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  • बढ़ता स्वास्थ्य संकट: फैटी लिवर से कैसे बचें और क्या हैं शुरुआती संकेत?

    बढ़ता स्वास्थ्य संकट: फैटी लिवर से कैसे बचें और क्या हैं शुरुआती संकेत?


    नई दिल्ली। फैटी लिवर आज दुनिया भर में लिवर सिरोसिस की सबसे बड़ी वजह बनता जा रहा है। भारत भी इससे तेजी से प्रभावित हो रहा है। मेडिकल भाषा में इसे Metabolic Dysfunction Associated Steatotic Liver Disease कहा जाता है, जिसमें लिवर में जरूरत से ज्यादा फैट जमा होने लगता है। यह बीमारी धीरे-धीरे बढ़ती है और शुरुआती दौर में कोई स्पष्ट संकेत नहीं देती, जिससे इसे “साइलेंट किलर” कहा जा रहा है।

    भारत में क्यों बढ़ रहे हैं मामले
    इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के अनुसार, भारत में मोटापा, डायबिटीज और मेटाबॉलिक डिसऑर्डर्स तेजी से बढ़ रहे हैं। यही कारण है कि फैटी लिवर के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि गलत खानपान, फास्ट फूड, मीठे पेय पदार्थ और फिजिकल एक्टिविटी की कमी इस बीमारी को बढ़ावा दे रहे हैं।

    शुरुआती लक्षण जिन्हें हल्के में न लें
    डॉक्टरों के मुताबिक शुरुआती चरण में मरीज को यह एहसास नहीं होता कि वह गंभीर बीमारी से जूझ रहा है। कुछ सामान्य संकेत दिखाई दे सकते हैं, जिन्हें लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं, जैसे-
    लगातार थकान महसूस होना
    खाने के बाद भारीपन या पेट फूलना
    शरीर में ऊर्जा की कमी
    पेट के आसपास फैट बढ़ना
    ये लक्षण सामान्य लग सकते हैं, लेकिन यह लिवर में फैट जमा होने का संकेत हो सकते हैं।

    बीमारी बढ़ने पर हो सकते हैं गंभीर परिणाम
    अगर फैटी लिवर समय पर कंट्रोल न किया जाए तो यह गंभीर स्थिति में बदल सकता है। डॉक्टरों के अनुसार एडवांस स्टेज में-
    पीलिया
    पेट में पानी भरना
    पैरों में सूजन
    खून की उल्टी
    यहां तक कि लिवर फेलियर और कोमा
    जैसी स्थिति भी बन सकती है।

    किन कारणों से बढ़ रहा खतरा?
    विशेषज्ञों का कहना है कि यह सिर्फ लिवर की नहीं बल्कि पूरी मेटाबॉलिक हेल्थ की समस्या है। इसके पीछे मुख्य कारण हैं-
    ज्यादा शुगर और प्रोसेस्ड फूड
    देर रात खाना खाने की आदत
    लंबे समय तक बैठकर काम करना
    फिजिकल एक्टिविटी की कमी
    मीठे ड्रिंक्स और ट्रांस फैट का अधिक सेवन
    हैरानी की बात यह है कि सामान्य वजन वाले लोग भी इसका शिकार हो सकते हैं।

    बचाव और इलाज कैसे संभव है?
    अच्छी बात यह है कि शुरुआती स्टेज में इस बीमारी को कंट्रोल किया जा सकता है। डॉक्टरों के अनुसार जीवनशैली में सुधार सबसे अहम इलाज है-
    वजन नियंत्रित करना
    ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल पर नियंत्रण
    हेल्दी डाइट अपनाना
    शुगर और जंक फूड से दूरी
    नियमित एक्सरसाइज और एक्टिव लाइफस्टाइल

    फैटी लिवर एक ऐसी बीमारी है जो बिना चेतावनी के शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। लेकिन समय पर पहचान और सही जीवनशैली अपनाकर इसे काफी हद तक रोका और ठीक किया जा सकता है।