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  • 15 से 31 अक्टूबर के बीच कब-कहां बंद रहेंगे बैंक? दशहरा से करवा चौथ तक छुट्टियों की देंखे पूरी लिस्ट

    15 से 31 अक्टूबर के बीच कब-कहां बंद रहेंगे बैंक? दशहरा से करवा चौथ तक छुट्टियों की देंखे पूरी लिस्ट


    नई दिल्ली। अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े में बैंक से जुड़ा जरूरी काम निपटाने की योजना बना रहे हैं, तो शाखा जाने से पहले छुट्टियों की तारीखें जरूर जांच लें। 15 से 30 अक्टूबर 2026 के बीच दुर्गा पूजा, दशहरा, विजयादशमी, लक्ष्मी पूजा और करवा चौथ सहित विभिन्न त्योहारों के कारण कई शहरों में बैंक बंद रहेंगे। इसके अलावा रविवार और महीने के चौथे शनिवार को भी बैंक शाखाओं में कामकाज नहीं होगा।

    हालांकि, इन सभी तारीखों पर देशभर में बैंक बंद नहीं रहेंगे। त्योहारों की छुट्टियां अलग-अलग राज्यों और शहरों के अनुसार लागू होंगी। ऐसे में एक शहर में बैंक बंद होने पर दूसरे शहर में सामान्य कामकाज जारी रह सकता है। यहां देखें 15 से 30 अक्टूबर के बीच दी गई छुट्टियों की सूची।

    17 से 19 अक्टूबर: इन शहरों में बैंक रहेंगे बंद
    17 अक्टूबर, शनिवार: अगरतला में बैंक बंद रहेंगे। यह महीने का तीसरा शनिवार है, इसलिए अन्य शहरों में केवल इस आधार पर बैंक बंद नहीं होंगे।

    18 अक्टूबर, रविवार: रविवार के साप्ताहिक अवकाश के कारण देशभर में बैंक शाखाएं बंद रहेंगी।

    19 अक्टूबर, सोमवार: महा नवमी और आयुध पूजा के अवसर पर अगरतला, आइजोल, भुवनेश्वर, चेन्नई, गुवाहाटी, इम्फाल, ईटानगर, कोहिमा, कोलकाता, पटना, रांची और शिलांग में बैंक बंद रहेंगे।

    20 और 21 अक्टूबर: दशहरा और विजयादशमी की छुट्टियां
    20 अक्टूबर, मंगलवार: विजयादशमी और दशहरा के अवसर पर देश के कई हिस्सों में बैंक बंद रहेंगे। दी गई सूची के मुताबिक, गंगटोक और इम्फाल में बैंक खुले रहेंगे।

    21 अक्टूबर, बुधवार: अगरतला, बेंगलुरु, गंगटोक, गुवाहाटी, कोच्चि, कोलकाता और तिरुवनंतपुरम में बैंक शाखाओं में कामकाज नहीं होगा। इन शहरों में दुर्गा पूजा और उससे जुड़ी स्थानीय छुट्टियां लागू होंगी।

    22 से 25 अक्टूबर: सिक्किम में छुट्टी, फिर शनिवार-रविवार का अवकाश
    22 अक्टूबर, गुरुवार और 23 अक्टूबर, शुक्रवार: इन दोनों तारीखों पर गंगटोक में बैंक बंद रहेंगे। सिक्किम में दुर्गा पूजा और दसैं से जुड़ी छुट्टियों के कारण शाखाओं में कामकाज नहीं होगा।

    24 अक्टूबर, शनिवार: महीने का चौथा शनिवार होने के कारण देशभर में बैंक शाखाएं बंद रहेंगी।

    25 अक्टूबर, रविवार: साप्ताहिक अवकाश के चलते देशभर में बैंक बंद रहेंगे।

    इस तरह 24 और 25 अक्टूबर को बैंक शाखाओं में लगातार दो दिन कामकाज नहीं होगा। ग्राहकों को नकद जमा, चेक से जुड़े काम और अन्य शाखा-आधारित सेवाओं के लिए तारीख का ध्यान रखना चाहिए।

    26 और 29 अक्टूबर: कहां रहेगी स्थानीय छुट्टी?
    26 अक्टूबर, सोमवार: लक्ष्मी पूजा और संबंधित स्थानीय अवकाश के कारण अगरतला, चंडीगढ़, जम्मू, शिमला और श्रीनगर में बैंक बंद रहेंगे।

    29 अक्टूबर, गुरुवार: करवा चौथ के अवसर पर शिमला में बैंक शाखाएं बंद रहेंगी। यह छुट्टी सभी शहरों में लागू नहीं होगी।

    27, 28 और 30 अक्टूबर को क्या बैंक खुले रहेंगे?
    दी गई सूची के अनुसार, 27, 28 और 30 अक्टूबर को किसी शहर के लिए अलग बैंक अवकाश का उल्लेख नहीं है। हालांकि, स्थानीय त्योहारों और संबंधित बैंक की छुट्टी सूची के आधार पर स्थिति अलग हो सकती है। इसलिए शाखा जाने से पहले अपने शहर के बैंक अवकाश की पुष्टि करना बेहतर रहेगा।

    बैंक बंद होने पर कौन-सी सेवाएं चालू रहेंगी?
    बैंक शाखाओं में छुट्टी होने के बावजूद आम तौर पर डिजिटल बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध रहती हैं। ग्राहक इन सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं:

    UPI: मोबाइल से पैसे भेजने और भुगतान करने के लिए।

    मोबाइल और इंटरनेट बैंकिंग: बैलेंस देखने, ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने और अन्य बैंकिंग कार्यों के लिए।

    ATM: नकदी निकालने और उपलब्ध अन्य सुविधाओं के लिए।

    ऑनलाइन बिल भुगतान: बिजली, मोबाइल और अन्य बिलों का भुगतान करने के लिए।

    हालांकि, चेक क्लियरेंस, बैंक ड्राफ्ट, नकद जमा और शाखा से जुड़े दूसरे कामों में छुट्टियों के कारण देरी हो सकती है। डिजिटल सेवाओं की उपलब्धता संबंधित बैंक और तकनीकी स्थिति पर निर्भर करेगी।

    ध्यान दें: 15 से 30 अक्टूबर के बीच बैंक छुट्टियों की स्थिति शहर और राज्य के अनुसार अलग-अलग होगी। 18, 24 और 25 अक्टूबर को साप्ताहिक अवकाश के कारण बैंक शाखाएं बंद रहेंगी, जबकि अन्य प्रमुख छुट्टियां चुनिंदा स्थानों पर लागू होंगी। बैंक जाने से पहले अपने शहर के लिए संबंधित बैंक की आधिकारिक छुट्टी सूची जरूर जांच लें।

  • शुक्र 3 अक्टूबर से होंगे वक्री, 42 दिन बदलेंगे रिश्तों और आर्थिक फैसलों के समीकरण, जानें सभी 12 राशियों पर असर

    शुक्र 3 अक्टूबर से होंगे वक्री, 42 दिन बदलेंगे रिश्तों और आर्थिक फैसलों के समीकरण, जानें सभी 12 राशियों पर असर


    नई दिल्ली। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार सुख, समृद्धि, प्रेम और वैवाहिक जीवन से जुड़े ग्रह शुक्र 3 अक्टूबर 2026 को वक्री होने जा रहे हैं। पंचांग के मुताबिक दोपहर करीब 12:45 बजे शुरू होने वाली शुक्र की वक्री चाल 14 नवंबर 2026 की सुबह करीब 5:57 बजे तक रहेगी। यानी करीब 42 दिनों तक शुक्र की चाल उल्टी दिशा में रहेगी। ज्योतिषीय मान्यताओं में इस अवधि को प्रेम संबंधों, दांपत्य जीवन और आर्थिक मामलों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है।

    शुक्र के वक्री होने के दौरान पुराने रिश्ते और पहले से चल रहे विवाद एक बार फिर चर्चा में आ सकते हैं। वहीं, पैसों से जुड़े फैसलों में जल्दबाजी से बचने और खर्च पर नियंत्रण रखने की सलाह दी जाती है। आइए जानते हैं इस अवधि में किस राशि पर किस तरह का प्रभाव बताया गया है।

    प्रेम संबंधों में पुराने मामले फिर आ सकते हैं सामने

    ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक शुक्र की वक्री चाल का असर प्रेम संबंधों पर विशेष रूप से देखा जाता है। लंबे समय से चल रही गलतफहमियों और दूरियों को बातचीत के जरिए कम करने का मौका मिल सकता है। वहीं, पुराने प्रेम संबंध या पूर्व साथी से दोबारा संपर्क होने की संभावना भी बताई जाती है।

    हालांकि इस दौरान नए रिश्ते की शुरुआत या पुराने संबंध को लेकर कोई बड़ा फैसला लेने में जल्दबाजी न करने की सलाह दी जाती है। भावनाओं में लिया गया निर्णय बाद में उलझन बढ़ा सकता है।

    दांपत्य जीवन में बातचीत और संयम जरूरी

    विवाहित लोगों के लिए भी यह अवधि आत्ममंथन वाली मानी जा रही है। पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चले आ रहे अनसुलझे मुद्दे बातचीत के जरिए सामने आ सकते हैं। कुछ दंपती अपने रिश्ते को नए स्तर पर ले जाने का फैसला कर सकते हैं, जबकि कुछ को आपसी तालमेल बनाए रखने में चुनौती महसूस हो सकती है।

    ऐसे में भावनात्मक प्रतिक्रिया देने के बजाय धैर्य और संवाद बनाए रखने की सलाह दी जाती है।

    धन और खर्च के मामले में सावधानी

    शुक्र को ज्योतिष में धन, ऐश्वर्य और भौतिक सुख-सुविधाओं से जोड़कर देखा जाता है। इसलिए इसकी वक्री चाल के दौरान आर्थिक फैसलों पर भी विशेष ध्यान देने की सलाह दी जाती है। महंगी वस्तुओं की खरीदारी, निवेश या बड़े खर्च से पहले अपनी आर्थिक स्थिति की समीक्षा करना बेहतर माना जाता है।

    बिना योजना के किया गया खर्च बजट बिगाड़ सकता है। इसलिए 42 दिनों की इस अवधि में फिजूलखर्ची से बचने और बड़े आर्थिक फैसले सोच-समझकर लेने की सलाह दी गई है।

    सभी 12 राशियों पर शुक्र वक्री का प्रभाव

    मेष: रिश्तों और साझेदारी से जुड़े मामलों में बदलाव आ सकते हैं। कारोबार या वैवाहिक जीवन के पुराने मुद्दों को सुलझाने का अवसर मिलेगा, लेकिन फैसले जल्दबाजी में न लेने की सलाह है।

    वृषभ: सेहत और रोजमर्रा की कार्यशैली पर ध्यान देना होगा। सहकर्मियों के साथ तालमेल बनाए रखें और मौसमी बीमारियों तथा विरोधियों से सतर्क रहें।

    मिथुन: प्रेम संबंधों और संतान पक्ष को लेकर सावधानी जरूरी रहेगी। पुरानी गलतफहमियां फिर उभर सकती हैं। विद्यार्थियों को पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ानी होगी।

    कर्क: घरेलू जीवन में उतार-चढ़ाव की स्थिति बन सकती है। माता की सेहत चिंता का कारण बन सकती है। संपत्ति या वाहन खरीदने का फैसला फिलहाल टालना बेहतर माना गया है।

    सिंह: संवाद और पराक्रम से जुड़े मामलों में बदलाव देखने को मिल सकता है। भाई-बहनों के साथ मतभेद से बचें। किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पहले उसकी पूरी जानकारी जांच लें।

    कन्या: धन और वाणी से जुड़े मामलों में विशेष सावधानी की जरूरत होगी। अनावश्यक खर्च बढ़ सकता है। परिवार में तीखी बहस से बचना बेहतर रहेगा।

    तुला: शुक्र के वक्री होने के कारण यह समय आत्मविश्लेषण का माना जा रहा है। व्यक्तित्व और रिश्तों में सुधार के अवसर मिल सकते हैं, लेकिन जल्दबाजी से बचना होगा।

    वृश्चिक: अचानक खर्च बढ़ सकते हैं। दूर की यात्राओं में बाधा आने की आशंका बताई गई है। मानसिक शांति के लिए योग और ध्यान को उपयोगी माना गया है।

    धनु: आय के स्रोतों और सामाजिक दायरे में बदलाव आ सकता है। पुराने मित्रों से दोबारा संपर्क हो सकता है। आर्थिक मामलों में किसी शॉर्टकट से बचने की सलाह है।

    मकर: करियर और कार्यक्षेत्र में नई चुनौतियां सामने आ सकती हैं। वरिष्ठ अधिकारियों से वैचारिक मतभेद से बचें। नौकरी बदलने का फैसला सोच-समझकर करें।

    कुंभ: आध्यात्मिक गतिविधियों की ओर रुझान बढ़ सकता है। लंबी यात्रा के योग बन सकते हैं, लेकिन सामान और स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी होगा। विद्यार्थियों को पढ़ाई पर अधिक फोकस करना होगा।

    मीन: स्वास्थ्य और अचानक होने वाले धन लाभ या हानि के लिहाज से यह अवधि महत्वपूर्ण मानी गई है। ससुराल पक्ष से मतभेद हो सकते हैं। जोखिम वाले निवेश से दूर रहने की सलाह है।

    रिश्तों और फैसलों में इन बातों का रखें ध्यान

    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शुक्र की वक्री चाल के दौरान रिश्तों में अहंकार को हावी नहीं होने देना चाहिए। किसी विवाद पर तत्काल प्रतिक्रिया देने के बजाय शांत होकर बातचीत करना बेहतर माना जाता है। आर्थिक मामलों में भी भावनाओं के बजाय अपनी वास्तविक स्थिति को ध्यान में रखकर निर्णय लेने की सलाह दी जाती है।

    हर व्यक्ति की जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति अलग होती है। इसलिए शुक्र की वक्री चाल का प्रभाव भी व्यक्ति-विशेष की कुंडली के अनुसार अलग माना जाता है। बड़े व्यक्तिगत, वैवाहिक या आर्थिक निर्णय लेने से पहले योग्य ज्योतिषी से परामर्श लेने की सलाह दी जाती है।