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  • 2026 की पहली ट्रेडिंग: शेयर बाजार में तेजी, MRPL और HFCL पर मजबूत निवेश का रुझान

    2026 की पहली ट्रेडिंग: शेयर बाजार में तेजी, MRPL और HFCL पर मजबूत निवेश का रुझान


    नई दिल्ली नए साल 2026 के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में जोश और सकारात्मक माहौल देखने को मिला। साल 2025 का समापन मजबूती के साथ होने के बाद निवेशकों ने 1 जनवरी को भी उत्साह के साथ ट्रेडिंग की। बीएसई सेंसेक्स 545 अंकों से अधिक की बढ़त के साथ 85,220 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 190 अंकों से ऊपर उठकर 26,129 पर पहुंचा।विश्लेषकों के अनुसार, बाजार में यह तेजी केवल कुछ चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि कई प्रमुख सेक्टरों में व्यापक खरीदारी देखने को मिली। ऑयल एंड गैस, पीएसयू, कमोडिटी, एनर्जी और मेटल शेयरों में निवेशकों ने सक्रियता दिखाई, जबकि आईटी सेक्टर में हल्का दबाव देखा गया।

    सेंसेक्स के बड़े शेयरों में टाटा स्टील, कोटक महिंद्रा बैंक, एक्सिस बैंक, टाइटन, ट्रेंट, पावर ग्रिड, बीईएल और एनटीपीसी ने बाजार को मजबूती दी। इसके अलावा मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स में भी तेजी का असर देखा गया। कई शेयरों ने अपने 52 हफ्ते के उच्च स्तर को पार किया, जिससे निवेशकों में भरोसा बढ़ा।विशेष रूप से MRPL और HFCL में निवेशकों का ध्यान केंद्रित रहा। इन दोनों शेयरों में वॉल्यूम बढ़ा और तकनीकी चार्ट्स पर मजबूत संकेत मिले। इसके अलावा Graphite India, Craftsman Automation, HPCL, Deepak Fertilisers और PCBL Chemical जैसे शेयरों में भी सकारात्मक रुझान देखने को मिला।

    तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, निफ्टी के लिए 26,200 का स्तर अहम माना जा रहा है। यदि बाजार इस स्तर के ऊपर टिकता है, तो आगे और तेजी की संभावना है। वहीं, कुछ शेयरों में कमजोरी के संकेत भी दिखाई दे रहे हैं। Vodafone Idea, Radico Khaitan और कुछ मिडकैप स्टॉक्स में निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि नए साल में निवेशकों को संतुलित पोर्टफोलियो और चुनिंदा मजबूत शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। बाजार की यह शुरुआत 2026 में निवेश के लिए सकारात्मक संकेत देती है और निवेशकों का आत्मविश्वास बढ़ाती है।

  • घरेलू निवेशकों की सक्रियता से बाजार में मजबूती, मीडिया और मेटल शेयर चमके

    घरेलू निवेशकों की सक्रियता से बाजार में मजबूती, मीडिया और मेटल शेयर चमके


    नई दिल्ली। 31 दिसंबर, बुधवार को घरेलू शेयर बाजार में मजबूती का माहौल देखने को मिला। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज BSE का सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में करीब 200 अंकों की तेजी के साथ 84,870 के स्तर तक पहुंच गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज NSE का निफ्टी 70 अंक चढ़कर 26,000 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर के ऊपर कारोबार करता नजर आया। इस तेजी में वैश्विक संकेत मिले-जुले रहने के बावजूद घरेलू निवेशकों की सक्रिय खरीदारी का बड़ा योगदान रहा।सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 25 शेयर हरे निशान में बंद हुए, जबकि निफ्टी-50 के 40 शेयरों ने तेजी दिखाई। सेक्टोरल स्तर पर एनएसई के प्रमुख इंडेक्स में भी मजबूती देखने को मिली। विशेष रूप से मीडिया, मेटल और ऑयल एंड गैस सेक्टर में सबसे अधिक तेजी दर्ज की गई। निवेशकों का रुझान चुनिंदा सेक्टरों पर केंद्रित रहा, जिससे बाजार की चौड़ाई सकारात्मक बनी।

    वैश्विक बाजारों में कारोबार मिला-जुला रहा। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्केई अवकाश के कारण बंद रहे। पिछले कारोबारी सत्र में कोस्पी 0.15 फीसदी और निक्केई 0.37 फीसदी गिरावट के साथ बंद हुए थे। वहीं, हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स लगभग 1.01 फीसदी की गिरावट के साथ 25,592 पर और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.07 फीसदी की कमजोरी के साथ 3,962 पर कारोबार करता दिखा। अमेरिकी बाजारों में भी दबाव देखा गया, जहां 30 दिसंबर को डाउ जोंस 0.20 फीसदी, नैस्डेक 0.24 फीसदी और एसएंडपी 500 लगभग 0.14 फीसदी गिरकर बंद हुए।

    घरेलू स्तर पर बाजार को सबसे बड़ा सहारा घरेलू संस्थागत निवेशकों DIIs से मिला। 29 दिसंबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों FIIs ने 3,844 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि DIIs ने 6,159 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। दिसंबर महीने में अब तक FIIs लगभग 30,752 करोड़ रुपये के शेयर बेच चुके हैं, जबकि DIIs ने 72,860 करोड़ रुपये का निवेश किया है। नवंबर में भी यही रुझान देखने को मिला था जब विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बावजूद घरेलू निवेशकों की खरीदारी ज्यादा रही।इससे पहले, 30 दिसंबर को बाजार लगभग सपाट कारोबार में रहा। सेंसेक्स 20 अंक गिरकर 84,675 पर और निफ्टी मामूली कमजोरी के साथ 25,938 पर बंद हुआ। उस दिन ऑटो, मेटल और बैंकिंग शेयरों में मजबूती रही, जबकि मीडिया और रियल्टी सेक्टर में बिकवाली देखने को मिली।

    विश्लेषकों का कहना है कि साल के आखिरी कारोबारी सत्रों में घरेलू निवेशकों का भरोसा मजबूत रहना आने वाले समय के लिए सकारात्मक संकेत है। हालांकि, वैश्विक संकेतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।कुल मिलाकर, 2025 के आखिरी कारोबारी हफ्ते में घरेलू निवेशकों की सक्रिय खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया और सेंसेक्स तथा निफ्टी दोनों प्रमुख स्तरों पर मजबूती के साथ बंद हुए। मीडिया, मेटल और ऑयल एंड गैस सेक्टर ने निवेशकों को सबसे ज्यादा लाभ दिया, जिससे साल के अंत में बाजार में उत्साह बना रहा।