Tag: Officers

  • मप्र के मुख्यमंत्री से मिले नेशनल डिफेंस कॉलेज का 5 देशों के ऑफिसर्स का प्रशिक्षण दल

    मप्र के मुख्यमंत्री से मिले नेशनल डिफेंस कॉलेज का 5 देशों के ऑफिसर्स का प्रशिक्षण दल


    भोपाल।
    भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के अधीन नेशनल डिफेंस कॉलेज में ट्रेनिंग ले रहे पांच देशों के ट्रेनी ऑफिसर्स ने मध्य प्रदेश के प्रवास के दौरान बुधवार देर शाम भोपाल में मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर समत्व भवन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सौजन्य भेंट की।

    इस अवसर पर बताया गया कि रक्षा मंत्रालय के मेजर जनरल पवनपाल सिंह एवं समकक्ष कुनाल सत्यार्थी के नेतृत्व में फ्रांस, यूएई, भूटान, नेपाल एवं म्यांमार (बर्मा) का 16 सदस्यीय प्रशिक्षण दल 15 से 20 मार्च तक मध्य प्रदेश प्रवास पर आया हुआ है। गुरुवार, 19 मार्च को यह प्रशिक्षण दल भोपाल जिले के होम स्टे ग्राम खारी सहित उज्जैन एवं इंदौर जिले के प्रवास पर रहेगा।

    बताया गया कि बीते तीन दिनों में इस दल ने राज्यपाल मंगुभाई पटेल एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भेंट सहित भोजपुर मंदिर, वन विहार, भीमबैठका गुफाएं, राष्ट्रीय मानव संग्रहालय, जनजातीय संग्रहालय सहित अन्य स्थलों का अवलोकन किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रशिक्षण दल का मध्य प्रदेश की धरती पर स्वागत करते हुए कहा कि आप सब देश के सबसे हरे-भरे एवं घने वन वाले प्रदेश और टाइगर स्टेट में हैं। भोपाल ऐसी जगह है, जहां प्राय: सड़कों पर बाघ घूमता दिखाई दे जाता है। यह मनुष्य और वन्य प्राणियों के साहचर्य जीवन का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि भोपाल के बड़े तालाब का निर्माण करीब 1000 साल पहले और श्रीमहाकालेश्वर मंदिर का निर्माण सैकड़ों साल पहले हुआ था।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे वन, जंगली वन्य जीवों से भरे पड़े हैं। हमारे यहां 100 से ज्यादा हाथी हैं और 25 मार्च को ही असम से लाए हुए जंगली भैंसे बालाघाट जिले के जंगल में छोड़ने जा रहे हैं। इससे हमारे वन और भी समृद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में 250 से अधिक नदियां बहती हैं। जल की कोई कमी नहीं है और यही कारण है कि मध्य प्रदेश में बेरोजगारी दर देश में सबसे कम (2 प्रतिशत से भी कम) है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व के सबसे बड़े धार्मिक मेले सिंहस्थ : 2028 के आयोजन के लिए हमारी तैयारियां युद्ध स्तर पर जारी हैं। सिंहस्थ के दौरान एक दिन में पांच करोड़ से अधिक श्रद्धालु शिप्रा में स्नान कर पुण्य लाभ ले सकें, हम ऐसे प्रबंधन करने जा रहे हैं। उज्जैन भ्रमण के दौरान प्रशिक्षण दल इन तैयारियों का भी मुआयना करे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देशों के बीच इस तरह से मिलने-जुलने का सिलसिला जारी रहना चाहिए। इससे एक-दूसरे के पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रशिक्षण दल के साथ समूह चित्र भी क्लिक करवाये।

    इस अवसर पर आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, भोपाल के संचालक मुजीबुर्रहमान खान एवं प्रशिक्षण संचालक डॉ. अनुपमा रावत सहित ट्रेनी ऑफिसर्स उपस्थित थे।

  • राज्य प्रशासनिक सेवा के 25 अधिकारियों को नहीं मिली पदोन्नति79 को मिलेगा लाभ

    राज्य प्रशासनिक सेवा के 25 अधिकारियों को नहीं मिली पदोन्नति79 को मिलेगा लाभ


    भोपाल । मध्य प्रदेश में राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के लिए विभागीय पदोन्नति समिति डीपीसी की बैठक शुक्रवार को मंत्रालय में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कीजिसमें 79 अधिकारियों को पदोन्नति देने का निर्णय लिया गयाजबकि 25 अधिकारियों को विभागीय जांच और प्रतिकूल गोपनीय चरित्रावली के कारण पदोन्नति से रोक दिया गया। यह पदोन्नति 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगी।

    पदोन्नति प्रक्रिया

    बैठक में अधिकारियों के विभिन्न पदों पर पदोन्नति के लिए चर्चा की गई। डिप्टी कलेक्टर से संयुक्त कलेक्टर के पद के लिए 9 अधिकारियों पर विचार किया गयाजिनमें से 7 अधिकारियों को पदोन्नति दी गईजबकि दो के नाम रोके गए। इसी तरहसंयुक्त कलेक्टर से अतिरिक्त कलेक्टर के पद के लिए 72 अधिकारियों को पदोन्नति देने का निर्णय लिया गया। हालांकिइस श्रेणी में 13 अधिकारियों को विभिन्न कारणों से पदोन्नति के योग्य नहीं माना गया।इसके अतिरिक्तकुछ अधिकारियों को उच्च वेतनमान देने का भी निर्णय लिया गयाजबकि कुछ अधिकारियों की पदोन्नति रोकी गई।

    विभागीय जांच और प्रतिकूल गोपनीय चरित्रावली

    25 अधिकारियों के नाम पदोन्नति सूची से बाहर किए गएक्योंकि उनके खिलाफ विभागीय जांच चल रही थी या उनके गोपनीय चरित्रावली में प्रतिकूल प्रविष्टियां थीं। इन अधिकारियों के पदोन्नति का निर्णय फिलहाल रोक दिया गया है। यह निर्णय प्रशासनिक प्रक्रिया और पारदर्शिता को सुनिश्चित करने के लिए लिया गया हैताकि पदोन्नति केवल उन्हीं अधिकारियों को मिलेजिनकी कार्यक्षमता और चरित्र साफ-सुथरा हो।

    आइपीएस अधिकारियों के लिए पदोन्नति

    आइपीएस अधिकारियों के लिए पदोन्नति समिति की बैठक 19 दिसंबर को प्रस्तावित की गई है। इसमें तीन अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक को विशेष महानिदेशकदो पुलिस महानिरीक्षक को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक16 पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारियों को उप पुलिस महानिरीक्षक और आठ अधिकारियों को सलेक्शन ग्रेड में पदोन्नति देने का प्रस्ताव है।

    भविष्य की दिशा

    पदोन्नति प्रक्रिया से यह साफ हो जाता है कि प्रशासनिक सेवा में पारदर्शिता और ईमानदारी को प्राथमिकता दी जा रही है। अधिकारियों के चयन में उनकी कार्यक्षमता के साथ-साथ उनके चरित्र का भी मूल्यांकन किया जा रहा है। हालांकिपदोन्नति से जुड़े विवाद और अड़चनों से बचने के लिए यह जरूरी होगा कि अधिकारियों के खिलाफ चल रही विभागीय जांच पूरी पारदर्शिता से पूरी की जाए। यह निर्णय निश्चित रूप से राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम हैजो उनके कार्यक्षेत्र में दक्षता और ईमानदारी को बढ़ावा देगा।