जनवरी को कोलकाता में संगठन की गतिविधियों और नए अभियान की तैयारियों को अंतिम रूप देंगे। भाजपा की यह रणनीति दक्षिण और पूर्वी भारत में दोनों मोर्चों पर चुनावी स्थिति मजबूत करने के लिए तैयार की जा रही है।

  • बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव आज: नामांकन में मुख्यमंत्री मोहन यादव समेत मप्र के 20 दिग्गज नेता बनेंगे प्रस्तावक-समर्थक

    बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव आज: नामांकन में मुख्यमंत्री मोहन यादव समेत मप्र के 20 दिग्गज नेता बनेंगे प्रस्तावक-समर्थक


    भोपाल । भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। चुनावी प्रक्रिया के तहत आज नई दिल्ली में नामांकन दाखिल किए जाएंगे, जिसमें मध्य प्रदेश की भूमिका अहम रहने वाली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समेत राज्य के 20 वरिष्ठ नेता राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए प्रस्तावक और समर्थक के रूप में भाग लेंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार मौजूदा कार्यवाहक राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को ही सर्वसम्मति से पार्टी की कमान सौंपी जा सकती है।

    बीजेपी के संगठनात्मक चुनावों की यह प्रक्रिया पार्टी के संविधान के तहत संपन्न की जा रही है। आज होने वाले नामांकन कार्यक्रम में देशभर से वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। मध्य प्रदेश से दिल्ली पहुंचे नेताओं का दल इस चुनावी प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएगा और राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए प्रस्ताव पेश करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया का हिस्सा बनेंगे, जो प्रदेश के लिए संगठनात्मक दृष्टि से बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

    मध्य प्रदेश से दिल्ली जाने वाले नेताओं में 5 मंत्री, 5 केंद्रीय मंत्रिमंडल के सदस्य, 4 सांसद—जिनमें दो राज्यसभा सांसद शामिल हैं—और 5 अन्य वरिष्ठ पार्टी नेता शामिल हैं। यह दल न केवल नामांकन प्रक्रिया में शामिल होगा, बल्कि आगामी दो दिनों तक दिल्ली में रहकर पार्टी के केंद्रीय कार्यक्रमों में भी भाग लेगा। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ इन नेताओं की मौजूदगी को आगामी राजनीतिक रणनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल भी नामांकन प्रक्रिया में शामिल होंगे। इसके अलावा वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मंत्री प्रहलाद पटेल और मंत्री राकेश सिंह भी दिल्ली पहुंचे हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल के सदस्यों में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, वीरेंद्र कुमार खटीक, दुर्गादास उईके और सावित्री ठाकुर शामिल हैं। इन सभी नेताओं की मौजूदगी से यह संकेत मिल रहा है कि पार्टी नेतृत्व इस चुनाव को पूरी तरह सर्वसम्मति और संगठनात्मक एकजुटता के साथ संपन्न करना चाहता है।

    सांसदों की बात करें तो फग्गन सिंह कुलस्ते, विष्णुदत्त शर्मा, सुमित्रा बाल्मीकि, कविता पाटीदार के साथ-साथ वरिष्ठ नेता जयभान सिंह पवैया, लाल सिंह आर्य, डॉ. नरोत्तम मिश्रा, गोपाल भार्गव और ओमप्रकाश धुर्वे भी दिल्ली में मौजूद हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी पहले से ही दिल्ली में रहकर पार्टी गतिविधियों में भाग ले रहे हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि यदि नामांकन प्रक्रिया में एक ही उम्मीदवार का नाम सामने आता है, तो औपचारिक चुनाव की जरूरत नहीं पड़ेगी और नितिन नवीन को सर्वसम्मति से राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया जा सकता है। यह चुनाव न सिर्फ संगठनात्मक मजबूती का संदेश देगा, बल्कि आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों की रणनीति तय करने में भी अहम भूमिका निभाएगा।

  • संक्रांति के बाद BJP संगठन में बड़े बदलाव के आसार… राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकते हैं नितिन नबीन

    संक्रांति के बाद BJP संगठन में बड़े बदलाव के आसार… राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकते हैं नितिन नबीन


    नई दिल्ली।
    भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party- BJP) में परिवर्तन की प्रक्रिया जोरों पर है। दिसंबर 2025 में बिहार के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नितिन नबीन (Nitin Nabin) (45 वर्ष) को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष (National Executive Chairman) नियुक्त किया गया है। वे भाजपा के इतिहास में सबसे युवा नेता हैं जो इस शीर्ष संगठनात्मक पद तक पहुंचे हैं। नितिन नबीन बिहार की राजधानी पटना के बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से पांच बार के विधायक हैं और नीतीश कुमार सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। वे पार्टी के युवा मोर्चा में लंबे समय तक सक्रिय रहे तथा छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा जनवरी 2020 से इस पद पर हैं। अब जनवरी 2026 के मध्य तक नितिन नबीन को औपचारिक रूप से भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने की संभावना है।

    पार्टी सूत्रों के अनुसार, नितिन नबीन के चुनाव को भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में अनुमोदित किया जाएगा, जो इस महीने के अंत तक होने की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार, भाजपा अध्यक्ष का पदभार संभालने के बाद नितिन नबीन द्वारा अपनी नई टीम बनाने के लिए संगठनात्मक फेरबदल किए जाने की उम्मीद है, जो एक ‘समावेशी’ प्रक्रिया होगी। भाजपा के एक अंदरूनी सूत्र ने कहा कि नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की टीम भाजपा और संघ परिवार के बीच तालमेल और समन्वय को दर्शाएगी।


    मोदी मंत्रिमंडल में फेरबदल होने की उम्मीद

    एक रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा के संगठनात्मक स्तरों में व्यापक फेरबदल से जुड़ी इस प्रक्रिया के कारण केंद्रीय मंत्रिमंडल में भी फेरबदल हो सकता है। पार्टी के एक अंदरूनी सूत्र ने यह भी बताया कि जून 2024 में इसके गठन के बाद से इसमें कोई फेरबदल नहीं हुआ है। भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के कामकाज की समीक्षा कर रही है। जल्द ही मंत्रिमंडल में फेरबदल होने की उम्मीद है, जिसमें युवा नेतृत्व के साथ-साथ जाट समुदाय के चेहरों को भी शामिल किए जाने की संभावना है। सरकार और संगठन दोनों में जाट समुदाय का घटता प्रतिनिधित्व भी हमारे उच्च कमान के विचार-विमर्श के बिंदुओं में से एक है।


    सरकार और संगठन में आएंगे संघ परिवार से जुड़े लोग

    पार्टी सूत्रों ने कहा कि नबीन ने भाजपा और उसके वैचारिक मार्गदर्शक आरएसएस के बीच संबंधों और समन्वय को बेहतर बनाने के लिए पहले ही कदम उठाए हैं, इससे यह भी अपेक्षा की जाती है कि वे केंद्र सरकार और पार्टी के नेतृत्व वाली राज्य सरकारों के बीच ‘सक्रिय समन्वय’ सुनिश्चित करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा और आरएसएस पार्टी के नेतृत्व वाली राज्य सरकारों के कामकाज की समीक्षा करने जा रहे हैं और संगठन तथा सरकारी या अर्ध-सरकारी निकायों, जिनमें विभिन्न आयोग भी शामिल हैं, में कई नई नियुक्तियों पर चर्चा करेंगे। एक पार्टी नेता ने कहा कि इससे राज्य के कई वरिष्ठ भाजपा नेताओं के लिए केंद्रीय स्तर पर संगठनात्मक या सरकारी भूमिकाएं निभाने का रास्ता खुल जाएगा, खासकर उन लोगों के लिए जो लंबे समय से संघ परिवार से जुड़े हुए हैं।

    भाजपा नेता ने कहा कि ऐसे कई नेताओं को समायोजित किए जाने की संभावना है, जिनमें वे नेता भी शामिल हैं जो अपने पूरे सार्वजनिक जीवन में पार्टी के साथ रहे हैं। ये नेता बिहार जैसे राज्यों के साथ-साथ उन राज्यों से भी होंगे जहां आने वाले महीनों में चुनाव होने हैं, जिनमें पश्चिम बंगाल, असम, केरल और तमिलनाडु शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, भाजपा और आरएसएस की हालिया समन्वय बैठकों के दौरान, आरएसएस ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे नेताओं की पहचान की जानी चाहिए जो तीन-चार दशकों से संघ परिवार से जुड़े हुए हैं लेकिन संगठन, सरकार या किसी अन्य सार्वजनिक संस्था में उन्हें स्थान नहीं मिला है। नितिन नबीन उन वरिष्ठ भाजपा नेताओं के समूह में शामिल हैं जो इस प्रक्रिया का समन्वय कर रहे हैं।


    मकर संक्रांति के बाद फेरबदल की संभावना

    भाजपा सूत्रों ने बताया कि हमारा ध्यान उन लोगों को महत्वपूर्ण भूमिकाएं देने पर है जिन्होंने अपना पूरा जीवन भाजपा और संघ के लिए समर्पित कर दिया है। यह प्रक्रिया जारी है, लेकिन घोषणाओं के लिए सीमित अवसर ही उपलब्ध होंगे। सूत्रों ने बताया कि अधिकांश महत्वपूर्ण नियुक्तियां मकर संक्रांति के बाद से लेकर बजट सत्र के प्रारंभ होने तक होने की उम्मीद है, जो फरवरी की शुरुआत से शुरू होगा। इस प्रक्रिया के लिए एक और समयसीमा आगामी राज्य चुनावों की घोषणा से पहले होने की संभावना है।

  • 5 राज्यों के चुनावों की तैयारी.. इसी माह BJP अध्यक्ष पद संभाल सकतें हैं नितिन नबीन

    5 राज्यों के चुनावों की तैयारी.. इसी माह BJP अध्यक्ष पद संभाल सकतें हैं नितिन नबीन


    नई दिल्ली।
    भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) के कार्यकारी अध्यक्ष (Working President) नितिन नवीन (Nitin Naveen) जनवरी के मध्य में अध्यक्ष पद संभाल सकते हैं। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। फिलहाल, यह जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा (Jagat Prakash Nadda) संभाल रहे हैं। वह साल 2020 से अध्यक्ष पद पर हैं। खास बात है कि नवीन को भाजपा की कप्तानी ऐसे समय पर मिल रही है, जब पार्टी पश्चिम बंगाल (West Bengal) समेत कई राज्यों में विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रही है।

    एक रिपोर्ट में भाजपा सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि राष्ट्रीय स्तर पर बदलाव की जरूरत पूरी हो गई हैं। ऐसे में नवीन का मध्य जनवरी तक पार्टी के शीर्ष पद पर नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। वह इस पद पर 2029 लोकसभा चुनाव तक रहेंगे। भाजपा के एक नेता ने कहा, ‘हमने 18 लाख पोलिंग बूथों में से 17 लाख से ज्यादा पर देश की 1050 जिलों में से 950 से ज्यादा में 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से 30 में पार्टी के संविधान के अनुसार संगठन चुनाव करा लिए हैं। आगे की प्रक्रिया भी पूरी तरह की जाएगी।’

    उन्होंने कहा, ‘चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में करीब 3 से 4 दिन लगने की संभावनाएं हैं। इसके बाद राष्ट्रीय परिषद की तरफ से इसे मंजूरी दी जाएगी।’ पार्टी के अन्य सूत्र ने अखबार को बताया, ‘चूंकि इस प्रक्रिया की घोषणा मकर संक्रांति के आसपास हो सकती है, तो ऐसे में 20 जनवरी तक नए अध्यक्ष के ऐलान के आसार हैं।’

    चुनाव कर रहे हैं इंतजार
    वर्ष 2025 के अंत में बिहार के विधायक नितिन नवीन को भाजपा का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया जाना पार्टी में पीढ़ीगत बदलाव का संकेत माना जा रहा है। उनके ऊपर साल 2026 में पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी विधानसभा चुनाव की जिम्मेदारी होगी। माना जा रहा है कि बंगाल चुनाव सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।