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  • परिसीमन पर विदेश में छिड़ी बड़ी बहस: थरूर बोले दक्षिण भारत को नुकसान, अन्नामलाई ने बताया जनसंख्या आधारित सिस्टम जरूरी

    परिसीमन पर विदेश में छिड़ी बड़ी बहस: थरूर बोले दक्षिण भारत को नुकसान, अन्नामलाई ने बताया जनसंख्या आधारित सिस्टम जरूरी



    नई दिल्ली। अमेरिका के स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में आयोजित एक चर्चा के दौरान परिसीमन और संसदीय सीटों के बंटवारे को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद देखने को मिला। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने चेतावनी दी कि अगर लोकसभा सीटों का बंटवारा केवल जनसंख्या के आधार पर किया गया, तो दक्षिण भारत के राज्यों को राजनीतिक रूप से नुकसान महसूस हो सकता है और उनके अधिकारों पर असर पड़ सकता है।

    थरूर ने कहा कि उत्तर भारत की जनसंख्या तेजी से बढ़ी है, जिससे वहां एक सांसद पर ज्यादा आबादी आ जाती है, जबकि दक्षिण भारत में स्थिति अलग है। उन्होंने आशंका जताई कि अगर इसी आधार पर सीटें बढ़ीं तो उत्तर भारत संसद में बहुमत के जरिए नीतियों को दक्षिण पर थोप सकता है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि बड़े राज्यों के पुनर्गठन पर गंभीरता से विचार होना चाहिए, खासकर उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के विभाजन पर।

    वहीं बीजेपी नेता के. अन्नामलाई ने थरूर की बातों का विरोध करते हुए कहा कि संसदीय प्रतिनिधित्व का आधार जनसंख्या ही होना चाहिए, क्योंकि लोकतंत्र में हर नागरिक की बराबर भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर 2011 की जनगणना के आधार पर सीटों का पुनर्वितरण होता है, तो तमिलनाडु जैसी राज्यों की सीटें भी बढ़ती हैं, जो प्रक्रिया को संतुलित बनाती है।

    अन्नामलाई ने यह भी कहा कि लगातार यह चिंता करना कि किसी राज्य को फायदा या नुकसान होगा, समाधान नहीं है, बल्कि एक ऐसा मॉडल चाहिए जो सभी राज्यों के लिए संतुलित और व्यावहारिक हो।

    इस चर्चा में शशि थरूर ने महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि इसे तुरंत लागू किया जाना चाहिए और इसे परिसीमन प्रक्रिया से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।

    गौरतलब है कि परिसीमन से जुड़े प्रस्तावों में लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर 816 करने और महिलाओं के लिए 33% आरक्षण देने की बात शामिल थी, लेकिन इस पर राजनीतिक सहमति नहीं बन सकी। विपक्ष ने महिला आरक्षण का समर्थन किया, लेकिन परिसीमन के मौजूदा स्वरूप पर आपत्ति जताई।

  • मौसम के अलग-अलग रंग….. उत्तर भारत भीषण गर्मी से परेशान, पूर्वोत्तर और दक्षिण में आंधी-बारिश का अलर्ट

    मौसम के अलग-अलग रंग….. उत्तर भारत भीषण गर्मी से परेशान, पूर्वोत्तर और दक्षिण में आंधी-बारिश का अलर्ट


    नई दिल्ली।
    देशभर में मौसम (Weather) का मिजाज तेजी से बदल रहा है। एक ओर उत्तर-पश्चिम भारत (North-West India) में भीषण गर्मी (Severe Heat) लोगों को परेशान कर रही है, वहीं पूर्वोत्तर, पूर्वी और दक्षिण के कई राज्यों में बारिश (Rain), आंधी (Storm ) और बिजली गिरने (Lightning.) की गतिविधियां तेज होने के संकेत हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में अगले तीन दिनों तक तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि तमिलनाडु, केरल और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।


    पश्चिमी विक्षोभ से बदला मौसम का मिजाज

    आईएमडी के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ का असर अभी भी उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में बना हुआ है, जबकि 10 मई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों के मौसम को फिर प्रभावित कर सकता है। राजस्थान के जैसलमेर में अधिकतम तापमान 45.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन की तेज गर्मी का संकेत माना जा रहा है। हाल के दिनों में हुई बारिश के बाद दिल्ली-एनसीआर में मौसम कुछ समय के लिए राहतभरा बना हुआ था, लेकिन अब राजधानी में फिर तेज गर्मी लौटने के संकेत हैं।


    अगले तीन दिनों के लिए मौसम विभाग का अनुमान

    मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक आसमान साफ रहेगा और तेज धूप निकलेगी। इसके कारण दिन के तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम 21 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय धूप में निकलने से बचने की सलाह दी है। डॉक्टरों ने पर्याप्त पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है।

    बिहार में आंधी-तूफान से सात की मौत
    बिहार में वज्रपात और भीषण आंधी-तूफान के कारण अलग-अलग जिलों में सात लोगों की जान चली गई। हादसों की जानकारी के अनुसार, वज्रपात की घटनाओं में भोजपुर, पटना, समस्तीपुर और पूर्वी चंपारण में एक-एक व्यक्ति की जान गई। वहीं आंधी-तूफान और तेज बारिश के दौरान पेड़ गिरने से पटना में दो और वैशाली में एक व्यक्ति की मौत हो गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इन घटनाओं पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये का अनुग्रह राशि तुरंत उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

  • उत्तर भारत में इस साल पड़ेगी भीषण गर्मी… IMD की चेतावनी- सामान्य से ज्यादा रहेंगे लू के दिन

    उत्तर भारत में इस साल पड़ेगी भीषण गर्मी… IMD की चेतावनी- सामान्य से ज्यादा रहेंगे लू के दिन


    नई दिल्ली।
    भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (Indian Meteorological Department) ने चेतावनी दी है कि इस साल उत्तर भारत (North India) के मैदानी इलाकों, पूर्वी तटीय राज्यों गुजरात, महाराष्ट्र और आसपास के इलाकों में हीटवेव (Heatwave.-लू) के दिन सामान्य से अधिक देखने को मिल सकते हैं। मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय मोहापात्रा ने बताया कि कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जहां जलवायु के लिहाज से तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाना सामान्य है। इसलिए हमें ऐसे उच्च तापमान वाले दिनों के लिए तैयार रहना चाहिए।


    उत्तरी मैदानी राज्यों में चलेगी भीषण लू

    मौसम विभाग के प्रमुख ने बताया कि हर साल अप्रैल, मई और जून के दौरान उच्च तापमान देखने को मिलता है, हालांकि इसमें साल-दर-साल कुछ भिन्नता होती है। तापमान में वार्षिक और दैनिक उतार-चढ़ाव से निपटने के लिए आईएमडी एक सीजन पहले ही हीटवेव का पूर्वानुमान जारी करता है। इसके बाद हर गुरुवार अगले चार सप्ताह के लिए विस्तारित पूर्वानुमान और गर्मियों में हर दिन जिला स्तर पर सात दिन की चेतावनी जारी की जाती है।

    आईएमडी ने फरवरी के अंत में मार्च, अप्रैल और मई के लिए पहला हीटवेव आउटलुक जारी किया था, जिसे मार्च के अंत में अप्रैल, मई और जून के लिए अपडेट किया गया। पूर्वानुमान के अनुसार, अप्रैल से जून के बीच उत्तर तटीय राज्यों—जैसे पश्चिम बंगाल के दक्षिणी हिस्से, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ और तेलंगाना जैसे पूर्वी क्षेत्रों में लू की स्थिति बन सकती है। इसके अलावा, मैदानी क्षेत्रों (हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड), राजस्थान के दक्षिणी हिस्सों, गुजरात के कुछ भागों, मध्य प्रदेश के दक्षिणी क्षेत्रों और महाराष्ट्र के उत्तरी हिस्सों में भी हीटवेव की आशंका जताई गई है।


    मजदूरों और रेहड़ी पटरी वालों को तापमान की सूचना दी जा रही

    संवेदनशील आबादी तक जानकारी पहुंचाने के उपायों पर उन्होंने बताया कि मौसम विभाग ने फील्ड में काम करने वाले मजदूरों और रेहड़ी-पटरी वालों तक सूचना पहुंचाने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाए हैं। साथ ही, सार्वजनिक स्थानों पर डिस्प्ले बोर्ड लगाकर गर्मी और उससे बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है।

    मोहापात्रा ने कहा कि मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान को सरकारी माध्यमों से साझा किया जाता है, जिसमें राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के कॉमन अलर्ट प्रोटोकॉल का भी इस्तेमाल होता है, जिससे मोबाइल फोन रखने वाला कोई भी व्यक्ति यह जानकारी प्राप्त कर सकता है।नउन्होंने यह भी माना कि कुछ वर्ग ऐसे हैं जिन तक मोबाइल या अलर्ट की पहुंच नहीं है, इसलिए पारंपरिक और नवाचारपूर्ण तरीकों से उन्हें जागरूक करने की जरूरत है।

  • उत्तर भारत भीषण गर्मी की चपेट में, आंधी-बारिश के बाद भी राहत नहीं…. तापमान 45 डिग्री के पार

    उत्तर भारत भीषण गर्मी की चपेट में, आंधी-बारिश के बाद भी राहत नहीं…. तापमान 45 डिग्री के पार


    नई दिल्ली।
    उत्तर-पश्चिम (North-West) और उसके आसपास के इलाकों में बारिश (Rain), अंधड़ और ओलावृष्टि (Thunderstorms) के बावजूद भीषण गर्मी (Extreme heat) से राहत नहीं मिली है। कई राज्यों के कुछ इलाकों में अधिकतम तापमान 40-44 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जबकि उत्तर प्रदेश के बांदा में यह 45.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। पश्चिम से लेकर पूर्व, मध्य और दक्षिण भारत को तपती गर्मी से राहत मिलने की संभावना भी नजर नहीं आ रही है, क्योंकि आने वाले दिनों में इन राज्यों में आसमान से आग बरसने और लू चलने के आसार हैं। हालांकि, जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) से लेकर पूर्वी हिमालयी क्षेत्र अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) तक 12 राज्यों में अगले दो दिनों के दौरान गरज और चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।

    भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, विदर्भ के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान 40-44 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों, राजस्थान, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर भी यही स्थिति है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और उत्तरपूर्वी भारत को छोड़कर देश के शेष हिस्सों में अधिकतम तापमान 36-40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। सबसे अधिक तापमान बांदा में 44.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गयाा। विभाग के अनुसार, इस सप्ताह भारत के पूर्वी तट पर गर्म और उमस भरा मौसम रहने की संभावना है। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी व पश्चिमी राजस्थान, ओडिशा, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और विदर्भ के अलग-अलग क्षेत्रों में 21 अप्रैल तक लू चलने की पूरी संभावना है।

    दिल्ली में शुक्रवार को हुई बारिश ने चढ़ते तापमान पर ब्रेक लगा दिया था। वहीं, शनिवार को फिर सूर्यदेव ने अपने तेवर दिखाए। दिनभर तेज धूप के चलते लोगों को गर्मी का अहसास हुआ। इस दौरान अधिकतम तापमान 39.5 और न्यूनतम तापमान 19.8 डिग्री दर्ज हुआ। हालांकि, फरवरी और मार्च में दिन का तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के पास जरूर पहुंचा था।

    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 19 से 24 अप्रैल के बीच तापमान में लगातार गर्मी बनी रहने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान लगभग 38 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच और न्यूनतम तापमान 20 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। शुरुआती दिनों यानी 19 से 21 अप्रैल तक आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है, जबकि हवा मुख्य रूप से उत्तर-पश्चिम दिशा से हल्की से मध्यम गति में चलेगी। इसके बाद 22 से 24 अप्रैल तक मौसम अधिकतर साफ रहने का अनुमान है।

    हिमाचल के ऊना में पारा 35 के पार
    हिमाचल प्रदेश के ऊना में शनिवार को अधिकतम तापमान 35.7 डिग्री दर्ज किया गया, जो प्रदेश में इस मौसम का सबसे अधिक तापमान है। ऊना के अलावा प्रदेश के छह जिलों बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, सोलन, सिरमौर और कुल्लू में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। रविवार को भी प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में बारिश होने का पूर्वानुमान है। 20 अप्रैल से पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहने की संभावना है। कुल्लू जिले के मणिकरण-बरशैनी मार्ग पर घटिगढ़ में बारिश के कारण हुए भीषण भूस्खलन से शनिवार सुबह कई वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

    राजस्थान के चूरू में पारा 42.8 डिग्री
    राजस्थान के कई हिस्सों में शनिवार को दिन का तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया। चूरू राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.1 डिग्री अधिक था।

    ओडिशा में 15 जिलों में पारा 40 के पार…ओडिशा में भी प्रचंड गर्मी पड़ रही है और 15 जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया है। बोलंगीर जिले का तितलागढ़ 42.7 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म स्थान रहा, इसके बाद झारसुगुड़ा में 42.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इनके अलावा,40 डिग्री से ऊपर तापमान वाले जिलों में भवानीपटना, संबलपुर, नुआपड़ा, तालच, सुंदरगढ़, अंगुल, क्योंझार और मलकानगिरी भी शामिल थे।

  • पश्चिमी विक्षोभ की वापसी से उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड

    पश्चिमी विक्षोभ की वापसी से उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड


    नई दिल्‍ली । हिमालयी क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ के एक बार फिर सक्रिय होने से उत्तर भारत में सर्दी ने जोरदार वापसी कर ली है। पहाड़ों पर चल रही बर्फीली हवाओं का असर अब मैदानी इलाकों में भी साफ नजर आने लगा है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों में ठिठुरन, गलन और शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है। मौसम विभाग ने आज भी कई राज्यों में बारिश, बर्फबारी और घने कोहरे को लेकर अलर्ट जारी किया है।

    भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 3 फरवरी को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश और भारी बर्फबारी की संभावना है। इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम भारत और मध्य भारत से जुड़े मैदानी इलाकों में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस सिस्टम के चलते अगले कुछ दिनों तक ठंड का असर बना रहेगा।

    IMD ने बताया है कि 5 फरवरी के बाद मौसम में धीरे-धीरे बदलाव आएगा और लोगों को ठंड से कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि तब तक नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विभाग ने खास तौर पर अपील की है कि लोग घर से बाहर निकलते समय मौसम की ताजा जानकारी जरूर लें और पहाड़ी इलाकों में यात्रा या छुट्टियों की योजना बनाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें। ठंड के इस दौर में स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की भी सलाह दी गई है।

    दिल्ली-एनसीआर में सर्दी और बारिश का असर

    मंगलवार को दिल्ली-एनसीआर की सुबह हल्के से मध्यम कोहरे के साथ हुई। ठंडी हवाओं के चलते लोगों को सुबह और देर रात खासा सर्दी का एहसास हुआ। मौसम विभाग के अनुसार, आज दिल्ली में अधिकतम तापमान 21 से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 9 से 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। राजधानी में हल्की बारिश के लिए येलो अलर्ट भी जारी किया गया है।हालांकि ठंड के बीच एक राहत की खबर यह है कि दिल्ली की हवा की गुणवत्ता में कुछ सुधार दर्ज किया गया है। अफ्रीका एवेन्यू इलाके में सुबह 6 बजे एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 142 रिकॉर्ड किया गया, जो ‘मॉडरेट’ श्रेणी में आता है। वहीं दिल्ली के अन्य प्रमुख इलाकों में AQI अभी भी चिंताजनक बना हुआ है। पूसा में AQI 248, शादीपुर में 238, पंजाबी बाग-शिवाजी पार्क में 269, नॉर्थ कैंपस दिल्ली मिल्क स्कीम कॉलोनी में 249 और मुंडका इलाके में 278 दर्ज किया गया।

    पहाड़ों पर माइनस में तापमान

    पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ी इलाकों में तापमान तेजी से गिर गया है। जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में तापमान माइनस 8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि लद्दाख के द्रास में माइनस 15 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू, मनाली और आसपास के क्षेत्रों में भारी बर्फबारी के चलते कई सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में भी बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है।

    कोहरे और शीतलहर का अलर्ट

    IMD के मुताबिक, पंजाब, हरियाणा और उत्तरी मध्य प्रदेश में आज घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। उत्तर प्रदेश और बिहार में कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहां दृश्यता बेहद कम हो सकती है। राजस्थान के 17 जिलों में कोहरे के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जबकि मध्य प्रदेश के करीब 20 जिलों में बारिश की चेतावनी दी गई है।

    बिहार और यूपी में बदलेगा मौसम

    बिहार के पांच जिलों में घने कोहरे की चेतावनी जारी की गई है। राजधानी पटना में हल्के बादल छाए रहेंगे और धुंधली धूप के बीच ठंड का असर बढ़ सकता है। वहीं उत्तर प्रदेश में प्रयागराज, वाराणसी, चित्रकूट, झांसी, आजमगढ़ और बलिया समेत कई जिलों में शीतलहर और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, मथुरा और आगरा में घना कोहरा छाए रहने की आशंका है।

    मध्य प्रदेश और राजस्थान में अलर्ट

    मध्य प्रदेश के जबलपुर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, कटनी, मंडला, नरसिंहपुर, सिवनी, डिंडोरी और पांढुर्ना जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं राजस्थान में धौलपुर, जयपुर, अजमेर, अलवर, बाड़मेर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बीकानेर और बूंदी में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। चित्तौड़गढ़, चूरू और दौसा में आंधी-तूफान की भी चेतावनी दी गई है।कुल मिलाकर, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से उत्तर भारत में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। आने वाले कुछ दिनों तक ठंड, कोहरा, बारिश और बर्फबारी लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में मौसम विभाग की सलाह मानते हुए सतर्क रहना और आवश्यक सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है।

  • मौसम का नया सिस्टम एक्टिव, उत्तर भारत में बारिश की होगी एंट्री, कुछ राज्यों में लौटेगी सर्दी

    मौसम का नया सिस्टम एक्टिव, उत्तर भारत में बारिश की होगी एंट्री, कुछ राज्यों में लौटेगी सर्दी


    नई दिल्ली। उत्तर भारत के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। सक्रिय हो रहे नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में अगले तीन दिनों तक बारिश होने के संकेत मिले हैं। इस बदलाव से जहां कुछ इलाकों में ठंड से राहत मिली है, वहीं कई जगह ठिठुरन फिर बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

    मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली और राजस्थान में आने वाले तीन दिन मौसम अस्थिर रहेंगे। पंजाब और हरियाणा में फिलहाल तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है, जबकि उत्तर प्रदेश में तेज हवाओं के कारण ठंड का असर तेज हो गया है। शनिवार को यूपी के कई हिस्सों में कोहरा छाने की संभावना है और 1 से 3 फरवरी के बीच बारिश होने से सर्दी और तीखी हो सकती है।

    कश्मीर घाटी में सर्दी का सबसे कठिन दौर ‘चिल्ला-ए-कलां’ अब समाप्त हो चुका है। इसके बाद घाटी के अधिकतर इलाकों में रात के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक श्रीनगर में न्यूनतम तापमान 1.3 डिग्री सेल्सियस, कोनिबल में 1.0 डिग्री, पुलवामा में 0.1 डिग्री और कुलगाम में 1.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। कई स्थानों पर तापमान जमाव बिंदु से ऊपर पहुंचने के कारण कड़ाके की ठंड से कुछ राहत महसूस की जा रही है।

    पंजाब के अधिकांश इलाकों में शुक्रवार को रात का तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया, जबकि हरियाणा में यह औसत के करीब बना रहा। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल तापमान में बड़े बदलाव के आसार नहीं हैं, लेकिन 1 फरवरी से पश्चिमी विक्षोभ के असर से दोनों राज्यों के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है, जिससे हल्की ठंड लौट सकती है।

    राजधानी दिल्ली में भी शुक्रवार को मौसम थोड़ा नरम रहा। यहां अधिकतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस समय के औसत से 0.5 डिग्री अधिक है। हालांकि भारत मौसम विज्ञान विभाग ने चेतावनी दी है कि यह राहत अस्थायी है और अगले तीन दिनों में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।

    राजस्थान में भी मौसम एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है। मौसम विभाग जयपुर के अनुसार शनिवार से अजमेर, कोटा, जयपुर, भरतपुर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इन इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि 1 और 2 फरवरी को उत्तरी और पूर्वी राजस्थान के यही जिले बारिश से प्रभावित रहेंगे, जबकि जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने के आसार हैं।

  • उत्तर भारत की लड़कियों को पढ़ाई से रोका जाता है, बस घर के काम करवाए जाते हैं, दयानिधि मारन का विवादित बयान

    उत्तर भारत की लड़कियों को पढ़ाई से रोका जाता है, बस घर के काम करवाए जाते हैं, दयानिधि मारन का विवादित बयान


    नई दिल्ली। डीएमके सांसद दयानिधि मारन ने हाल ही में एक विवादास्पद बयान देकर उत्तर और दक्षिण भारत में महिला शिक्षा और सशक्तिकरण पर बहस छेड़ दी है। चेन्नई के कैद-ए-मिल्लत महिला विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मारन ने कहा कि उत्तर भारत में अक्सर लड़कियों को घर में रोका जाता है और उन्हें केवल घरेलू काम करने के लिए कहा जाता है, जबकि उन्हें पढ़ाई या नौकरी के अवसर नहीं मिलते।

    मारन ने दक्षिण भारत के मॉडल की भी जमकर तारीफ की।

    उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में लड़कियों को पढ़ाई और करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। उन्होंने मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन और उनकी द्रविड़ियन सरकार की सराहना करते हुए बताया कि उनके नेतृत्व में लड़कियों की शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष कदम उठाए जा रहे हैं। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने भी हिस्सा लिया और छात्राओं को लैपटॉप वितरित किए।

    मारन ने कहा, हम चाहते हैं कि हमारी लड़कियां पढ़ें, शिक्षित बनें और अपने भविष्य में सशक्त हों। वहीं, उत्तर भारत में लड़कियों को केवल घर के कामकाज तक सीमित रखा जाता है।

    उन्होंने तमिलनाडु को भारत का सबसे उन्नत प्रदेश बताते हुए द्रविड़ियन मॉडल की विशेष प्रशंसा की।

    आंकड़े बताते हैं अंतर
    2011 की जनगणना के अनुसार, तमिलनाडु में 7 साल से ऊपर की उम्र की महिला साक्षरता दर 73.44% है। वहीं उत्तर भारत के राज्यों में यह दर कम है:

    उत्तर प्रदेश – 57.18%

    हरियाणा – 65.94%

    राजस्थान – 52.12%

    हिमाचल प्रदेश – 75.93%

    विशेषज्ञों का कहना है कि यह अंतर सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक कारणों से उत्पन्न होता है।

    राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं
    मारन के बयान पर उत्तर और दक्षिण भारत में तीखी प्रतिक्रियाएं आई हैं।

    कुछ लोगों ने इसे विभाजनकारी टिप्पणी कहा, जबकि अन्य ने महिला शिक्षा और समान अवसरों पर बहस को बढ़ावा देने की बात कही। सोशल मीडिया और मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस बयान पर बहस तेज हो गई है।

    विश्लेषकों का मानना है कि दयानिधि मारन का बयान केवल विवाद नहीं, बल्कि भारत में महिला सशक्तिकरण, शिक्षा और सामाजिक समानता के मुद्दों पर नई बहस को जन्म देने वाला कदम है। राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर इसकी प्रतिक्रियाएं अभी भी सामने आ रही हैं और यह मामला राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन चुका है।

  • शीतलहर की चपेट में पूरा उत्तर भारत, 600 उड़ानें रद्द…. देरी से चल रहीं 100 से ज्यादा ट्रेनें

    शीतलहर की चपेट में पूरा उत्तर भारत, 600 उड़ानें रद्द…. देरी से चल रहीं 100 से ज्यादा ट्रेनें


    नई दिल्ली।
    पूरे उत्तर भारत (North India) में भीषण शीतलहर (Severe Cold wave) जारी है। घने कोहरे (Fog) का असर यातायात संसाधनों पर भी देखने को मिला है। भीषण कोहरे के चलते 600 उड़ानें प्रभावित हुईं और 100 से अधिक ट्रेनें लेट (100 trains delayed) हुई हैं। इंडिगो ने सोमवार को खराब मौसम और ऑपरेशनल कारणों के चलते 118 उड़ानें रद्द (118 Indigo flights cancelled) कर दीं। इनमें से छह उड़ानें ऑपरेशनल कारणों के चलते रद्द की गईं, जबकि बाकी अलग-अलग हवाईअड्डे पर खराब मौसम की वजह से कैंसिल हुई हैं। मौसम विभाग के अनुसार, कुछ जगहों पर मंगलवार को दिन के तापमान में सामान्य से 4-5 डिग्री की गिरावट हो सकती है।


    दिल्ली हवाईअड्डे पर 128 उड़ानें रद्द

    घने कोहरे के कारण अकेले दिल्ली हवाईअड्डे पर 128 उड़ानें रद्द कर दी गईं, जिनमें आगमन और प्रस्थान की 64-64 उड़ानें शामिल थीं। आठ उड़ानों को दूसरे शहरों में डायवर्ट करना पड़ा। लगभग 470 उड़ानें विलंबित हुईं। इनमें प्रत्येक उड़ान के प्रस्थान में औसतन 24 मिनट की देरी हुई।

    इंडिगो एयरलाइन ने कहा खराब मौसम के कारण उसे अपने नेटवर्क में 80 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, इनमें से लगभग आधी दिल्ली हवाईअड्डे से थीं। इंडिगो की वेबसाइट के अनुसार, दिल्ली, मुंबई, बंगलूरू, कोच्चि, हैदराबाद, कोलकाता, अमृतसर, चंडीगढ़, जयपुर, देहरादून, इंदौर, पटना और भोपाल समेत कई जगहों पर उड़ान सेवाएं रद्द की गई हैं। एयरलाइन ने सुबह 11.20 बजे एक यात्रा सलाह में कहा, दिल्ली और उत्तरी भारत के कई हवाई अड्डों पर कोहरे की स्थिति बनी हुई है और दृश्यता में अभी पूरी तरह से सुधार नहीं हुआ है।

    इसे अलावा पंजाब के अमृतसर, आदमपुर, हलवारा, पठानकोट, चंडीगढ़ एयरफोर्स स्टेशन, सहरानपुर और आगरा में एयरफोर्स स्टेशन और मध्य प्रदेश के ग्वालियर में कई क्षेत्रों में दृश्यता शून्य मीटर रही। जिसका असर उड़ानों पर देखने को मिला। इससे पहले 25 दिसंबर को इंडिगो ने मौसम की स्थिति का हवाला देते हुए कई हवाई अड्डों के लिए 67 उड़ानें रद्द कर दी थीं, जबकि शनिवार को उसने खराब मौसम का हवाला देते हुए कई एयरपोर्ट से 57 और उड़ानें रद्द की थीं।


    इंडिगो की 118 उड़ानें रद्द

    इंडिगो ने सोमवार को खराब मौसम और परिचालन कारणों से 118 उड़ानें रद्द कर दी। इंडिगो की वेबसाइट से यह जानकारी मिली। वेबसाइट से मिली जानकारी के मुताबिक, इनमें से छह उड़ान सेवाएं परिचालन कारणों से रद्द की गईं जबकि बाकी विभिन्न हवाई अड्डों पर खराब मौसम की स्थिति के कारण रद्द कर दी गईं। इंडिगो की वेबसाइट के अनुसार, मुंबई, बेंगलुरु, कोचिन, हैदराबाद, कोलकाता, अमृतसर, चंडीगढ़, जयपुर, देहरादून, इंदौर, पटना और भोपाल जैसे अन्य हवाई अड्डों से आने-जाने वाली उड़ानें भी रद्द की गई हैं। इंडिगो की वेबसाइट के मुताबिक, इन 80 फ्लाइट्स में से आधी दिल्ली एयरपोर्ट से कैंसिल की गईं और बाकी में मुंबई, बेंगलुरु, कोचीन, हैदराबाद, कोलकाता, अमृतसर, चंडीगढ़, जयपुर, देहरादून, इंदौर, पटना और भोपाल जैसे एयरपोर्ट से आने-जाने वाली फ्लाइट्स शामिल थीं।


    रेल सेवाएं बुरी तरह प्रभावित

    साल के आखिरी सप्ताह में पड़ रहे घने कोहरे के कारण ट्रेनों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। तेजस से राजधानी एक्सप्रेस तक देर से चल रही हैं। यह देरी 16-16 घंटों तक की हो रही है। आनंद विहार सैरंग राजधानी एक्सप्रेस 12.30 घंटे लेट चल रही थी। नई दिल्ली राजेंद्र नगर तेजस राजधानी एक्सप्रेस 15.30 घंटे, नई दिल्ली हावड़ा राजधानी एक्सप्रेस 16 घंटे और नई दिल्ली सियालदह राजधानी 16 घंटे 30 मिनट की देरी से चल रही थीं। संपूर्ण क्रांति, मगध एक्सप्रेस, पुरुषोत्तम एक्सप्रेस, ब्रह्मपुत्र मेल और अमृत भारत जैसी ट्रेनों का भी यही हाल है। 100 से ज्यादा ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। ट्रेनें औसतन 8-10 घंटे की देरी से चल रही हैं। आम यात्रियों को सर्दी में परेशानी झेलनी पड़ी।

    10 फरवरी तक के लिए अलर्ट
    विमानन नियामक, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने 10 दिसंबर से 10 फरवरी के बीच की अवधि को इस सर्दी में आधिकारिक कोहरे की अवधि घोषित किया है।दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड (डीआईएएल) ने सोमवार सुबह जारी यात्री परामर्श में कहा, लगातार घने कोहरे के कारण, उड़ान संचालन श्रेणी तीन के अंतर्गत बना हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप उड़ानों में देरी हो सकती है। हम आपसे अनुरोध करते हैं कि नवीनतम उड़ान जानकारी के लिए आप अपनी संबंधित एयरलाइन से संपर्क करें या हमारी वेबसाइट देखें। श्रेणी-तीन एक उन्नत नेविगेशन प्रणाली है जो विमान को कोहरे की स्थिति में उतरने में सक्षम बनाती है।

    भीषण ठंड से कांपा उत्तर भारत, अलर्ट जारी
    दिल्ली में इस बार नए साल पर भी मौसम खराब रह सकता है। हिमालयी क्षेत्रों में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इस वजह से दिल्ली में 31 दिसंबर को बादल छाऐंगे और एक जनवरी को हल्की बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में अगले तीन दिनों यानी 31 दिसंबर तक घना कोहरा पड़ने के आसार हैं।

    भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, जम्मू मंडल, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और चंडीगढ़ के कुछ हिस्सों में रविवार रात से सोमवार सुबह तक अत्यधिक घना कोहरा छाया रहा। वहीं पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में सोमवार को कई जगह घना से अधिक घना कोहरा रहा और लोग ठंड से कांपते नजर आए। ऐसा ही मौसम मंगलवार को भी रहने के आसार हैं और संभाग में कई जगह शीत दिवस की चेतावनी भी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को दिन के तापमान में सामान्य से 4-5 डिग्री की गिरावट के आसार हैं। कई जिलों में घने कोहरे के साथ शीत दिवस की चेतावनी भी जारी की गई है।