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  • सरकारी नौकरी का बड़ा अवसर परमाणु ऊर्जा परियोजना में 255 टेक्नीशियन पदों पर भर्ती आवेदन 15 जुलाई से

    सरकारी नौकरी का बड़ा अवसर परमाणु ऊर्जा परियोजना में 255 टेक्नीशियन पदों पर भर्ती आवेदन 15 जुलाई से


    नई दिल्ली । सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक शानदार अवसर सामने आया है। न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के कुडनकुलम न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट ने स्टाइपेंडरी ट्रेनी और टेक्नीशियन के कुल 255 पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। यह भर्ती तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले स्थित देश के सबसे बड़े परमाणु ऊर्जा केंद्र के लिए की जाएगी। इच्छुक और पात्र उम्मीदवार 15 जुलाई से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन प्रक्रिया 4 अगस्त की शाम चार बजे तक जारी रहेगी।

    भर्ती के तहत विभिन्न आरक्षित और अनारक्षित वर्गों के लिए अलग अलग पद निर्धारित किए गए हैं। कुल 255 रिक्तियों में अनुसूचित जाति के लिए 54 पद अनुसूचित जनजाति के लिए 19 पद अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 77 पद आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 20 पद तथा सामान्य वर्ग के लिए 85 पद शामिल हैं। इसके अलावा दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए भी 11 पद आरक्षित रखे गए हैं जिससे अधिक से अधिक योग्य उम्मीदवारों को अवसर मिल सके।

    ऑनलाइन आवेदन केवल एनपीसीआईएल की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। उम्मीदवारों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना पंजीकरण और आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। अंतिम तिथि के बाद किसी भी प्रकार का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा इसलिए अभ्यर्थियों को समय रहते आवेदन करने की सलाह दी गई है।

    शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो प्लांट ऑपरेटर पद के लिए अभ्यर्थी के पास विज्ञान संकाय से बारहवीं पास होना जरूरी है। फिजिक्स केमिस्ट्री और गणित विषयों के साथ कम से कम 50 प्रतिशत अंक होना अनिवार्य है। वहीं इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक इंस्ट्रूमेंट मैकेनिक इलेक्ट्रीशियन फिटर टर्नर मशीनिस्ट और वेल्डर जैसे ट्रेड के लिए उम्मीदवार के पास दसवीं में विज्ञान और गणित में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक तथा संबंधित ट्रेड में दो वर्षीय आईटीआई प्रमाणपत्र होना चाहिए। जिन ट्रेड में आईटीआई की अवधि दो वर्ष से कम है वहां एक वर्ष का संबंधित कार्य अनुभव भी आवश्यक होगा। सभी उम्मीदवारों के लिए दसवीं स्तर तक अंग्रेजी विषय पढ़ा होना भी अनिवार्य रखा गया है।

    आयु सीमा के अनुसार आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष और अधिकतम उम्र 24 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्गों के अभ्यर्थियों को केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट प्रदान की जाएगी।

    चयनित उम्मीदवारों को दो वर्ष के प्रशिक्षण कार्यक्रम से गुजरना होगा। प्रशिक्षण के पहले वर्ष में प्रति माह 20 हजार रुपये और दूसरे वर्ष में 22 हजार रुपये का स्टाइपेंड दिया जाएगा। इसके अलावा एक बार तीन हजार रुपये का बुक अलाउंस भी मिलेगा। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद अभ्यर्थियों को टेक्नीशियन बी के पद पर नियुक्त किया जाएगा। इस पद पर सातवें वेतन आयोग के अनुसार लेवल तीन में 21 हजार 700 रुपये का मूल वेतन मिलेगा। इसके साथ महंगाई भत्ता और अन्य सरकारी भत्तों का लाभ भी दिया जाएगा।

    एनपीसीआईएल की यह भर्ती तकनीकी क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए बेहतरीन अवसर मानी जा रही है। आकर्षक वेतन प्रशिक्षण के दौरान आर्थिक सहायता और भविष्य में स्थायी सरकारी नौकरी की संभावना इस भर्ती को और अधिक महत्वपूर्ण बनाती है। इच्छुक उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि आवेदन करने से पहले आधिकारिक अधिसूचना को ध्यानपूर्वक पढ़ लें और सभी आवश्यक दस्तावेज पहले से तैयार रखें ताकि आवेदन प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

  • न्यूक्लियर सेक्टर को कर राहत का तोहफा: सरकार ने पूर्व प्रभाव से कस्टम ड्यूटी माफी दी, ऊर्जा परियोजनाओं की लागत घटने की उम्मीद

    न्यूक्लियर सेक्टर को कर राहत का तोहफा: सरकार ने पूर्व प्रभाव से कस्टम ड्यूटी माफी दी, ऊर्जा परियोजनाओं की लागत घटने की उम्मीद

    नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने देश में परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को प्रोत्साहन देने और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए परमाणु बिजली उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले कुछ विशेष आयातित सामानों पर कस्टम ड्यूटी से छूट प्रदान कर दी है। सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार यह राहत 1 अप्रैल 2019 से 31 जनवरी 2026 तक की अवधि के लिए प्रभावी मानी जाएगी, जिससे इस दौरान किए गए पात्र आयातों पर सीमा शुल्क देनदारी समाप्त हो जाएगी।

    सरकारी निर्णय के तहत गैर-विकिरणित फ्यूल एलिमेंट्स तथा परमाणु रिएक्टरों में उपयोग किए जाने वाले विशेष कार्ट्रिज जैसे महत्वपूर्ण उपकरणों और सामग्रियों के आयात पर कस्टम ड्यूटी नहीं लगेगी। ये सामग्री परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के संचालन और बिजली उत्पादन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे में यह कदम परमाणु ऊर्जा क्षेत्र की परिचालन लागत को कम करने में सहायक माना जा रहा है।

    सरकार का कहना है कि इन उत्पादों के आयात पर शुल्क नहीं लेने की व्यवस्था लंबे समय से व्यवहारिक रूप से लागू थी, लेकिन अब इसे औपचारिक वैधानिक मान्यता प्रदान की गई है। इससे संबंधित संस्थानों और कंपनियों को पूर्व अवधि के आयातों के संबंध में किसी प्रकार की कर अनिश्चितता या अतिरिक्त वित्तीय दायित्व का सामना नहीं करना पड़ेगा।

    इस फैसले का सबसे अधिक लाभ न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड को मिलने की संभावना है, जो देश के विभिन्न परमाणु बिजली संयंत्रों के लिए आवश्यक ईंधन असेंबली और तकनीकी सामग्री का आयात करती है। इसके अतिरिक्त, परमाणु ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी अन्य एजेंसियों और सहयोगी संस्थानों को भी इस राहत का लाभ प्राप्त होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे परियोजनाओं की लागत में कमी आएगी और भविष्य में निवेश का वातावरण अधिक अनुकूल बनेगा।

    भारत वर्तमान समय में ऊर्जा सुरक्षा और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन दोनों लक्ष्यों को समान प्राथमिकता दे रहा है। बढ़ती ऊर्जा मांग, जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम करने की आवश्यकता तथा कार्बन उत्सर्जन में कमी के वैश्विक लक्ष्यों को देखते हुए परमाणु ऊर्जा को एक महत्वपूर्ण विकल्प माना जा रहा है। यही कारण है कि सरकार लगातार इस क्षेत्र में निवेश, तकनीकी उन्नयन और नीतिगत समर्थन बढ़ाने पर जोर दे रही है।

    विशेषज्ञों के अनुसार परमाणु ऊर्जा स्थिर और बड़े पैमाने पर बिजली उत्पादन का ऐसा स्रोत है जो मौसम संबंधी परिस्थितियों पर निर्भर नहीं रहता। सौर और पवन ऊर्जा के साथ संतुलन बनाते हुए यह देश के ऊर्जा मिश्रण को अधिक मजबूत और विश्वसनीय बना सकता है। ऐसे में आयातित महत्वपूर्ण सामग्रियों पर कर छूट का यह निर्णय राष्ट्रीय ऊर्जा रणनीति के व्यापक लक्ष्यों के अनुरूप माना जा रहा है।

    उल्लेखनीय है कि हाल ही में सरकार ने अधिक एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर भी उत्पाद शुल्क को शून्य करने का निर्णय लिया था। 22 प्रतिशत से 30 प्रतिशत तक एथेनॉल मिश्रण वाले मोटर स्पिरिट को इस राहत के दायरे में लाया गया है। इससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि सरकार ऊर्जा क्षेत्र में वैकल्पिक और स्वच्छ स्रोतों को बढ़ावा देने के लिए कर संबंधी नीतियों का सक्रिय उपयोग कर रही है। परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को मिली यह नई राहत भी उसी व्यापक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है, जिसका उद्देश्य देश को अधिक टिकाऊ, सुरक्षित और आत्मनिर्भर ऊर्जा व्यवस्था की ओर अग्रसर करना है।