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  • NPS Swasthya में पेंशन के साथ हेल्थ कवर का फायदा, ₹1,000 से शुरुआत और इलाज के लिए 25% निकासी की सुविधा

    NPS Swasthya में पेंशन के साथ हेल्थ कवर का फायदा, ₹1,000 से शुरुआत और इलाज के लिए 25% निकासी की सुविधा


    नई दिल्ली ।
    रिटायरमेंट के लिए बचत करने वालों के साथ अब स्वास्थ्य सुरक्षा को जोड़ने की दिशा में NPS Swasthya योजना महत्वपूर्ण है। इस योजना के तहत पेंशन अकाउंट के साथ सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस कवर जोड़ा गया है। योजना के नए नियम तत्काल प्रभाव से लागू किए गए हैं। इसमें निवेश और हेल्थ इंश्योरेंस को दो अलग हिस्सों के तौर पर रखा गया है।

    NPS Swasthya में शामिल होने के लिए NPS में प्रवेश की पात्रता रखने वाले नागरिक आवेदन कर सकते हैं। योजना में फैमिली फ्लोटर हेल्थ इंश्योरेंस का विकल्प है, जिसके तहत खाताधारक के साथ पति या पत्नी और दो बच्चों को कवर किया जा सकता है। माता-पिता को इस स्टैंडर्ड पॉलिसी के तहत शामिल नहीं किया गया है।

    इस योजना की शुरुआत के लिए तीन तरह की राशि जरूरी होगी। इसमें पहले साल का इंश्योरेंस प्रीमियम, ₹200 का सालाना मेंटेनेंस चार्ज और NPS Swasthya खाते में कम से कम ₹1,000 का निवेश शामिल है। शुरुआती निवेश के बाद न्यूनतम ₹10 का योगदान भी किया जा सकता है।

    योजना में 18 से 70 वर्ष की उम्र के लोग प्रवेश ले सकते हैं। इसे 85 वर्ष की उम्र तक रिन्यू कराया जा सकता है। जमा राशि का निवेश केंद्र सरकार की पेंशन योजना से जुड़े निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाएगा। इसके अलावा पेंशन फंड सालाना कॉर्पस पर 0.08 प्रतिशत तक चार्ज ले सकता है।

    हेल्थ इंश्योरेंस कवर के लिए अलग-अलग डिडक्टिबल विकल्प दिए गए हैं। ₹10,000 के डिडक्टिबल पर ₹1 लाख का सम इंश्योर्ड, ₹50,000 डिडक्टिबल पर ₹5 लाख का कवर और ₹1 लाख डिडक्टिबल पर ₹10 लाख का सम इंश्योर्ड उपलब्ध है। वहीं ₹3 लाख के डिडक्टिबल विकल्प के साथ फैमिली फ्लोटर के तहत ₹30 लाख तक का बीमा कवर मिल सकता है।

    डिडक्टिबल उस शुरुआती राशि को कहा जाता है, जिसे बीमा क्लेम से पहले खाताधारक को खुद या किसी दूसरी पॉलिसी के जरिए वहन करना होता है। इसके बाद की पात्र अस्पताल संबंधी लागत बीमा कवर के दायरे में आती है।

    योजना में इलाज और अस्पताल से जुड़े खर्च के लिए कुल जमा योगदान का 25 प्रतिशत तक निकालने की सुविधा भी दी गई है। इसके लिए किसी वेटिंग पीरियड की जरूरत नहीं बताई गई है और निकासी की संख्या पर भी कोई सीमा नहीं है। हालांकि निकाली जाने वाली राशि सीधे खाताधारक के बैंक खाते में देने के बजाय अस्पताल या हेल्थकेयर सेंटर को ट्रांसफर की जाएगी।

    इंश्योरेंस प्रीमियम के भुगतान को लेकर भी व्यवस्था तय की गई है। रिन्यूअल के समय खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने पर पेंशन फंड की ओर से 90, 60 और 30 दिन पहले अलर्ट भेजे जाएंगे। अगर ग्रेस पीरियड समाप्त होने तक प्रीमियम का भुगतान नहीं किया जाता है, तो हेल्थ इंश्योरेंस बंद हो जाएगा और NPS Swasthya खाता सामान्य ऑल सिटिजन मॉडल में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।

  • सिर्फ 250 रुपये से शुरू करें बच्चे के भविष्य की तैयारी, एनपीएस वात्सल्य में बढ़ी अभिभावकों की दिलचस्पी

    सिर्फ 250 रुपये से शुरू करें बच्चे के भविष्य की तैयारी, एनपीएस वात्सल्य में बढ़ी अभिभावकों की दिलचस्पी

    नई दिल्ली । बच्चों के भविष्य के लिए कम उम्र से निवेश शुरू करने की सोच रखने वाले अभिभावकों के बीच एनपीएस वात्सल्य योजना की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। अगस्त 2026 तक इस योजना से जुड़े खातों की संख्या चार लाख का आंकड़ा पार कर गई है। बढ़ते आंकड़े संकेत देते हैं कि माता-पिता अब बच्चों के लिए शुरुआती उम्र से ही लंबी अवधि का वित्तीय फंड तैयार करने पर ध्यान दे रहे हैं।

    आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 तक एनपीएस वात्सल्य से जुड़े बच्चों की संख्या करीब 2.15 लाख थी। मार्च 2025 में यह संख्या लगभग 1.07 लाख थी। यानी एक वर्ष के दौरान योजना से जुड़ने वाले खातों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

    एनपीएस वात्सल्य के तहत माता-पिता या अभिभावक नाबालिग बच्चे के नाम पर खाता खोल सकते हैं। योजना में निवेश की शुरुआत केवल 250 रुपये से की जा सकती है, जबकि अधिकतम निवेश की कोई निर्धारित सीमा नहीं है। बच्चे के खाते में माता-पिता के अलावा रिश्तेदार और मित्र भी राशि जमा कर सकते हैं।

    इस योजना का उद्देश्य कम उम्र से बच्चों के लिए लंबी अवधि का निवेश कोष तैयार करना और उनमें वित्तीय अनुशासन की आदत विकसित करना है। उम्र बढ़ने के साथ लंबे समय तक निवेश जारी रहने से फंड तैयार करने की संभावना बढ़ती है।

    आंकड़ों पर नजर डालें तो एनपीएस वात्सल्य में 10 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की हिस्सेदारी सबसे अधिक है। इस वर्ग के बच्चे कुल खाताधारकों का करीब 36.9 प्रतिशत हैं। इसके बाद 5 से 9 वर्ष आयु वर्ग की हिस्सेदारी 31.6 प्रतिशत है।

    वहीं 15 से 19 वर्ष आयु वर्ग की हिस्सेदारी 21.1 प्रतिशत और 0 से 4 वर्ष के बच्चों की हिस्सेदारी 10.4 प्रतिशत है। इस तरह 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चे कुल खाताधारकों में लगभग 68.5 प्रतिशत हिस्सेदारी रखते हैं। इससे पता चलता है कि बड़ी संख्या में अभिभावक बच्चों की शुरुआती उम्र से ही निवेश शुरू कर रहे हैं।

    एनपीएस वात्सल्य बाजार से जुड़ी निवेश योजना है। इसमें जमा राशि को विभिन्न निवेश साधनों में लगाया जाता है और अलग-अलग पेंशन फंड अपनी निवेश रणनीति के अनुसार विकल्प उपलब्ध कराते हैं। चुने गए विकल्प के आधार पर इक्विटी में निवेश की हिस्सेदारी काफी अधिक हो सकती है।

    बाजार आधारित निवेश होने के कारण इसमें लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न की संभावना रहती है, लेकिन निवेश का प्रदर्शन बाजार की स्थिति और चुनी गई निवेश रणनीति पर निर्भर करता है। इसलिए इसे निश्चित रिटर्न वाली बचत योजना के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

    योजना में कुछ परिस्थितियों में आंशिक निकासी की सुविधा भी उपलब्ध है। खाता खुलने के तीन वर्ष पूरे होने के बाद जमा मूल राशि का 25 प्रतिशत तक निकाला जा सकता है। इसका उपयोग शिक्षा, चिकित्सा उपचार और निर्धारित विशेष परिस्थितियों में किया जा सकता है। इस सीमा में निवेश से मिलने वाला रिटर्न शामिल नहीं होता।

    बच्चे के 18 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद भी खाते को निर्धारित नियमों के तहत आगे जारी रखा जा सकता है और इसे 21 वर्ष की आयु तक बनाए रखने का प्रावधान है। इसके बाद खाते को सामान्य एनपीएस खाते में बदलने का विकल्प भी उपलब्ध है।

    एनपीएस वात्सल्य को अन्य बचत और निवेश विकल्पों के साथ समझना जरूरी है। पीपीएफ अपेक्षाकृत सुरक्षित और सरकार समर्थित बचत विकल्प है, जबकि म्यूचुअल फंड में निवेश और निकासी को लेकर अलग सुविधाएं होती हैं। एनपीएस वात्सल्य का मुख्य जोर लंबी अवधि के निवेश और भविष्य के लिए वित्तीय अनुशासन पर है।

    कम शुरुआती निवेश, लंबी अवधि और बाजार आधारित वृद्धि की संभावना के कारण एनपीएस वात्सल्य बच्चों के लिए वित्तीय योजना बनाने वाले अभिभावकों के बीच एक महत्वपूर्ण विकल्प के रूप में उभर रहा है। हालांकि निवेश से पहले जोखिम, अवधि, निकासी नियम और उपलब्ध विकल्पों को समझना जरूरी है।

  • नया साल 2026 CNG PNG के दाम घटेंगे रेलवे रिजर्वेशन में बदलाव NPS निवेशकों को राहत

    नया साल 2026 CNG PNG के दाम घटेंगे रेलवे रिजर्वेशन में बदलाव NPS निवेशकों को राहत


    नई दिल्ली । नया साल 2026 आपके लिए कई महत्वपूर्ण बदलावों और राहतों के साथ आ रहा है। इन बदलावों से आम आदमी की जिंदगी में राहत मिलेगी खासकर सीएनजी और पीएनजी के दामों में कटौती रेलवे रिजर्वेशन में नए नियम और राष्ट्रीय पेंशन योजना NPS के निवेशकों के लिए राहत।
    सीएनजी और पीएनजी की कीमतों में कटौती
    1 जनवरी 2026 से संपीडित प्राकृतिक गैस CNG और घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस PNG के दामों में कटौती हो सकती है। सीएनजी की कीमतें दो से ढाई रुपये तक घट सकती हैं जबकि पीएनजी के दाम में करीब दो रुपये तक की कमी आ सकती है। इसके अलावा पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड PNGRB ने गैस के परिवहन शुल्क को सरल और तर्कसंगत बनाने का फैसला किया है। पहले यह शुल्क दूरी के हिसाब से तीन हिस्सों में बांटा गया था अब इसे दो हिस्सों में बांटा जाएगा। इससे 40 सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों और 312 भौगोलिक क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा।यह परिवर्तन गैस उपभोक्ताओं के लिए राहत लेकर आएगा और उनकी जीवनशैली को और भी किफायती बनाएगा।
    रेलवे रिजर्वेशन में बदलाव
    रेलवे बोर्ड ने रिजर्वेशन चार्ट बनाने के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब ट्रेनों का रिजर्वेशन चार्ट 10 से 12 घंटे पहले तैयार किया जाएगा। इससे यात्रियों को यह जानने में आसानी होगी कि उनका टिकट कंफर्म हुआ है या नहीं खासकर दूरदराज क्षेत्रों से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह बहुत सहूलियतपूर्ण रहेगा। पहले ट्रेन खुलने से चार घंटे पहले रिजर्वेशन चार्ट तैयार किया जाता था जिससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था अब सुबह 5 बजे से दोपहर 2 बजे तक की ट्रेनों का रिजर्वेशन चार्ट एक दिन पहले रात 8 बजे तैयार किया जाएगा। यह बदलाव यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित होगा खासकर यात्रा की प्लानिंग को लेकर।
    NPS निवेशकों के लिए राहत
    पीएफआरडीए ने राष्ट्रीय पेंशन योजना NPS के निवेशकों के लिए एक बड़ा बदलाव किया है। अब गैर सरकारी NPS खाताधारकों को पेंशन प्लान एन्युटी में सिर्फ 20 फीसदी राशि निवेश करनी होगी। शेष 80 फीसदी राशि को एकमुश्त या किश्तों में निकाला जा सकेगा। यह नियम 15 साल NPS में निवेश करने वालों और 60 वर्ष की उम्र पार करने या रिटायर होने वाले निवेशकों के लिए लागू होगा। पहले के नियमों के तहत निवेशक को 40 फीसदी राशि पेंशन प्लान में डालने की बाध्यता थी लेकिन अब 20 फीसदी राशि से काम चल जाएगा।
    इसके अलावा 8 लाख रुपये तक की कुल राशि पर पूरी निकासी की अनुमति दी जाएगी। हालांकि सरकारी कर्मचारियों के लिए पुराने नियम लागू रहेंगे। 2026 का नया साल देशवासियों के लिए खुशखबरी लेकर आ रहा है। गैस की कीमतों में कमी रेलवे के रिजर्वेशन चार्ट में बदलाव और NPS निवेशकों के लिए नए नियम ये सभी बदलाव आम जनता के लिए बड़ी राहत साबित होंगे। इस साल का आगमन नए अवसर और सस्ती सेवाओं के साथ होगा जिससे लोगों की जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव आएगा।

  • मार्केट चले ऊपर या नीचे, इन्वेस्टर रहें बेफिक्र! जानें 5 सबसे सुरक्षित निवेश विकल्प

    मार्केट चले ऊपर या नीचे, इन्वेस्टर रहें बेफिक्र! जानें 5 सबसे सुरक्षित निवेश विकल्प


    नई दिल्ली । शेयर बाजार की चाल कभी स्थिर नहीं रहती-कभी तेज़ी तो कभी भारी गिरावट देखने को मिलती है। ऐसे हालात में हर कोई ऐसे इन्वेस्टमेंट की तलाश करता है, जो बिना जोखिम के स्थिर और भरोसेमंद रिटर्न दे सके। अच्छी इन्वेस्टमेंट प्लानिंग में मार्केट-लिंक्ड और सेफ दोनों तरह के विकल्प शामिल होने चाहिए, ताकि रिस्क बैलेंस रहे और रिटर्न भी आता रहे।

    अगर आप भी मार्केट के उतार-चढ़ाव से घबराते हैं, तो PPF, FD, NSC, SCSS और NPS जैसी सरकारी व सुरक्षित स्कीमें आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकती हैं। ये योजनाएं न सिर्फ स्थिर रिटर्न देती हैं, बल्कि टैक्स बचत भी कराती हैं। आइए इन 5 बेस्ट सुरक्षित निवेश विकल्पों को विस्तार से समझते हैं।

    क्यों जरूरी है सुरक्षित निवेश?

    पिछले कुछ समय से शेयर बाजार में भारी अस्थिरता देखने को मिली है। जोखिम बढ़ने के कारण कई निवेशक फिर से सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न वाली स्कीमों की ओर लौट रहे हैं। सरकारी योजनाओं और RBI समर्थित स्कीमों में निवेश सबसे सुरक्षित माना जाता है क्योंकि इनमें पैसा काफी हद तक सुरक्षित होता है।

    1. पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF)

    सबसे भरोसेमंद लॉन्ग-टर्म सुरक्षित योजना

    अवधि: 15 साल

    न्यूनतम निवेश: 500

    अधिकतम निवेश: 1.5 लाख प्रति वर्ष

    ब्याज दर: 7% से अधिक (सरकार द्वारा तय)

    टैक्स लाभ: ब्याज और मैच्योरिटी पूरी तरह टैक्स-फ्री

    7 साल बाद आंशिक निकासी की सुविधा

    PPF उन लोगों के लिए बेस्ट है जो लंबी अवधि के लिए सेविंग करना चाहते हैं। रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए यह एक शानदार विकल्प है क्योंकि इसमें सुरक्षित और टैक्स-फ्री रिटर्न मिलता है।

    2. फिक्स्ड डिपॉजिट (FD)

    सबसे आसान और लोकप्रिय सेफ इन्वेस्टमेंट

    अवधि: 1 साल से 5 साल

    ब्याज दर: लगभग 6.5%–7.5%

    सीनियर सिटीजन को अतिरिक्त ब्याज

    5 साल की टैक्स सेविंग FD पर 80C का लाभ

    डीआईसीजीसी इंश्योरेंस के तहत 5 लाख तक सुरक्षित

    FD उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प है जो तय समय पर फिक्स्ड रिटर्न चाहते हैं। जरूरत पड़ने पर FD पर लोन भी मिल जाता है।

    3. नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC)

    पोस्ट ऑफिस की भरोसेमंद योजना

    लॉक-इन अवधि: 5 साल

    मिनिमम निवेश: 100

    ब्याज दर: लगभग 7.7%

    80C में टैक्स छूट

    बच्चों और छोटे निवेशकों के लिए उपयुक्त

    NSC पूरी तरह मार्केट से अलग योजना है। जिन लोगों को निश्चित रिटर्न चाहिए और ज्यादा जोखिम नहीं लेना, उनके लिए यह बेहतर विकल्प है।

    4. सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS)

    वरिष्ठ नागरिकों के लिए सबसे सुरक्षित और हाई रिटर्न स्कीम

    पात्रता: 60 वर्ष से ऊपर

    अधिकतम निवेश: 30 लाख

    ब्याज: 8% से अधिक

    ब्याज तिमाही आधार पर मिलता है

    5 साल लॉक-इन, 3 साल का एक्सटेंशन संभव

    रिटायर लोगों के लिए यह सबसे अच्छी इनकम सोर्स है, जिसमें सुरक्षा, नियमित आय और अच्छा ब्याज-all in one मिलता है।

    5. नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS)

    भविष्य की पेंशन प्लानिंग के लिए बेस्ट

    न्यूनतम निवेश: 1,000 प्रति वर्ष

    इक्विटी + डेब्ट का संतुलित मिश्रण

    टैक्स लाभ: 80C के अलावा 50,000 अतिरिक्त छूट

    60 साल पर पेंशन + एकमुश्त राशि

    NPS युवाओं और नौकरीपेशा लोगों के लिए शानदार है, क्योंकि यह कम खर्च में लॉन्ग-टर्म रिटर्न और पेंशन दोनों देता है।

    निवेश कैसे शुरू करें?

    बैंक या पोस्ट ऑफिस जाएं

    आधार-पैन के साथ KYC पूरी करें

    PPF, NSC, SCSS आदि ऑनलाइन भी ओपन हो सकते हैं

    अधिकांश स्कीमें बैंक ऐप और सरकारी पोर्टल पर उपलब्ध हैं

    टैक्स लाभ क्या मिलते हैं?

    PPF, NSC, टैक्स सेविंग FD और SCSS पर 80C के तहत छूट

    NPS पर अतिरिक्त 50,000 की छूट

    PPF और NSC का ब्याज पूरी तरह टैक्स-फ्री

    FD और SCSS का ब्याज टैक्स के दायरे में

    सुरक्षित निवेश = सुरक्षित भविष्य

    बाजार की चाल चाहे कितनी भी तेज या कमजोर क्यों न हो, ये पांच सुरक्षित स्कीमें हमेशा स्थिर और भरोसेमंद रिटर्न देती हैं। सही उम्र और लक्ष्य के अनुसार इनमें निवेश करके आप अपना वित्तीय भविष्य मजबूत बना सकते हैं।