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  • उत्तर भारत में मौसम ने ली करवट.. पहाड़ों पर बर्फबारी और दिल्ली के आसपास बारिश… बढ़ी ठंड

    उत्तर भारत में मौसम ने ली करवट.. पहाड़ों पर बर्फबारी और दिल्ली के आसपास बारिश… बढ़ी ठंड


    नई दिल्ली।
    उत्तर भारत (North India) में मौसम (Weather) ने अचानक ऐसी करवट ली है कि ठंड का एहसास बढ़ने लगा है. 15 अक्टूबर को दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) समेत आसपास के इलाकों में बारिश (Rain) और ठंडी हवाओं ने तापमान को नीचे ला दिया. दोपहर की धूप का तीखापन कम हो गया है और हवा में ऐसी ठंडक घुल गई है कि अब दिन में भी पंखे की जरूरत महसूस नहीं हो रही. सुबह और रात के वक्त घर से बाहर निकलने पर हल्के गर्म कपड़ों की जरूरत महसूस होने लगी है।

    उत्तर भारत में मौसम बदलने का असर पहाड़ी इलाकों में भी दिखाई दिया है. हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश के साथ बर्फबारी (Snowfall) दर्ज की गई. लाहौल-स्पीति, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और किन्नौर के कई इलाकों में ताजा बर्फ गिरी. कोकसर और केलांग में करीब 2 से 5 सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गई. पहाड़ों से आ रही ठंडी हवाओं और बारिश ने मैदानी इलाकों के मौसम को भी प्रभावित किया है. मौसम का यह बदला मिजाज संकेत दे रहा है कि उत्तर भारत में ठंड ने दस्तक दे दी है।


    दिल्ली-NCR में आज कैसा रहेगा मौसम?

    आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में मौसम का बदला मिजाज महसूस किया जा सकता है. आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और सुबह से दोपहर तक हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है. इस दौरान गरज-चमक भी हो सकती है. हालांकि, दिनभर लगातार बारिश होने के आसार नहीं हैं. हवा की रफ्तार सुबह करीब 15 किलोमीटर प्रति घंटा और दोपहर में 18 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

    बारिश के बाद तापमान में आई गिरावट से सुबह और देर शाम हल्की ठंड महसूस हो सकती है. खासकर सुबह जल्दी दफ्तर जाने वाले लोगों और रात में बाहर निकलने वालों को मौसम में आई इस ठंडक का अहसास होगा. फिलहाल दिन में भारी सर्दी जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन गर्मी की विदाई के संकेत जरूर दिखने लगे हैं. बारिश के बाद राष्ट्रीय राजधानी में अधिकतम तापमान गिरकर 28.3 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जो इस महीने का अब तक का सबसे कम अधिकतम तापमान है. यह सामान्य से 4.9 डिग्री सेल्सियस कम रहा. मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली में अधिकतम तापमान 29 से 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है. अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे रहने की संभावना है।


    पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानों में बढ़ी ठंडक

    हिमाचल प्रदेश में 16 अक्टूबर को कई जगह बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम खराब रहने की संभावना है. 17 अक्टूबर को भी कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 16 अक्टूबर को बारिश के आसार हैं. उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों और राजधानी देहरादून में गुरुवार सुबह बादल छाए रहे और कुछ जगह बारिश हुई. रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ पैदल मार्ग पर पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण एक व्यक्ति घायल हो गया. अधिकारियों के मुताबिक, उसे प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई. उत्तराखंड में 18 अक्टूबर तक बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रह सकता है. मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, पौड़ी, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है।


    जम्मू-कश्मीर में कहां कितनी बारिश हुई?

    मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू क्षेत्र के उधमपुर में सबसे ज्यादा 59.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. इसके बाद पुंछ में 39.5 मिमी, सांबा में 34 मिमी, शोपियां में 34 मिमी, बारामूला में 29 मिमी और कटरा में 23.1 मिमी बारिश हुई. कश्मीर घाटी में भी व्यापक बारिश दर्ज की गई. श्रीनगर में 12 मिमी बारिश हुई. क्षेत्र के ज्यादातर हिस्सों में आसमान बादलों से ढका रहा. मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर में बारिश और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रहने का अनुमान जताया है. ऊंचाई वाले इलाकों में कुछ जगह हल्की बर्फबारी और ओलावृष्टि की भी आशंका है. वहीं, 16 अक्टूबर को जम्मू क्षेत्र में मौसम सामान्य तौर पर शुष्क रहने का अनुमान है, हालांकि कुछ जगह थोड़े समय के लिए हल्की बारिश हो सकती है।


    हिमाचल प्रदेश में 30 सेंटीमीटर बर्फबारी

    हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में शिंकू ला, बारालाचा ला, कुंजुम ला, कोकसर, जिस्पा, केलांग और गोंदला में ताजा बर्फबारी हुई. चंबा जिले की सुराल घाटी और सच पास के अलावा कांगड़ा जिले की धौलाधार माउंटेन रेंज में भी बर्फ गिरी. सुराल में 7 सेंटीमीटर बर्फ दर्ज की गई, जबकि सच पास पर 30 सेंटीमीटर तक बर्फबारी हुई. गोंदला में 5 सेंटीमीटर और केलांग में 3 सेंटीमीटर बर्फ गिरी. भारी बर्फबारी के कारण सच पास को वाहनों के लिए बंद कर दिया गया है. लाहौल-स्पीति में गोंदला के पास बर्फबारी के बाद फंसे करीब 100 वाहनों को पुलिस टीमों ने सुरक्षित बाहर निकाला. ताजा बर्फबारी से पर्यटन और इससे जुड़े कारोबार करने वाले लोगों में उत्साह है. उन्हें आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है. मौसम में बदलाव के कारण मनाली और धर्मशाला में तापमान भी काफी गिर गया है. बढ़ती ठंड को देखते हुए स्थानीय लोगों ने गर्म कपड़े निकालने के साथ अलाव जलाना शुरू कर दिया है. मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश में शनिवार तक कुछ स्थानों पर बारिश और बर्फबारी जारी रहने का अनुमान जताया है।


    यूपी-एमपी-राजस्थान में बारिश के आसार

    उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में 16 अक्टूबर को बारिश हो सकती है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी मौसम का असर बना रह सकता है. पूर्वी राजस्थान में कुछ जगह बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है. हवा के झोंके कभी-कभी 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं. पश्चिमी मध्य प्रदेश में 16 अक्टूबर और पूर्वी मध्य प्रदेश में 16 से 18 अक्टूबर के बीच बारिश हो सकती है. बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है. ऐसे में कई इलाकों में बादल छाए रहने और तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।


    दक्षिण भारत में भारी बारिश का है अलर्ट

    जहां उत्तर भारत में मौसम ठंडक की ओर बढ़ रहा है, वहीं दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश का दौर तेज हो सकता है. तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 16 से 18 अक्टूबर के बीच कुछ जगह भारी बारिश की संभावना है. केरल और माहे में भी बारिश बढ़ सकती है. दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 16 से 18 अक्टूबर तक बारिश के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है. कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं. तटीय कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में भी बारिश और तेज हवाओं का असर दिखाई दे सकता है. मौसम विभाग ने कई इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका जताई है।

    चेन्नई स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक वी. आर. दुरई ने बताया कि पिछले 24 घंटों में तमिलनाडु के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि कुछ जगह भारी बारिश दर्ज की गई. करूर जिले के थोगैमलाई में सबसे ज्यादा 11 सेंटीमीटर बारिश हुई. नागपट्टिनम और धर्मपुरी में 8-8 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई. राज्य के कई अन्य अंदरूनी इलाकों में भी मध्यम बारिश हुई. दुरई के मुताबिक, अगले दो दिनों के दौरान पश्चिमी घाट और उससे सटे अंदरूनी जिलों में गरज-चमक के साथ कुछ जगह भारी बारिश हो सकती है. इनमें नीलगिरी, कोयंबटूर, थेनी, इरोड, तिरुप्पुर, सलेम, नमक्कल, धर्मपुरी और तिरुवन्नामलाई शामिल हैं. चेन्नई और आसपास के इलाकों में भी मध्यम बारिश होने की संभावना है।


    मुंबई में बढ़ रही गर्मी, लू का येलो अलर्ट

    जहां उत्तर भारत के कई हिस्सों में तापमान गिरने से ठंडक बढ़ रही है, वहीं महाराष्ट्र में सर्दी का कोई खास संकेत नहीं दिख रहा है. मुंबई और राज्य के दूसरे हिस्सों में तापमान बढ़ रहा है. कई इलाकों में पारा करीब 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है, जो अक्टूबर के लिहाज से असामान्य है. मौसम विशेषज्ञों ने इसके पीछे दिन में समुद्री हवाओं के देर से चलने और गुजरात तथा दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश के ऊपर बने एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन को प्रमुख कारण बताया है. मौसम विभाग ने 16 अक्टूबर को मुंबई में लू चलने की आशंका के मद्देनजर येलो अलर्ट जारी किया है।

  • दिल्ली में बारिश से मौसम हुआ सुहाना, आज 23 राज्यों में अलर्ट…. उत्तर भारत में ठंड की दस्तक

    दिल्ली में बारिश से मौसम हुआ सुहाना, आज 23 राज्यों में अलर्ट…. उत्तर भारत में ठंड की दस्तक


    नई दिल्ली।
    गर्मी से परेशान लोगों को अब धीरे-धीरे राहत मिलने लगी है. कहीं बारिश (Rain) ने मौसम सुहाना (Pleasant Weather) कर दिया है, तो कहीं सुबह और रात की हवा में ठंडक महसूस होने लगी है. दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में रातभर हुई बारिश के बाद मंगलवार की सुबह गुलाबी ठंड के एहसास के साथ हुई. उत्तर प्रदेश से लेकर पंजाब, हरियाणा और राजस्थान तक मौसम का मिजाज बदला हुआ है. पहाड़ी राज्यों में भी बारिश का असर देखने को मिल रहा है।

    ऐसे में लोगों को अब एसी की ठंडक से ज्यादा मौसम की प्राकृतिक ठंडक राहत दे रही है. आने वाले दिनों में सुबह-शाम की ठंडक बढ़ी, तो पंखों की रफ्तार कम करने और रात में गर्म चादर या रजाई निकालने की जरूरत पड़ सकती है. हालांकि, दिन में धूप निकलने पर गर्मी का असर अभी बना रह सकता है।


    23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बारिश की संभावना

    मौसम विभाग के 13 अक्टूबर के पूर्वानुमान के मुताबिक, देश के 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बारिश हो सकती है. अंडमान-निकोबार, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. वहीं, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और लक्षद्वीप में मध्यम बारिश के आसार हैं. इसके अलावा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, बिहार, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, ओडिशा, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु और कर्नाटक में हल्की बारिश हो सकती है. अलग-अलग क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी आशंका है।

    दिल्ली-एनसीआर में रविवार रात से ही बादल छाए हुए थे. इसके बाद तेज हवाओं और बारिश ने मौसम का रुख बदल दिया. राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के इलाकों में मंगलवार रात और सुबह भी बारिश का असर बना रहा. तापमान में गिरावट के चलते सुबह घर से निकलने वाले लोगों को ठंड महसूस हुई और उन्हें हल्के गर्म कपड़े पहनने पड़े. मौसम में आए इस बदलाव का असर अब रोजमर्रा की दिनचर्या पर भी दिखने लगा है. दिन में गर्मी से राहत मिलने के साथ सुबह और रात के समय ठंडक बढ़ रही है।


    दिल्ली में आज कैसा रहेगा मौसम?

    मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, दिल्ली और एनसीआर के कई हिस्सों में 13 अक्टूबर को भी बारिश और गरज-चमक की संभावना है. लगातार बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. हालांकि, यह राहत पूरे दिन एक जैसी बनी रहेगी, इसकी संभावना नहीं है. बादलों की आवाजाही और धूप निकलने के साथ तापमान में उतार-चढ़ाव हो सकता है. आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. यानी दिन में अभी गर्मी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, लेकिन सुबह और रात के समय ठंडक रह सकती है।


    यूपी से राजस्थान तक बदला मौसम

    उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले दो दिनों के दौरान हुई बारिश से मौसम में बदलाव आया है. पश्चिमी यूपी के कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं के कारण ठंडक बढ़ी है. बुलंदशहर समेत कई इलाकों में सुबह हुई रिमझिम बारिश ने लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत दी. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, पश्चिमी यूपी में 16 अक्टूबर तक कहीं-कहीं बारिश हो सकती है. अमरोहा, बागपत, बिजनौर, बुलंदशहर, गौतम बुद्ध नगर, गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ और संभल समेत कई इलाकों में बारिश की संभावना है।

    पूर्वी यूपी में 15 और 16 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने के आसार हैं. अगले कुछ दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. ऐसे में सुबह और शाम के समय मौसम में ठंडक महसूस हो सकती है. राजस्थान में भी नए वेदर सिस्टम के असर से बारिश दर्ज की गई है. मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर-पश्चिमी राजस्थान और राज्य के उत्तरी हिस्सों में अगले तीन से चार दिनों तक कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. 13 और 14 अक्टूबर को बीकानेर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बारिश होने की संभावना है।


    पंजाब, हरियाणा, पहाड़ों में मौसम सक्रिय

    उत्तर भारत के मैदानी इलाकों के साथ पहाड़ी राज्यों में भी मौसम बदला हुआ है. पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में बारिश की संभावना है, जबकि हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी मौसम सक्रिय बना रह सकता है. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की विदाई के बाद एक्टिव हुए नए वेदर सिस्टम के असर से उत्तर भारत के कई इलाकों में बारिश और तेज हवाएं देखने को मिली हैं. पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के कारण तापमान में गिरावट महसूस हो सकती है. हालांकि, अलग-अलग जिलों में मौसम का असर अलग रहेगा. ऐसे में पहाड़ों की यात्रा पर जाने वाले लोगों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान और सड़क की स्थिति की जानकारी लेकर निकलना चाहिए।


    दक्षिण भारत में भी बारिश के बने आसार

    बारिश का असर सिर्फ उत्तर भारत तक सीमित नहीं है. तमिलनाडु के कई जिलों में भी गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग के मुताबिक, नीलगिरि, कोयंबटूर, इरोड, कन्याकुमारी, तिरुनेलवेली, थूथुकुडी, तेनकासी, मदुरै, शिवगंगा, सलेम और तिरुप्पुर में बारिश हो सकती है. पुडुचेरी और कराईकल में भी कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश के आसार हैं. दक्षिण भारत में बारिश का यह दौर स्थानीय मौसम परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग इलाकों में असर दिखा सकता है।

  • उत्तर भारत में ओलावृष्टि और बर्फबारी से बदला मौसम… पूरब और दक्षिण में बारिश का दौर जारी

    उत्तर भारत में ओलावृष्टि और बर्फबारी से बदला मौसम… पूरब और दक्षिण में बारिश का दौर जारी


    नई दिल्ली।
    उत्तर भारत (North India) के पहाड़ी व मैदानी इलाकों में ओलावृष्टि (Hailstorms) और बर्फबारी (Snowfall) से मौसम (Weather Change) में अचानक बदलाव आया है, वहीं पूर्वी और दक्षिणी राज्यों में जोरदार बारिश (Rain) का सिलसिला जारी है। पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार में भारी दर्ज की गई है और कई क्षेत्रों में 12 से 20 सेमीटर तक पानी बरसने से फसलों को नुकसान हुआ है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमोत्तर उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में तेज हवाएं भी चली हैं।

    मौसम विभाग के मुताबि, मौसम में यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और वायुमंडलीय हलचल के प्रभाव से आया है। हिमाचल प्रदेश के मनाली सहित ऊझी घाटी में शनिवार दोपहर बाद बारिश हुई। रोहतांग सहित कुंजम दर्रा, बारालाचा व शिंकुला सहित ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई है। यहां शुक्रवार रात को भी फाहे गिरे थे। बारिश और बर्फबारी से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और जनजातीय क्षेत्र कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान गिरकर 1.9 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। राज्य में 16 अक्तूबर तक मौसम खराब रहने का अनुमान है। इस दौरान ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी व मध्य पर्वतीय इलाकों में बारिश हो सकती है। 13 और 14 अक्तूबर को कुछ स्थानों पर अंधड़ का यलो अलर्ट जारी किया गया है।

    आदि कैलाश में फिर हुई बर्फबारी
    उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में 14,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित आदि कैलाश में शनिवार को भी ताजा हिमपात हुआ। बर्फबारी होने से कैलाश पर्वत के दर्शन नहीं हुए। इससे यात्रियों को निराश लौटना पड़ा। दोपहर बाद मौसम खुलने से 100 से अधिक यात्रियों ने आदि कैलाश के दर्शन किए। आदि कैलाश क्षेत्र में अब भी तीन से चार फीट बर्फ जमा है। लगातार हो रही बर्फबारी से आदि कैलाश में तापमान माइनस दो से माइनस तीन डिग्री पहुंच गया है। इससे कड़ाके की ठंड पड़ रही है।


    मलबा आने से तीन घंटे रुकी केदारनाथ यात्रा

    रुद्रप्रयाग में केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा में मलबा और पत्थर आने से शनिवार सुबह छह बजे से नौ बजे तक यात्रियों की आवाजाही रोकनी पड़ी। सुरक्षा के मद्देनजर गौरीकुंड और सोनप्रयाग में यात्रियों को रोका गया। सुबह नौ बजे मार्ग खुलने के बाद आवाजाही सुचारु करा दी गई। बीते दिन हुई तेज बारिश के बाद रात में चीरबासा में मलबा आने से पैदल मार्ग अवरुद्ध हो गया था।


    अभी बदला रहेगा मौसम का मिजाज :

    उत्तर भारत के पर्वतीय और मैदानी इलाकों में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदला रहेगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड सहित मैदानी राज्यों में 16 अक्तबर तक रुक-रुक कर बारिश, आंधी और बिजली गिरने का अनुमान है। वहीं, 11 अक्तूबर तथा 14-15 अक्तूबर को यहां कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। वहीं, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और राजधानी दिल्ली में 16 अक्तूबर के बीच छिटपुट बारिश होगी।

  • परिसीमन पर विदेश में छिड़ी बड़ी बहस: थरूर बोले दक्षिण भारत को नुकसान, अन्नामलाई ने बताया जनसंख्या आधारित सिस्टम जरूरी

    परिसीमन पर विदेश में छिड़ी बड़ी बहस: थरूर बोले दक्षिण भारत को नुकसान, अन्नामलाई ने बताया जनसंख्या आधारित सिस्टम जरूरी



    नई दिल्ली। अमेरिका के स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में आयोजित एक चर्चा के दौरान परिसीमन और संसदीय सीटों के बंटवारे को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद देखने को मिला। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने चेतावनी दी कि अगर लोकसभा सीटों का बंटवारा केवल जनसंख्या के आधार पर किया गया, तो दक्षिण भारत के राज्यों को राजनीतिक रूप से नुकसान महसूस हो सकता है और उनके अधिकारों पर असर पड़ सकता है।

    थरूर ने कहा कि उत्तर भारत की जनसंख्या तेजी से बढ़ी है, जिससे वहां एक सांसद पर ज्यादा आबादी आ जाती है, जबकि दक्षिण भारत में स्थिति अलग है। उन्होंने आशंका जताई कि अगर इसी आधार पर सीटें बढ़ीं तो उत्तर भारत संसद में बहुमत के जरिए नीतियों को दक्षिण पर थोप सकता है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि बड़े राज्यों के पुनर्गठन पर गंभीरता से विचार होना चाहिए, खासकर उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के विभाजन पर।

    वहीं बीजेपी नेता के. अन्नामलाई ने थरूर की बातों का विरोध करते हुए कहा कि संसदीय प्रतिनिधित्व का आधार जनसंख्या ही होना चाहिए, क्योंकि लोकतंत्र में हर नागरिक की बराबर भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर 2011 की जनगणना के आधार पर सीटों का पुनर्वितरण होता है, तो तमिलनाडु जैसी राज्यों की सीटें भी बढ़ती हैं, जो प्रक्रिया को संतुलित बनाती है।

    अन्नामलाई ने यह भी कहा कि लगातार यह चिंता करना कि किसी राज्य को फायदा या नुकसान होगा, समाधान नहीं है, बल्कि एक ऐसा मॉडल चाहिए जो सभी राज्यों के लिए संतुलित और व्यावहारिक हो।

    इस चर्चा में शशि थरूर ने महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि इसे तुरंत लागू किया जाना चाहिए और इसे परिसीमन प्रक्रिया से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।

    गौरतलब है कि परिसीमन से जुड़े प्रस्तावों में लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर 816 करने और महिलाओं के लिए 33% आरक्षण देने की बात शामिल थी, लेकिन इस पर राजनीतिक सहमति नहीं बन सकी। विपक्ष ने महिला आरक्षण का समर्थन किया, लेकिन परिसीमन के मौजूदा स्वरूप पर आपत्ति जताई।

  • मौसम के अलग-अलग रंग….. उत्तर भारत भीषण गर्मी से परेशान, पूर्वोत्तर और दक्षिण में आंधी-बारिश का अलर्ट

    मौसम के अलग-अलग रंग….. उत्तर भारत भीषण गर्मी से परेशान, पूर्वोत्तर और दक्षिण में आंधी-बारिश का अलर्ट


    नई दिल्ली।
    देशभर में मौसम (Weather) का मिजाज तेजी से बदल रहा है। एक ओर उत्तर-पश्चिम भारत (North-West India) में भीषण गर्मी (Severe Heat) लोगों को परेशान कर रही है, वहीं पूर्वोत्तर, पूर्वी और दक्षिण के कई राज्यों में बारिश (Rain), आंधी (Storm ) और बिजली गिरने (Lightning.) की गतिविधियां तेज होने के संकेत हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में अगले तीन दिनों तक तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि तमिलनाडु, केरल और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।


    पश्चिमी विक्षोभ से बदला मौसम का मिजाज

    आईएमडी के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ का असर अभी भी उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में बना हुआ है, जबकि 10 मई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों के मौसम को फिर प्रभावित कर सकता है। राजस्थान के जैसलमेर में अधिकतम तापमान 45.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन की तेज गर्मी का संकेत माना जा रहा है। हाल के दिनों में हुई बारिश के बाद दिल्ली-एनसीआर में मौसम कुछ समय के लिए राहतभरा बना हुआ था, लेकिन अब राजधानी में फिर तेज गर्मी लौटने के संकेत हैं।


    अगले तीन दिनों के लिए मौसम विभाग का अनुमान

    मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक आसमान साफ रहेगा और तेज धूप निकलेगी। इसके कारण दिन के तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम 21 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय धूप में निकलने से बचने की सलाह दी है। डॉक्टरों ने पर्याप्त पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है।

    बिहार में आंधी-तूफान से सात की मौत
    बिहार में वज्रपात और भीषण आंधी-तूफान के कारण अलग-अलग जिलों में सात लोगों की जान चली गई। हादसों की जानकारी के अनुसार, वज्रपात की घटनाओं में भोजपुर, पटना, समस्तीपुर और पूर्वी चंपारण में एक-एक व्यक्ति की जान गई। वहीं आंधी-तूफान और तेज बारिश के दौरान पेड़ गिरने से पटना में दो और वैशाली में एक व्यक्ति की मौत हो गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इन घटनाओं पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये का अनुग्रह राशि तुरंत उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

  • उत्तर भारत में इस साल पड़ेगी भीषण गर्मी… IMD की चेतावनी- सामान्य से ज्यादा रहेंगे लू के दिन

    उत्तर भारत में इस साल पड़ेगी भीषण गर्मी… IMD की चेतावनी- सामान्य से ज्यादा रहेंगे लू के दिन


    नई दिल्ली।
    भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (Indian Meteorological Department) ने चेतावनी दी है कि इस साल उत्तर भारत (North India) के मैदानी इलाकों, पूर्वी तटीय राज्यों गुजरात, महाराष्ट्र और आसपास के इलाकों में हीटवेव (Heatwave.-लू) के दिन सामान्य से अधिक देखने को मिल सकते हैं। मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय मोहापात्रा ने बताया कि कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जहां जलवायु के लिहाज से तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाना सामान्य है। इसलिए हमें ऐसे उच्च तापमान वाले दिनों के लिए तैयार रहना चाहिए।


    उत्तरी मैदानी राज्यों में चलेगी भीषण लू

    मौसम विभाग के प्रमुख ने बताया कि हर साल अप्रैल, मई और जून के दौरान उच्च तापमान देखने को मिलता है, हालांकि इसमें साल-दर-साल कुछ भिन्नता होती है। तापमान में वार्षिक और दैनिक उतार-चढ़ाव से निपटने के लिए आईएमडी एक सीजन पहले ही हीटवेव का पूर्वानुमान जारी करता है। इसके बाद हर गुरुवार अगले चार सप्ताह के लिए विस्तारित पूर्वानुमान और गर्मियों में हर दिन जिला स्तर पर सात दिन की चेतावनी जारी की जाती है।

    आईएमडी ने फरवरी के अंत में मार्च, अप्रैल और मई के लिए पहला हीटवेव आउटलुक जारी किया था, जिसे मार्च के अंत में अप्रैल, मई और जून के लिए अपडेट किया गया। पूर्वानुमान के अनुसार, अप्रैल से जून के बीच उत्तर तटीय राज्यों—जैसे पश्चिम बंगाल के दक्षिणी हिस्से, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ और तेलंगाना जैसे पूर्वी क्षेत्रों में लू की स्थिति बन सकती है। इसके अलावा, मैदानी क्षेत्रों (हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड), राजस्थान के दक्षिणी हिस्सों, गुजरात के कुछ भागों, मध्य प्रदेश के दक्षिणी क्षेत्रों और महाराष्ट्र के उत्तरी हिस्सों में भी हीटवेव की आशंका जताई गई है।


    मजदूरों और रेहड़ी पटरी वालों को तापमान की सूचना दी जा रही

    संवेदनशील आबादी तक जानकारी पहुंचाने के उपायों पर उन्होंने बताया कि मौसम विभाग ने फील्ड में काम करने वाले मजदूरों और रेहड़ी-पटरी वालों तक सूचना पहुंचाने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाए हैं। साथ ही, सार्वजनिक स्थानों पर डिस्प्ले बोर्ड लगाकर गर्मी और उससे बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है।

    मोहापात्रा ने कहा कि मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान को सरकारी माध्यमों से साझा किया जाता है, जिसमें राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के कॉमन अलर्ट प्रोटोकॉल का भी इस्तेमाल होता है, जिससे मोबाइल फोन रखने वाला कोई भी व्यक्ति यह जानकारी प्राप्त कर सकता है।नउन्होंने यह भी माना कि कुछ वर्ग ऐसे हैं जिन तक मोबाइल या अलर्ट की पहुंच नहीं है, इसलिए पारंपरिक और नवाचारपूर्ण तरीकों से उन्हें जागरूक करने की जरूरत है।

  • उत्तर भारत भीषण गर्मी की चपेट में, आंधी-बारिश के बाद भी राहत नहीं…. तापमान 45 डिग्री के पार

    उत्तर भारत भीषण गर्मी की चपेट में, आंधी-बारिश के बाद भी राहत नहीं…. तापमान 45 डिग्री के पार


    नई दिल्ली।
    उत्तर-पश्चिम (North-West) और उसके आसपास के इलाकों में बारिश (Rain), अंधड़ और ओलावृष्टि (Thunderstorms) के बावजूद भीषण गर्मी (Extreme heat) से राहत नहीं मिली है। कई राज्यों के कुछ इलाकों में अधिकतम तापमान 40-44 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जबकि उत्तर प्रदेश के बांदा में यह 45.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। पश्चिम से लेकर पूर्व, मध्य और दक्षिण भारत को तपती गर्मी से राहत मिलने की संभावना भी नजर नहीं आ रही है, क्योंकि आने वाले दिनों में इन राज्यों में आसमान से आग बरसने और लू चलने के आसार हैं। हालांकि, जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) से लेकर पूर्वी हिमालयी क्षेत्र अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) तक 12 राज्यों में अगले दो दिनों के दौरान गरज और चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।

    भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, विदर्भ के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान 40-44 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों, राजस्थान, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर भी यही स्थिति है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और उत्तरपूर्वी भारत को छोड़कर देश के शेष हिस्सों में अधिकतम तापमान 36-40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। सबसे अधिक तापमान बांदा में 44.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गयाा। विभाग के अनुसार, इस सप्ताह भारत के पूर्वी तट पर गर्म और उमस भरा मौसम रहने की संभावना है। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी व पश्चिमी राजस्थान, ओडिशा, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और विदर्भ के अलग-अलग क्षेत्रों में 21 अप्रैल तक लू चलने की पूरी संभावना है।

    दिल्ली में शुक्रवार को हुई बारिश ने चढ़ते तापमान पर ब्रेक लगा दिया था। वहीं, शनिवार को फिर सूर्यदेव ने अपने तेवर दिखाए। दिनभर तेज धूप के चलते लोगों को गर्मी का अहसास हुआ। इस दौरान अधिकतम तापमान 39.5 और न्यूनतम तापमान 19.8 डिग्री दर्ज हुआ। हालांकि, फरवरी और मार्च में दिन का तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के पास जरूर पहुंचा था।

    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 19 से 24 अप्रैल के बीच तापमान में लगातार गर्मी बनी रहने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान लगभग 38 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच और न्यूनतम तापमान 20 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। शुरुआती दिनों यानी 19 से 21 अप्रैल तक आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है, जबकि हवा मुख्य रूप से उत्तर-पश्चिम दिशा से हल्की से मध्यम गति में चलेगी। इसके बाद 22 से 24 अप्रैल तक मौसम अधिकतर साफ रहने का अनुमान है।

    हिमाचल के ऊना में पारा 35 के पार
    हिमाचल प्रदेश के ऊना में शनिवार को अधिकतम तापमान 35.7 डिग्री दर्ज किया गया, जो प्रदेश में इस मौसम का सबसे अधिक तापमान है। ऊना के अलावा प्रदेश के छह जिलों बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, सोलन, सिरमौर और कुल्लू में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। रविवार को भी प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में बारिश होने का पूर्वानुमान है। 20 अप्रैल से पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहने की संभावना है। कुल्लू जिले के मणिकरण-बरशैनी मार्ग पर घटिगढ़ में बारिश के कारण हुए भीषण भूस्खलन से शनिवार सुबह कई वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

    राजस्थान के चूरू में पारा 42.8 डिग्री
    राजस्थान के कई हिस्सों में शनिवार को दिन का तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया। चूरू राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.1 डिग्री अधिक था।

    ओडिशा में 15 जिलों में पारा 40 के पार…ओडिशा में भी प्रचंड गर्मी पड़ रही है और 15 जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया है। बोलंगीर जिले का तितलागढ़ 42.7 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म स्थान रहा, इसके बाद झारसुगुड़ा में 42.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इनके अलावा,40 डिग्री से ऊपर तापमान वाले जिलों में भवानीपटना, संबलपुर, नुआपड़ा, तालच, सुंदरगढ़, अंगुल, क्योंझार और मलकानगिरी भी शामिल थे।

  • पश्चिमी विक्षोभ की वापसी से उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड

    पश्चिमी विक्षोभ की वापसी से उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड


    नई दिल्‍ली । हिमालयी क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ के एक बार फिर सक्रिय होने से उत्तर भारत में सर्दी ने जोरदार वापसी कर ली है। पहाड़ों पर चल रही बर्फीली हवाओं का असर अब मैदानी इलाकों में भी साफ नजर आने लगा है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों में ठिठुरन, गलन और शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है। मौसम विभाग ने आज भी कई राज्यों में बारिश, बर्फबारी और घने कोहरे को लेकर अलर्ट जारी किया है।

    भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 3 फरवरी को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश और भारी बर्फबारी की संभावना है। इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम भारत और मध्य भारत से जुड़े मैदानी इलाकों में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस सिस्टम के चलते अगले कुछ दिनों तक ठंड का असर बना रहेगा।

    IMD ने बताया है कि 5 फरवरी के बाद मौसम में धीरे-धीरे बदलाव आएगा और लोगों को ठंड से कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि तब तक नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विभाग ने खास तौर पर अपील की है कि लोग घर से बाहर निकलते समय मौसम की ताजा जानकारी जरूर लें और पहाड़ी इलाकों में यात्रा या छुट्टियों की योजना बनाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें। ठंड के इस दौर में स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की भी सलाह दी गई है।

    दिल्ली-एनसीआर में सर्दी और बारिश का असर

    मंगलवार को दिल्ली-एनसीआर की सुबह हल्के से मध्यम कोहरे के साथ हुई। ठंडी हवाओं के चलते लोगों को सुबह और देर रात खासा सर्दी का एहसास हुआ। मौसम विभाग के अनुसार, आज दिल्ली में अधिकतम तापमान 21 से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 9 से 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। राजधानी में हल्की बारिश के लिए येलो अलर्ट भी जारी किया गया है।हालांकि ठंड के बीच एक राहत की खबर यह है कि दिल्ली की हवा की गुणवत्ता में कुछ सुधार दर्ज किया गया है। अफ्रीका एवेन्यू इलाके में सुबह 6 बजे एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 142 रिकॉर्ड किया गया, जो ‘मॉडरेट’ श्रेणी में आता है। वहीं दिल्ली के अन्य प्रमुख इलाकों में AQI अभी भी चिंताजनक बना हुआ है। पूसा में AQI 248, शादीपुर में 238, पंजाबी बाग-शिवाजी पार्क में 269, नॉर्थ कैंपस दिल्ली मिल्क स्कीम कॉलोनी में 249 और मुंडका इलाके में 278 दर्ज किया गया।

    पहाड़ों पर माइनस में तापमान

    पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ी इलाकों में तापमान तेजी से गिर गया है। जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में तापमान माइनस 8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि लद्दाख के द्रास में माइनस 15 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू, मनाली और आसपास के क्षेत्रों में भारी बर्फबारी के चलते कई सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में भी बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है।

    कोहरे और शीतलहर का अलर्ट

    IMD के मुताबिक, पंजाब, हरियाणा और उत्तरी मध्य प्रदेश में आज घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। उत्तर प्रदेश और बिहार में कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहां दृश्यता बेहद कम हो सकती है। राजस्थान के 17 जिलों में कोहरे के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जबकि मध्य प्रदेश के करीब 20 जिलों में बारिश की चेतावनी दी गई है।

    बिहार और यूपी में बदलेगा मौसम

    बिहार के पांच जिलों में घने कोहरे की चेतावनी जारी की गई है। राजधानी पटना में हल्के बादल छाए रहेंगे और धुंधली धूप के बीच ठंड का असर बढ़ सकता है। वहीं उत्तर प्रदेश में प्रयागराज, वाराणसी, चित्रकूट, झांसी, आजमगढ़ और बलिया समेत कई जिलों में शीतलहर और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, मथुरा और आगरा में घना कोहरा छाए रहने की आशंका है।

    मध्य प्रदेश और राजस्थान में अलर्ट

    मध्य प्रदेश के जबलपुर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, कटनी, मंडला, नरसिंहपुर, सिवनी, डिंडोरी और पांढुर्ना जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं राजस्थान में धौलपुर, जयपुर, अजमेर, अलवर, बाड़मेर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बीकानेर और बूंदी में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। चित्तौड़गढ़, चूरू और दौसा में आंधी-तूफान की भी चेतावनी दी गई है।कुल मिलाकर, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से उत्तर भारत में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। आने वाले कुछ दिनों तक ठंड, कोहरा, बारिश और बर्फबारी लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में मौसम विभाग की सलाह मानते हुए सतर्क रहना और आवश्यक सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है।

  • मौसम का नया सिस्टम एक्टिव, उत्तर भारत में बारिश की होगी एंट्री, कुछ राज्यों में लौटेगी सर्दी

    मौसम का नया सिस्टम एक्टिव, उत्तर भारत में बारिश की होगी एंट्री, कुछ राज्यों में लौटेगी सर्दी


    नई दिल्ली। उत्तर भारत के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। सक्रिय हो रहे नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में अगले तीन दिनों तक बारिश होने के संकेत मिले हैं। इस बदलाव से जहां कुछ इलाकों में ठंड से राहत मिली है, वहीं कई जगह ठिठुरन फिर बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

    मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली और राजस्थान में आने वाले तीन दिन मौसम अस्थिर रहेंगे। पंजाब और हरियाणा में फिलहाल तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है, जबकि उत्तर प्रदेश में तेज हवाओं के कारण ठंड का असर तेज हो गया है। शनिवार को यूपी के कई हिस्सों में कोहरा छाने की संभावना है और 1 से 3 फरवरी के बीच बारिश होने से सर्दी और तीखी हो सकती है।

    कश्मीर घाटी में सर्दी का सबसे कठिन दौर ‘चिल्ला-ए-कलां’ अब समाप्त हो चुका है। इसके बाद घाटी के अधिकतर इलाकों में रात के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक श्रीनगर में न्यूनतम तापमान 1.3 डिग्री सेल्सियस, कोनिबल में 1.0 डिग्री, पुलवामा में 0.1 डिग्री और कुलगाम में 1.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। कई स्थानों पर तापमान जमाव बिंदु से ऊपर पहुंचने के कारण कड़ाके की ठंड से कुछ राहत महसूस की जा रही है।

    पंजाब के अधिकांश इलाकों में शुक्रवार को रात का तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया, जबकि हरियाणा में यह औसत के करीब बना रहा। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल तापमान में बड़े बदलाव के आसार नहीं हैं, लेकिन 1 फरवरी से पश्चिमी विक्षोभ के असर से दोनों राज्यों के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है, जिससे हल्की ठंड लौट सकती है।

    राजधानी दिल्ली में भी शुक्रवार को मौसम थोड़ा नरम रहा। यहां अधिकतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस समय के औसत से 0.5 डिग्री अधिक है। हालांकि भारत मौसम विज्ञान विभाग ने चेतावनी दी है कि यह राहत अस्थायी है और अगले तीन दिनों में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।

    राजस्थान में भी मौसम एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है। मौसम विभाग जयपुर के अनुसार शनिवार से अजमेर, कोटा, जयपुर, भरतपुर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इन इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि 1 और 2 फरवरी को उत्तरी और पूर्वी राजस्थान के यही जिले बारिश से प्रभावित रहेंगे, जबकि जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने के आसार हैं।

  • उत्तर भारत की लड़कियों को पढ़ाई से रोका जाता है, बस घर के काम करवाए जाते हैं, दयानिधि मारन का विवादित बयान

    उत्तर भारत की लड़कियों को पढ़ाई से रोका जाता है, बस घर के काम करवाए जाते हैं, दयानिधि मारन का विवादित बयान


    नई दिल्ली। डीएमके सांसद दयानिधि मारन ने हाल ही में एक विवादास्पद बयान देकर उत्तर और दक्षिण भारत में महिला शिक्षा और सशक्तिकरण पर बहस छेड़ दी है। चेन्नई के कैद-ए-मिल्लत महिला विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मारन ने कहा कि उत्तर भारत में अक्सर लड़कियों को घर में रोका जाता है और उन्हें केवल घरेलू काम करने के लिए कहा जाता है, जबकि उन्हें पढ़ाई या नौकरी के अवसर नहीं मिलते।

    मारन ने दक्षिण भारत के मॉडल की भी जमकर तारीफ की।

    उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में लड़कियों को पढ़ाई और करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। उन्होंने मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन और उनकी द्रविड़ियन सरकार की सराहना करते हुए बताया कि उनके नेतृत्व में लड़कियों की शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष कदम उठाए जा रहे हैं। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने भी हिस्सा लिया और छात्राओं को लैपटॉप वितरित किए।

    मारन ने कहा, हम चाहते हैं कि हमारी लड़कियां पढ़ें, शिक्षित बनें और अपने भविष्य में सशक्त हों। वहीं, उत्तर भारत में लड़कियों को केवल घर के कामकाज तक सीमित रखा जाता है।

    उन्होंने तमिलनाडु को भारत का सबसे उन्नत प्रदेश बताते हुए द्रविड़ियन मॉडल की विशेष प्रशंसा की।

    आंकड़े बताते हैं अंतर
    2011 की जनगणना के अनुसार, तमिलनाडु में 7 साल से ऊपर की उम्र की महिला साक्षरता दर 73.44% है। वहीं उत्तर भारत के राज्यों में यह दर कम है:

    उत्तर प्रदेश – 57.18%

    हरियाणा – 65.94%

    राजस्थान – 52.12%

    हिमाचल प्रदेश – 75.93%

    विशेषज्ञों का कहना है कि यह अंतर सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक कारणों से उत्पन्न होता है।

    राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं
    मारन के बयान पर उत्तर और दक्षिण भारत में तीखी प्रतिक्रियाएं आई हैं।

    कुछ लोगों ने इसे विभाजनकारी टिप्पणी कहा, जबकि अन्य ने महिला शिक्षा और समान अवसरों पर बहस को बढ़ावा देने की बात कही। सोशल मीडिया और मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस बयान पर बहस तेज हो गई है।

    विश्लेषकों का मानना है कि दयानिधि मारन का बयान केवल विवाद नहीं, बल्कि भारत में महिला सशक्तिकरण, शिक्षा और सामाजिक समानता के मुद्दों पर नई बहस को जन्म देने वाला कदम है। राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर इसकी प्रतिक्रियाएं अभी भी सामने आ रही हैं और यह मामला राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन चुका है।