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  • कार्लसन पर जीत के बाद प्रज्ञानंद की जमकर तारीफ, सोशल मीडिया पर चर्चा

    कार्लसन पर जीत के बाद प्रज्ञानंद की जमकर तारीफ, सोशल मीडिया पर चर्चा


    नई दिल्ली । नॉर्वे चेस टूर्नामेंट 2026 एक बार फिर भारतीय शतरंज के लिए यादगार बन गया है, जहां युवा ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानंद ने दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को दूसरी बार मात देकर सबको चौंका दिया। यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि प्रज्ञानंद ने इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में पहले सफेद मोहरों से और अब काले मोहरों से कार्लसन को हराया है। उनके इस शानदार प्रदर्शन ने न केवल शतरंज की दुनिया में हलचल मचा दी है, बल्कि भारत में भी उन्हें लेकर उत्साह चरम पर पहुंच गया है।

    आनंद  महिंद्रा की प्रतिक्रिया, कहा- “अब अभेद्य लगने लगे हैं प्रज्ञानंद”
    उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने इस जीत के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रज्ञानंद की जमकर तारीफ की। उन्होंने लिखा कि अब प्रज्ञानंद “अभेद्य” यानी लगभग अजेय लगने लगे हैं। महिंद्रा ने यह भी कहा कि मैग्नस कार्लसन ने इस हार पर किसी तरह की निराशा नहीं दिखाई, जो यह संकेत देता है कि वह अब प्रज्ञानंद के साथ ऐसे परिणामों के आदी होते जा रहे हैं। उनकी यह टिप्पणी तेजी से वायरल हो गई और खेल प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बन गई।

    राइवलरी ने पकड़ी रफ्तार, लगातार दूसरी बड़ी जीत
    प्रज्ञानंद और कार्लसन के बीच यह मुकाबला अब एक मजबूत राइवलरी का रूप ले चुका है। इस टूर्नामेंट में भारतीय खिलाड़ी ने पहले भी कार्लसन को हराया था और अब दूसरी जीत ने उनकी स्थिति और मजबूत कर दी है। खेल के अंतिम चरण तक मुकाबला बेहद संतुलित रहा, लेकिन समय की कमी में कार्लसन दबाव में आ गए और प्रज्ञानंद ने इसका पूरा फायदा उठाते हुए निर्णायक बढ़त हासिल कर ली।

    भारतीय शतरंज का बढ़ता दबदबा
    इस टूर्नामेंट में अन्य भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन भी मिला-जुला रहा। वर्ल्ड चैंपियन गुकेश डोमराजू को हार का सामना करना पड़ा, जबकि दिव्या देशमुख भी अपने मुकाबले में पीछे रह गईं। वहीं राउंड 8 के बाद वेस्ली सो 14 अंकों के साथ शीर्ष पर पहुंच गए हैं, अलीरेजा फिरौजा 13 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर हैं और प्रज्ञानंद 12 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर बने हुए हैं।

    टाइटल की रेस में मजबूत दावेदारी
    हालांकि प्रज्ञानंद अभी शीर्ष पर नहीं हैं, लेकिन लगातार दो जीत ने उन्हें खिताबी दौड़ में मजबूती से खड़ा कर दिया है। उनकी रणनीतिक समझ, धैर्य और दबाव में प्रदर्शन ने उन्हें इस समय दुनिया के सबसे चर्चित युवा खिलाड़ियों में शामिल कर दिया है। शतरंज विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उनका यह प्रदर्शन जारी रहा तो वह जल्द ही किसी बड़े विश्व खिताब के सबसे मजबूत दावेदार बन सकते हैं।

  • नॉर्वे चेस: प्रज्ञानंद ने फिर हराया कार्लसन, गुकेश और दिव्या को आठवें राउंड में मिली हार

    नॉर्वे चेस: प्रज्ञानंद ने फिर हराया कार्लसन, गुकेश और दिव्या को आठवें राउंड में मिली हार


    नई दिल्ली । नॉर्वे चेस 2026 के आठवें राउंड में भारत के युवा ग्रैंडमास्टर रमेशबाबू प्रज्ञानंद ने एक बार फिर दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ियों में शामिल मैग्नस कार्लसन को हराकर सनसनीखेज जीत दर्ज की। काले मोहरों से खेलते हुए प्रज्ञानंद ने इस मुकाबले में बेहतरीन रणनीति और संयम का परिचय दिया और एक बार फिर साबित किया कि वह दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों को लगातार चुनौती देने की क्षमता रखते हैं।

    यह प्रज्ञानंद की कार्लसन पर इसी टूर्नामेंट में दूसरी जीत है। इससे पहले उन्होंने व्हाइट मोहरों से भी कार्लसन को मात दी थी। इस उपलब्धि के साथ प्रज्ञानंद अब उन चुनिंदा खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए हैं जिन्होंने एक ही टूर्नामेंट में कार्लसन को दो बार हराया है।

    इस जीत के बाद टूर्नामेंट में खिताबी मुकाबला और भी रोमांचक हो गया है। वेस्ली सो फिलहाल 14 अंकों के साथ शीर्ष पर बने हुए हैं, जबकि अलीरेजा फिरोजा 13 अंकों के साथ उनसे बेहद करीब हैं। प्रज्ञानंद 12 अंकों के साथ मजबूत दावेदारी में बने हुए हैं और अंतिम राउंड से पहले टाइटल रेस पूरी तरह खुली हुई है।

    दूसरी ओर, भारतीय वर्ल्ड चैंपियन डी गुकेश को अपने मुकाबले में अलीरेजा फिरोजा के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। व्हाइट मोहरों से खेलते हुए गुकेश ने संघर्ष जरूर किया, लेकिन टाइम प्रेशर में वह बढ़त बनाए नहीं रख सके और मुकाबला हार गए।

    महिला वर्ग में भी भारत के लिए मिला-जुला प्रदर्शन रहा। दिव्या देशमुख को बिबिसारा असौबायेवा के खिलाफ हार झेलनी पड़ी। मुकाबले में असौबायेवा ने दबाव बनाए रखा और दिव्या की टाइम समस्या का फायदा उठाते हुए जीत हासिल की।

    वहीं, चीन की झू जिनर ने मौजूदा विश्व चैंपियन जू वेनजुन को हराकर बड़ा उलटफेर किया। इस बीच भारत की अनुभवी खिलाड़ी कोनेरू हंपी ने आर्मागेडन टाईब्रेकर में जीत दर्ज कर महत्वपूर्ण अतिरिक्त अंक हासिल किए।

    राउंड 8 के बाद महिला वर्ग में बिबिसारा असौबायेवा 15.5 अंकों के साथ शीर्ष पर हैं, जबकि दिव्या देशमुख और झू जिनर 10-10 अंकों के साथ बराबरी पर बनी हुई हैं। टूर्नामेंट अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है, जहां खिताबी दौड़ बेहद रोमांचक हो गई है।