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  • MP समेत पूरा उत्तर-पश्चिम भारत इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में… इन राज्यों में हीटवेव का अलर्ट

    MP समेत पूरा उत्तर-पश्चिम भारत इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में… इन राज्यों में हीटवेव का अलर्ट


    भोपाल।
    भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 22 अप्रैल को देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज अलग-अलग रहेगा। उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत (North-west and central India.) में भीषण गर्मी और लू (Extreme heat and heat wave.) का असर जारी रहेगा। पूर्वोत्तर, दक्षिण और कुछ पश्चिमी हिस्सों में बारिश व आंधी-तूफान की गतिविधियां देखने को मिलेंगी। पहले बात उत्तर-पश्चिम भारत की करें तो राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली समेत कई राज्यों में गर्मी का प्रकोप बना रहेगा। इन इलाकों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक तक जा सकता है और लू चलने की संभावना है।

    IMD के अनुसार, खासतौर पर पश्चिमी राजस्थान (Western Rajasthan.) और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में आज भी हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है। लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अगले 24 घंटों के दौरान भी लगभग पूरे उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी पड़ने और लू चलने का अनुमान है। राजधानी लखनऊ में दिन का तापमान लगभग 42 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है, जबकि रात का तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आस-पास रहने का अनुमान है।


    मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ में गर्मी, कुछ इलाकों में बारिश

    मध्य भारत यानी मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh), छत्तीसगढ़ और विदर्भ क्षेत्र में भी मौसम काफी गर्म रहेगा। यहां तापमान में और बढ़ोतरी के संकेत हैं। कई जगहों पर लू जैसी स्थिति बन सकती है। कुछ इलाकों में हल्की बारिश या बादल छाने से थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन यह राहत अस्थायी होगी और कुल मिलाकर गर्मी का असर बना रहेगा। वहीं, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मौसम का मिजाज थोड़ा अलग रहेगा। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों (जैसे- असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश) में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इससे तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि आंधी-तूफान और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा।


    असम में भारी बारिश जारी रहने की संभावना

    अधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, असम में भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने भूस्खलन प्रभावित पहाड़ी क्षेत्रों के निवासियों को सतर्क रहने और जान-माल की हानि से बचने के लिए सावधानियां बरतने के लिए कहा है। इसमें कहा गया कि आने वाले दिनों में छिटपुट बारिश और आंधी चलने की संभावना है। सभी एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया गया है। वहीं, दक्षिण भारत और तटीय इलाकों की बात करें तो केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में गर्म और उमस भरा मौसम रहेगा। इसके साथ ही कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। महाराष्ट्र और पश्चिमी तट के कुछ हिस्सों में भी 22 अप्रैल को हल्की बारिश और आंधी की संभावना है, जिससे अस्थायी राहत मिलेगी लेकिन उमस बनी रहेगी।

  • MP में बदला मौसम, कोहरे और ठंडी हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन, 27-28 जनवरी को बारिश का अलर्ट

    MP में बदला मौसम, कोहरे और ठंडी हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन, 27-28 जनवरी को बारिश का अलर्ट



    भोपाल।  मध्य प्रदेश में मौसम ने फिर से बदलती मार दिखाई है। रविवार की सुबह प्रदेश के कई हिस्सों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे ठंड और बढ़ गई और आम जीवन प्रभावित हुआ। सड़कों पर कम दृश्यता के कारण लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ीं।

    मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि प्रदेश के लगभग आधे हिस्से में 27 और 28 जनवरी को बारिश और गरज-चमक के आसार हैं।

    विभाग के अनुसार, 26 जनवरी से उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस काफी मजबूत है, जिसका असर मध्य प्रदेश पर भी पड़ेगा। ग्वालियर-चंबल संभाग में पहले से ही बादल, हल्की बारिश और कोहरे का दौर जारी है।

    विभाग ने बताया कि उत्तर भारत में दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन, एक लो प्रेशर एरिया और ट्रफ लाइन सक्रिय हैं। इन मौसम प्रणालियों की वजह से पिछले 24 घंटों में ग्वालियर-चंबल के कई जिलों में बारिश दर्ज की गई।

    शनिवार को भी प्रदेश में मौसम ठंडा बना रहा। छतरपुर, रतलाम समेत 10 से अधिक जिलों में तेज हवाओं ने ठंडक बढ़ाई। भोपाल में दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रही। वहीं, शनिवार देर शाम नरसिंहपुर के सालीचौका क्षेत्र में 20-25 मिनट तक तेज बारिश हुई।

    मौसम विभाग ने 27 जनवरी को भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, विदिशा, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर और रतलाम तथा 28 जनवरी को जबलपुर, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल, उमरिया, कटनी, दमोह, सागर, नरसिंहपुर, विदिशा और रायसेन में बारिश की संभावना जताई है।

    शनिवार की रात मंदसौर प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 7.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। राजगढ़ में 7.4, नीमच के मरुखेड़ा में 7.9, कल्याणपुर में 8.2, पचमढ़ी में 8.2 और कटनी के करौंदी में 9.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। बड़े शहरों में भोपाल 12.5, इंदौर 12.2, ग्वालियर 13.3, उज्जैन 12.8 और जबलपुर 15.3 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर रहे।

    सर्द हवाओं और कोहरे की वजह से ग्वालियर-चंबल संभाग में दिन के तापमान में तेज गिरावट देखी गई। दतिया सबसे ठंडा रहा, जहां अधिकतम तापमान केवल 18.6 डिग्री था। खजुराहो में तापमान 21.4 डिग्री दर्ज हुआ, जबकि गुना 18.7, टीकमगढ़ 19, श्योपुर 19.4, ग्वालियर-धार 20, उज्जैन 21.5, रतलाम 21.2, इंदौर 22, नौगांव 22.5 और भोपाल 23.1 डिग्री सेल्सियस पर था। मौसम विभाग ने रविवार को भी दिन के तापमान में गिरावट की संभावना जताई है।