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  • यूएस ओपन में जोकोविच को झटका, नवोन ने रचा इतिहास: पांच सेट की जंग के बाद दिग्गज को हराकर दूसरे दौर में बनाई जगह

    यूएस ओपन में जोकोविच को झटका, नवोन ने रचा इतिहास: पांच सेट की जंग के बाद दिग्गज को हराकर दूसरे दौर में बनाई जगह


    नई दिल्ली। यूएस ओपन 2026 की शुरुआत टेनिस जगत के सबसे बड़े उलटफेर के साथ हुई है। 24 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन और चार बार के यूएस ओपन विजेता नोवाक जोकोविच को अर्जेंटीना के मारियानो नवोन ने टूर्नामेंट के पहले ही दौर में हराकर बाहर कर दिया। पांच सेट तक चले रोमांचक मुकाबले में नवोन ने जोकोविच को 7-6 5-7 4-6 6-2 6-1 से शिकस्त दी। यह मुकाबला 4 घंटे 36 मिनट तक चला और किसी भी ग्रैंड स्लैम के पहले दौर का अब तक का सबसे लंबा मैच बन गया।

    जोकोविच के लिए यह हार इसलिए भी बेहद निराशाजनक रही क्योंकि 2006 ऑस्ट्रेलियन ओपन के बाद पहली बार उन्हें किसी ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के शुरुआती दौर में हार का सामना करना पड़ा है। 39 वर्षीय सर्बियाई खिलाड़ी मुकाबले की शुरुआत में पिछड़ने के बावजूद शानदार वापसी करने में सफल रहे थे। उन्होंने दूसरा और तीसरा सेट जीतकर मैच पर अपनी पकड़ बना ली थी। ऐसे में माना जा रहा था कि अनुभव के दम पर जोकोविच मुकाबला अपने नाम कर लेंगे लेकिन इसके बाद उनकी शारीरिक परेशानियां बढ़ती चली गईं।

    चौथे सेट में जोकोविच ने बढ़त बनाने की कोशिश की लेकिन नवोन ने शानदार वापसी की और सेट 6-2 से अपने नाम कर लिया। निर्णायक पांचवें सेट में अर्जेंटीना के खिलाड़ी ने कोई मौका नहीं दिया और 6-1 से सेट जीतकर इतिहास रच दिया। इस दौरान जोकोविच शारीरिक रूप से काफी संघर्ष करते नजर आए। उनकी ऊर्जा कम होती गई और मैच के दौरान उन्हें उल्टी और शरीर में दर्द जैसी परेशानियों का भी सामना करना पड़ा। कई मौकों पर उन्हें कोर्ट पर चलने फिरने में भी परेशानी दिखाई दी।

    दिलचस्प बात यह थी कि मुकाबले से पहले आंकड़े पूरी तरह जोकोविच के पक्ष में थे। पांच सेट वाले मुकाबलों में उनका रिकॉर्ड 42-12 था जबकि नवोन इससे पहले ऐसे किसी मुकाबले में जीत दर्ज नहीं कर सके थे। हार्ड कोर्ट पर भी नवोन का रिकॉर्ड ज्यादा प्रभावशाली नहीं था। इसके बावजूद अर्जेंटीना के खिलाड़ी ने दबाव के बीच बेहतरीन मानसिक मजबूती दिखाई और दिग्गज खिलाड़ी को मात दे दी।

    मैच के निर्णायक दौर में न्यूयॉर्क की भीड़ लगातार जोकोविच का हौसला बढ़ा रही थी। पांचवें सेट में जब उन्होंने एक गेम जीतकर स्कोर 1-3 किया तो दर्शकों की आवाज और तेज हो गई। इस दौरान जोकोविच बेसलाइन के पीछे खड़े होकर भावुक भी नजर आए। प्रशंसकों का समर्थन उन्हें मुकाबले में वापस लाने के लिए पर्याप्त नहीं रहा और नवोन ने कुछ ही देर बाद मैच खत्म कर दिया।

    निर्णायक प्वाइंट पर भी नवोन ने अपनी फुर्ती का शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने जोकोविच की ड्रॉप वॉली तक तेजी से पहुंचकर गेंद को खाली कोर्ट में भेज दिया और जीत पक्की कर ली। मुकाबला खत्म होने के बाद नवोन नेट पर पहुंचे और जोकोविच को गले लगाया। जोकोविच ने भी हार के बावजूद खेल भावना का परिचय दिया और कोर्ट से बाहर जाते समय प्रशंसकों को ऑटोग्राफ देकर उनका अभिवादन किया।

    नवोन के लिए यह जीत किसी सपने के सच होने जैसी रही। जोकोविच जैसे दिग्गज खिलाड़ी को ग्रैंड स्लैम में हराना उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गया है। वहीं जोकोविच के लिए यह हार इसलिए और बड़ा झटका है क्योंकि उनके पास अपना 25वां मेजर खिताब जीतकर इतिहास रचने का मौका था। लेकिन यूएस ओपन में उनका सफर पहले ही दौर में समाप्त हो गया।

  • दो सेट जीतकर भी मैच नहीं बचा पाए जोकोविच: उल्टी और ऐंठन ने बढ़ाई मुश्किलें, हार के बाद बोले- अनुभव बहुत बुरा था

    दो सेट जीतकर भी मैच नहीं बचा पाए जोकोविच: उल्टी और ऐंठन ने बढ़ाई मुश्किलें, हार के बाद बोले- अनुभव बहुत बुरा था


    नई दिल्ली। 24 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन नोवाक जोकोविच के लिए यूएस ओपन 2026 का सफर बेहद निराशाजनक तरीके से खत्म हो गया। 39 साल के सर्बियाई स्टार को पहले ही राउंड में अर्जेंटीना के मारियानो नवोन के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। मुकाबले के दौरान जोकोविच लगातार शारीरिक परेशानियों से जूझते नजर आए। उन्हें उल्टी हुई और शरीर में ऐंठन के साथ दर्द की शिकायत भी रही। मैच खत्म होने के बाद जोकोविच ने कोर्ट पर अपने अनुभव को बेहद खराब बताया और कहा कि इस साल लगभग हर मैच में उन्हें ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ा है।

    जोकोविच के मुताबिक उल्टी के बाद उनका पूरा शरीर जवाब देने लगता है और खासतौर पर ऐंठन और दर्द की वजह से उनके लिए खेलना मुश्किल हो जाता है। इस मुकाबले में उनकी पीठ और कंधे ने भी आखिरकार उनका साथ छोड़ दिया। हालांकि शारीरिक परेशानियों के बावजूद उन्होंने मुकाबले में वापसी की कोशिश जारी रखी और एक समय मैच में मजबूत स्थिति बना ली थी। जोकोविच शुरुआती चरण में दो सेट अपने नाम कर चुके थे और चौथे सेट में भी एक ब्रेक की बढ़त हासिल कर चुके थे लेकिन इसके बाद उनकी शारीरिक परेशानी लगातार बढ़ती चली गई।

    जोकोविच ने बताया कि चौथे सेट के चौथे गेम से ही उन्हें लगातार संघर्ष करना पड़ रहा था। इसके बावजूद उन्होंने मुकाबला छोड़ने के बजाय आखिरी तक लड़ने का फैसला किया। उन्होंने माना कि एक समय उनके मन में मैच से हटने का विचार भी आया था लेकिन जब उन्होंने एक सेट जीत लिया और फिर तीसरे सेट में भी वापसी की तो उन्हें लगा कि शायद मुकाबला अभी बचाया जा सकता है। वह चौथे और पांचवें सेट में हार मानने के बजाय मैच को किसी भी तरह पूरा करना चाहते थे।

    इस हार के साथ जोकोविच के ग्रैंड स्लैम रिकॉर्ड में भी बड़ा बदलाव आया। 2006 के ऑस्ट्रेलियन ओपन के बाद से वह किसी ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के शुरुआती राउंड में नहीं हारे थे। इससे पहले ग्रैंड स्लैम में उनकी शुरुआती दौर की हार 2005 के ऑस्ट्रेलियन ओपन में हुई थी। ऐसे में यूएस ओपन के पहले ही राउंड में मिली यह हार उनके लंबे और शानदार ग्रैंड स्लैम रिकॉर्ड के लिहाज से काफी बड़ी मानी जा रही है।

    मैच के आखिरी दौर में जोकोविच को न्यूयॉर्क के दर्शकों का जबरदस्त समर्थन मिला। निर्णायक सेट में जब वह 1-3 से पीछे चल रहे थे तब स्टेडियम में मौजूद दर्शक उनका हौसला बढ़ाते रहे। दर्शकों के समर्थन से जोकोविच भावुक भी नजर आए। चार बार के यूएस ओपन चैंपियन ने कहा कि भीड़ ने शुरुआत से ही उनका शानदार समर्थन किया और अहम पलों में उन्हें प्रोत्साहित करने की कोशिश की।

    जोकोविच ने दर्शकों के इस प्यार और समर्थन के लिए आभार जताया। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि मैच और अपने शरीर के साथ उनका अनुभव बिल्कुल सुखद नहीं था। कोर्ट पर बिताया गया हर पल उन्हें बेहद कठिन लगा। उन्हें इस बात का भी अफसोस रहा कि वह दर्शकों के लिए वैसा प्रदर्शन नहीं कर पाए जैसा वह करना चाहते थे।

    दूसरी ओर जोकोविच ने मारियानो नवोन की जीत का पूरा श्रेय उन्हें दिया। उन्होंने अर्जेंटीना के खिलाड़ी को बधाई देते हुए उन्हें अच्छा इंसान और मजबूत फाइटर बताया। जोकोविच की इस हार ने जहां यूएस ओपन में बड़ा उलटफेर किया वहीं उनकी शारीरिक परेशानियों ने उनके भविष्य के ग्रैंड स्लैम अभियान को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल इस मुकाबले की सबसे बड़ी तस्वीर यही रही कि दो सेट जीतने और वापसी की तमाम कोशिशों के बावजूद शारीरिक समस्याओं के आगे जोकोविच को हार माननी पड़ी।

  • सेमीफाइनल हार के बाद भी नहीं टूटा जोकोविच का हौसला, 25वें ग्रैंड स्लैम के लिए जारी रहेगी जंग

    सेमीफाइनल हार के बाद भी नहीं टूटा जोकोविच का हौसला, 25वें ग्रैंड स्लैम के लिए जारी रहेगी जंग


    नई दिल्ली। विंबलडन 2026 के पुरुष एकल सेमीफाइनल में दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी जैनिक सिनर से सीधे सेटों में हार झेलने के बावजूद टेनिस महान खिलाड़ी नोवाक जोकोविच ने साफ कर दिया कि उनका सफर अभी खत्म नहीं हुआ है। सात बार के विंबलडन चैंपियन ने संन्यास की अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा कि वह कम से कम एक बार और इस प्रतिष्ठित ग्रैंड स्लैम में वापसी करना चाहते हैं। साथ ही उन्होंने 25वें ग्रैंड स्लैम खिताब का सपना भी बरकरार रहने की बात कही।

    39 वर्षीय सर्बियाई स्टार को सेमीफाइनल में जैनिक सिनर ने 6-4, 6-4, 6-4 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। पूरे मुकाबले में सिनर ने आक्रामक और संतुलित खेल दिखाया तथा जोकोविच को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। हार के बाद जब जोकोविच सेंटर कोर्ट से बाहर निकले तो दर्शकों ने खड़े होकर तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका सम्मान किया। इसके बाद उनके संन्यास को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं, लेकिन जोकोविच ने इन सभी अटकलों को तुरंत खारिज कर दिया।

    जोकोविच ने कहा कि वह कम से कम एक बार और विंबलडन में खेलना चाहते हैं। उन्होंने माना कि इस हार से उन्हें निराशा हुई है क्योंकि उनका लक्ष्य एक और विंबलडन खिताब जीतना था। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से वह लगातार मेहनत करते हैं और खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करते हैं।

    उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में अपने प्रदर्शन को सकारात्मक बताया। खास तौर पर क्वार्टर फाइनल में फेलिक्स ऑगर-अलियासिमे के खिलाफ मिली जीत का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उस मुकाबले ने साबित किया कि वह आज भी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को चुनौती देने की क्षमता रखते हैं। उनके अनुसार, यह प्रदर्शन उनके आत्मविश्वास को मजबूत करता है और बताता है कि वह अब भी शीर्ष स्तर का टेनिस खेल सकते हैं।

    जोकोविच ने स्वीकार किया कि सेमीफाइनल में वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर सके। उन्होंने जैनिक सिनर की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने शानदार टेनिस खेली और जीत के पूरी तरह हकदार रहे। हालांकि इस हार का दुख रहेगा, लेकिन वह इसे पीछे छोड़कर आगे की चुनौतियों पर ध्यान देना चाहते हैं।

    24 ग्रैंड स्लैम खिताब जीत चुके जोकोविच की अब नजर यूएस ओपन 2026 पर होगी। यदि वह वहां खिताब जीतने में सफल रहते हैं तो यह उनके करियर का 25वां ग्रैंड स्लैम होगा और वह इस मामले में मार्गरेट कोर्ट का रिकॉर्ड पीछे छोड़ देंगे। यही लक्ष्य उन्हें लगातार प्रेरित कर रहा है।

    जोकोविच ने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी रिकॉर्ड या बाहरी दबाव के कारण नहीं खेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें आज भी टेनिस से उतना ही प्यार है और उन्हें पूरा विश्वास है कि वह दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों के खिलाफ जीत हासिल करने में सक्षम हैं। यही विश्वास उन्हें आगे भी कोर्ट पर उतरने और नई उपलब्धियां हासिल करने की प्रेरणा देता रहेगा।

  • विराट संग क्रिकेट खेलना चाहते हैं नोवाक जोकोविच: बोले- भारत आकर कोहली से सीखूंगा बैटिंग तकनीक

    विराट संग क्रिकेट खेलना चाहते हैं नोवाक जोकोविच: बोले- भारत आकर कोहली से सीखूंगा बैटिंग तकनीक


    नई दिल्ली । दुनिया के महान टेनिस खिलाड़ियों में शामिल नोवाक जोकोविच ने भारतीय क्रिकेट स्टार विराट कोहली की जमकर तारीफ करते हुए कहा है कि वह जल्द भारत आने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने अपनी इच्छा जाहिर की कि भारत दौरे के दौरान वह विराट कोहली के साथ क्रिकेट और टेनिस दोनों खेलना चाहेंगे। जोकोविच ने कहा कि उनके मन में विराट और भारतीय क्रिकेट के प्रति बेहद सम्मान है और वह भारत आकर इस दोस्ती को और मजबूत बनाना चाहते हैं।

    एक बातचीत के दौरान जोकोविच ने कहा कि वह लंबे समय से भारत आने की योजना बना रहे हैं और इस संबंध में विराट कोहली से भी चर्चा हो चुकी है। उन्होंने कहा कि विराट केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के सबसे बड़े खेल सितारों में शामिल हैं। यदि उन्हें भारत आने का अवसर मिला तो वह चाहेंगे कि विराट उनके मेजबान बनें और उन्हें देश की संस्कृति तथा प्रमुख स्थानों से परिचित कराएं।

    सर्बिया के रहने वाले जोकोविच ने बताया कि उनके देश में क्रिकेट लोकप्रिय खेल नहीं है, लेकिन उनकी टीम के कुछ सदस्य ब्रिटेन से हैं और उन्हें क्रिकेट का काफी शौक है। इसी वजह से पिछले कई वर्षों में उन्होंने क्रिकेट को समझने और उसके नियम सीखने की कोशिश की है। हालांकि उन्होंने मुस्कुराते हुए स्वीकार किया कि उनकी क्रिकेट तकनीक अभी भी बहुत बेहतर नहीं है और उन्हें उम्मीद है कि विराट कोहली उनकी बैटिंग तकनीक और बैट स्विंग सुधारने में मदद करेंगे।

    जोकोविच ने कहा कि विराट कोहली की खेल भावना, अनुशासन और मैदान पर समर्पण उन्हें हमेशा प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि भारतीय क्रिकेट ने विश्व खेल जगत में अपनी अलग पहचान बनाई है और उसके लिए उनके मन में विशेष सम्मान है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत आकर विराट के साथ समय बिताना उनके लिए यादगार अनुभव होगा।

    इस बीच जोकोविच ने विंबलडन में भी शानदार प्रदर्शन जारी रखा है। उन्होंने चौथे दौर के मुकाबले में रोमन सफीउलिन को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। इस जीत के साथ उन्होंने विंबलडन पुरुष एकल में सबसे अधिक जीत दर्ज करने का नया रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। लगातार नौवीं बार विंबलडन के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाले जोकोविच ने अपनी इस उपलब्धि को बेहद खास बताया।

    उन्होंने कहा कि विंबलडन उनके लिए केवल एक टूर्नामेंट नहीं बल्कि बचपन का सपना है। बचपन से ही वह यहां चैंपियन बनने और दुनिया का नंबर एक खिलाड़ी बनने का सपना देखते थे। सात बार विंबलडन का खिताब जीतना और इतने वर्षों तक लगातार शीर्ष स्तर पर खेलना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि सेंटर कोर्ट पर खेलने का अनुभव हमेशा उन्हें अतिरिक्त ऊर्जा और आत्मविश्वास देता है तथा वह इस वर्ष भी खिताब जीतने की पूरी कोशिश करेंगे।

    अब क्वार्टर फाइनल में जोकोविच का मुकाबला फेलिक्स ऑगर अलियासिमे और एलेजांद्रो डेविडोविच फोकिना के बीच होने वाले विजेता से होगा। टेनिस प्रेमियों की नजर एक बार फिर इस दिग्गज खिलाड़ी के अगले मुकाबले पर टिकी हुई है।

  • विंबलडन पहुंचीं दीप्ति शर्मा, धोनी और जोकोविच की मानसिक मजबूती को बताया एक जैसा

    विंबलडन पहुंचीं दीप्ति शर्मा, धोनी और जोकोविच की मानसिक मजबूती को बताया एक जैसा


    नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा इन दिनों विंबलडन का रोमांच करीब से देख रही हैं। इस दौरान उन्होंने टेनिस के महान खिलाड़ी नोवाक जोकोविच और भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की तुलना करते हुए कहा कि दोनों खिलाड़ियों की सबसे बड़ी ताकत कठिन परिस्थितियों में भी शांत रहकर मुकाबले का रुख बदलने की क्षमता है।

    जियो हॉटस्टार से बातचीत में दीप्ति ने कहा कि जब भी नोवाक जोकोविच का नाम आता है तो सबसे पहले उनकी मानसिक मजबूती की चर्चा होती है। उन्होंने कहा कि जोकोविच कभी हार नहीं मानते और चाहे हालात कितने भी चुनौतीपूर्ण हों, उनका आत्मविश्वास और संयम हमेशा कायम रहता है। यही गुण उन्हें दुनिया के महानतम खिलाड़ियों में शामिल करता है।

    दीप्ति ने कहा कि क्रिकेट में अगर किसी खिलाड़ी की तुलना जोकोविच से की जा सकती है तो वह महेंद्र सिंह धोनी हैं। उनके अनुसार धोनी मैदान पर हमेशा बेहद शांत दिखाई देते हैं और दबाव की स्थिति में भी उनके चेहरे पर घबराहट नहीं दिखती। यही कारण है कि उन्होंने अपने करियर में कई मुश्किल मुकाबलों में टीम इंडिया को जीत दिलाई। उन्होंने कहा कि दोनों दिग्गज खिलाड़ियों से यह सीख मिलती है कि कठिन परिस्थितियों में धैर्य और मानसिक संतुलन बनाए रखना ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।

    भारतीय ऑलराउंडर ने यह भी स्वीकार किया कि मौजूदा समय में नोवाक जोकोविच उनके पसंदीदा टेनिस खिलाड़ी हैं। उन्होंने कहा कि वह बचपन से रोजर फेडरर और राफेल नडाल जैसे दिग्गजों को खेलते हुए देखती आई हैं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में जोकोविच की जुझारू मानसिकता और कभी हार न मानने वाले रवैये ने उन्हें सबसे अधिक प्रभावित किया है। अब वह उनके लगभग हर मुकाबले को फॉलो करती हैं।

    दीप्ति ने विंबलडन का अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह उनका लंबे समय से देखा गया सपना था। उन्होंने कहा कि वर्षों तक टीवी पर इस प्रतिष्ठित ग्रैंड स्लैम को देखने के बाद पहली बार यहां लाइव मुकाबले देखने का अनुभव बेहद खास है। स्टेडियम का माहौल, दर्शकों का उत्साह और प्रतियोगिता का वातावरण उन्हें बेहद रोमांचित कर रहा है।

    जब उनसे पूछा गया कि यदि उन्हें विंबलडन में किसी तीन भारतीय खेल हस्तियों के साथ मैच देखने का मौका मिले तो वह किन्हें चुनेंगी, तो उन्होंने सचिन तेंदुलकर, रवि शास्त्री और सुनील गावस्कर का नाम लिया। दीप्ति का मानना है कि इन तीनों दिग्गजों के साथ बैठकर मैच देखने और खेल पर उनकी राय सुनना अपने आप में यादगार अनुभव होगा।

    दीप्ति शर्मा का यह बयान खेल जगत के दो महान खिलाड़ियों की मानसिक मजबूती और नेतृत्व क्षमता को लेकर उनकी गहरी समझ को भी दर्शाता है। उन्होंने यह संदेश दिया कि किसी भी खेल में प्रतिभा के साथ मानसिक दृढ़ता और दबाव में सही फैसले लेने की क्षमता ही महान खिलाड़ियों की पहचान होती है।

  • ऑस्ट्रेलियन ओपन फाइनल को लेकर बड़ा खुलासा, ईशान-अर्शदीप किसे बनाना चाहते हैं चैंपियन

    ऑस्ट्रेलियन ओपन फाइनल को लेकर बड़ा खुलासा, ईशान-अर्शदीप किसे बनाना चाहते हैं चैंपियन

    नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 का पुरुष एकल फाइनल टेनिस प्रेमियों के लिए किसी महायुद्ध से कम नहीं है। रविवार को मेलबर्न पार्क में 24 बार के ग्रैंड स्लैम विजेता सर्बिया के दिग्गज नोवाक जोकोविच और स्पेन के युवा स्टार कार्लोस अल्काराज आमने-सामने होंगे। यह मुकाबला न सिर्फ खिताब का फैसला करेगा, बल्कि टेनिस इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत भी कर सकता है। एक ओर जहां जोकोविच अपने 25वें ग्रैंड स्लैम खिताब की ओर बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अल्काराज करियर ग्रैंड स्लैम पूरा करने के बेहद करीब हैं।

    ईशान किशन को पसंद आया अल्काराज का आक्रामक अंदाज
    भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने इस फाइनल में कार्लोस अल्काराज को समर्थन दिया है। बीसीसीआई द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किए गए वीडियो में ईशान ने कहा कि अल्काराज का खेलने का अंदाज उन्हें खासा पसंद है। उनके मुताबिक, “अल्काराज जिस तरह से खेलते हैं, वह हमारे क्रिकेट खेलने के तरीके जैसा है। वह तेज खेलते हैं, गैप मिलते ही शॉट मारते हैं और ज्यादा इंतजार नहीं करते।” किशन का मानना है कि यही आक्रामकता और मौके भुनाने की क्षमता बड़े मैचों में अल्काराज को खतरनाक बनाती है।

    पहले ऑस्ट्रेलियन ओपन खिताब की तलाश में अल्काराज
    ईशान किशन ने यह भी कहा कि अल्काराज अपना पहला ऑस्ट्रेलियन ओपन खिताब जीतने की कोशिश में हैं और इसी वजह से वह उनके पक्ष में हैं। 22 वर्षीय अल्काराज पहले ही फ्रेंच ओपन, विंबलडन और यूएस ओपन जीत चुके हैं। अगर वह मेलबर्न में खिताब जीतते हैं, तो सबसे कम उम्र में करियर ग्रैंड स्लैम पूरा करने वाले खिलाड़ी बन जाएंगे। अब तक यह रिकॉर्ड स्पेन के ही दिग्गज राफेल नडाल के नाम है, जिन्होंने 24 साल की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की थी।

    अर्शदीप सिंह का भरोसा ‘आइसमैन’ जोकोविच पर
    वहीं भारतीय टीम के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह की पसंद ईशान से बिल्कुल अलग है। अर्शदीप ने नोवाक जोकोविच को अपना फेवरेट बताया है। उन्होंने साफ कहा, “मैं आइसमैन यानी जोकोविच को सपोर्ट कर रहा हूं।” जोकोविच का अनुभव, मानसिक मजबूती और बड़े मैचों में दबदबा उन्हें इस मुकाबले में बेहद खतरनाक बनाता है।

    दो पीढ़ियों की ऐतिहासिक जंग
    ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 का यह फाइनल दो पीढ़ियों के बीच टकराव का प्रतीक है। एक तरफ अनुभव और रिकॉर्ड्स से सजे जोकोविच हैं, तो दूसरी ओर युवा जोश और आक्रामक खेल के पर्याय अल्काराज। अगर जोकोविच जीतते हैं, तो वह 25 ग्रैंड स्लैम के साथ टेनिस इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ी बन जाएंगे। वहीं अल्काराज की जीत उन्हें भविष्य का निर्विवाद सुपरस्टार बना देगी। ऐसे में फैंस को एक यादगार और रोमांचक फाइनल की पूरी उम्मीद है।