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  • कानपुर सेंट्रल पर 24 घंटे ‘नो ट्रेन डे’, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे हादसे में 6 की मौत; यूपी में बड़े घटनाक्रमों से हलचल

    कानपुर सेंट्रल पर 24 घंटे ‘नो ट्रेन डे’, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे हादसे में 6 की मौत; यूपी में बड़े घटनाक्रमों से हलचल



    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में 21 जून को रेलवे और सड़क दोनों से जुड़ी बड़ी घटनाएं सामने आई हैं। कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर 21 जून का दिन पूरी तरह ‘नो ट्रेन डे’ रहेगा, यानी 24 घंटे तक स्टेशन से कोई भी ट्रेन नहीं गुजरेगी। रेलवे की इंटरलॉकिंग व्यवस्था के चलते राजधानी एक्सप्रेस, संपूर्ण क्रांति, पुरुषोत्तम और दुरंतो जैसी प्रमुख ट्रेनों का रूट बदला गया है। ये सभी ट्रेनें अब चंदारी मार्ग से होकर गोविंदपुरी स्टेशन पर रुकेंगी। इससे पहले कोविड काल में ऐसा दृश्य देखने को मिला था, जब लंबे समय तक स्टेशन से ट्रेन संचालन बंद रहा था।

    इसी बीच उन्नाव जिले में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जहां बस पलटने से 6 लोगों की मौत हो गई और कई यात्री घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। प्रशासन मामले की जांच में जुटा है।

    वहीं प्रदेश में बिजली संकट और लापरवाही के मामलों पर सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए जेई, एसडीओ और एक्सईएन स्तर के अधिकारियों पर गाज गिराई है। उपभोक्ताओं की शिकायतों और बढ़ते आक्रोश को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

    राजनीतिक मोर्चे पर भी हलचल देखने को मिली। लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग को लेकर तंज कसा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग महंगी गाड़ियों से आकर छोटी चीजें भी उठा लेते हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। वहीं बकरीद और नमाज व्यवस्था को लेकर भाजपा सांसद राजकुमार चाहर के बयान ने भी राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। उन्होंने कहा कि बदलते समय में व्यवस्था और परंपराओं पर चर्चा जरूरी है, साथ ही बढ़ती महंगाई और तेल की कीमतों पर भी सरकार का रुख सामने रखा।

    कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश में एक तरफ जहां बुनियादी ढांचे से जुड़ी बड़ी व्यवस्थाएं बदली जा रही हैं, वहीं हादसे और राजनीतिक बयानबाजी भी लगातार सुर्खियों में बनी हुई है।