Tag: Nursing Students Protest

  • नर्सिंग छात्रों का फूटा गुस्सा, छह साल से अटके भविष्य को लेकर भोपाल में धरना; बोले लिखित आश्वासन के बिना नहीं हटेंगे

    नर्सिंग छात्रों का फूटा गुस्सा, छह साल से अटके भविष्य को लेकर भोपाल में धरना; बोले लिखित आश्वासन के बिना नहीं हटेंगे


    भोपाल । भोपाल के नीलम पार्क में सोमवार को नर्सिंग छात्रों का बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। मध्यप्रदेश के अलग अलग जिलों से पहुंचे हजारों B.Sc. Nursing और GNM के छात्र छात्राओं ने राज्य स्तरीय धरना देकर अपनी लंबित समस्याओं को लेकर नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नर्सिंग शिक्षा से जुड़ी अनियमितताओं और न्यायिक प्रक्रिया के कारण उनका भविष्य पिछले करीब छह साल से अधर में है। समय पर परीक्षाएं नहीं होने डिग्री और रजिस्ट्रेशन नंबर जारी नहीं होने तथा छात्रवृत्ति में देरी ने विद्यार्थियों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

    सुबह से ही नीलम पार्क में छात्रों का पहुंचना शुरू हो गया था। हाथों में पोस्टर लेकर पहुंचे विद्यार्थियों ने सरकार से उनकी समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की। छात्रों का कहना है कि उन्होंने नर्सिंग की पढ़ाई पूरी करने के लिए वर्षों मेहनत की लेकिन परीक्षा डिग्री और रजिस्ट्रेशन जैसी जरूरी प्रक्रियाएं समय पर पूरी नहीं हो पा रही हैं। इसका सीधा असर उनकी आगे की पढ़ाई नौकरी और करियर पर पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जिन विद्यार्थियों ने अपनी पढ़ाई और प्रशिक्षण में समय लगाया है उन्हें अब अपने भविष्य को लेकर लगातार अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है।

    छात्रों ने कॉलेजों की मान्यता से जुड़े विवाद को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना है कि किसी कॉलेज को मान्यता देना या उसकी वैधता की जांच करना विद्यार्थियों की जिम्मेदारी नहीं है। यदि किसी संस्थान को नियमों के विपरीत मान्यता दी गई है या मान्यता प्रक्रिया में कोई अनियमितता हुई है तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित शासन प्रशासन और कॉलेज प्रबंधन की तय होनी चाहिए। विद्यार्थियों का कहना है कि व्यवस्था की किसी गलती का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है।

    प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने साफ कर दिया कि वे केवल मौखिक आश्वासन के आधार पर आंदोलन खत्म नहीं करेंगे। प्रदर्शनकारियों ने मांगों के समाधान को लेकर सरकार से लिखित आश्वासन देने की मांग की है। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस और लिखित आश्वासन नहीं मिलता तब तक आंदोलन जारी रखने पर वे अड़े रहेंगे। प्रदर्शन में मनोज रजक समेत कई छात्रों ने सरकार से तत्काल निर्णय लेकर विद्यार्थियों के भविष्य को सुरक्षित करने की अपील की।

    नर्सिंग छात्रों की प्रमुख मांगों में मामले की जल्द सुनवाई और छात्रों के हित में समाधान शामिल है। प्रदर्शनकारियों ने नर्सिंग मामले की स्पेशल बेंच के माध्यम से जल्द सुनवाई कराने की मांग की है। इसके साथ ही B.Sc. Nursing और GNM के सभी श्रेणियों के विद्यार्थियों की परीक्षाएं बिना देरी एक साथ कराने की मांग रखी गई है। इसमें suitable और unsuitable विद्यार्थियों के साथ ग्वालियर क्षेत्र के 56 कॉलेजों के विद्यार्थी भी शामिल हैं।

    छात्रों ने बैच 2020-21 के विद्यार्थियों को दिसंबर 2026 तक डिग्री और रजिस्ट्रेशन नंबर उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई है। इसके अलावा छात्रवृत्ति से जुड़ी समस्याओं का तत्काल निराकरण करने और नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता से जुड़ी अनियमितताओं की जिम्मेदारी तय करने की मांग की गई है। विद्यार्थियों का कहना है कि सरकार को पूरे मामले में जल्द ठोस कदम उठाना चाहिए ताकि वर्षों से परीक्षा डिग्री और रजिस्ट्रेशन का इंतजार कर रहे हजारों छात्रों को राहत मिल सके और उनका करियर आगे बढ़ सके।

  • नर्सिंग छात्रों के प्रदर्शन के बीच बड़ा एक्शन, MP Nursing Council के Registrar पद से हटाए गए मुकेश सिंह

    नर्सिंग छात्रों के प्रदर्शन के बीच बड़ा एक्शन, MP Nursing Council के Registrar पद से हटाए गए मुकेश सिंह


    भोपाल। भोपाल में मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल से जुड़ा एक बड़ा प्रशासनिक मामला सामने आया है। नर्सिंग परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और लंबित रिजल्ट को लेकर छात्रों के लगातार प्रदर्शन के बीच काउंसिल के Registrar मुकेश सिंह को उनके पद से हटा दिया गया है। यह कार्रवाई Deputy CM और लोक स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के निर्देश के बाद की गई बताई जा रही है। नर्सिंग शिक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों की नाराजगी के बीच हुई इस कार्रवाई को सरकार की ओर से अहम कदम माना जा रहा है। मध्य प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा से जुड़े मामलों पर पहले भी न्यायिक स्तर पर गंभीर सवाल उठते रहे हैं और हाईकोर्ट ने हाल में काउंसिल के Registrar को राज्य के नर्सिंग कॉलेजों से संबंधित रिकॉर्ड के साथ पेश होने के निर्देश दिए थे।

    दरअसल नर्सिंग छात्रों के संगठन NSO से जुड़े छात्र 8 अगस्त से नर्सिंग काउंसिल कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। छात्रों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में देरी और रिजल्ट समय पर जारी नहीं होने से उनका शैक्षणिक भविष्य प्रभावित हो रहा है। कई विद्यार्थियों की आगे की पढ़ाई और दूसरे संस्थानों में प्रवेश की प्रक्रिया भी लंबित परिणामों के कारण प्रभावित होने की बात कही जा रही है। छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन किया और इसी बीच Registrar को हटाने की कार्रवाई सामने आई है।

    प्रदर्शन कर रहे छात्रों की सबसे प्रमुख मांग GNM और BSc Nursing के लंबित रिजल्ट जल्द जारी करने की है। विद्यार्थियों का कहना है कि लंबे समय से परीक्षा परिणाम का इंतजार कर रहे छात्रों को जल्द राहत मिलनी चाहिए। इसके साथ ही आगामी नर्सिंग परीक्षाएं निर्धारित प्रक्रिया के तहत जल्द आयोजित कराने की मांग भी की गई है। छात्रों का कहना है कि परीक्षा और परिणाम में लगातार देरी होने से उनका पूरा शैक्षणिक सत्र प्रभावित हो रहा है और भविष्य की पढ़ाई तथा नौकरी से जुड़ी योजनाएं भी अटक रही हैं।

    छात्रों ने छात्रवृत्ति से जुड़ी मांगों को भी प्रमुखता से उठाया है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि SC ST और OBC वर्ग के विद्यार्थियों के साथ पैरामेडिकल छात्रों को भी छात्रवृत्ति का लाभ दिया जाए। इसके अलावा EWS और General वर्ग के जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए भी छात्रवृत्ति की व्यवस्था करने की मांग सामने आई है। छात्रों का कहना है कि आर्थिक परेशानियों के कारण कई विद्यार्थी अपनी पढ़ाई का खर्च उठाने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं और छात्रवृत्ति व्यवस्था को अधिक व्यापक बनाया जाना चाहिए।

    नर्सिंग छात्रों की एक अन्य महत्वपूर्ण मांग प्रदेश के नर्सिंग और पैरामेडिकल संस्थानों को जबलपुर स्थित मध्य प्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी से जोड़ने की है। इसके साथ ही Faculty Management System लागू करने की मांग भी की जा रही है। छात्रों का तर्क है कि संस्थानों में फैकल्टी और शैक्षणिक व्यवस्था की बेहतर निगरानी के लिए पारदर्शी सिस्टम जरूरी है। नर्सिंग शिक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं को लेकर हाईकोर्ट की निगरानी भी पहले से रही है और अदालत ने दस्तावेजों तथा छात्रों की व्यवस्था से संबंधित मामलों में अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।

    ऐसे में Registrar को हटाने की कार्रवाई को नर्सिंग शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि लंबित रिजल्ट परीक्षा आयोजन छात्रवृत्ति और संस्थानों से जुड़े छात्रों के सभी मुद्दों का समाधान अब आगे की प्रशासनिक कार्रवाई पर निर्भर करेगा। छात्रों की नजर अब इस बात पर है कि लंबित परिणाम कब जारी होते हैं और आगामी परीक्षाओं को लेकर सरकार और काउंसिल क्या निर्णय लेती है।

  • नर्सिंग छात्रों का हल्ला बोल! भोपाल में बिल्डिंग पर चढ़े छात्र, रिजल्ट और स्कॉलरशिप समेत 7 मांगों पर अड़े

    नर्सिंग छात्रों का हल्ला बोल! भोपाल में बिल्डिंग पर चढ़े छात्र, रिजल्ट और स्कॉलरशिप समेत 7 मांगों पर अड़े


    भोपाल। भोपाल में नर्सिंग छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर नर्सिंग स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन NSO की ओर से 8 अगस्त से नर्सिंग काउंसिल के सामने अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। बुधवार को प्रदर्शन के दौरान उस समय हंगामा बढ़ गया जब तीन छात्र पास की एक खाली बिल्डिंग पर चढ़ गए। छात्रों की प्रमुख मांग तत्काल रिजल्ट जारी करने की थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रों को समझाने का प्रयास किया। काफी देर की समझाइश के बाद तीनों छात्र नीचे उतर आए।

    छात्रों का कहना है कि GNM और बीएससी नर्सिंग के परिणाम लंबे समय से लंबित हैं और इसकी वजह से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। संगठन ने मांग की है कि सभी लंबित रिजल्ट जल्द से जल्द घोषित किए जाएं और इसके बाद आगामी परीक्षाओं का कार्यक्रम भी जारी किया जाए। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा और परिणाम में देरी के कारण उनकी आगे की पढ़ाई और करियर से जुड़ी योजनाएं प्रभावित हो रही हैं।

    प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में नर्सिंग छात्र नर्सिंग काउंसिल के सामने मौजूद रहे। छात्र नेता रवि परमार ने बताया कि तीन छात्र मांगों को लेकर पास की बिल्डिंग पर चढ़ गए थे। पुलिस और अन्य लोगों ने उन्हें समझाकर नीचे उतारा। इसके बाद भी छात्रों का धरना जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने साफ किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती तब तक आंदोलन जारी रखने की बात कही जा रही है।

    छात्रों की मांगों में केवल रिजल्ट और परीक्षाएं ही शामिल नहीं हैं। संगठन ने SC ST और OBC वर्ग के GNM बीएससी नर्सिंग पोस्ट बेसिक नर्सिंग MSc नर्सिंग और पैरामेडिकल छात्रों को स्कॉलरशिप देने की मांग की है। इसके साथ ही EWS आरक्षण के दायरे में आने वाले सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के लिए भी पढ़ाई से जुड़ी स्कॉलरशिप योजना शुरू करने की मांग उठाई गई है। छात्रों का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए शिक्षा जारी रखना मुश्किल होता है इसलिए छात्रवृत्ति की व्यवस्था जरूरी है।

    NSO ने नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेजों को क्षेत्रीय यूनिवर्सिटीज से हटाकर दोबारा मेडिकल यूनिवर्सिटी जबलपुर से जोड़ने की मांग भी रखी है। संगठन का कहना है कि नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता और व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए इस दिशा में फैसला लिया जाना चाहिए। इसके अलावा नर्सिंग शिक्षा में कथित भ्रष्टाचार को खत्म करने और फैकल्टी मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने की मांग भी की गई है। छात्रों का तर्क है कि पारदर्शी व्यवस्था से भविष्य में शिक्षा और परीक्षा से जुड़े विवादों को कम किया जा सकता है।

    आंदोलन से जुड़े पोस्टर में छात्रों ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य मंत्री और रजिस्ट्रार के इस्तीफे की मांग भी उठाई है। संगठन ने आंदोलन को भूख हड़ताल से जोड़ने की बात भी कही है। छात्रों का कहना है कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं और परिणाम तथा परीक्षाओं में देरी का सीधा असर उनके भविष्य पर पड़ रहा है। ऐसे में अब वे अपनी मांगों को लेकर आंदोलन को और तेज करने की तैयारी में हैं।

    फिलहाल बिल्डिंग पर चढ़े तीनों छात्रों के सुरक्षित नीचे उतरने के बाद स्थिति सामान्य है लेकिन नर्सिंग छात्रों का धरना जारी है। अब नजर इस बात पर है कि सरकार और संबंधित विभाग छात्रों की मांगों पर क्या कदम उठाते हैं और लंबित परिणामों तथा परीक्षाओं को लेकर कब तक कोई ठोस फैसला सामने आता है।