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  • ₹11200 करोड़ का जेवर एयरपोर्ट और भारी बारिश का दावा! वायरल तस्वीर के बाद सुरक्षा और जलनिकासी पर चर्चा

    ₹11200 करोड़ का जेवर एयरपोर्ट और भारी बारिश का दावा! वायरल तस्वीर के बाद सुरक्षा और जलनिकासी पर चर्चा


    नई दिल्ली । नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को लेकर सोशल मीडिया पर सामने आई एक तस्वीर ने बारिश के दौरान एयरपोर्ट परिसर की तैयारियों और जलनिकासी व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज कर दी है। तस्वीर में एयरपोर्ट के आसपास बड़े स्तर पर पानी भरा हुआ दिखाई दे रहा है और पार्किंग तथा सड़क जैसे हिस्से भी जलमग्न नजर आ रहे हैं। तस्वीर के साथ दावा किया जा रहा है कि भारी बारिश के बाद जेवर एयरपोर्ट का बड़ा हिस्सा पानी में डूब गया। हालांकि तस्वीर और उसके साथ किए जा रहे दावे की स्वतंत्र पुष्टि के बिना इसे वास्तविक स्थिति का प्रमाण नहीं माना जा सकता।

    तस्वीर में एयरपोर्ट जैसी इमारत और उसके सामने बड़ी मात्रा में जमा पानी दिखाई देता है। कई वाहन पानी के बीच खड़े नजर आ रहे हैं जबकि आसपास के रास्ते भी जलभराव की चपेट में दिखाई दे रहे हैं। इसी आधार पर सोशल मीडिया पर तरह तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे भारी बारिश के दौरान जलनिकासी व्यवस्था की परीक्षा के तौर पर देख रहे हैं तो कुछ लोग तस्वीर की वास्तविकता पर सवाल उठा रहे हैं।

    जेवर में विकसित हो रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स में शामिल है। इसे दिल्ली एनसीआर के लिए एक महत्वपूर्ण एयर कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट के तौर पर देखा जा रहा है। एयरपोर्ट के निर्माण से क्षेत्र में कारोबार पर्यटन रोजगार और रियल एस्टेट गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जाती रही है। ऐसे में बारिश के दौरान जलभराव से जुड़ी कोई भी तस्वीर स्वाभाविक रूप से लोगों का ध्यान खींचती है।

    किसी भी बड़े एयरपोर्ट के लिए बारिश के पानी की निकासी बेहद महत्वपूर्ण होती है। रनवे टैक्सीवे पार्किंग एप्रन और यात्रियों के आवागमन वाले हिस्सों में जलभराव रोकना एयरपोर्ट संचालन की अहम जरूरत होती है। खासतौर पर मानसून के दौरान कम समय में होने वाली तेज बारिश के पानी को तेजी से बाहर निकालने के लिए प्रभावी ड्रेनेज सिस्टम जरूरी होता है। अगर किसी एयरपोर्ट परिसर में लंबे समय तक पानी जमा रहता है तो इससे यातायात और संचालन के साथ बुनियादी ढांचे पर भी असर पड़ सकता है।

    हालांकि वायरल तस्वीर को देखकर सीधे यह निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा कि पूरा एयरपोर्ट जलमग्न हो गया या परियोजना की पूरी व्यवस्था विफल हो गई है। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली तस्वीरों के साथ कई बार गलत संदर्भ भी जोड़ दिए जाते हैं। तस्वीर पुरानी हो सकती है किसी दूसरे स्थान की हो सकती है या डिजिटल रूप से बदली गई हो सकती है। इसलिए आधिकारिक पुष्टि के बिना बड़े दावे को तथ्य मानने से बचना जरूरी है।

    इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि एयरपोर्ट प्रबंधन या संबंधित प्रशासन की ओर से बारिश और जलभराव को लेकर क्या आधिकारिक जानकारी सामने आती है। अगर वास्तव में परिसर के किसी हिस्से में पानी जमा हुआ है तो इसकी वजह और जलनिकासी व्यवस्था की स्थिति की जानकारी भी सामने आनी चाहिए।

    फिलहाल वायरल तस्वीर ने जेवर एयरपोर्ट की बारिश से निपटने की तैयारियों को लेकर बहस जरूर छेड़ दी है। लेकिन तस्वीर के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय आधिकारिक जानकारी और विश्वसनीय रिपोर्ट का इंतजार करना ज्यादा उचित होगा।

  • जेवर एयरपोर्ट पर तेज बारिश के बाद जलभराव, पार्किंग में भरा पानी देख उठे सवाल; 30 मिनट में संभाली गई स्थिति

    जेवर एयरपोर्ट पर तेज बारिश के बाद जलभराव, पार्किंग में भरा पानी देख उठे सवाल; 30 मिनट में संभाली गई स्थिति


    नई दिल्ली। ग्रेटर नोएडा के जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर तेज बारिश के बाद कुछ समय के लिए जलभराव की स्थिति बन गई। एयरपोर्ट के पार्किंग कंपाउंड के पास बड़ी मात्रा में पानी जमा हो गया और टर्मिनल से पार्किंग एरिया की ओर जाने वाले रास्ते पर भी पानी भर गया। जलभराव का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में पार्किंग क्षेत्र के पास पानी जमा दिखाई दे रहा है, जबकि एयरपोर्ट से जुड़े कर्मचारी जल निकासी की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। इस घटना के बाद एयरपोर्ट परिसर में बारिश के पानी की निकासी व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

    बताया जा रहा है कि दिन के समय अचानक हुई तेज बारिश के बाद टर्मिनल और पार्किंग को जोड़ने वाले मार्ग पर पानी जमा हो गया। कुछ समय के लिए यात्रियों और एयरपोर्ट परिसर में मौजूद लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि एयरपोर्ट प्रबंधन को जलभराव की जानकारी मिलते ही टीमों को सक्रिय किया गया और पानी निकालने का काम शुरू कर दिया गया।

    नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रबंधन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि तेज बारिश के कारण टर्मिनल से पार्किंग एरिया को जोड़ने वाले रास्ते पर कुछ समय के लिए पानी जमा हुआ था। एयरपोर्ट की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए करीब 30 मिनट के भीतर जलभराव को पूरी तरह खत्म कर दिया। प्रबंधन के मुताबिक इस दौरान उड़ानों के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा और एयरपोर्ट की अन्य व्यवस्थाएं भी सामान्य रूप से चलती रहीं।

    एयरपोर्ट प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की आवाजाही को बनाए रखने के लिए जरूरी कदम तुरंत उठाए गए। जलभराव वाले हिस्से में स्थिति सामान्य होने के बाद आवागमन भी सुचारु हो गया। साथ ही मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि बारिश के दौरान किसी तरह की परेशानी होने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

    हालांकि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने एयरपोर्ट की जल निकासी व्यवस्था को लेकर चर्चा जरूर छेड़ दी है। यात्रियों और सोशल मीडिया यूजर्स की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं कि आधुनिक सुविधाओं से लैस एयरपोर्ट परिसर में तेज बारिश के बाद पानी जमा होने की स्थिति क्यों बनी। खास तौर पर टर्मिनल और पार्किंग के बीच के मार्ग में पानी भरने को लेकर लोग व्यवस्था की क्षमता पर सवाल कर रहे हैं।

    नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पहला चरण 28 मार्च 2026 को उद्घाटित हुआ था और 15 जून से यहां कमर्शियल उड़ान संचालन शुरू हुआ। ऐसे में शुरुआती बारिश के दौरान सामने आई जलभराव की तस्वीरों ने एयरपोर्ट की आधारभूत सुविधाओं और ड्रेनेज सिस्टम को लेकर नई बहस शुरू कर दी है। हालांकि एयरपोर्ट प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि जलभराव अस्थायी था और महज 30 मिनट में पानी निकाल दिया गया था।

    फिलहाल एयरपोर्ट प्रशासन की प्राथमिकता बारिश के दौरान यात्रियों की आवाजाही को सुचारु बनाए रखना और जलभराव की स्थिति दोबारा बनने पर तत्काल कार्रवाई करना है। वायरल वीडियो के बाद उठे सवालों के बीच आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि भारी बारिश के दौरान एयरपोर्ट परिसर की जल निकासी व्यवस्था किस तरह काम करती है।

  • जेवर एयरपोर्ट की पहली भारी बारिश में जलभराव से मचा हड़कंप, AAP ने उठाए निर्माण और भ्रष्टाचार पर सवाल

    जेवर एयरपोर्ट की पहली भारी बारिश में जलभराव से मचा हड़कंप, AAP ने उठाए निर्माण और भ्रष्टाचार पर सवाल


    उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश के जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मंगलवार को हुई तेज बारिश के बाद टर्मिनल और पार्किंग क्षेत्र को जोड़ने वाले मार्ग पर जलभराव की स्थिति बन गई। अचानक बड़ी मात्रा में पानी जमा होने के बाद एयरपोर्ट का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया और इसे लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई। हालांकि एयरपोर्ट प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई करते हुए करीब 30 मिनट के भीतर जलभराव को दूर कर दिया और यात्री तथा वाहनों की आवाजाही को सामान्य बनाए रखा। एयरपोर्ट अथॉरिटी के मुताबिक जलभराव के दौरान वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से निकाला गया था, जिससे उड़ानों के संचालन पर किसी तरह का असर नहीं पड़ा।

    नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की ओर से बताया गया कि मंगलवार को अचानक हुई भारी बारिश के कारण टर्मिनल और पार्किंग के बीच के रास्ते पर पानी जमा हो गया था। स्थिति की जानकारी मिलते ही एयरपोर्ट की टीमों ने मौके पर पहुंचकर पानी निकालने का काम शुरू किया। आधे घंटे से भी कम समय में जलभराव को साफ कर दिया गया। प्रशासन के अनुसार इस दौरान यात्रियों के पिकअप और ड्रॉप की व्यवस्था भी जारी रही तथा किसी उड़ान को प्रभावित नहीं होना पड़ा। पानी निकलने के बाद टर्मिनल और पार्किंग के बीच वाहनों और यात्रियों की आवाजाही पहले की तरह सामान्य हो गई।

    एयरपोर्ट प्रशासन ने यह भी कहा कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। बारिश के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो इसके लिए संबंधित टीमें अलर्ट पर हैं। एयरपोर्ट की ओर से दावा किया गया कि जलभराव के बावजूद परिचालन व्यवस्था सुचारु रही और यात्रियों को किसी बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।

    हालांकि जलभराव का वीडियो सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर सरकार और एयरपोर्ट के निर्माण पर सवाल खड़े कर दिए। AAP ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि करीब 11,200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए गए एयरपोर्ट की पहली ही भारी बारिश में जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। पार्टी ने इसे कथित तौर पर घटिया निर्माण और भ्रष्टाचार से जोड़ते हुए सरकार से जवाब मांगा है। हालांकि AAP के इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।

    जेवर एयरपोर्ट को उत्तर प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स में गिना जाता है। करीब 11,200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए गए एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन 28 मार्च 2026 को हुआ था। इसके बाद 15 जून से इंडिगो की उड़ानों के साथ यहां व्यावसायिक परिचालन शुरू हुआ। एयरपोर्ट से जुड़ी सुविधाओं और कनेक्टिविटी को लेकर इसे दिल्ली एनसीआर के लिए महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है।

    ऐसे में एयरपोर्ट परिसर में भारी बारिश के बाद जलभराव की घटना ने निर्माण गुणवत्ता और जलनिकासी व्यवस्था को लेकर बहस जरूर छेड़ दी है। फिलहाल प्रशासन की ओर से पानी समय रहते निकाल दिया गया और उड़ानों का संचालन प्रभावित नहीं हुआ। आने वाले दिनों में बारिश के दौरान जलनिकासी व्यवस्था किस तरह काम करती है और क्या ऐसी स्थिति दोबारा सामने आती है, इस पर सभी की नजर रहेगी।

  • नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ानों का विस्तार, इंडिगो ने 8 नए शहर जोड़े, अकासा एयर ने मुंबई के लिए शुरू की सेवा

    नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ानों का विस्तार, इंडिगो ने 8 नए शहर जोड़े, अकासा एयर ने मुंबई के लिए शुरू की सेवा


    नई दिल्ली। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से हवाई कनेक्टिविटी लगातार मजबूत हो रही है। देश की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) ने एयरपोर्ट से आठ नए शहरों के लिए उड़ानें शुरू कर अपने नेटवर्क का बड़ा विस्तार किया है। वहीं, अकासा एयर (Akasa Air) ने भी 2 जुलाई से मुंबई के लिए अपनी नियमित फ्लाइट सेवा शुरू कर दी है। इससे नोएडा एयरपोर्ट से यात्रियों के लिए हवाई सफर के विकल्प और बढ़ गए हैं।

    इंडिगो ने 8 नए शहरों को जोड़ा
    15 जून 2026 को शुरू हुए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से इंडिगो ने शुरुआत में बेंगलुरु, हैदराबाद, लखनऊ, जम्मू और अमृतसर के लिए उड़ानें संचालित की थीं।

    अब 1 जुलाई से एयरलाइन ने जयपुर, जोधपुर, चंडीगढ़, देहरादून, धर्मशाला, भोपाल, बरेली और पंतनगर के लिए भी फ्लाइट सेवा शुरू कर दी है। इसके अलावा 2 जुलाई से किशनगढ़ को भी नेटवर्क में शामिल किया जा रहा है। इसके साथ ही नोएडा एयरपोर्ट से इंडिगो के गंतव्यों (डेस्टिनेशन) की संख्या बढ़कर 15 हो जाएगी।

    मुंबई के लिए अकासा एयर की नई उड़ान
    अकासा एयर ने 2 जुलाई से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ने वाली नई उड़ान सेवा शुरू कर दी है।

    एयरलाइन के बुकिंग पोर्टल के अनुसार, मुंबई रूट पर प्रतिदिन दो नई उड़ानें संचालित की जाएंगी। इससे पहले अकासा एयर देश की पहली एयरलाइन बनी थी, जिसने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसे दो नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को आपस में जोड़ने की शुरुआत की थी।

    जुलाई में रोजाना 40 से अधिक उड़ानों का लक्ष्य
    इंडिगो और अकासा एयर ने 16 जून से नोएडा एयरपोर्ट पर अपना परिचालन शुरू किया था। उस समय दोनों एयरलाइंस मिलकर प्रतिदिन 12 उड़ानें संचालित कर रही थीं, जिनमें आठ इंडिगो और चार अकासा एयर की थीं।

    इंडिगो द्वारा शुरू किए गए नए रूटों में बरेली, जोधपुर और किशनगढ़ के लिए उड़ानें एक दिन छोड़कर संचालित होंगी, जबकि अन्य सभी शहरों के लिए दैनिक उड़ानें उपलब्ध रहेंगी।

    इसके अलावा इंडिगो 13 जुलाई से चंडीगढ़ रूट पर दो अतिरिक्त दैनिक उड़ानें भी शुरू करने जा रही है। इन नई सेवाओं के साथ जुलाई के दौरान नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से प्रतिदिन 40 से 42 उड़ानें संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है।

  • नोएडा एयरपोर्ट बनेगा गेमचेंजर! बेहतर कनेक्टिविटी से कारोबार और रोजगार को रफ्तार

    नोएडा एयरपोर्ट बनेगा गेमचेंजर! बेहतर कनेक्टिविटी से कारोबार और रोजगार को रफ्तार


    नई दिल्ली करीब 11,200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पहला चरण अब देश को समर्पित हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका उद्घाटन करते हुए इसे भारत के विकास क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक कदम बताया। यमुना एक्सप्रेसवे के पास स्थित यह हवाई अड्डा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) का दूसरा प्रमुख सिविल हवाई अड्डा बन गया है, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इससे दिल्ली और आसपास के क्षेत्र में हवाई यात्रा का दबाव कम होगा और यात्रा पहले से अधिक सशक्त बनेगी।

    प्रोजेक्ट में क्रांतिकारी परिवर्तन, मल्टी-मॉडल हब के रूप में विकास

    नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को एक मल्टी-मॉडल बिजनेस हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां सड़क, रेल और मेट्रो सुविधाओं का बेहतरीन संगम होगा। यह हवाई अड्डा न सिर्फ दिल्ली-मैदान, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों के लिए भी बड़ा पर्यटक केंद्र बनेगा। यहां के माध्यम से एक्सप्रेसवे और प्रस्तावित रेल लिंक बेहद आसान होगा, जिससे यात्रियों के साथ-साथ सहयोगियों को भी लाभ मिलेगा।

    आधुनिक तकनीक से लैस ‘ऑल वेडर’ एयरपोर्ट

    इस हवाई अड्डे को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) से ‘ऑल वेडर ऑपरेशन’ की शुरुआत मिली है। इसका मतलब यह है कि यहां राक्षसी नेविगेशन सिस्टम, रनवे लाइटिंग और एयर रिमोट कंट्रोल सिस्टम मौजूद हैं, जिससे खराब मौसम या कम दृश्यता में भी उड़ान ऑपरेशन ऑपरेशन रूप से जारी रहता है। 3,900 मीटर वजनी रनवे बड़े वीडियो-बॉडी चित्रों को संलग्न करने में सक्षम है और दोनों सिरों पर आईएलएस सिस्टम स्थापित किया गया है, जो अधिक सुरक्षित और आसान सुविधा प्रदान करता है।

    क्षमता और बुनियादी ढांचे: भविष्य की इंजीनियरों के स्कूल की तैयारी

    पहले चरण में इस एयरपोर्ट की यात्री क्षमता 1.2 करोड़ रखी गई है, जिसे भविष्य में 7 करोड़ तक बढ़ाया जा सकता है। इसके साथ ही यहां कार्गो हैंडलिंग की क्षमता भी काफी बड़ी है, जो हर साल 2.5 लाख टन से अधिक कार्गो हैंडलिंग कर सकती है। खास बात यह है कि यह देश का पहला एयरपोर्ट होगा, जहां इन-हाउस बात एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल) की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे एयरलाइंस की लागत और समय दोनों की बचत होगी।

    उद्योग और रोजगार को मिलेगा बड़ा सहारा

    नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा सिर्फ एक हवाई अड्डा नहीं है, बल्कि आर्थिक विकास का नया इंजन साबित हो रहा है। इसके माध्यम से निवेश, व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नये अवसर पैदा होंगे। उत्तर प्रदेश में पहले ही एक्सप्रेसवे, मेट्रो और रैपिड रेल जैसी कंपनियां प्रमुखता से काम कर रही हैं, और अब इस एयरपोर्ट के साथ देश में सबसे ज्यादा एयरपोर्ट वाले राज्य शामिल हो गए हैं।

    निष्कर्ष: भारत के एविएशन सेक्टर की नई उड़ान

    अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे की शुरुआत न सिर्फ एनसीआर की ओर से मजबूत होगी, बल्कि यह भारत को वैश्विक एविएशन हब की दिशा में बनाना भी एक बड़ा कदम है। आने वाले वर्षों में यह एयरपोर्ट देश की आर्थिक प्रगति में अहम भूमिका निभाएगा।

  • प्रधानमंत्री मोदी ने जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का किया उद्घाटन, स्थानीय लोगों में जबरदस्त उत्साह

    प्रधानमंत्री मोदी ने जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का किया उद्घाटन, स्थानीय लोगों में जबरदस्त उत्साह


    नई दिल्ली:जेवर एयरपोर्ट से उत्तर प्रदेश की किस्मत बदलने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को गौतम बुद्ध नगर जिले के जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन किया। इस अवसर पर आयोजित जनसभा में स्थानीय लोग और भाजपा कार्यकर्ता उत्साह के साथ मौजूद थे। उद्घाटन के मौके पर लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दिया और एयरपोर्ट के निर्माण को प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण कदम बताया।

    बुलंदशहर से आए एक भाजपा कार्यकर्ता ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट का निर्माण आसपास के जिलों में विकास के नए अवसर लेकर आया है। होटल सेक्टर, व्यापारिक निवेश और रोजगार के अवसर बढ़े हैं। युवाओं और स्थानीय लोगों में उत्साह साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। बड़ी संख्या में जनता ने कार्यक्रम में हिस्सा लेकर प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देने का संकल्प जताया।

    एक अन्य भाजपा समर्थक ने कहा कि पहले तो हम इस क्षेत्र में ऐसे एयरपोर्ट की कल्पना भी नहीं कर सकते थे। लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल और मार्गदर्शन में जेवर में एयरपोर्ट का निर्माण संभव हुआ। यह क्षेत्रीय विकास के लिए एक अनमोल सौगात है। उन्होंने बताया कि यह न केवल स्थानीय लोगों, बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों के लिए रोजगार और निवेश के अवसर बढ़ाएगा।

    स्थानीय नागरिकों ने भी जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन को ऐतिहासिक दिन बताया। उनका मानना है कि एयरपोर्ट के निर्माण से यहां के लोग नए अवसरों का लाभ उठाएंगे। उनकी कमाई में वृद्धि होगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। एयरपोर्ट के आने से न केवल व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी, बल्कि पर्यटन और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में भी नई संभावनाएं खुलेंगी।

    एक युवा कार्यकर्ता ने कहा कि जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट इस क्षेत्र के लोगों के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह न केवल एक तोहफा है, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल नोएडा और गौतम बुद्ध नगर को बल्कि आस-पास के जिलों को भी रोजगार, निवेश और बेहतर जीवन स्तर के अवसर देगी।

    विशेषज्ञों का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट की शुरूआत से उत्तर प्रदेश का लॉजिस्टिक नेटवर्क मजबूत होगा। यह एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय व्यापार और हवाई यात्रा के क्षेत्र में प्रदेश को नई पहचान देगा। स्थानीय लोगों के लिए रोजगार, व्यवसाय और निवेश के अवसर बढ़ेंगे, वहीं प्रदेश की आर्थिक प्रगति को भी नया मुकाम मिलेगा।

    इस उद्घाटन के मौके पर जनता और कार्यकर्ताओं ने उत्साह और उम्मीद के साथ यह संदेश दिया कि जेवर एयरपोर्ट प्रदेश में विकास, अवसर और ऐतिहासिक बदलाव का प्रतीक है।

  • बुलेट ट्रेन से जुड़ेगा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, 20 मिनट में पहुंचेंगे दिल्ली

    बुलेट ट्रेन से जुड़ेगा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, 20 मिनट में पहुंचेंगे दिल्ली


    नोएडा।
    नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बुलेट ट्रेन परियोजना से भी जोड़ने की प्रक्रिया तेज हो गई है। मंगलवार को नेशनल हाई-स्पीड रेल कारपोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) के अधिकारी यमुना विकास प्राधिकरण के मुख्यालय पहुंचे। इस दौरान एयरपोर्ट के पास स्टेशन बनाने के लिए जमीन की उपलब्धता, यात्री क्षमता और डिजाइन पर चर्चा हुई। अधिकारियों के मुताबिक, बुलेट ट्रेन के लिए एयरपोर्ट के पास भूमिगत स्टेशन बनाए जाने को उपयुक्त पाया गया है।

    अधिकारियों ने बताया कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को दिल्ली से वाराणसी तक प्रस्तावित हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन से लिंक किया जाना है। इसकी डीपीआर बनाने की प्रक्रिया चल रही है। इसके एलाइनमेंट को तय करने के लिए मंगलवार को एनएचएसआरसीएल की टीम यमुना प्राधिकरण पहुंची।

    एनएचएसआरसीएल के प्रिंसिपल चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर सुधीर कुमार गुप्ता ने इस दौरान यमुना विकास प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह और एसीईओ शैलेंद्र भाटिया से मुलाकात की। प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ उनकी तकनीकी टीम ने भी बुलेट ट्रेन के इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने के लिए अपनी जरूरत को साझा किया।

    एसीईओ शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि गौतमबुद्ध नगर में दो स्टेशन बनाए जाने की योजना है। इसमें एक नोएडा के सेक्टर-148 में होगा जोकि ग्रेटर नोएडा के भी नजदीक रहेगा। दूसरा स्टेशन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास जेवर में बनाया जाना प्रस्तावित है। इस स्टेशन को नोएडा एयरपोर्ट के ग्राउंड ट्रांसपोर्टेशन सेंटर (जीटीसी) में भूमिगत बनाने की योजना पर सहमति बनी है। एयरपोर्ट के जीटीसी पर पहले से ही मेट्रो व नमो भारत का भूमिगत स्टेशन प्रस्तावित है। रेलवे की ओर से इसी जगह से चोला और रुंधी तक रेलवे ट्रैक से नोएडा एयरपोर्ट को जोड़ा जाना है। इस पूरी योजना की जानकारी भी साझा कर दी गई है जिससे डिजाइन में सुविधा मिल सके। इसका फायदा यह होगा कि जब बुलेट ट्रेन का भूमिगत स्टेशन बनाया जाए, तो पहले से प्रस्तावित या निर्माणाधीन परियोजनाएं प्रभावित नहीं होंगीं।

    दिल्ली-वाराणसी रूट को पिछले महीने ही केंद्रीय बजट में मंजूरी मिली है। इसके बाद इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने में तेजी आई है। डीपीआर बनाने की प्रक्रिया भी शुरू हुई है जिससे रूट में शामिल स्टेशन तय कर जल्दी निर्माण शुरू हो सके।अधिकारियों का कहना है कि बुलेट ट्रेन परियोजना पूरी होने के बाद दिल्ली के सराय काले खां से नोएडा एयरपोर्ट का 70 किलोमीटर का सफर करीब 20 मिनट में पूरा हो जाएगा। अधिकांश भाग इसका एलिवेटेड रहेगा। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच इसे एक्सप्रेसवे के सेंट्रल वर्ज पर बनाया जाना प्रस्तावित है। इसके बाद यमुना एक्सप्रेसवे होते हुए एयरपोर्ट तक एलाइनमेंट बनाया जाएगा। इससे नोएडा एयरपोर्ट हाईस्पीड ट्रेन से सीधे जुड़ने वाला पहला अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बन जाएगा।