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  • सोनू सूद के ऑफिस पहुंचे राजपाल यादव ने एक्टर को लगाया गले

    सोनू सूद के ऑफिस पहुंचे राजपाल यादव ने एक्टर को लगाया गले

    मुंबई। बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव ने सोनू सूद के ऑफिस जाकर उनसे मुलाकात की है। सोशल मीडिया पर ये वीडियो वायरल हो रहा है। दोनों ने पैपराजी के सामने हंसकर पोज दिए।
    राजपाल यादव इस समय बेल पर जेल से बाहर हैं। अब एक्टर का एक नया वीडियो सामने आया है जिसमें उन्हें एक्टर सोनू सूद के साथ पोज देते हुए देखा जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक राजपाल ने सोनू सूद के ऑफिस जाकर उनसे मुलाकात की।
    वीडियो में देखा जा सकता है कि दोनों एक्टर बाहर आते हैं, मुस्कुराते हैं, एक दूसरे को गले लगाते हैं और पैपराजी के सामने पोज देकर चले जाते हैं। सोशल मीडिया पर ये वीडियो वायरल हो रहा है।
    राजपाल ने दिया था ऐसा बयान

    पिछले महीने फरवरी में दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद राजपाल यादव ने चेक बाउंस मामले में खुद को सरेंडर कर दिया था। इसी के बाद सोनू सूद वो पहले शख्स थे जिन्होंने एक्टर के समर्थन में ट्वीट किया और उन्हें अपनी फिल्म में कास्ट किए जाने के बारे में लिखा था। सोनू ने अन्य लोगों से भी मदद कर उन्हें एडवांस पेमेंट करने की बात कही थी।

    एक्टर की इस मुहीम के बाद कई सेलेब्रिटी आगे आए और राजपाल यादव को मदद ऑफर की। हालांकि, जब राजपाल यादव बाहर आए तो उन्होंने उलट बयान देते हुए सभी को हैरान कर दिया। राजपाल ने कहा कि उन्हें लेकर गलतफहमी है कि उनके पास काम नहीं है। एक्टर ने ये भी कहा कि उनके पास आने वाले सालों में 1200 करोड़ का काम है और जब से वो इंडस्ट्री में हैं काम की कमी नहीं हुई।
    सोनू सूद और राजपाल यादव की मुलाकात

    राजपाल के इस बयान पर सोनू सूद ने अपना रिएक्शन दिया था। एक्टर ने कहा था कि उन्होंने कभी भी ये नहीं कहा कि एक्टर के पास काम नहीं है। उन्होंने बस एडवांस पैसे देकर मदद करने की बात कही थी। इन बयानों के बाद लग रहा था कि शायद ये दोनों एक्टर साथ नहीं नजर आएंगे।

    लेकिन राजपाल यादव वर्सोवा में सोनू सूद के प्रोडक्शन हाउस शक्ति सागर पहुंच गए। दोनों एक्टर्स ने मुलाकात की और फिर पैपराजी के सामने पोज भी दिए। इस मुलाकात की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। हालांकि, ये मीटिंग उनकी आने वाली फिल्म से जुड़ी थी या वजह कुछ और थी? इस बारे में कोई जानकारी नहीं सामने आई है। दोनों एक्टर्स को साथ देखकर फैंस खुश हैं।
    मदद करने वालों के पैसे वापस करेंगे राजपाल

    राजपाल यादव ने चेक बाउंस केस में बेल पर बाहर हैं। एक्टर पर 9 करोड़ का कर्जा था। इस पूरे मामले पर उन्होंने हाल की प्रेस कांफ्रेंस में अपना पक्ष रखा था। एक्टर ने मदद करने वाले लोगों का आभार जताते हुए कहा उनके पैसे चुकाने की बात कही थी।

  • PM मोदी ने बताया – प्रधानमंत्री कार्यालय का नाम 'सेवा तीर्थ क्यों रखा…. क्या है इसके पीछे का गहरा संदेश?

    PM मोदी ने बताया – प्रधानमंत्री कार्यालय का नाम 'सेवा तीर्थ क्यों रखा…. क्या है इसके पीछे का गहरा संदेश?


    नई दिल्ली।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने शुक्रवार को नए ऑफिस का उद्धाटन किया। इसके बाद उन्होंने संबोधन भी दिया। इस दौरान पीएम मोदी ने बताया कि प्रधानमंत्री कार्यालय (Prime Minister Office) का नाम सेवा तीर्थ (Seva Teerth) क्यों रखा गया। इसके साथ ही उन्होंने इसके पीछे के दर्शन और संकल्प के बारे में भी बताया। पीएम मोदी ने कहाकि सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। सेवा की भावना ही भारत की आत्मा है। नाम बदलने के पीछे स्वतंत्र भारत की पहचान है। उन्होंने आगे कहाकि सेवा की भावना ही भारत की पहचान है। पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के बाद साउथ ब्लॉक, नॉर्थ ब्लॉक जैसी इमारतों से देश के लिए अनेक निर्णय, नीतियां बनी लेकिन यह भी सच है कि ये इमारतें ब्रिटिश साम्राज्य के प्रतीक के तौर पर बनाई गई थी। इन इमारतों को बनाने का मकसद भारत को गुलामी की जंजीरों में जकड़े रखना था।


    मिलेगा नया आत्मविश्वास

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि आज जब भारत रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार है, आज जब भारत अंतर्राष्ट्रीय संबंधों की नई गाथा लिख रहा है, आज जब भारत नए-नए ट्रेड समझौते कर संभावनाओं के नए दरवाजे खुल रहे हैं। जब देश संतृप्ति के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है तो सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवनों में आप सबके काम की नई गति और आपका नया आत्मविश्वास देश के लक्ष्यों को प्राप्त करने में बहुत बड़ी भूमिका निभाएगा।


    पुरानी इमारतों पर क्या बोले

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक जैसी इमारतें जहां ब्रिटिश हुकूमत की सोच को लागू करने के लिए बनी थीं। वहीं, आज मैं गर्व के साथ कह सकता हूं कि सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन जैसे नए परिसर भारत की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए बने हैं। यहां से जो फैसले होंगे वह किसी महाराजा की सोच को नहीं 140 करोड़ देशवासियों की सोच को आगे बढ़ाने का आधार बनेंगे। प्रधानमंत्री ने आगे कहाकि इस बदलाव के बीच निश्चित तौर पर पुराने भवन में बिताए गए वर्षों की स्मृतियां हमारे साथ रहेंगी। अलग-अलग समय पर वहां से कई महत्वपूर्ण फैसले किए गए, वहां से देश को नई दिशा मिली है। वह परिसर, वह इमारत भारत के इतिहास का अमर हिस्सा है इसलिए हमने उस भवन को देश के लिए समर्पित म्यूजियम बनाने का फैसला किया है।


    हमने तय किया कि…

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि 2014 में देश ने तय किया कि गुलामी की मानसिकता अब और नहीं चलेगी। हमने गुलामी की इस मानसिकता को बदलने का अभियान शुरू किया, हमने वीरों के नाम नेशनल वॉर मेमोरियल बनाया। हमने पुलिस की वीरता को सम्मान देने के लिए पुलिस स्मारक बनाया। रेस कोर्स रोड का नाम बदलकर लोक कल्याण मार्ग रखा गया। यह सिर्फ नाम बदलना नहीं था, यह सत्ता के मिजाज़ को सेवा की भावना में बदलने का पवित्र प्रयास था।