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  • वेस्टइंडीज दौरे के लिए न्यूजीलैंड की वनडे टीम घोषित, मैथ्यू फिशर को पहली बार मिला मौका; मिशेल सेंटनर संभालेंगे कमान

    वेस्टइंडीज दौरे के लिए न्यूजीलैंड की वनडे टीम घोषित, मैथ्यू फिशर को पहली बार मिला मौका; मिशेल सेंटनर संभालेंगे कमान

    नई दिल्ली । इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में शानदार प्रदर्शन के बाद न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम अब वेस्टइंडीज दौरे की तैयारी में जुट गई है। 12 से 22 जुलाई के बीच खेली जाने वाली पांच मैचों की वनडे सीरीज के लिए न्यूजीलैंड क्रिकेट ने 16 सदस्यीय टीम की घोषणा कर दी है। टीम की कमान ऑलराउंडर मिशेल सेंटनर को सौंपी गई है, जबकि अनुभवी बल्लेबाज टॉम लैथम विकेटकीपर की भूमिका निभाएंगे।

    घोषित टीम में सबसे अधिक चर्चा तेज गेंदबाज मैथ्यू फिशर के चयन को लेकर है। 28 वर्षीय दाएं हाथ के गेंदबाज को पहली बार न्यूजीलैंड की वनडे टीम में शामिल किया गया है। घरेलू लिस्ट-ए क्रिकेट में उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन का उन्हें इनाम मिला है। फिशर ने अब तक 35 लिस्ट-ए मुकाबलों में 32 विकेट हासिल किए हैं और निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी करने की क्षमता भी रखते हैं, जिससे टीम को अतिरिक्त संतुलन मिलने की उम्मीद है।

    टीम में तेज गेंदबाज जैकब डफी की भी वापसी हुई है। उनके अलावा क्रिस्टियन क्लार्क, बेन सियर्स और नाथन स्मिथ तेज गेंदबाजी आक्रमण का हिस्सा होंगे। वहीं स्पिन विभाग की जिम्मेदारी माइकल ब्रेसवेल, जेडन लेनोक्स और डीन फॉक्सक्रॉफ्ट संभालेंगे। बल्लेबाजी क्रम में मार्क चैपमैन, डेरिल मिशेल, हेनरी निकोलस, विल यंग और निक केली जैसे खिलाड़ी टीम को मजबूती देंगे।

    मुख्य कोच रॉब वाल्टर ने मैथ्यू फिशर और जैकब डफी के चयन पर संतोष जताते हुए कहा कि दोनों खिलाड़ियों ने घरेलू क्रिकेट में निरंतर प्रदर्शन के दम पर यह अवसर अर्जित किया है। उनके अनुसार फिशर ने अपनी गेंदबाजी की गति और विविधता पर लगातार काम किया है, जिससे वह पारी के अलग-अलग चरणों में प्रभावी साबित हो सकते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह दौरा उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की मजबूत शुरुआत साबित होगा।

    कोच ने जैकब डफी की भी सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में सभी प्रारूपों में लगातार प्रभाव छोड़ा है। उनका अनुभव और कौशल टीम के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा और वह गेंदबाजी आक्रमण को अतिरिक्त मजबूती प्रदान करेंगे।

    इस दौरे में न्यूजीलैंड के कई नियमित खिलाड़ी उपलब्ध नहीं रहेंगे। तेज गेंदबाज काइल जैमीसन, मैट हेनरी और विल ओ’रूर्के को कार्यभार प्रबंधन के तहत आराम दिया गया है। वहीं बल्लेबाज डेवोन कॉनवे अपने दूसरे बच्चे के जन्म के कारण इस श्रृंखला से बाहर रहेंगे। स्टार ऑलराउंडर रचिन रवींद्र भी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत मेजर लीग क्रिकेट में भाग लेने के कारण इस दौरे का हिस्सा नहीं होंगे।

    न्यूजीलैंड की टीम नए और अनुभवी खिलाड़ियों के संतुलित संयोजन के साथ वेस्टइंडीज के खिलाफ उतरने जा रही है। चयनकर्ताओं को उम्मीद है कि युवा खिलाड़ियों को मिला यह अवसर भविष्य की टीम निर्माण प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जबकि अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी टीम को प्रतिस्पर्धी बनाए रखने में मदद करेगी।

  • चेन्नई वनडे में अफगानिस्तान का बड़ा फैसला, टॉस जीतकर चुनी बल्लेबाजी; सीरीज बचाने की आखिरी कोशिश में टीम ने किए कई बदलाव

    चेन्नई वनडे में अफगानिस्तान का बड़ा फैसला, टॉस जीतकर चुनी बल्लेबाजी; सीरीज बचाने की आखिरी कोशिश में टीम ने किए कई बदलाव

    नई दिल्ली । भारत और अफगानिस्तान के बीच खेली जा रही एकदिवसीय श्रृंखला के तीसरे और अंतिम मुकाबले में अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया है। चेन्नई के प्रतिष्ठित एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले जा रहे इस मुकाबले में दोनों टीमों के लिए अलग-अलग लक्ष्य हैं। जहां भारतीय टीम श्रृंखला में क्लीन स्वीप दर्ज करने के इरादे से मैदान में उतरी है, वहीं अफगानिस्तान की कोशिश सम्मानजनक जीत हासिल कर दौरे का समापन करने की है।

    श्रृंखला के शुरुआती दोनों मुकाबलों में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की थी। लगातार दो जीत के साथ मेजबान टीम पहले ही सीरीज अपने नाम कर चुकी है। ऐसे में अंतिम मुकाबला परिणाम के लिहाज से भले ही निर्णायक न हो, लेकिन दोनों टीमों के लिए यह अपनी तैयारियों और संयोजन को परखने का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।

    टॉस जीतने के बाद अफगानिस्तान के कप्तान ने पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। टीम प्रबंधन का मानना है कि चेन्नई की पिच शुरुआती चरण में बल्लेबाजों के लिए अनुकूल हो सकती है और बड़ा स्कोर खड़ा कर दबाव बनाने की रणनीति टीम के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। इसी सोच के तहत अफगानिस्तान ने अपनी प्लेइंग इलेवन में कई बदलाव किए हैं, जिससे टीम को नया संतुलन और अतिरिक्त मजबूती देने का प्रयास किया गया है।

    दूसरी ओर भारतीय कप्तान ने भी स्वीकार किया कि यदि टॉस उनके पक्ष में जाता तो टीम पहले बल्लेबाजी को ही प्राथमिकता देती। हालांकि भारतीय खेमे का आत्मविश्वास मजबूत दिखाई दे रहा है, क्योंकि टीम ने पूरे दौरे में संतुलित और आक्रामक क्रिकेट का प्रदर्शन किया है। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में खिलाड़ियों ने प्रभावशाली योगदान दिया है।

    भारतीय बल्लेबाजी की बात करें तो शीर्ष क्रम शानदार फॉर्म में नजर आ रहा है। पिछले मुकाबले में टीम के प्रमुख बल्लेबाजों ने बड़ी साझेदारी कर विपक्षी गेंदबाजों को दबाव में ला दिया था। युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के संतुलित प्रदर्शन ने भारतीय बल्लेबाजी को मजबूत बनाया है। मध्यक्रम में भी टीम के पास ऐसे खिलाड़ी मौजूद हैं जो तेज गति से रन बनाने की क्षमता रखते हैं।

    गेंदबाजी विभाग में भी भारत को लगातार सफलता मिली है। तेज गेंदबाजों और स्पिनरों के संयोजन ने अफगानिस्तान के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। नई गेंद से शुरुआती सफलता और मध्य ओवरों में विकेट निकालने की क्षमता ने भारतीय टीम को श्रृंखला में बढ़त दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

    अफगानिस्तान के लिए अब तक की श्रृंखला चुनौतीपूर्ण रही है। टीम के कुछ बल्लेबाजों ने व्यक्तिगत रूप से अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन सामूहिक प्रयास की कमी स्पष्ट दिखाई दी। शीर्ष क्रम के कुछ खिलाड़ियों को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश बल्लेबाज बड़ी पारियां खेलने में सफल नहीं रहे। गेंदबाजी विभाग भी अपेक्षित प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहा, जिसके कारण टीम को लगातार दबाव का सामना करना पड़ा।

    तीसरे मुकाबले में अफगानिस्तान की उम्मीदें उसके अनुभवी खिलाड़ियों पर टिकी होंगी। यदि शीर्ष क्रम मजबूत शुरुआत देने में सफल रहता है तो टीम प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा कर सकती है। वहीं भारत की नजर एक और प्रभावशाली प्रदर्शन के साथ श्रृंखला को 3-0 से समाप्त करने पर होगी।

    चेन्नई में खेला जा रहा यह मुकाबला युवा खिलाड़ियों को खुद को साबित करने और टीम प्रबंधन को भविष्य की योजनाओं के लिए विकल्प तलाशने का भी अवसर प्रदान कर रहा है। क्रिकेट प्रेमियों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि क्या भारत क्लीन स्वीप पूरा कर पाएगा या अफगानिस्तान अंतिम मुकाबले में वापसी कर सम्मान बचाने में सफल रहेगा।