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  • वनडे में इंग्लैंड पर भारत का दबदबा फिर दोहराने की तैयारी हेड टू हेड रिकॉर्ड दे रहे जीत का भरोसा

    वनडे में इंग्लैंड पर भारत का दबदबा फिर दोहराने की तैयारी हेड टू हेड रिकॉर्ड दे रहे जीत का भरोसा


    नई दिल्ली । भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की बहुप्रतीक्षित वनडे सीरीज का आगाज 14 जुलाई से होने जा रहा है। पहला मुकाबला बर्मिंघम के ऐतिहासिक एजबेस्टन क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा जहां भारतीय टीम टी20 सीरीज में मिली निराशाजनक हार का हिसाब बराबर करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। हालांकि हालिया टी20 प्रदर्शन भारत के पक्ष में नहीं रहा लेकिन वनडे क्रिकेट का इतिहास टीम इंडिया के आत्मविश्वास को मजबूत करता है। दोनों टीमों के बीच अब तक खेले गए मुकाबलों के आंकड़े साफ बताते हैं कि इस प्रारूप में भारत का पलड़ा इंग्लैंड पर भारी रहा है।

    भारत और इंग्लैंड के बीच अब तक 110 वनडे मुकाबले खेले जा चुके हैं। इनमें से 61 मैच भारत ने अपने नाम किए हैं जबकि इंग्लैंड केवल 44 मुकाबलों में जीत दर्ज कर सका है। दो मैच टाई रहे और तीन मुकाबलों का कोई परिणाम नहीं निकल सका। यह रिकॉर्ड दिखाता है कि वनडे क्रिकेट में टीम इंडिया ने लगातार इंग्लैंड पर अपना दबदबा बनाए रखा है और यही इतिहास एक बार फिर भारतीय खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाएगा।

    हालांकि इंग्लैंड की धरती पर भारत का रिकॉर्ड अपेक्षाकृत संतुलित रहा है। इंग्लैंड में दोनों टीमों के बीच खेले गए 44 वनडे मुकाबलों में भारत ने 18 मैच जीते हैं जबकि इंग्लैंड ने 23 मुकाबलों में बाजी मारी है। एक मैच टाई रहा और दो मुकाबले बेनतीजा रहे। घरेलू परिस्थितियों का फायदा इंग्लैंड को जरूर मिलता रहा है लेकिन मौजूदा भारतीय टीम के पास अनुभव और संतुलन दोनों मौजूद हैं।

    टी20 सीरीज में भारतीय बल्लेबाजी उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी थी। शीर्ष क्रम से लेकर मध्यक्रम तक कोई भी बल्लेबाज लगातार प्रभाव नहीं छोड़ पाया। ऐसे में वनडे सीरीज में सभी की नजर रोहित शर्मा और विराट कोहली की वापसी पर होगी। इन दोनों दिग्गजों की मौजूदगी से भारतीय बल्लेबाजी को मजबूती मिलेगी और टीम का अनुभव भी बढ़ेगा। कप्तान शुभमन गिल पर एक बार फिर पारी की मजबूत शुरुआत कराने की जिम्मेदारी होगी जबकि मध्यक्रम में श्रेयस अय्यर केएल राहुल ईशान किशन और अक्षर पटेल अहम भूमिका निभाएंगे।

    ऑलराउंडर विभाग में वॉशिंगटन सुंदर अक्षर पटेल और नीतीश कुमार रेड्डी टीम को संतुलन देंगे। तीनों खिलाड़ी बल्ले और गेंद दोनों से मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। दूसरी ओर गेंदबाजी की अगुवाई तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह करेंगे जिनका अनुभव और सटीक लाइन लेंथ इंग्लैंड के बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। उनके साथ प्रसिद्ध कृष्णा अर्शदीप सिंह प्रिंस यादव और गुरनूर बरार तेज आक्रमण को मजबूती देंगे। चोट के कारण हर्षित इस सीरीज का हिस्सा नहीं हैं।

    स्पिन विभाग में कुलदीप यादव भारतीय टीम के सबसे बड़े हथियार होंगे। उनकी विविधता इंग्लैंड के बल्लेबाजों को परेशान कर सकती है। रवि बिश्नोई को भी टीम में जगह मिली है जबकि चोट के चलते वरुण चक्रवर्ती इस सीरीज में नहीं खेल पाएंगे।

    टी20 की निराशा को पीछे छोड़कर टीम इंडिया अब वनडे में नई शुरुआत करना चाहेगी। शानदार हेड टू हेड रिकॉर्ड मजबूत बल्लेबाजी और अनुभवी गेंदबाजी आक्रमण के दम पर भारतीय टीम के पास इंग्लैंड को उसी की धरती पर हराकर सीरीज जीतने का सुनहरा मौका होगा।

  • टी20 की हार भूलकर वनडे में पलटवार की तैयारी टीम इंडिया की कमान अब शुभमन गिल के हाथों में

    टी20 की हार भूलकर वनडे में पलटवार की तैयारी टीम इंडिया की कमान अब शुभमन गिल के हाथों में


    नई दिल्ली । टी20 सीरीज की निराशा को पीछे छोड़ अब भारतीय क्रिकेट टीम की निगाहें इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज पर टिक गई हैं। इस बार टीम इंडिया नए कप्तान शुभमन गिल की अगुवाई में मैदान पर उतरेगी। टी20 सीरीज में श्रेयस अय्यर ने कप्तानी संभाली थी लेकिन वनडे प्रारूप में नेतृत्व की जिम्मेदारी शुभमन गिल को सौंपी गई है। ऐसे में यह सीरीज युवा कप्तान के लिए अपनी नेतृत्व क्षमता साबित करने का सुनहरा अवसर भी होगी और भारतीय टीम के लिए सम्मान की लड़ाई भी।

    वनडे सीरीज की सबसे बड़ी खासियत टीम के अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी है। लंबे समय बाद रोहित शर्मा विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह एक साथ भारतीय वनडे टीम में नजर आएंगे। इन तीनों खिलाड़ियों की मौजूदगी से टीम का संतुलन और आत्मविश्वास दोनों मजबूत हुए हैं। युवा खिलाड़ियों के उत्साह और अनुभवी सितारों के अनुभव का मेल भारत को इंग्लैंड के खिलाफ मजबूत दावेदार बना रहा है।

    तीन मैचों की यह सीरीज 14 जुलाई से शुरू होगी। पहला मुकाबला बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर खेला जाएगा जिसकी शुरुआत भारतीय समयानुसार दोपहर साढ़े तीन बजे होगी। दूसरा मुकाबला 16 जुलाई को कार्डिफ के सोफिया गार्डन्स में खेला जाएगा और यह मैच शाम साढ़े पांच बजे शुरू होगा। सीरीज का तीसरा और निर्णायक मुकाबला 19 जुलाई को क्रिकेट के ऐतिहासिक मैदान लॉर्ड्स में खेला जाएगा जिसकी शुरुआत भारतीय समयानुसार दोपहर साढ़े तीन बजे होगी। यही मुकाबला तय करेगा कि सीरीज किसके नाम होगी।

    भारतीय बल्लेबाजी क्रम में कप्तान शुभमन गिल और रोहित शर्मा से तेज शुरुआत की उम्मीद रहेगी जबकि विराट कोहली मध्यक्रम की सबसे बड़ी ताकत होंगे। श्रेयस अय्यर उप कप्तान की भूमिका निभाएंगे और टीम को मजबूती देंगे। विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी केएल राहुल और ईशान किशन संभाल सकते हैं। वहीं ऑलराउंडर के रूप में अक्षर पटेल वाशिंगटन सुंदर और शिवम दुबे टीम को अतिरिक्त संतुलन देंगे।

    गेंदबाजी विभाग में जसप्रीत बुमराह की वापसी भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी राहत है। उनके साथ अर्शदीप सिंह और प्रसिद्ध कृष्णा तेज गेंदबाजी आक्रमण को धार देंगे जबकि कुलदीप यादव अपनी फिरकी से इंग्लैंड के बल्लेबाजों की परीक्षा लेंगे। टीम में गुरनूर बराड़ और प्रिंस यादव जैसे युवा खिलाड़ियों को भी शामिल किया गया है जो जरूरत पड़ने पर अहम भूमिका निभा सकते हैं।

    इंग्लैंड की टीम भी अपने घरेलू मैदान पर पूरी तैयारी के साथ उतरेगी। कप्तान हैरी ब्रूक के नेतृत्व में जो रूट जोस बटलर जोफ्रा आर्चर और सैम करन जैसे अनुभवी खिलाड़ी टीम की ताकत हैं। ऐसे में भारत के लिए यह सीरीज आसान नहीं रहने वाली। इंग्लैंड की परिस्थितियों में जीत हासिल करने के लिए बल्लेबाजी गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में बेहतरीन प्रदर्शन करना होगा।

    शुभमन गिल के सामने सबसे बड़ी चुनौती अनुभवी खिलाड़ियों के साथ तालमेल बनाकर टीम को जीत दिलाने की होगी। यदि भारत पहला मुकाबला जीतने में सफल रहता है तो पूरी सीरीज में उसका पलड़ा भारी हो सकता है। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या शुभमन गिल अपनी कप्तानी में रोहित शर्मा विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के साथ मिलकर इंग्लैंड की धरती पर जीत का नया इतिहास लिख पाएंगे।
    टी20 सीरीज की निराशा को पीछे छोड़ अब भारतीय क्रिकेट टीम की निगाहें इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज पर टिक गई हैं। इस बार टीम इंडिया नए कप्तान शुभमन गिल की अगुवाई में मैदान पर उतरेगी। टी20 सीरीज में श्रेयस अय्यर ने कप्तानी संभाली थी लेकिन वनडे प्रारूप में नेतृत्व की जिम्मेदारी शुभमन गिल को सौंपी गई है। ऐसे में यह सीरीज युवा कप्तान के लिए अपनी नेतृत्व क्षमता साबित करने का सुनहरा अवसर भी होगी और भारतीय टीम के लिए सम्मान की लड़ाई भी।

    वनडे सीरीज की सबसे बड़ी खासियत टीम के अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी है। लंबे समय बाद रोहित शर्मा विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह एक साथ भारतीय वनडे टीम में नजर आएंगे। इन तीनों खिलाड़ियों की मौजूदगी से टीम का संतुलन और आत्मविश्वास दोनों मजबूत हुए हैं। युवा खिलाड़ियों के उत्साह और अनुभवी सितारों के अनुभव का मेल भारत को इंग्लैंड के खिलाफ मजबूत दावेदार बना रहा है।

    तीन मैचों की यह सीरीज 14 जुलाई से शुरू होगी। पहला मुकाबला बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर खेला जाएगा जिसकी शुरुआत भारतीय समयानुसार दोपहर साढ़े तीन बजे होगी। दूसरा मुकाबला 16 जुलाई को कार्डिफ के सोफिया गार्डन्स में खेला जाएगा और यह मैच शाम साढ़े पांच बजे शुरू होगा। सीरीज का तीसरा और निर्णायक मुकाबला 19 जुलाई को क्रिकेट के ऐतिहासिक मैदान लॉर्ड्स में खेला जाएगा जिसकी शुरुआत भारतीय समयानुसार दोपहर साढ़े तीन बजे होगी। यही मुकाबला तय करेगा कि सीरीज किसके नाम होगी।

    भारतीय बल्लेबाजी क्रम में कप्तान शुभमन गिल और रोहित शर्मा से तेज शुरुआत की उम्मीद रहेगी जबकि विराट कोहली मध्यक्रम की सबसे बड़ी ताकत होंगे। श्रेयस अय्यर उप कप्तान की भूमिका निभाएंगे और टीम को मजबूती देंगे। विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी केएल राहुल और ईशान किशन संभाल सकते हैं। वहीं ऑलराउंडर के रूप में अक्षर पटेल वाशिंगटन सुंदर और शिवम दुबे टीम को अतिरिक्त संतुलन देंगे।

    गेंदबाजी विभाग में जसप्रीत बुमराह की वापसी भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी राहत है। उनके साथ अर्शदीप सिंह और प्रसिद्ध कृष्णा तेज गेंदबाजी आक्रमण को धार देंगे जबकि कुलदीप यादव अपनी फिरकी से इंग्लैंड के बल्लेबाजों की परीक्षा लेंगे। टीम में गुरनूर बराड़ और प्रिंस यादव जैसे युवा खिलाड़ियों को भी शामिल किया गया है जो जरूरत पड़ने पर अहम भूमिका निभा सकते हैं।

    इंग्लैंड की टीम भी अपने घरेलू मैदान पर पूरी तैयारी के साथ उतरेगी। कप्तान हैरी ब्रूक के नेतृत्व में जो रूट जोस बटलर जोफ्रा आर्चर और सैम करन जैसे अनुभवी खिलाड़ी टीम की ताकत हैं। ऐसे में भारत के लिए यह सीरीज आसान नहीं रहने वाली। इंग्लैंड की परिस्थितियों में जीत हासिल करने के लिए बल्लेबाजी गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में बेहतरीन प्रदर्शन करना होगा।

    शुभमन गिल के सामने सबसे बड़ी चुनौती अनुभवी खिलाड़ियों के साथ तालमेल बनाकर टीम को जीत दिलाने की होगी। यदि भारत पहला मुकाबला जीतने में सफल रहता है तो पूरी सीरीज में उसका पलड़ा भारी हो सकता है। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या शुभमन गिल अपनी कप्तानी में रोहित शर्मा विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के साथ मिलकर इंग्लैंड की धरती पर जीत का नया इतिहास लिख पाएंगे।

  • टी20 की करारी हार का वनडे में हिसाब चुकता करने उतरेगी टीम इंडिया: रोहित, विराट और बुमराह की वापसी से बढ़ेगा हौसला

    टी20 की करारी हार का वनडे में हिसाब चुकता करने उतरेगी टीम इंडिया: रोहित, विराट और बुमराह की वापसी से बढ़ेगा हौसला

    नई दिल्ली । हाल ही में संपन्न हुई टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में मेजबान इंग्लैंड के हाथों 4-0 से करारी शिकस्त का सामना करने के बाद अब भारतीय क्रिकेट टीम के सामने वनडे प्रारूप में जोरदार वापसी करने की बेहद कड़ी चुनौती है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में युवा खिलाड़ियों से सजी भारतीय टीम टी20 सीरीज के दौरान पूरी तरह दिशाहीन और बेअसर साबित हुई थी। इस निराशाजनक प्रदर्शन के ठीक बाद, अब भारतीय टीम प्रबंधन और प्रशंसकों की निगाहें आगामी तीन मैचों की वनडे सीरीज पर टिक गई हैं, जहाँ भारत अपने सबसे अनुभवी और दिग्गज खिलाड़ियों के दम पर इंग्लैंड की सरजमीं पर पलटवार करने का प्रयास करेगा।

    इस वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम का संतुलन और ताकत पूरी तरह से बदली हुई नजर आएगी, क्योंकि टीम के दो सबसे बड़े स्तंभ रोहित शर्मा और विराट कोहली की टीम में वापसी हो रही है। ये दोनों ही महान बल्लेबाज टी20 और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं और अब अपनी पूरी ऊर्जा सिर्फ एक दिवसीय प्रारूप में भारत को जीत दिलाने में लगा रहे हैं। इंग्लैंड की मुश्किल और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में इन दोनों सीनियर खिलाड़ियों का लंबा अनुभव भारतीय बल्लेबाजी क्रम को वो मजबूती प्रदान करेगा, जिसकी टी20 सीरीज के दौरान भारी कमी महसूस की गई थी।

    टी20 सीरीज के आखिरी मुकाबले में साउथेम्प्टन के मैदान पर इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों की जमकर क्लास ली थी और जोस बटलर के धुआंधार 131 रनों की बदौलत 257 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था, जिसके जवाब में भारतीय टीम दबाव नहीं झेल सकी और 56 रनों से मैच हार गई। लगातार दो टी20 सीरीज गंवाने के बाद भारतीय टीम की रणनीतियों पर तीखे सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में वनडे सीरीज में कप्तान शुभमन गिल की अगुवाई में रोहित शर्मा नई गेंद के खिलाफ आक्रामक शुरुआत देने की जिम्मेदारी संभालेंगे, तो वहीं विराट कोहली मध्यक्रम में पारी को स्थिरता और मजबूती देंगे।

    भारतीय टीम के लिए एक और बड़ी राहत की बात स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की वापसी है। टी20 सीरीज के दौरान भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण पूरी तरह से बेअसर रहा था और रन्स रोकने में नाकाम साबित हुआ था। बुमराह के आने से टीम को शुरुआती ओवरों में विकेट निकालने की क्षमता मिलेगी और साथ ही डेथ ओवरों में विपक्षी बल्लेबाजों पर अंकुश लगाया जा सकेगा। बुमराह के साथ कुलदीप यादव, अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर जैसे स्पिनर्स मिलकर इंग्लैंड के बल्लेबाजी क्रम को रोकने की रणनीति तैयार करेंगे।

    यह वनडे सीरीज भारतीय टीम के लिए केवल एक ट्रॉफी जीतने का जरिया नहीं है, बल्कि पिछले कुछ हफ्तों में लगातार मिली हार के कारण ड्रेसिंग रूम के गिरे हुए मनोबल और खोए हुए आत्मविश्वास को वापस पाने का एक बड़ा मंच भी है। भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर और उपकप्तान श्रेयस अय्यर पर भी इस सीरीज के जरिए टीम संयोजन को सही करने का भारी दबाव होगा। भारत और इंग्लैंड के बीच इस हाई-वोल्टेज वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 14 जुलाई को बर्मिंघम के प्रतिष्ठित एजबेस्टन मैदान पर खेला जाएगा।

  • हेली मैथ्यूज का तूफानी शतक, आयरलैंड को 9 विकेट से रौंदकर वेस्टइंडीज ने सीरीज में बनाई बढ़त

    हेली मैथ्यूज का तूफानी शतक, आयरलैंड को 9 विकेट से रौंदकर वेस्टइंडीज ने सीरीज में बनाई बढ़त


    नई दिल्ली। ब्रेडी क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए पहले महिला वनडे मुकाबले में वेस्टइंडीज ने कप्तान हेली मैथ्यूज के शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन की बदौलत आयरलैंड को 9 विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। मैथ्यूज ने पहले गेंद से तीन महत्वपूर्ण विकेट झटके और फिर बल्ले से नाबाद 159 रन की विस्फोटक पारी खेलकर मैच को पूरी तरह एकतरफा बना दिया। उनके इस प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

    टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम ने आयरलैंड को 49 ओवर में 269 रन पर समेट दिया। आयरलैंड की ओर से विकेटकीपर बल्लेबाज एमी हंटर ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 90 गेंदों में 96 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में छह चौके लगाए और शतक से केवल चार रन दूर रह गईं। कप्तान गेबी लेविस ने 39 रन, ओर्ला प्रेंडरगैस्ट ने 30 और लुइस लिटिल ने 27 रन का योगदान दिया, लेकिन कोई भी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं बना सका।

    वेस्टइंडीज की गेंदबाजी में एफी फ्लेचर सबसे सफल रहीं। उन्होंने 10 ओवर में 49 रन देकर चार विकेट हासिल किए। कप्तान हेली मैथ्यूज ने भी शानदार गेंदबाजी करते हुए 10 ओवर में 52 रन देकर तीन विकेट लिए। जैनिलेया ग्लासगो और करिश्मा रामहरक ने एक-एक विकेट लेकर आयरलैंड की पारी को समेटने में अहम भूमिका निभाई।

    270 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज ने शुरुआत से ही मुकाबले पर पकड़ बना ली। कप्तान हेली मैथ्यूज और रीलियाना ग्रिमंड ने पहले विकेट के लिए 258 रन की रिकॉर्ड साझेदारी कर आयरलैंड की उम्मीदों को पूरी तरह खत्म कर दिया। यह महिला वनडे क्रिकेट में वेस्टइंडीज की ओर से पहले विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी बन गई।

    मैथ्यूज ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 123 गेंदों में 24 चौकों और दो छक्कों की मदद से नाबाद 159 रन बनाए। यह उनके वनडे करियर का 11वां शतक होने के साथ-साथ इस प्रारूप में उनकी अब तक की सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी भी रही। दूसरी ओर रीलियाना ग्रिमंड शतक से चूक गईं और 107 गेंदों में 91 रन बनाकर आउट हुईं। उन्होंने अपनी पारी में 11 चौके लगाए। इसके बाद स्टेफनी टेलर दो रन बनाकर नाबाद लौटीं और वेस्टइंडीज ने केवल एक विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।

    इस शानदार जीत के साथ वेस्टइंडीज ने तीन मैचों की वनडे सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। कप्तान हेली मैथ्यूज का ऑलराउंड प्रदर्शन टीम के लिए बड़ा आत्मविश्वास लेकर आया है। अब दूसरे वनडे में आयरलैंड वापसी की कोशिश करेगा, जबकि वेस्टइंडीज की नजर सीरीज अपने नाम करने पर होगी।

  • टी20 की निराशा मिटाने मैदान में उतरेंगे रोहित और विराट वनडे सीरीज में इंग्लैंड को कड़ी चुनौती देने को तैयार भारत

    टी20 की निराशा मिटाने मैदान में उतरेंगे रोहित और विराट वनडे सीरीज में इंग्लैंड को कड़ी चुनौती देने को तैयार भारत


    नई दिल्ली। इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में मिली हार ने भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को जरूर निराश किया है लेकिन अब उम्मीदों का नया अध्याय वनडे सीरीज के साथ शुरू होने जा रहा है। तीन मैचों की इस अहम सीरीज में टीम इंडिया अपने सबसे अनुभवी खिलाड़ियों रोहित शर्मा और विराट कोहली के साथ मैदान में उतरेगी। दोनों दिग्गजों की वापसी ने भारतीय टीम के हौसले को नई ऊर्जा दी है और फैंस को भरोसा है कि भारत इस बार दमदार पलटवार करेगा।

    हाल के दिनों में भारतीय टीम का टी20 प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। आयरलैंड के खिलाफ सीरीज गंवाने के बाद इंग्लैंड ने भी भारतीय टीम को लगातार मुकाबलों में मात देकर सीरीज अपने नाम कर ली। युवा खिलाड़ियों से सजी टीम दबाव के क्षणों में प्रभाव छोड़ने में सफल नहीं रही। ऐसे में अब वनडे प्रारूप में अनुभवी खिलाड़ियों की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है।

    रोहित शर्मा और विराट कोहली अब केवल वनडे क्रिकेट में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। दोनों खिलाड़ियों ने टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया है लेकिन सीमित ओवरों के इस प्रारूप में उनका अनुभव और निरंतरता आज भी भारतीय टीम की सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है। इंग्लैंड जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में इन दोनों बल्लेबाजों का अनुभव टीम के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।

    रोहित शर्मा से उम्मीद होगी कि वह शुरुआत से ही आक्रामक बल्लेबाजी कर टीम को मजबूत आधार दें। वनडे क्रिकेट में तीन दोहरे शतक लगाने वाले रोहित किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त करने की क्षमता रखते हैं। दूसरी ओर विराट कोहली कठिन परिस्थितियों में पारी संभालने और लक्ष्य का पीछा करने की अपनी शानदार क्षमता के लिए दुनिया भर में पहचाने जाते हैं। उनका अनुभव युवा बल्लेबाजों के लिए भी प्रेरणा बनेगा।

    भारतीय टीम को एक और बड़ी मजबूती जसप्रीत बुमराह की वापसी से मिली है। तेज गेंदबाजी आक्रमण में उनकी मौजूदगी विरोधी बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती होगी। कप्तान शुभमन गिल उपकप्तान श्रेयस अय्यर और विकेटकीपर बल्लेबाज केएल राहुल पर भी बड़ी जिम्मेदारी रहेगी कि वे बल्ले से महत्वपूर्ण योगदान दें और टीम को संतुलित प्रदर्शन दिलाएं।

    भारत के लिए यह वनडे सीरीज सिर्फ एक ट्रॉफी जीतने का मौका नहीं बल्कि आत्मविश्वास और लय हासिल करने की भी परीक्षा है। लगातार मिली हार के बाद टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं की नजर भी इस सीरीज पर रहेगी। यदि अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का संतुलन सही बैठा तो भारत एक बार फिर जीत की राह पर लौट सकता है।

    भारत और इंग्लैंड के बीच पहला वनडे 14 जुलाई को बर्मिंघम में खेला जाएगा। दूसरा मुकाबला 16 जुलाई को कार्डिफ में जबकि तीसरा और अंतिम मैच 19 जुलाई को ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर होगा। क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या रोहित शर्मा और विराट कोहली अपनी शानदार बल्लेबाजी से टीम इंडिया को जीत दिलाकर टी20 की निराशा भुला पाएंगे।

  • मेक्सिको फुटबॉल में नए दौर की शुरुआत, पूर्व कप्तान राफेल मार्केज बने हेड कोच, 2030 तक तैयार करेंगे मजबूत टीम

    मेक्सिको फुटबॉल में नए दौर की शुरुआत, पूर्व कप्तान राफेल मार्केज बने हेड कोच, 2030 तक तैयार करेंगे मजबूत टीम


    नई दिल्ली । जिम्बाब्वे के खिलाफ जारी तीन मैचों की वनडे सीरीज के बीच बांग्लादेश क्रिकेट टीम को बड़ा झटका लगा है। टीम के अनुभवी बल्लेबाज लिटन दास हैमस्ट्रिंग चोट से पूरी तरह फिट नहीं हो सके हैं और इसी वजह से उन्हें पूरी वनडे सीरीज से बाहर होना पड़ा है। बांग्लादेश क्रिकेट टीम प्रबंधन ने उनकी जगह बाएं हाथ के बल्लेबाज परवेज हुसैन को टीम में शामिल किया है। लिटन अब आगे के उपचार और रिहैबिलिटेशन के लिए ढाका लौटेंगे।

    लिटन दास पहले वनडे मुकाबले में भी चोट के कारण नहीं खेल पाए थे। इसके बाद टीम के मेडिकल स्टाफ ने उनकी फिटनेस पर लगातार नजर रखी। दूसरे मुकाबले से पहले उनका फिटनेस टेस्ट कराया गया लेकिन परिणाम संतोषजनक नहीं रहा। मेडिकल टीम का मानना है कि लगातार कम अंतराल में होने वाले मुकाबलों को देखते हुए उनका पूरी तरह फिट होकर मैदान में लौटना संभव नहीं है। ऐसे में खिलाड़ी की लंबी अवधि की फिटनेस को प्राथमिकता देते हुए उन्हें पूरी सीरीज से बाहर रखने का फैसला लिया गया।

    बांग्लादेश टीम के फिजियो बैजेदुल इस्लाम खान ने बताया कि लिटन अभी मैच खेलने की स्थिति में नहीं हैं। फिटनेस टेस्ट के बाद यह स्पष्ट हो गया कि वह अगले दोनों मुकाबलों तक भी पूरी तरह तैयार नहीं हो पाएंगे। इसी कारण टीम प्रबंधन ने जोखिम लेने के बजाय उन्हें आराम देने का फैसला किया है।

    लिटन की गैरमौजूदगी ऐसे समय में हुई है जब बांग्लादेश पहले ही सीरीज में पिछड़ चुका है। पहले वनडे में टीम को जिम्बाब्वे के खिलाफ 25 रन से अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा। मुकाबले में बांग्लादेश के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिम्बाब्वे को केवल 141 रन पर समेट दिया था। तेज गेंदबाज नाहिद राणा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 10 ओवर में सिर्फ 21 रन देकर छह विकेट झटके जबकि तस्कीन अहमद ने दो विकेट हासिल किए।

    हालांकि आसान लक्ष्य का पीछा करते हुए बांग्लादेश की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई। पूरी टीम 116 रन पर सिमट गई और आठ बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके। विकेटकीपर बल्लेबाज नुरुल हसन ने सबसे अधिक 31 रन बनाए जबकि तौहीद हृदय ने 25 रन का योगदान दिया। बाकी बल्लेबाज जिम्बाब्वे के गेंदबाजों के सामने संघर्ष करते नजर आए।

    जिम्बाब्वे की जीत में रिचर्ड नगारवा और ब्रैड इवांस की तेज गेंदबाजी ने अहम भूमिका निभाई। दोनों ने तीन-तीन विकेट लेकर बांग्लादेश की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी जबकि ब्लेसिंग मुजारबानी ने भी दो महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए।

    अब सीरीज बचाने की जिम्मेदारी बांग्लादेश के बाकी बल्लेबाजों और नए शामिल किए गए परवेज हुसैन पर होगी। युवा बल्लेबाज के पास खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साबित करने का अच्छा मौका है। दूसरी ओर जिम्बाब्वे जीत की लय बरकरार रखते हुए सीरीज अपने नाम करने के इरादे से मैदान में उतरेगा। दोनों टीमों के बीच दूसरा वनडे 9 जुलाई और तीसरा मुकाबला 11 जुलाई को खेला जाएगा। बांग्लादेश के लिए ये दोनों मैच करो या मरो की स्थिति वाले होंगे।

  • वेस्टइंडीज दौरे के लिए न्यूजीलैंड की वनडे टीम घोषित, मैथ्यू फिशर को पहली बार मिला मौका; मिशेल सेंटनर संभालेंगे कमान

    वेस्टइंडीज दौरे के लिए न्यूजीलैंड की वनडे टीम घोषित, मैथ्यू फिशर को पहली बार मिला मौका; मिशेल सेंटनर संभालेंगे कमान

    नई दिल्ली । इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में शानदार प्रदर्शन के बाद न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम अब वेस्टइंडीज दौरे की तैयारी में जुट गई है। 12 से 22 जुलाई के बीच खेली जाने वाली पांच मैचों की वनडे सीरीज के लिए न्यूजीलैंड क्रिकेट ने 16 सदस्यीय टीम की घोषणा कर दी है। टीम की कमान ऑलराउंडर मिशेल सेंटनर को सौंपी गई है, जबकि अनुभवी बल्लेबाज टॉम लैथम विकेटकीपर की भूमिका निभाएंगे।

    घोषित टीम में सबसे अधिक चर्चा तेज गेंदबाज मैथ्यू फिशर के चयन को लेकर है। 28 वर्षीय दाएं हाथ के गेंदबाज को पहली बार न्यूजीलैंड की वनडे टीम में शामिल किया गया है। घरेलू लिस्ट-ए क्रिकेट में उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन का उन्हें इनाम मिला है। फिशर ने अब तक 35 लिस्ट-ए मुकाबलों में 32 विकेट हासिल किए हैं और निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी करने की क्षमता भी रखते हैं, जिससे टीम को अतिरिक्त संतुलन मिलने की उम्मीद है।

    टीम में तेज गेंदबाज जैकब डफी की भी वापसी हुई है। उनके अलावा क्रिस्टियन क्लार्क, बेन सियर्स और नाथन स्मिथ तेज गेंदबाजी आक्रमण का हिस्सा होंगे। वहीं स्पिन विभाग की जिम्मेदारी माइकल ब्रेसवेल, जेडन लेनोक्स और डीन फॉक्सक्रॉफ्ट संभालेंगे। बल्लेबाजी क्रम में मार्क चैपमैन, डेरिल मिशेल, हेनरी निकोलस, विल यंग और निक केली जैसे खिलाड़ी टीम को मजबूती देंगे।

    मुख्य कोच रॉब वाल्टर ने मैथ्यू फिशर और जैकब डफी के चयन पर संतोष जताते हुए कहा कि दोनों खिलाड़ियों ने घरेलू क्रिकेट में निरंतर प्रदर्शन के दम पर यह अवसर अर्जित किया है। उनके अनुसार फिशर ने अपनी गेंदबाजी की गति और विविधता पर लगातार काम किया है, जिससे वह पारी के अलग-अलग चरणों में प्रभावी साबित हो सकते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह दौरा उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की मजबूत शुरुआत साबित होगा।

    कोच ने जैकब डफी की भी सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में सभी प्रारूपों में लगातार प्रभाव छोड़ा है। उनका अनुभव और कौशल टीम के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा और वह गेंदबाजी आक्रमण को अतिरिक्त मजबूती प्रदान करेंगे।

    इस दौरे में न्यूजीलैंड के कई नियमित खिलाड़ी उपलब्ध नहीं रहेंगे। तेज गेंदबाज काइल जैमीसन, मैट हेनरी और विल ओ’रूर्के को कार्यभार प्रबंधन के तहत आराम दिया गया है। वहीं बल्लेबाज डेवोन कॉनवे अपने दूसरे बच्चे के जन्म के कारण इस श्रृंखला से बाहर रहेंगे। स्टार ऑलराउंडर रचिन रवींद्र भी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत मेजर लीग क्रिकेट में भाग लेने के कारण इस दौरे का हिस्सा नहीं होंगे।

    न्यूजीलैंड की टीम नए और अनुभवी खिलाड़ियों के संतुलित संयोजन के साथ वेस्टइंडीज के खिलाफ उतरने जा रही है। चयनकर्ताओं को उम्मीद है कि युवा खिलाड़ियों को मिला यह अवसर भविष्य की टीम निर्माण प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जबकि अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी टीम को प्रतिस्पर्धी बनाए रखने में मदद करेगी।

  • चेन्नई वनडे में अफगानिस्तान का बड़ा फैसला, टॉस जीतकर चुनी बल्लेबाजी; सीरीज बचाने की आखिरी कोशिश में टीम ने किए कई बदलाव

    चेन्नई वनडे में अफगानिस्तान का बड़ा फैसला, टॉस जीतकर चुनी बल्लेबाजी; सीरीज बचाने की आखिरी कोशिश में टीम ने किए कई बदलाव

    नई दिल्ली । भारत और अफगानिस्तान के बीच खेली जा रही एकदिवसीय श्रृंखला के तीसरे और अंतिम मुकाबले में अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया है। चेन्नई के प्रतिष्ठित एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले जा रहे इस मुकाबले में दोनों टीमों के लिए अलग-अलग लक्ष्य हैं। जहां भारतीय टीम श्रृंखला में क्लीन स्वीप दर्ज करने के इरादे से मैदान में उतरी है, वहीं अफगानिस्तान की कोशिश सम्मानजनक जीत हासिल कर दौरे का समापन करने की है।

    श्रृंखला के शुरुआती दोनों मुकाबलों में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की थी। लगातार दो जीत के साथ मेजबान टीम पहले ही सीरीज अपने नाम कर चुकी है। ऐसे में अंतिम मुकाबला परिणाम के लिहाज से भले ही निर्णायक न हो, लेकिन दोनों टीमों के लिए यह अपनी तैयारियों और संयोजन को परखने का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।

    टॉस जीतने के बाद अफगानिस्तान के कप्तान ने पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। टीम प्रबंधन का मानना है कि चेन्नई की पिच शुरुआती चरण में बल्लेबाजों के लिए अनुकूल हो सकती है और बड़ा स्कोर खड़ा कर दबाव बनाने की रणनीति टीम के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। इसी सोच के तहत अफगानिस्तान ने अपनी प्लेइंग इलेवन में कई बदलाव किए हैं, जिससे टीम को नया संतुलन और अतिरिक्त मजबूती देने का प्रयास किया गया है।

    दूसरी ओर भारतीय कप्तान ने भी स्वीकार किया कि यदि टॉस उनके पक्ष में जाता तो टीम पहले बल्लेबाजी को ही प्राथमिकता देती। हालांकि भारतीय खेमे का आत्मविश्वास मजबूत दिखाई दे रहा है, क्योंकि टीम ने पूरे दौरे में संतुलित और आक्रामक क्रिकेट का प्रदर्शन किया है। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में खिलाड़ियों ने प्रभावशाली योगदान दिया है।

    भारतीय बल्लेबाजी की बात करें तो शीर्ष क्रम शानदार फॉर्म में नजर आ रहा है। पिछले मुकाबले में टीम के प्रमुख बल्लेबाजों ने बड़ी साझेदारी कर विपक्षी गेंदबाजों को दबाव में ला दिया था। युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के संतुलित प्रदर्शन ने भारतीय बल्लेबाजी को मजबूत बनाया है। मध्यक्रम में भी टीम के पास ऐसे खिलाड़ी मौजूद हैं जो तेज गति से रन बनाने की क्षमता रखते हैं।

    गेंदबाजी विभाग में भी भारत को लगातार सफलता मिली है। तेज गेंदबाजों और स्पिनरों के संयोजन ने अफगानिस्तान के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। नई गेंद से शुरुआती सफलता और मध्य ओवरों में विकेट निकालने की क्षमता ने भारतीय टीम को श्रृंखला में बढ़त दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

    अफगानिस्तान के लिए अब तक की श्रृंखला चुनौतीपूर्ण रही है। टीम के कुछ बल्लेबाजों ने व्यक्तिगत रूप से अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन सामूहिक प्रयास की कमी स्पष्ट दिखाई दी। शीर्ष क्रम के कुछ खिलाड़ियों को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश बल्लेबाज बड़ी पारियां खेलने में सफल नहीं रहे। गेंदबाजी विभाग भी अपेक्षित प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहा, जिसके कारण टीम को लगातार दबाव का सामना करना पड़ा।

    तीसरे मुकाबले में अफगानिस्तान की उम्मीदें उसके अनुभवी खिलाड़ियों पर टिकी होंगी। यदि शीर्ष क्रम मजबूत शुरुआत देने में सफल रहता है तो टीम प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा कर सकती है। वहीं भारत की नजर एक और प्रभावशाली प्रदर्शन के साथ श्रृंखला को 3-0 से समाप्त करने पर होगी।

    चेन्नई में खेला जा रहा यह मुकाबला युवा खिलाड़ियों को खुद को साबित करने और टीम प्रबंधन को भविष्य की योजनाओं के लिए विकल्प तलाशने का भी अवसर प्रदान कर रहा है। क्रिकेट प्रेमियों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि क्या भारत क्लीन स्वीप पूरा कर पाएगा या अफगानिस्तान अंतिम मुकाबले में वापसी कर सम्मान बचाने में सफल रहेगा।