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  • ब्रेकफास्ट में आप भी कर रहे हैं ये आम गलतियां? अभी सुधारें वरना सेहत हो सकती है खराब

    ब्रेकफास्ट में आप भी कर रहे हैं ये आम गलतियां? अभी सुधारें वरना सेहत हो सकती है खराब


    नई दिल्ली। सुबह का नाश्ता दिन का सबसे महत्वपूर्ण भोजन माना जाता है। यह शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ पूरे दिन की एक्टिविटी, फोकस और स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, सुबह का संतुलित नाश्ता शरीर को जरूरी विटामिन, मिनरल और फाइबर देता है, जिससे थकान कम होती है और एनर्जी बनी रहती है।

    गलत नाश्ता बन सकता है सेहत के लिए खतरा

    विशेषज्ञों का कहना है कि कई लोग सुबह जल्दबाजी में गलत खानपान कर लेते हैं, जो लंबे समय में नुकसान पहुंचा सकता है। अधिक चीनी, नमक और फैट वाला नाश्ता धीरे-धीरे कई बीमारियों को जन्म दे सकता है।

    मुख्य गलतियां-

    चाय में ज्यादा चीनी या सिर्फ चाय-कॉफी लेकर नाश्ता छोड़ देना
    बिस्किट, केक और मिठाई का सेवन
    समोसा, कचौड़ी, पकौड़े जैसे तले-भुने खाद्य पदार्थ
    चिप्स, नमकीन और अचार जैसे ज्यादा नमक वाले स्नैक्स
    ये आदतें आगे चलकर मोटापा, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और पाचन संबंधी समस्याओं का कारण बन सकती हैं।

    क्या होना चाहिए सही नाश्ता?

    नेशनल हेल्थ मिशन और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, सुबह का नाश्ता हल्का लेकिन पौष्टिक होना चाहिए, जिसमें संतुलित पोषण हो।

    अच्छे विकल्प

    दलिया, ओट्स और सूजी का हल्का हलवा
    फल जैसे सेब, केला, पपीता, संतरा और मौसमी फल
    अंकुरित अनाज (मूंग, चना, मेथी स्प्राउट्स)
    दही या फ्रूट योगर्ट
    पोहा, कम तेल वाली सब्जी के साथ रोटी
    ड्राई फ्रूट्स (सीमित मात्रा में)

    विशेषज्ञों की सलाह

    डॉक्टर्स सलाह देते हैं कि सुबह जल्दी उठकर घर का बना ताजा नाश्ता करना सबसे बेहतर है। पैकेट फूड और जंक फूड से जितना बचा जाए उतना अच्छा है। सही नाश्ता न केवल शरीर को फिट रखता है, बल्कि मानसिक सक्रियता भी बढ़ाता है।

  • पतले शरीर को मोटा बनाने का तरीका, सुपरफूड्स से बढ़ाएं मसल्स और वजन!

    पतले शरीर को मोटा बनाने का तरीका, सुपरफूड्स से बढ़ाएं मसल्स और वजन!


    नई दिल्ली। आजकल मोटापा जितना आम है, उतना ही पतलापन भी लोगों के लिए चिंता का कारण बन गया है। पतले लोग वजन बढ़ाने के लिए कई तरीके अपनाते हैं, लेकिन अक्सर उनका फायदा नहीं होता। अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, दिल्ली की सीनियर न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. दिव्या मलिक के अनुसार, वजन बढ़ाने के लिए हाई कैलोरी और न्यूट्रिशन से भरपूर सुपरफूड्स डाइट में शामिल करना जरूरी है।

    वजन बढ़ाने में मददगार सुपरफूड्स

    1. केला: नेचुरल वेट गेनर

    केला वजन बढ़ाने के लिए सबसे आसान और फायदेमंद सुपरफूड माना जाता है। इसमें नेचुरल शुगर, कार्बोहाइड्रेट और फाइबर होते हैं, जो वजन तेजी से बढ़ाने में मदद करते हैं। केला इंस्टेंट एनर्जी देता है और शरीर को मजबूत बनाता है।

    उपयोग: रोज सुबह 1-2 केले खाएं या दूध/दही के साथ मिलाकर शेक बनाकर पिएं।

    2. ड्राई फ्रूट्स और नट्स: हेल्दी फैट्स और प्रोटीन का पावरहाउस

    बादाम, अखरोट, काजू, किशमिश और अंजीर वजन बढ़ाने में कारगर हैं। इनमें हेल्दी फैट्स, प्रोटीन और कैलोरी पर्याप्त मात्रा में होती है। यह मसल्स बिल्डिंग में मदद करता है और शरीर को एनर्जी देता है।

    उपयोग: रात में भिगोकर सुबह खाएं या ड्राई फ्रूट्स मिल्कशेक बनाकर पिएं। इससे कई बीमारियों से भी बचाव होता है।

    3. आलू: हेल्दी कार्बोहाइड्रेट का स्रोत

    आलू और चावल में स्टार्च और कार्बोहाइड्रेट्स भरपूर मात्रा में होते हैं, जो तेजी से वजन बढ़ाते हैं। यह शरीर को एक्टिव रखता है और एनर्जी स्तर बढ़ाता है।

    ध्यान दें: ज्यादा तला-भुना आलू स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकता है। इसे उबालकर या हल्का फ्राई करके खाना अधिक सुरक्षित रहता है।

    स्वस्थ वजन बढ़ाने के लिए अन्य सुझाव
    डेयरी प्रोडक्ट्स: दूध, दही और पनीर कैल्शियम और प्रोटीन से भरपूर होते हैं, जो हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं।

    नियमित भोजन: दिन में 5-6 मात्रा भोजन करें, जिससे शरीर को लगातार पोषण मिले।
    व्यायाम: वेट ट्रेनिंग और स्ट्रेंथ एक्सरसाइज मसल्स बिल्डिंग में मदद करती हैं।
    हाइड्रेशन: पर्याप्त पानी पीना जरूरी है, यह मेटाबोलिज्म और पोषण अवशोषण को बेहतर बनाता है।

  • देसी बनाम मॉडर्न: मकर संक्रांति के लिए सही खाना क्या है, डॉक्टर मीरा पाठक ने किया खुलासा

    देसी बनाम मॉडर्न: मकर संक्रांति के लिए सही खाना क्या है, डॉक्टर मीरा पाठक ने किया खुलासा

    नई दिल्ली। उत्तर भारत में मकर संक्रांति आते ही घरों में रसोई की खुशबू बदल जाती है। सर्दियों में गाजर, मटर, गोभी और विभिन्न दालों के मेल से बनी खिचड़ी इस पर्व का खास हिस्सा होती है। यह सिर्फ स्वाद या परंपरा का हिस्सा नहीं, बल्कि शरीर को हल्का और ऊर्जा देने वाला भोजन भी है।

    खिचड़ी: हल्का और संतुलित भोजन
    जनवरी का महीना त्योहारी सीजन और भारी खाने के बाद शरीर को हल्का और संतुलित भोजन चाहता है। इसी कारण खिचड़ी इस समय सबसे ज्यादा पसंद की जाती है। भंगेल सीएचसी की सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ. मीरा पाठक के अनुसार, खिचड़ी एक संपूर्ण और टाइम-टेस्टेड आयुर्वेदिक डाइट है, जिसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और आवश्यक अमीनो एसिड्स संतुलित मात्रा में मौजूद होते हैं। दाल में मौजूद लाइसीन और चावल में मिथिओनीन मिलकर एक कंप्लीट प्रोटीन बनाते हैं।

    डिटॉक्स और रिकवरी के लिए बेहतरीन विकल्प
    डॉ. पाठक बताती हैं कि खिचड़ी पचाने में हल्की होती है और शरीर व मस्तिष्क को ‘सॉफ्ट रीसेट’ देती है। कुछ दिनों तक सिंपल और आसानी से पचने वाला भोजन लेने से आंतें, लिवर और नर्वस सिस्टम को आराम मिलता है और शरीर रिकवरी मोड में चला जाता है। यही कारण है कि इसे डिटॉक्स डाइट के लिए सबसे सुरक्षित और असरदार माना जाता है।

    शुगर लेवल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण
    खिचड़ी धीरे-धीरे ऊर्जा रिलीज करती है, जिससे ब्लड शुगर में अचानक उछाल नहीं आता। जूस, प्रोबायोटिक ड्रिंक्स या कोम्बुचा की तुलना में यह अधिक संतुलित और भरोसेमंद विकल्प है। इसमें हाइड्रेटिंग और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी मौजूद होते हैं, जो सूजन, थकान और शरीर में होने वाले अंदरूनी ‘वेयर एंड टियर’ को कम करने में मदद करते हैं।

    वर्सटाइल और मॉडर्न-सपोर्टेड भोजन
    खिचड़ी की सबसे बड़ी खूबी इसकी वर्सटाइल नेचर है। इसमें चावल की जगह मिलेट्स, मूंग दाल के साथ अन्य दालें, सब्जियां, पनीर या शुद्ध घी मिलाकर इसे और भी पौष्टिक बनाया जा सकता है। यह हमारी पारंपरिक भारतीय समझ पर आधारित है, जिसे आज की मॉडर्न साइंस भी पूरी तरह समर्थन करती है।

    मकर संक्रांति पर बनाई जाने वाली खिचड़ी सिर्फ स्वाद और त्यौहार की पहचान नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य, ऊर्जा, डिटॉक्स और शरीर की रिकवरी के लिए एक संतुलित, पौष्टिक और भरोसेमंद भोजन है। यह हर उम्र और हर मौसम के लिए लाभकारी है।