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  • आज 17 अक्टूबर को बैंक खुले हैं या बंद, जानें तीसरे शनिवार और महा सप्तमी की छुट्टी का पूरा अपडेट

    आज 17 अक्टूबर को बैंक खुले हैं या बंद, जानें तीसरे शनिवार और महा सप्तमी की छुट्टी का पूरा अपडेट

    नई दिल्ली ।शनिवार को बैंक जाने की योजना बना रहे ग्राहकों के लिए 17 अक्टूबर 2026 की तारीख महत्वपूर्ण है। आज देश के अधिकांश हिस्सों में बैंक शाखाएं सामान्य रूप से खुली रहेंगी, लेकिन त्रिपुरा में महा सप्तमी के अवसर पर बैंक बंद रहेंगे। ऐसे में बैंक से जुड़ा जरूरी काम करने से पहले अपने राज्य और स्थानीय शाखा में लागू छुट्टी की जानकारी लेना जरूरी है। अक्टूबर में त्योहारों के कारण अलग-अलग राज्यों में बैंक कई दिनों तक बंद रहने वाले हैं।

    भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार, देश में बैंक महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को सार्वजनिक अवकाश के कारण बंद रहते हैं। इसके अलावा रविवार को भी बैंक शाखाओं में नियमित कामकाज नहीं होता। महीने के पहले और तीसरे शनिवार को सामान्य तौर पर बैंक खुले रहते हैं। इसी नियम के तहत शनिवार, 17 अक्टूबर को देश के अधिकांश राज्यों में बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध रहेंगी।

    इसका मतलब है कि भारतीय स्टेट बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और अन्य प्रमुख बैंकों की शाखाएं अधिकांश क्षेत्रों में खुली रहेंगी। ग्राहक नकद जमा करने, निकासी, चेक से जुड़े कार्यों और अन्य शाखा आधारित सेवाओं के लिए बैंक जा सकते हैं। हालांकि, स्थानीय त्योहारों और राज्यवार अवकाश के कारण कुछ स्थानों पर स्थिति अलग हो सकती है।

    त्रिपुरा में आज बैंक बंद रहेंगे। राज्य में महा सप्तमी के पर्व के कारण बैंक शाखाओं में सार्वजनिक अवकाश निर्धारित है। इसलिए त्रिपुरा के ग्राहकों को आज बैंक से संबंधित काम के लिए शाखा जाने से पहले अगली कार्यदिवस की योजना बनानी पड़ सकती है। अन्य राज्यों में भी त्योहारों के अनुसार अलग-अलग तारीखों पर बैंकिंग कामकाज प्रभावित होगा।

    अक्टूबर 2026 में दुर्गा पूजा, दशहरा, विजयादशमी, आयुध पूजा, लक्ष्मी पूजा और अन्य क्षेत्रीय पर्वों के कारण कई राज्यों में बैंक बंद रहने वाले हैं। इन छुट्टियों की तारीखें राज्य और स्थानीय परंपराओं के अनुसार अलग-अलग निर्धारित की गई हैं। इसलिए किसी एक राज्य में बैंक बंद होने का अर्थ यह नहीं है कि उसी दिन पूरे देश में बैंकिंग सेवाएं भी बंद रहेंगी।

    19 अक्टूबर को दुर्गा पूजा, महाष्टमी, महानवमी, आयुध पूजा और विजयादशमी से संबंधित अवसरों पर त्रिपुरा, मिजोरम, ओडिशा, तमिलनाडु, असम, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और मेघालय में बैंक बंद रहने का उल्लेख है।

    20 अक्टूबर को दशहरा, विजयादशमी, महानवमी, आयुध पूजा और दुर्गा पूजा के कारण कई राज्यों में बैंकिंग अवकाश रहेगा। इनमें मध्य प्रदेश के साथ गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, ओडिशा, तमिलनाडु, उत्तराखंड, असम, तेलंगाना, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, केरल, दिल्ली, गोवा, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड और अन्य राज्य शामिल हैं।

    21 अक्टूबर को विजयादशमी और दुर्गा पूजा के अवसर पर त्रिपुरा, कर्नाटक, सिक्किम, असम, पश्चिम बंगाल और केरल सहित कुछ क्षेत्रों में बैंक बंद रहेंगे। 22 और 23 अक्टूबर को दुर्गा पूजा के कारण सिक्किम में अवकाश रहेगा।इसके बाद 26 अक्टूबर को लक्ष्मी पूजा, विलय दिवस और महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर त्रिपुरा में बैंक बंद रहने का उल्लेख है। 29 अक्टूबर को करवा चौथ के कारण चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में बैंकिंग अवकाश रहेगा। वहीं, 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर गुजरात और हिमाचल प्रदेश में बैंक बंद रहेंगे।

    बैंक जाने से पहले ग्राहकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि छुट्टियां राज्यवार लागू होती हैं और सभी राज्यों में एक जैसी नहीं होतीं। यदि किसी दिन शाखा बंद रहती है, तो एटीएम, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और यूपीआई जैसी डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, इन सेवाओं के माध्यम से हर तरह का शाखा आधारित काम पूरा नहीं किया जा सकता।

    इसलिए 17 अक्टूबर को बैंक जाने वाले ग्राहकों के लिए मुख्य बात यह है कि देश के अधिकांश हिस्सों में तीसरे शनिवार को बैंक खुले रहेंगे, जबकि त्रिपुरा में महा सप्तमी के कारण शाखाएं बंद रहेंगी। किसी जरूरी वित्तीय काम के लिए निकलने से पहले अपनी स्थानीय शाखा की स्थिति और लागू अवकाश की पुष्टि करना बेहतर रहेगा।

  • 2 अक्टूबर को बुध-मंगल का केंद्र दृष्टि योग, इन 3 राशियों की चमकेगी किस्‍मत, मिलेंगे सकारात्मक परिणाम

    2 अक्टूबर को बुध-मंगल का केंद्र दृष्टि योग, इन 3 राशियों की चमकेगी किस्‍मत, मिलेंगे सकारात्मक परिणाम


    नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष में ग्रहों की स्थिति और उनके बीच बनने वाले संबंधों को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। पंचांगीय गणना के अनुसार, 2 अक्टूबर 2026 को बुध और मंगल एक-दूसरे से 90 डिग्री के कोण पर स्थित होंगे। ज्योतिष में इसे केंद्र दृष्टि योग (Square Aspect) कहा जाता है। मान्यता है कि बुध की बुद्धि और मंगल की ऊर्जा का यह मेल कुछ राशियों के लिए करियर, कारोबार और आर्थिक मामलों में सकारात्मक परिणाम ला सकता है।

    ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, जब दो ग्रह एक-दूसरे से चतुर्थ और दशम भाव की दूरी पर होते हैं तो केंद्र दृष्टि योग बनता है। बुध को बुद्धि, संवाद और व्यापार का कारक माना जाता है, जबकि मंगल साहस, ऊर्जा और पराक्रम से जुड़े हैं। ऐसे में दोनों ग्रहों का यह संबंध निर्णय क्षमता, रणनीतिक सोच और कार्यकुशलता को प्रभावित कर सकता है। वैसे इसका असर सभी 12 राशियों पर माना जाता है, लेकिन मिथुन, कन्या और वृश्चिक राशि के जातकों के लिए इसे विशेष रूप से शुभ बताया जा रहा है।

    मिथुन राशि: कारोबार और कमाई में बढ़ सकते हैं मौके

    मिथुन राशि के स्वामी बुध हैं। इसलिए बुध-मंगल का यह संबंध इस राशि के जातकों के करियर और आर्थिक मामलों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासतौर पर मार्केटिंग, मीडिया, सेल्स, आईटी और लेखन से जुड़े लोगों को अपनी संवाद क्षमता और तार्किक सोच का फायदा मिल सकता है।

    ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, कारोबार करने वाले जातकों के लिए नए क्लाइंट जुड़ने और मुनाफा बढ़ने के अवसर बन सकते हैं। योजनाओं को सही दिशा मिलने से पहले से अटका हुआ धन वापस मिलने की संभावना भी जताई गई है।

    कन्या राशि: जिम्मेदारी बढ़ेगी, काम की सराहना संभव

    कन्या राशि पर भी बुध का आधिपत्य माना जाता है। 2 अक्टूबर को बनने वाला केंद्र दृष्टि योग इस राशि के जातकों के कार्यक्षेत्र में सक्रियता बढ़ाने वाला माना जा रहा है।

    नौकरी करने वाले लोगों को कार्यस्थल पर कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। किसी टीम की कमान संभालने का अवसर भी मिलने की संभावना जताई गई है। अधिकारियों और सहकर्मियों के साथ तालमेल बेहतर होने से काम की सराहना मिल सकती है।

    संपत्ति, जमीन या वाहन से जुड़े पुराने मामलों में भी राहत मिलने की ज्योतिषीय संभावना बताई गई है। हालांकि, ऐसे मामलों में वास्तविक परिणाम संबंधित परिस्थितियों और कानूनी स्थिति पर निर्भर करेंगे।

    वृश्चिक राशि: साहस के साथ सही रणनीति का मिल सकता है लाभ

    वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल माने जाते हैं। ऐसे में मंगल और बुध का संबंध इस राशि के लिए विशेष प्रभाव वाला माना जा रहा है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, मंगल की ऊर्जा के साथ बुध की तार्किक क्षमता जुड़ने से जातक अधिक रणनीतिक तरीके से फैसले ले सकते हैं।

    नए निवेश या साहसिक फैसलों से आर्थिक लाभ की संभावना जताई गई है। प्रतियोगी परीक्षा या सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लोगों को भी सकारात्मक समाचार मिलने के योग बताए गए हैं। विरोधियों से जुड़े मामलों में बुद्धिमानी और आत्मविश्वास से स्थिति अपने पक्ष में करने की संभावना मानी जा रही है।

    शुभ प्रभाव के लिए बताए गए उपाय

    ज्योतिष में ग्रहों के शुभ प्रभाव को बढ़ाने के लिए कुछ उपाय भी बताए जाते हैं। 2 अक्टूबर को बुध से संबंधित शुभता के लिए भगवान गणेश को 21 दूर्वा अर्पित करने और मोदक या लड्डू का भोग लगाने की सलाह दी गई है।

    मंगल की सकारात्मक ऊर्जा के लिए हनुमान जी के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करने की बात कही गई है। इसके अलावा किसी जरूरतमंद व्यक्ति को हरी मूंग की दाल या हरे कपड़े का दान करना भी शुभ माना गया है।

  • अक्टूबर से 122 दिन शनि बदलेंगे नक्षत्र, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्‍मत

    अक्टूबर से 122 दिन शनि बदलेंगे नक्षत्र, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्‍मत


    नई दिल्ली। ज्योतिषीय गणना के अनुसार 9 अक्टूबर 2026 को रात 7 बजकर 28 मिनट पर शनि नक्षत्र परिवर्तन करने जा रहे हैं। शनि के उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश के बाद करीब 122 दिनों तक इसका प्रभाव रहने की मान्यता है। ज्योतिष के अनुसार इस दौरान वृषभ, मिथुन, कन्या, मकर और तुला राशि के जातकों के करियर और आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव के योग बन सकते हैं।

    ज्योतिष में शनि को कर्म, अनुशासन और मेहनत से जुड़ा ग्रह माना जाता है। शनि की चाल में होने वाले बदलाव का प्रभाव लंबे समय तक रहने की मान्यता है। इस बार शनि का नक्षत्र परिवर्तन इसलिए भी खास माना जा रहा है, क्योंकि उत्तर भाद्रपद को शनि का अपना नक्षत्र माना जाता है।

    9 अक्टूबर को क्या बदलेगा?
    फिलहाल शनि रेवती नक्षत्र के प्रथम पद में गोचर कर रहे हैं। 9 अक्टूबर को रात 7 बजकर 28 मिनट पर वे उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। उपलब्ध ज्योतिषीय गणना के अनुसार यह परिवर्तन करीब 122 दिनों की अवधि से जुड़ा है।

    ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक इस दौरान शनि का प्रभाव कामकाज, आर्थिक स्थिति और जिम्मेदारियों से जुड़े मामलों में अलग-अलग रूप में देखने को मिल सकता है।

    शनि को मेहनत और कर्म के आधार पर परिणाम देने वाला ग्रह माना जाता है। इसलिए इस अवधि में जल्दबाजी के बजाय नियमित मेहनत और अनुशासन पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है।

    वृषभ: नौकरी और आमदनी में बदलाव की संभावना
    वृषभ राशि के जातकों के लिए शनि का यह नक्षत्र परिवर्तन नौकरी और आर्थिक मामलों में बदलाव का संकेत माना जा रहा है। कामकाज में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। जिम्मेदारियां बढ़ने के साथ आमदनी में सुधार की संभावना भी बताई गई है।

    जो लोग लंबे समय से किसी नए अवसर का इंतजार कर रहे हैं, उन्हें अपने प्रयास जारी रखने चाहिए। नौकरीपेशा लोगों के लिए काम में बदलाव या नई भूमिका सामने आने की ज्योतिषीय मान्यता है।

    मिथुन: आय के नए रास्ते बन सकते हैं
    मिथुन राशि वालों के लिए 9 अक्टूबर के बाद का समय आर्थिक मामलों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आय के नए साधन बनने या पहले से चल रहे काम से लाभ मिलने की संभावना बताई गई है।

    नौकरी और कारोबार से जुड़े लोगों के लिए भी यह समय अनुकूल रहने की मान्यता है। हालांकि आर्थिक फैसले लेते समय बजट और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखना जरूरी रहेगा।

    कन्या: प्रमोशन या नई जिम्मेदारी के योग
    कन्या राशि के जातकों के करियर में बदलाव देखने को मिल सकता है। नौकरी में प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना बताई गई है। कुछ लोगों को बेहतर नौकरी का प्रस्ताव भी मिल सकता है।

    कारोबार करने वालों के लिए भी नए अवसर सामने आने की ज्योतिषीय मान्यता है। इस दौरान किसी पुराने प्रोजेक्ट या लंबे समय से रुके हुए काम से फायदा मिलने की संभावना बन सकती है।

    मकर: प्रॉपर्टी और आर्थिक लाभ के अवसर
    मकर राशि के स्वामी शनि ही हैं। इसलिए शनि के अपने नक्षत्र में प्रवेश को इस राशि के लिए विशेष माना जा रहा है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में प्रगति हो सकती है।

    आर्थिक स्थिति में अचानक लाभ के अवसर भी बन सकते हैं। हालांकि किसी बड़े निवेश या संपत्ति से जुड़े फैसले लेने से पहले पूरी जानकारी हासिल करना जरूरी होगा।

    तुला: अटके काम आगे बढ़ने की मान्यता
    तुला राशि के जातकों के लिए शनि का यह बदलाव लंबे समय से रुके कामों को गति देने वाला माना जा रहा है। अटके हुए काम दोबारा शुरू हो सकते हैं।

    कमाई और खर्च के बीच संतुलन बनाने में भी मदद मिलने की संभावना बताई गई है। हालांकि बेवजह के खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा, ताकि आर्थिक लाभ का सही इस्तेमाल किया जा सके।

    किन क्षेत्रों पर पड़ सकता है असर?
    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शनि के नक्षत्र परिवर्तन का असर मुख्य रूप से करियर, आय, कारोबार, जिम्मेदारियों और संपत्ति से जुड़े मामलों पर पड़ सकता है। किसी व्यक्ति को नई जिम्मेदारी मिल सकती है, जबकि किसी के लंबे समय से रुके काम आगे बढ़ने की संभावना बन सकती है।

    हालांकि शनि के नक्षत्र परिवर्तन का प्रभाव व्यक्ति की पूरी जन्मकुंडली, दशा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर भी निर्भर माना जाता है। इसलिए केवल राशि के आधार पर किसी व्यक्ति के भविष्य के बारे में निश्चित निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

    इस दौरान किन बातों का ध्यान रखें?
    ज्योतिष में शनि को अनुशासन और कर्म से जोड़ा जाता है। इसलिए इस अवधि में काम को टालने के बजाय समय पर पूरा करने, जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाने और आर्थिक मामलों में अनावश्यक जोखिम से बचने की सलाह दी जाती है।

  • LPG Rule Change: 1 अक्टूबर से सब्सिडी वाले सिलेंडर के लिए बदलेगा नियम, जानें क्या करना होगा ?

    LPG Rule Change: 1 अक्टूबर से सब्सिडी वाले सिलेंडर के लिए बदलेगा नियम, जानें क्या करना होगा ?


    नई दिल्ली। LPG उपभोक्ताओं के लिए 1 अक्टूबर 2026 से नया नियम लागू होने जा रहा है। अब घरेलू LPG सिलेंडर को लागू सब्सिडी के साथ रेगुलेटेड रिटेल सेलिंग प्राइस (RSP) पर बुक करने के लिए Biometric Aadhaar Authentication (BAA) पूरा करना जरूरी होगा। जिन उपभोक्ताओं का यह ऑथेंटिकेशन पहले ही हो चुका है, उन्हें दोबारा प्रक्रिया नहीं करनी होगी। सरकार के मुताबिक, 19 सितंबर 2026 तक 27.43 करोड़ सक्रिय घरेलू LPG उपभोक्ता यानी 89.9% पहले ही BAA पूरा कर चुके हैं।

    1 अक्टूबर से क्या बदलेगा?

    पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मुताबिक, 1 अक्टूबर से जिन घरेलू LPG उपभोक्ताओं ने Biometric Aadhaar Authentication पूरा नहीं किया है, उनके लिए सब्सिडी के साथ RSP पर रिफिल बुकिंग BAA पूरा होने के बाद ही उपलब्ध होगी। यानी ऑथेंटिकेशन पूरा कराने के बाद ही सब्सिडी वाले रेट पर रिफिल बुक किया जा सकेगा।

    हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि BAA नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं को LPG मिलना पूरी तरह बंद नहीं होगा। ऐसे उपभोक्ता अपनी पसंद दर्ज कराने के बाद स्थानीय उपलब्धता के आधार पर 5 या 10 किलो के सिलेंडर बाजार कीमत पर बिना सब्सिडी के ले सकेंगे।

    जिन्हें पहले ही करा लिया, उन्हें कुछ नहीं करना

    अगर किसी LPG उपभोक्ता का Biometric Aadhaar Authentication पहले ही पूरा हो चुका है, तो उसे यह प्रक्रिया दोबारा कराने की जरूरत नहीं है। ऐसे उपभोक्ताओं को रिफिल पहले की तरह मिलता रहेगा।

    सरकार का कहना है कि BAA का उद्देश्य सब्सिडी वाले LPG सिलेंडर का लाभ वास्तविक और पात्र परिवारों तक पहुंचाना है। इससे घरेलू सब्सिडी वाले सिलेंडरों के व्यावसायिक और औद्योगिक इस्तेमाल को रोकने, डुप्लीकेट कनेक्शन की पहचान करने और अपात्र कनेक्शन हटाने में मदद मिलेगी।

    27.43 करोड़ उपभोक्ता करा चुके हैं BAA

    पेट्रोलियम मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 19 सितंबर 2026 तक देश में 27.43 करोड़ सक्रिय घरेलू LPG उपभोक्ताओं ने Biometric Aadhaar Authentication पूरा कर लिया था। यह कुल सक्रिय घरेलू LPG उपभोक्ताओं का 89.9% है।

    उपभोक्ताओं को पहले 30 जून 2026 तक BAA पूरा करने के लिए कहा गया था। बाद में समयसीमा कई बार बढ़ाई गई। इसे 31 जुलाई, 7 अगस्त, 15 अगस्त, 23 अगस्त, 31 अगस्त, 7 सितंबर और अंत में 14 सितंबर 2026 तक बढ़ाया गया था। अब 1 अक्टूबर से सब्सिडी वाले रिफिल की बुकिंग के लिए BAA पूरा होना जरूरी होगा।

    घर बैठे भी पूरा कर सकते हैं ऑथेंटिकेशन

    LPG उपभोक्ताओं के लिए BAA पूरा करने के कई विकल्प उपलब्ध हैं। इसके लिए गैस एजेंसी के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है।

    डिलीवरी के समय: LPG सिलेंडर की डिलीवरी के दौरान डिलीवरी कर्मचारी OMC के मोबाइल ऐप के जरिए मौके पर ही ऑथेंटिकेशन पूरा कर सकता है।

    गैस एजेंसी पर: उपभोक्ता अपने LPG डिस्ट्रीब्यूटर के शोरूम पर जाकर भी Biometric Aadhaar Authentication करा सकते हैं।

    मोबाइल ऐप से: घर बैठे संबंधित ऑयल मार्केटिंग कंपनी के मोबाइल ऐप से भी प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। इंडेन के लिए IndianOil ONE, भारत गैस के लिए HelloBPCL और HP गैस के लिए HP PAY ऐप का इस्तेमाल किया जा सकता है।

    सितंबर में 14.2 किलो सिलेंडर पर करीब 210 रुपए की सब्सिडी

    सरकार के मुताबिक सितंबर 2026 में 14.2 किलो के घरेलू LPG सिलेंडर पर निहित सब्सिडी करीब 210 रुपए प्रति सिलेंडर है। जून 2026 में यह राशि 721 रुपए प्रति सिलेंडर तक पहुंच गई थी। सरकार का कहना है कि घरेलू LPG को किफायती बनाए रखने के लिए सब्सिडी को वास्तविक पात्र उपभोक्ताओं तक पहुंचाना जरूरी है।

    1 अक्टूबर से पहले करा लें BAA

    जिन उपभोक्ताओं ने अब तक Biometric Aadhaar Authentication नहीं कराया है, उन्हें सरकार ने 1 अक्टूबर से पहले यह प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी है। यह सुविधा शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में उपलब्ध है। LPG सेवाओं से संबंधित सहायता के लिए उपभोक्ता 1800 2333 555 टोल-फ्री हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं।

  • आज से शनि के पुष्य नक्षत्र में मंगल, 17 अक्टूबर तक 3 राशियों को रहना होगा सतर्क

    आज से शनि के पुष्य नक्षत्र में मंगल, 17 अक्टूबर तक 3 राशियों को रहना होगा सतर्क


    नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष में मंगल को साहस, ऊर्जा, भूमि, पराक्रम और सेना का कारक ग्रह माना गया है। वहीं शनि के स्वामित्व वाले पुष्य नक्षत्र को ज्योतिष में महत्वपूर्ण नक्षत्र माना जाता है, जो पोषण, स्थिरता और शुभता से जुड़ा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार 24 सितंबर 2026 को मंगल पुनर्वसु नक्षत्र से निकलकर पुष्य नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। मंगल यहां 17 अक्टूबर 2026 तक रहेंगे।

    ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार मंगल के शनि के नक्षत्र में आने से इस अवधि में कुछ लोगों को विचारों के टकराव, गुस्सा, स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों या कामकाज में अचानक आने वाली रुकावटों का सामना करना पड़ सकता है। खासतौर पर मिथुन, तुला और मकर राशि के जातकों को इस दौरान निर्णय लेते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

    मिथुन राशि

    मंगल का पुष्य नक्षत्र में गोचर मिथुन राशि से जुड़े जातकों के दूसरे भाव को प्रभावित करेगा। यह भाव धन, वाणी और परिवार से संबंधित माना जाता है।

    ज्योतिषीय फलादेश के अनुसार इस दौरान बातचीत के दौरान गुस्सा या कठोर शब्द परेशानी बढ़ा सकते हैं। परिवार के सदस्यों या कार्यस्थल पर किसी से विवाद की स्थिति बन सकती है। अचानक आने वाला कोई बड़ा खर्च आर्थिक बजट को प्रभावित कर सकता है। इसलिए इस अवधि में बिना पूरी जानकारी के बड़ा निवेश करने या किसी को बड़ी रकम उधार देने से बचने की सलाह दी जाती है।

    तुला राशि

    तुला राशि के जातकों के लिए मंगल का यह गोचर दसवें भाव में होगा, जिसे कर्म, करियर और कारोबार से जोड़ा जाता है।

    ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारियों या सहकर्मियों के साथ मतभेद हो सकते हैं। ऑफिस में किसी विवाद या राजनीति का हिस्सा बनने से बचना बेहतर रहेगा। इस दौरान जल्दबाजी में नौकरी बदलने या किसी कारोबारी समझौते पर हस्ताक्षर करने से पहले उसके सभी पहलुओं की अच्छी तरह जांच कर लेने की सलाह दी जाती है। अपने काम पर फोकस बनाए रखना महत्वपूर्ण रहेगा।

    मकर राशि

    मकर राशि के स्वामी शनि हैं और मंगल का पुष्य नक्षत्र में गोचर मकर राशि के सातवें भाव को प्रभावित करेगा। ज्योतिष में सातवें भाव का संबंध दांपत्य जीवन, साझेदारी और व्यापार से माना जाता है।

    इस अवधि में जीवनसाथी के साथ छोटी-छोटी बातों को लेकर तनाव या मतभेद बढ़ने की आशंका बताई गई है। ऐसे में बातचीत के दौरान धैर्य रखना जरूरी होगा। कारोबार में पार्टनरशिप करने वाले लोगों को लेन-देन और कामकाज में पारदर्शिता बनाए रखने की सलाह दी जाती है, क्योंकि गलतफहमी की स्थिति बन सकती है। स्वास्थ्य को लेकर भी लापरवाही न बरतें। खासकर ब्लड प्रेशर (BP) और जोड़ों से जुड़ी परेशानी होने पर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    मंगल के अशुभ प्रभाव से बचने के ज्योतिषीय उपाय

    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार मंगल के नक्षत्र परिवर्तन के दौरान हनुमान जी की पूजा करना शुभ माना जाता है। इसके लिए मंगलवार को हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ किया जा सकता है। हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करने की भी मान्यता है।

    इसके अलावा मंगलवार को जरूरतमंद व्यक्ति या मंदिर में लाल मसूर की दाल, गुड़ या लाल वस्त्र दान करने की सलाह दी जाती है। ये उपाय धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं।

  • 23 सितंबर को अस्त होंगे शुक्र, 37 दिन बाद उदय, 4 राशियों के लिए अक्टूबर तक धन-लाभ के योग

    23 सितंबर को अस्त होंगे शुक्र, 37 दिन बाद उदय, 4 राशियों के लिए अक्टूबर तक धन-लाभ के योग


    नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष में शुक्र को धन-संपत्ति, भौतिक सुख-सुविधा, प्रेम, सौंदर्य और आकर्षण से जुड़ा ग्रह माना जाता है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार आने वाले दिनों में शुक्र की स्थिति में दो बड़े बदलाव होने वाले हैं। द्रिक पंचांग के अनुसार 23 सितंबर को शुक्र अस्त हो जाएंगे और करीब 37 दिनों तक इसी अवस्था में रहेंगे। इसके बाद 30 अक्टूबर को शुक्र उदित होंगे। खास बात यह है कि इसी अवधि में 3 अक्टूबर को शुक्र वक्री भी हो जाएंगे। ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक शुक्र की इन बदलती स्थितियों का सभी 12 राशियों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ सकता है। इनमें वृषभ, मिथुन, तुला और मकर राशि के जातकों के लिए आर्थिक और करियर से जुड़े मामलों में लाभ के योग बताए गए हैं।

    वृषभ : अटका पैसा वापस मिलने के योग

    वृषभ राशि के स्वामी शुक्र ही हैं। ऐसे में शुक्र की स्थिति में होने वाला यह बदलाव ज्योतिषीय दृष्टि से इस राशि के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मान्यता के अनुसार इस दौरान भौतिक सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी हो सकती है और मां लक्ष्मी की विशेष कृपा बनी रह सकती है।

    लंबे समय से अटका या फंसा हुआ पैसा वापस मिलने के योग बन सकते हैं। नया कारोबार शुरू करने की योजना बना रहे लोगों को लाभ मिल सकता है। प्रॉपर्टी या वाहन खरीदने की इच्छा भी पूरी होने के संकेत हैं। कार्यक्षेत्र में मेहनत की सराहना मिलने और आर्थिक स्थिति बेहतर होने की संभावना जताई गई है।

    मिथुन : आय के नए रास्ते खुल सकते हैं

    मिथुन राशि के स्वामी बुध हैं और ज्योतिष में बुध-शुक्र के बीच मित्रवत संबंध माने जाते हैं। इसी आधार पर शुक्र की यह स्थिति मिथुन राशि के लिए लाभकारी बताई जा रही है।

    ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार इस अवधि में आय के नए और स्थायी स्रोत बन सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या वेतन वृद्धि से जुड़ी अच्छी खबर मिल सकती है। कारोबार में किए गए पुराने निवेश से उम्मीद से बेहतर रिटर्न मिलने के योग हैं। निर्णय लेने की क्षमता मजबूत हो सकती है, जिसका फायदा व्यावसायिक सौदों में मिलने की संभावना है।

    तुला : प्रतिष्ठा के साथ आर्थिक लाभ

    तुला भी शुक्र की स्वराशि है। इसलिए शुक्र की स्थिति में बदलाव का असर इस राशि के जातकों के व्यक्तित्व और आर्थिक मामलों पर पड़ने की बात कही गई है।

    मान्यता के अनुसार इस दौरान मान-सम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ सकती है। मीडिया, फैशन, आर्ट्स, डिजाइनिंग या अन्य रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े लोगों को पहचान मिलने के साथ आर्थिक लाभ हो सकता है। पैतृक संपत्ति से जुड़ा कोई पुराना विवाद सुलझने पर आर्थिक राहत मिलने के भी योग बताए गए हैं।

    मकर : नौकरी और कारोबार में मिल सकता है फायदा

    मकर राशि के स्वामी शनि हैं और ज्योतिषीय मान्यता में शनि और शुक्र को मित्र ग्रह माना जाता है। इसी वजह से शुक्र का यह परिवर्तन मकर राशि के करियर के लिए महत्वपूर्ण बताया जा रहा है।

    नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को किसी बड़ी कंपनी से अच्छा ऑफर मिल सकता है। कार्यस्थल पर वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलने की संभावना है। व्यापार से जुड़ी यात्राएं लाभदायक हो सकती हैं। परिवार में सुख-शांति का माहौल रहने के साथ संचित धन में बढ़ोतरी के भी योग बताए गए हैं।

    शुक्र को मजबूत करने के लिए ज्योतिषीय उपाय

    ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार शुक्र से जुड़े शुभ प्रभावों के लिए शुक्रवार को मां लक्ष्मी की पूजा करना लाभकारी माना जाता है। उन्हें सफेद मिष्ठान, खीर या मखाने का भोग लगाया जा सकता है।

    शुक्रवार के दिन जरूरतमंद व्यक्ति को चावल, दूध, चीनी, मिश्री या सफेद वस्त्र का दान भी शुभ माना गया है। इसके अलावा रोजाना, विशेषकर शुक्रवार को स्फटिक की माला से 108 बार शुक्र ग्रह के बीज मंत्र का जाप करने की सलाह दी जाती है।

    ज्योतिष में ग्रहों की स्थिति के प्रभाव को व्यक्ति की जन्मकुंडली के आधार पर अलग-अलग माना जाता है, इसलिए यहां बताए गए परिणाम सामान्य ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं।